इकाई 4: पत्र लेखन और प्रारूप — सारांश
पत्र लेखन संप्रेषण की सबसे प्राचीन और विश्वसनीय विधा है। इस इकाई में विभिन्न प्रकार के पत्रों और शासकीय प्रारूपों का अध्ययन किया जाएगा।
- पत्र के 7 अंग: प्रेषक का पता, दिनांक, प्राप्तकर्ता का विवरण, संबोधन, विषय, मुख्य भाग, समापन
- पत्रों के प्रकार: शासकीय, अर्द्धशासकीय, आवेदन, शिकायती, व्यावसायिक
- प्रारूप (प्रारूपण): निविदा, विज्ञप्ति, अधिसूचना, परिपत्र
परीक्षा में इस इकाई से 10 अंक का प्रश्न पूछा जाता है। पत्र का प्रारूप और एक पूर्ण नमूना पत्र लिखने का अभ्यास अवश्य करें — भाषा शुद्ध, शिष्ट और विषय के अनुकूल होनी चाहिए।
1. पत्र लेखन का परिचय
पत्र की परिभाषा: अपने विचारों, भावनाओं, सूचनाओं या निवेदनों को लिखित रूप में दूर स्थित व्यक्ति या कार्यालय तक पहुँचाने का माध्यम पत्र कहलाता है।
अच्छे पत्र के गुण: भाषा सरल और शुद्ध हो; भाव स्पष्ट हो; विषय से भटकाव न हो; शिष्टाचार का पालन हो; आवश्यक विवरण (दिनांक, पता, हस्ताक्षर) अवश्य हों।
2. पत्र के अंग
प्रत्येक पूर्ण पत्र के 7 अंग होते हैं। इनका क्रम और प्रयोग पत्र के प्रकार के अनुसार थोड़ा बदल सकता है, परंतु अंग यही रहते हैं।
| क्र. | अंग | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | प्रेषक का पता | पत्र भेजने वाले का नाम व पता; शासकीय पत्रों में कार्यालय का पत्र-शीर्ष सबसे ऊपर लिखा जाता है |
| 2 | दिनांक | पत्र लिखने की तिथि; प्रेषक के पते के नीचे (प्रायः दाईं ओर) लिखी जाती है |
| 3 | प्राप्तकर्ता का विवरण | जिसे पत्र भेजा जा रहा है, उसका नाम, पदनाम व पता; 'सेवा में' लिखकर दिया जाता है |
| 4 | संबोधन | प्राप्तकर्ता के प्रति सम्मानसूचक शब्द — महोदय, आदरणीय, प्रिय महोदय |
| 5 | विषय | पत्र का सार एक पंक्ति में; 'विषय:' लिखकर स्पष्ट किया जाता है |
| 6 | मुख्य भाग | पत्र की वास्तविक विषयवस्तु — प्रारंभ, मध्य भाग और समापन; शासकीय पत्रों में क्रमांकित अनुच्छेदों में |
| 7 | समापन | अंत में शिष्टाचारसूचक शब्द (भवदीय, आपका आज्ञाकारी), हस्ताक्षर, नाम, पदनाम और मुहर |
3. पत्रों के प्रकार — एक दृष्टि में
| क्र. | प्रकार | किसके बीच | विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1 | शासकीय पत्र | सरकारी कार्यालयों के बीच | औपचारिक, क्रमांकित अनुच्छेद, 'भवदीय' समापन |
| 2 | अर्द्धशासकीय पत्र | अधिकारी से अधिकारी (व्यक्तिगत स्तर पर) | प्रथम पुरुष में, 'प्रिय श्री' संबोधन, 'आपका' समापन |
| 3 | आवेदन पत्र | व्यक्ति से अधिकारी को | निवेदन का भाव, 'प्रार्थी' समापन, संलग्नक सूची |
| 4 | शिकायती पत्र | नागरिक से संबंधित अधिकारी को | समस्या का स्पष्ट वर्णन, समाधान की माँग |
| 5 | व्यावसायिक पत्र | व्यापारी/फर्मों के बीच | संक्षिप्त, स्पष्ट, संदर्भ संख्या सहित |
4. शासकीय पत्र
सरकारी कार्यालयों के बीच होने वाला पत्र-व्यवहार शासकीय पत्र कहलाता है। यह पूर्णतः औपचारिक होता है और इसमें निर्धारित प्रारूप का पालन किया जाता है।
4.1 शासकीय पत्र का प्रारूप
