अंग 4 · वाक्य विचार
पाठ 4.15
विषय शुरू · समास विग्रह
अव्ययीभाव-तत्पुरुष वाले विषय में राजपुत्र, यथाशक्ति खुले; पूरा वाक्य दीवार। कर्मधारय वाले विषय में नीला कमल अर्थ; वाक्य दीवार। द्वंद्व वाले विषय में माता और पिता, 10 मुख जिसका; वाक्य दीवार। संधि विच्छेद वाले विषय में विद्या + आलय ध्वनि; विद्या का आलय दीवार, राजपुत्र जेब। 6 पहचान पूरी। आज काम: विग्रह = मिला हुआ शब्द (समस्त पद) खोलकर वाक्य — राजपुत्र = राजा का पुत्र। कार्ड के 4: राजपुत्र, नीलकमल, माता-पिता, दशानन। नया विकार नहीं। नञ् आगे। आज छिपी बात लिखो।
1. जोड़ क्या है
परिभाषा सीधी रखो: विग्रह = मिला हुआ शब्द (समस्त पद) खोलकर वाक्य — राजपुत्र = राजा का पुत्र। छिपी विभक्ति, और, या जिसका लिखो; ध्वनि का + नहीं। 6 घर पहले। आज वाक्य चार झलक, छह नाम फिर से नहीं। विच्छेद + पहले।
राजपुत्र = राजा का पुत्र। — का छिपा था; तत्पुरुष वाले विषय की दीवार आज कार्ड।
विद्यालय = विद्या + आलय। — ध्वनि; संधि विच्छेद वाले विषय में। आज विद्या का आलय जेब।
प्रश्न: का/में, गुण एक चीज़, और, या जिसका तीसरा? फिर कार्ड चुनो। विद्यालय जेब।
जाँच: का? राजपुत्र। नीला कमल? नीलकमल। और? माता-पिता। 10 मुख जिसका? दशानन। + आलय? पहले, जेब अर्थ आज।
2. 4 कार्ड एक नज़र में
एक राजपुत्र रटकर दशानन गायब मत करो। चार वाक्य, चार घर, एक कुर्सी।
| कार्ड | विग्रह | घर |
|---|---|---|
| राजपुत्र | राजा का पुत्र | तत्पुरुष — का |
| नीलकमल | नीला कमल | कर्मधारय — एक चीज़ |
| माता-पिता | माता और पिता | द्वंद्व — और |
| दशानन | 10 मुख हैं जिसके वह | बहुव्रीहि — जिसका |
विद्यालय — विद्या का आलय, तत्पुरुष परिवार; ध्वनि + पहले — जेब, छोटे नहीं। नाम तोड़ दो कुर्सियाँ; आज अर्थ वाक्य की।
जाँच: का? तत्पुरुष। गुण एक? कर्मधारय। और? द्वंद्व। जिसका व्यक्ति? बहुव्रीहि।
3. + से नाता — विच्छेद बनाम विग्रह
संधि विच्छेद वाले विषय में ध्वनि दो पद। आज अर्थ: का, में, और, जिसका। राजपुत्र में स्वर-स्वर नहीं टकराए — + मत लगाओ जैसे विद्यालय।
विद्यालय = विद्या + आलय। — ध्वनि पहले।
विद्यालय = विद्या का आलय। — अर्थ आज, जेब।
दो काट एक शब्द पर हो सकते हैं। कुर्सी पूछो: आ टकराई या का छिपा?