1. कार्यालय का पत्र-शीर्ष (नाम, पता) सबसे ऊपर। 2. पत्र क्रमांक व दिनांक। 3. प्रेषक का नाम व पदनाम। 4. 'सेवा में' — प्राप्तकर्ता का पदनाम व कार्यालय। 5. विषय एक पंक्ति में। 6. संबोधन — महोदय/महोदया। 7. संदर्भ (यदि कोई पूर्व पत्र हो)। 8. क्रमांकित अनुच्छेदों में मुख्य विषयवस्तु। 9. समापन — 'भवदीय', हस्ताक्षर, नाम, पदनाम, मुहर। 10. प्रतिलिपि — सूचनार्थ या आवश्यक कार्यवाही हेतु।
4.2 नमूना 1 — पुस्तकालय हेतु पुस्तक सूची बाबत
कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), बीकानेर पत्र क्रमांक: जिशिअ/मा./पुस्त./2026/412 दिनांक: 12 अगस्त, 2026 प्रेषक: श्री रामलाल मीणा, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), बीकानेर। सेवा में, समस्त प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जिला बीकानेर। विषय: विद्यालय पुस्तकालयों हेतु पुस्तकों की सूची भिजवाने बाबत। महोदय, उपर्युक्त विषयांतर्गत लेख है कि — 1. इस कार्यालय द्वारा जिले के समस्त राजकीय विद्यालयों के पुस्तकालयों हेतु पुस्तकें क्रय की जानी हैं। 2. अतः आप अपने विद्यालय के पुस्तकालय हेतु आवश्यक पुस्तकों की सूची इस पत्र के प्राप्त होने के 15 दिवस के भीतर इस कार्यालय को भिजवाना सुनिश्चित करें। 3. सूची में पुस्तक का नाम, लेखक, प्रकाशक और अनुमानित मूल्य अवश्य अंकित हो। 4. निर्धारित अवधि के पश्चात प्राप्त सूची पर विचार किया जाना संभव नहीं होगा। भवदीय, (हस्ताक्षर) (रामलाल मीणा) जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), बीकानेर प्रतिलिपि सूचनार्थ: 1. जिला कलक्टर, बीकानेर। 2. कार्यालय पत्रावली।
4.3 नमूना 2 — पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने बाबत
कार्यालय अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका, नोखा (बीकानेर) पत्र क्रमांक: नपा/नोखा/जल/2026/238 दिनांक: 5 मई, 2026 प्रेषक: श्रीमती कमला देवी, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका, नोखा। सेवा में, अधिशासी अभियंता, जलदाय विभाग, खंड नोखा। विषय: ग्रीष्म ऋतु में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने बाबत। महोदया, उपर्युक्त विषयांतर्गत निवेदन है कि — 1. ग्रीष्म ऋतु के आगमन के साथ ही नगर क्षेत्र में पेयजल की माँग में वृद्धि हो गई है। 2. कई मोहल्लों से अनियमित जलापूर्ति की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जिससे जन-आक्रोश की स्थिति उत्पन्न हो रही है। 3. अतः आपसे अनुरोध है कि जलापूर्ति का समय नियमित किया जाए तथा टैंकरों की संख्या बढ़ाई जाए। 4. इस संबंध में की गई कार्यवाही से इस कार्यालय को 7 दिवस में अवगत कराएँ। भवदीया, (हस्ताक्षर) (कमला देवी) अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका, नोखा प्रतिलिपि सूचनार्थ: 1. उपखंड अधिकारी, नोखा। 2. कार्यालय पत्रावली।
5. अर्द्धशासकीय पत्र
जब कोई अधिकारी दूसरे अधिकारी को शासकीय कार्य के संबंध में व्यक्तिगत स्तर पर पत्र लिखता है, तो वह अर्द्धशासकीय पत्र कहलाता है। यह प्रथम पुरुष (मैं/हम) में लिखा जाता है।
5.1 अर्द्धशासकीय पत्र का प्रारूप
1. कार्यालय का पता ऊपर (बाईं ओर)। 2. अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक व दिनांक। 3. संबोधन — 'प्रिय श्री' / 'प्रिय महोदय' (नाम सहित)। 4. प्रथम पुरुष में व्यक्तिगत स्तर का निवेदन या सूचना। 5. समापन — 'आपका', हस्ताक्षर, नाम, पदनाम। 6. प्राप्तकर्ता का नाम व पता अंत में।
5.2 नमूना — बाढ़ राहत हेतु अतिरिक्त सहायता बाबत
जिला कलक्टर कार्यालय, बीकानेर अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक: जिक/बीकानेर/राहत/2026/105 दिनांक: 28 जुलाई, 2026 प्रिय श्री अग्रवाल, जिले के निचले क्षेत्रों में अतिवृष्टि से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। लगभग 40 गाँव प्रभावित हुए हैं और 5000 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। वर्तमान में राहत सामग्री का भंडार सीमित है। मेरा आपसे व्यक्तिगत अनुरोध है कि अतिरिक्त खाद्य सामग्री, पेयजल टैंकर और औषधियाँ शीघ्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता मिल सके। इस संबंध में आपके कार्यालय से श्री मोहनलाल (सहायक निदेशक) समन्वय करेंगे। आपका, (हस्ताक्षर) (सुरेश कुमार शर्मा) जिला कलक्टर, बीकानेर श्री राकेश अग्रवाल, निदेशक, आपदा प्रबंधन विभाग, जयपुर।
परीक्षा सुझाव: शासकीय और अर्द्धशासकीय पत्र का अंतर अवश्य याद रखें — शासकीय पत्र तृतीय पुरुष में औपचारिक होता है ('लेख है कि'), जबकि अर्द्धशासकीय पत्र प्रथम पुरुष में व्यक्तिगत स्तर का होता है ('मेरा अनुरोध है')। अर्द्धशासकीय पत्र में 'भवदीय' नहीं, 'आपका' लिखा जाता है।
6. आवेदन पत्र
किसी अधिकारी या संस्था से निवेदन करने हेतु लिखा जाने वाला पत्र आवेदन पत्र कहलाता है। नौकरी, अवकाश, छात्रवृत्ति आदि हेतु आवेदन पत्र लिखे जाते हैं।
6.1 आवेदन पत्र का प्रारूप
1. 'सेवा में' — अधिकारी का पदनाम व कार्यालय। 2. विषय एक पंक्ति में। 3. संबोधन — महोदय/महोदया। 4. 'सविनय निवेदन है कि' से प्रारंभ कर अपनी बात क्रम से रखें। 5. अंत में प्रार्थना। 6. समापन — 'सधन्यवाद', 'प्रार्थी'/'भवदीय', नाम, पता, दिनांक। 7. संलग्नक सूची (यदि प्रमाणपत्र आदि लगाए हों)।
6.2 नमूना 1 — लिपिक पद हेतु नौकरी का आवेदन
सेवा में, अधिशासी अधिकारी, नगर निगम, बीकानेर। विषय: लिपिक पद हेतु आवेदन। महोदय, सविनय निवेदन है कि आपके कार्यालय द्वारा दिनांक 1 अक्टूबर, 2026 के समाचारपत्र में प्रकाशित विज्ञप्ति से ज्ञात हुआ है कि लिपिक के 5 पद रिक्त हैं। मैं उक्त पद हेतु आवेदन कर रहा हूँ। मेरा विवरण निम्न प्रकार है — 1. नाम: अनिल कुमार सैनी 2. पिता का नाम: श्री भँवरलाल सैनी 3. जन्म तिथि: 14 मार्च, 2002 4. शैक्षणिक योग्यता: स्नातक (वाणिज्य), राजस्थान विश्वविद्यालय 5. अन्य योग्यता: कंप्यूटर संचालन में एक वर्षीय प्रमाणपत्र 6. पता: मकान संख्या 42, गंगाशहर, बीकानेर अतः आपसे प्रार्थना है कि मुझे उक्त पद हेतु साक्षात्कार का अवसर प्रदान करें। मैं विश्वास दिलाता हूँ कि चयन होने पर अपने कार्य का निष्ठापूर्वक निर्वहन करूँगा। सधन्यवाद, प्रार्थी, (हस्ताक्षर) (अनिल कुमार सैनी) मकान संख्या 42, गंगाशहर, बीकानेर दिनांक: 10 अक्टूबर, 2026 संलग्नक: 1. शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की छायाप्रतियाँ 2. कंप्यूटर प्रमाणपत्र की छायाप्रति 3. चरित्र प्रमाणपत्र
6.3 नमूना 2 — अवकाश हेतु आवेदन
सेवा में, प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, गंगाशहर, बीकानेर। विषय: तीन दिवस के अवकाश हेतु प्रार्थना। महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय में कक्षा 12 (वाणिज्य) का छात्र हूँ। मेरी बड़ी बहन का विवाह दिनांक 14 अक्टूबर, 2026 को होना है, जिसमें सम्मिलित होने हेतु मुझे गाँव जाना आवश्यक है। अतः आपसे प्रार्थना है कि मुझे दिनांक 13 अक्टूबर से 15 अक्टूबर, 2026 तक तीन दिवस का अवकाश प्रदान करने की कृपा करें। सधन्यवाद, आपका आज्ञाकारी शिष्य, (हस्ताक्षर) (राहुल शर्मा) कक्षा 12 (वाणिज्य), अनुक्रमांक 28 दिनांक: 11 अक्टूबर, 2026
7. शिकायती पत्र
किसी समस्या या कठिनाई की ओर संबंधित अधिकारी का ध्यान आकर्षित कर समाधान की माँग हेतु लिखा जाने वाला पत्र शिकायती पत्र कहलाता है।
7.1 शिकायती पत्र का प्रारूप
1. 'सेवा में' — संबंधित अधिकारी का पदनाम। 2. विषय में समस्या का संक्षिप्त उल्लेख। 3. महोदय संबोधन। 4. समस्या का स्पष्ट और तथ्यात्मक वर्णन। 5. समस्या से हो रही कठिनाइयों का उल्लेख। 6. समाधान हेतु प्रार्थना। 7. समापन — 'भवदीय', नाम, पता, दिनांक।
7.2 नमूना — मोहल्ले की सफाई व्यवस्था बाबत
सेवा में, अध्यक्ष, नगर निगम, बीकानेर। विषय: मोहल्ले में सफाई व्यवस्था सुधारने बाबत। महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं गंगाशहर क्षेत्र का निवासी हूँ। हमारे मोहल्ले में पिछले एक माह से सफाई व्यवस्था अत्यंत खराब है — 1. गलियों में कूड़े के ढेर लगे हैं, जिन्हें नियमित रूप से नहीं उठाया जा रहा। 2. नालियाँ जाम होने से गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। 3. मच्छरों के प्रकोप से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। अतः आपसे प्रार्थना है कि सफाई व्यवस्था में सुधार हेतु संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दें, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। भवदीय, (हस्ताक्षर) (प्रकाशचंद जैन) मकान संख्या 18, गंगाशहर, बीकानेर दिनांक: 10 अक्टूबर, 2026
8. व्यावसायिक पत्र
व्यापारिक कार्यों — क्रयादेश, मूल्य सूची, भुगतान आदि — के संबंध में व्यापारियों या फर्मों के बीच होने वाला पत्र-व्यवहार व्यावसायिक पत्र कहलाता है। यह संक्षिप्त, स्पष्ट और तथ्यात्मक होता है।
8.1 व्यावसायिक पत्र का प्रारूप
1. फर्म का पत्र-शीर्ष (नाम, पता)। 2. संदर्भ संख्या व दिनांक। 3. प्राप्तकर्ता का नाम व पता। 4. विषय। 5. महोदय संबोधन। 6. संक्षिप्त और स्पष्ट मुख्य भाग। 7. समापन — 'भवदीय', हस्ताक्षर, नाम, पदनाम, फर्म की मुहर।
8.2 नमूना — पुस्तकों का क्रयादेश
न्यू बुक डिपो, स्टेशन रोड, बीकानेर संदर्भ संख्या: एनबीडी/क्रय/2026/77 दिनांक: 10 अक्टूबर, 2026 सेवा में, प्रबंधक, राजस्थान पुस्तक प्रकाशन, जयपुर। विषय: पुस्तकों का क्रयादेश। महोदय, आपकी दिनांक 2 अक्टूबर, 2026 की मूल्य सूची प्राप्त हुई। हमें निम्नलिखित पुस्तकों की आवश्यकता है — 1. हिंदी व्याकरण (कक्षा 12) — 200 प्रतियाँ 2. वाणिज्य परिचय (कक्षा 11) — 150 प्रतियाँ 3. अंग्रेजी अभ्यास पुस्तिका — 100 प्रतियाँ कृपया उक्त पुस्तकें 15 दिवस के भीतर भिजवाने का कष्ट करें। भुगतान माल प्राप्ति के 30 दिवस के भीतर कर दिया जाएगा। पुस्तकें सुरक्षित पैकिंग में भेजी जाएँ। भवदीय, (हस्ताक्षर) (दिनेश अग्रवाल) प्रबंधक, न्यू बुक डिपो, बीकानेर
परीक्षा सुझाव: आवेदन और शिकायती पत्र में अंतर स्पष्ट रखें — आवेदन में निवेदन/प्रार्थना का भाव होता है, शिकायती पत्र में समस्या का वर्णन और समाधान की माँग होती है। व्यावसायिक पत्र में भावुक भाषा से बचें; तथ्य और संख्या स्पष्ट लिखें।
9. प्रारूपण: निविदा, विज्ञप्ति, अधिसूचना, परिपत्र
शासकीय कार्यालयों में विभिन्न प्रयोजनों हेतु निर्धारित प्रारूपों में तैयार किए जाने वाले लेख प्रारूप कहलाते हैं। इनका प्रारूप निश्चित होता है और भाषा औपचारिक होती है।
9.1 निविदा
किसी कार्य या सामान की आपूर्ति हेतु इच्छुक व्यक्तियों या फर्मों से निर्धारित शर्तों पर प्रस्ताव आमंत्रित करने की सूचना निविदा कहलाती है।
निविदा के आवश्यक बिंदु: 1. कार्य या सामान का स्पष्ट विवरण। 2. धरोहर राशि। 3. निविदा प्रपत्र का मूल्य व प्राप्ति स्थान। 4. निविदा जमा करने की अंतिम तिथि व समय। 5. निविदा खोलने की तिथि, समय व स्थान। 6. शर्तें — स्वीकृति/अस्वीकृति का अधिकार।
निविदा का नमूना — कंप्यूटर क्रय हेतु
कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), बीकानेर निविदा सूचना इस कार्यालय हेतु 20 कंप्यूटर सेट क्रय किए जाने हैं। इच्छुक फर्मों से मुहरबंद निविदाएँ आमंत्रित की जाती हैं — 1. निविदा प्रपत्र का मूल्य: 500 रुपये (अप्रतिदेय) 2. धरोहर राशि: 10,000 रुपये (बैंक ड्राफ्ट द्वारा) 3. प्रपत्र प्राप्ति स्थान: कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, बीकानेर 4. निविदा जमा करने की अंतिम तिथि: 25 अक्टूबर, 2026 (अपराह्न 3 बजे तक) 5. निविदा खोलने की तिथि: 26 अक्टूबर, 2026 (पूर्वाह्न 11 बजे) निविदा के साथ धरोहर राशि का बैंक ड्राफ्ट संलग्न करना अनिवार्य है। किसी भी निविदा को बिना कारण बताए स्वीकृत या अस्वीकृत करने का अधिकार अधोहस्ताक्षरकर्ता के पास सुरक्षित रहेगा। (हस्ताक्षर) (रामलाल मीणा) जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), बीकानेर दिनांक: 10 अक्टूबर, 2026
9.2 विज्ञप्ति
जनसाधारण को किसी सूचना, आदेश या जानकारी से अवगत कराने हेतु जारी किया जाने वाला सार्वजनिक लेख विज्ञप्ति कहलाती है। यह समाचारपत्रों और सूचना पट्टों पर प्रकाशित होती है।
विज्ञप्ति के आवश्यक बिंदु: 1. जारी करने वाले कार्यालय का नाम। 2. 'विज्ञप्ति' शीर्षक। 3. सूचना का स्पष्ट विवरण। 4. संबंधित तिथियाँ व स्थान। 5. संपर्क सूत्र। 6. हस्ताक्षर, नाम, पदनाम, दिनांक।
विज्ञप्ति का नमूना — विद्यालय प्रवेश हेतु
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, गंगाशहर, बीकानेर विज्ञप्ति सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि इस विद्यालय में सत्र 2026-27 हेतु कक्षा 11 (विज्ञान, वाणिज्य, कला) में प्रवेश प्रारंभ हो गए हैं। 1. आवेदन की अंतिम तिथि: 20 जुलाई, 2026 2. आवश्यक प्रमाणपत्र: पिछली कक्षा की अंकतालिका, स्थानांतरण प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो) 3. आवेदन प्रपत्र विद्यालय कार्यालय से कार्यदिवसों में प्राप्त किए जा सकते हैं। 4. प्रवेश योग्यता के आधार पर दिया जाएगा। अधिक जानकारी हेतु विद्यालय कार्यालय में संपर्क करें। (हस्ताक्षर) (सुरेंद्र सिंह राठौड़) प्रधानाचार्य दिनांक: 1 जुलाई, 2026
9.3 अधिसूचना
सरकार द्वारा राजपत्र में प्रकाशित किया जाने वाला औपचारिक आदेश या घोषणा अधिसूचना कहलाती है। यह कानूनी मान्यता रखती है।
अधिसूचना के आवश्यक बिंदु: 1. 'अधिसूचना' शीर्षक। 2. अधिसूचना संख्या व दिनांक। 3. संबंधित अधिनियम या नियम का उल्लेख। 4. आदेश या घोषणा का स्पष्ट विवरण। 5. 'राज्यपाल के आदेश से' — सचिव के हस्ताक्षर।
अधिसूचना का नमूना — सार्वजनिक अवकाश की घोषणा
राजस्थान सरकार सामान्य प्रशासन विभाग अधिसूचना जयपुर, दिनांक: 5 अक्टूबर, 2026 संख्या: प.7(2)साप्र/2026 राजस्थान सरकार एतद्द्वारा घोषणा करती है कि दीपावली के अवसर पर दिनांक 8 नवंबर, 2026 (रविवार) को राज्य के समस्त सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों और उपक्रमों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। यह अधिसूचना राजस्थान राजपत्र में प्रकाशित की जाए। राज्यपाल के आदेश से, (हस्ताक्षर) (अशोक कुमार जैन) शासन सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग
9.4 परिपत्र
किसी सामान्य विषय पर सभी अधीनस्थ कार्यालयों या कर्मचारियों को एक साथ दिए जाने वाले निर्देश परिपत्र कहलाते हैं।
परिपत्र के आवश्यक बिंदु: 1. 'परिपत्र' शीर्षक। 2. परिपत्र संख्या व दिनांक। 3. सभी संबंधितों को संबोधन। 4. निर्देश का स्पष्ट विवरण। 5. पालन की अपेक्षा। 6. हस्ताक्षर, नाम, पदनाम।
परिपत्र का नमूना — कार्यालय समय की पालना हेतु
कार्यालय जिला कलक्टर, बीकानेर परिपत्र क्रमांक: जिक/बीकानेर/प्रशा./2026/310 दिनांक: 10 अक्टूबर, 2026 प्रति, समस्त कार्यालयाध्यक्ष, जिला बीकानेर। विषय: कार्यालय समय की पालना सुनिश्चित करने बाबत। यह देखने में आया है कि कई कार्यालयों में अधिकारी व कर्मचारी निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होते, जिससे जनसाधारण को कठिनाई होती है। अतः सभी कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया जाता है कि — 1. समस्त अधिकारी व कर्मचारी प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहें। 2. उपस्थिति पंजिका का नियमित निरीक्षण किया जाए। 3. उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाए। इस परिपत्र का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। (हस्ताक्षर) (सुरेश कुमार शर्मा) जिला कलक्टर, बीकानेर
परीक्षा सुझाव: निविदा, विज्ञप्ति, अधिसूचना और परिपत्र में अंतर एक अंक का प्रश्न बन सकता है — निविदा में प्रस्ताव आमंत्रित किए जाते हैं; विज्ञप्ति जनसाधारण हेतु सार्वजनिक सूचना है; अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित कानूनी आदेश है; परिपत्र अधीनस्थ कार्यालयों को सामान्य निर्देश है। प्रत्येक प्रारूप के 5-6 आवश्यक बिंदु क्रम से याद रखें। पत्र लिखते समय भाषा शुद्ध, शिष्ट और विषयानुकूल रखें — यही अच्छे अंक दिलाता है।