जाँच: + स्वर? विच्छेद पहले। का/और/जिसका? आज। राजपुत्र + ? नहीं।
4. राजपुत्र — राजा का पुत्र
कार्ड का पहला। तत्पुरुष वाले विषय में का छिपा, पुत्र प्रधान। आज वही वाक्य लिखो।
राजपुत्र = राजा का पुत्र।
वनवास = वन में वास। — परिवार में; कार्ड राजपुत्र। का ही नहीं।
यथाशक्ति = शक्ति के अनुसार — अव्ययीभाव वाले विषय का परिवार; के अनुसार, का नहीं; सूची मत बढ़ा। गृहकार्य = गृह का कार्य परिवार।
जाँच: राजा का पुत्र? तत्पुरुष आज। नीला कमल? अगला कार्ड। माता और पिता? और, यह कार्ड नहीं।
5. नीलकमल — नीला कमल
कार्ड का दूसरा। कर्मधारय वाले विषय में एक फूल, गुण+नाम। का मत घुसाओ — वह राजपुत्र का घर।
नीलकमल = नीला कमल।
महात्मा = महान आत्मा। — परिवार; कार्ड नीलकमल।
पंचवटी = 5 वटों का समूह — द्विगु वाले विषय में; का-समूह, गुण नहीं। परिवार द्विगु, पाँचवाँ कार्ड नहीं। पीतांबर फूल नहीं — अगला घर जिसका।
जाँच: नीला कमल? कर्मधारय। राजा का पुत्र? का, पहले कार्ड। 5 वट समूह? द्विगु पहले, परिवार।
6. माता-पिता — माता और पिता
कार्ड का तीसरा। द्वंद्व वाले विषय में दोनों प्रधान, और छिपा। मानक वाले विषय में योजक - ; आज और लिखो।
माता-पिता = माता और पिता।
सुख-दुःख = सुख और दुःख। — परिवार; कार्ड माता-पिता।
राम और श्याम आए — और पद दिखता, समुच्चयबोधक वाले विषय में; आज और छिपा था, विग्रह में निकला। का मत लिखो — वह राजपुत्र।
जाँच: माता और पिता? द्वंद्व आज। राजा का पुत्र? तत्पुरुष। 10 मुख जिसका? अगला।
7. दशानन — 10 मुख हैं जिसके वह
कार्ड का चौथा। बहुव्रीहि वाले विषय में तीसरा नाम, रावण। संख्या दिखे तो पंचवटी मत ठोको — समूह पहले; यहाँ व्यक्ति।
दशानन = 10 मुख हैं जिसके वह। — रावण।
पीतांबर = पीला है अंबर जिसका। — परिवार कृष्ण; कार्ड दशानन।
लंबोदर — लंबा उदर जिसका, गणेश — द्वंद्व वाले विषय की जेब; परिवार, कार्ड नहीं। नीला कमल जिसका मत लिखो — नीलकमल फूल ही, कर्मधारय।
जाँच: जिसके वह रावण? बहुव्रीहि आज। 5 वट समूह? द्विगु पहले। नीला कमल? फूल, जिसका नहीं।
8. जेब — विद्यालय
विद्या का आलय। तत्पुरुष, का छिपा — राजपुत्र परिवार। ध्वनि विद्या + आलय संधि विच्छेद वाले विषय में। कार्ड नहीं — नाम जेब।
विद्यालय = विद्या का आलय। — अर्थ आज।
दो काट। + पहले; का आज। पाँचवाँ कार्ड नहीं। तपोवन ध्वनि ओ पहले; अर्थ तप का वन परिवार।
जाँच: विद्या का आलय? जेब, तत्पुरुष। विद्या + आलय? पहले। राजपुत्र? कार्ड का।
9. जो आज का घर नहीं
| रूप | कुर्सी |
|---|---|
| 6 भेद की पहचान | समास वाले विषय — पहले |
| विद्या + आलय | संधि विच्छेद — पहले |
| यथाशक्ति = शक्ति के अनुसार | अव्ययीभाव — पहले; परिवार, कार्ड नहीं |
| पंचवटी = 5 वटों का समूह | द्विगु — पहले; परिवार |
| अधर्म | नञ् आगे |
| घनश्याम | मध्यपदलोपी आगे |
| विधि निषेध प्रश्न | अर्थ वाले विषय में आगे |
| माता-पिता योजक चिह्न | मानक — पहले; आज और |
चार वाक्य आज। सौ विग्रह रटना नहीं। 6 घर पहले नाम; आज छिपी बात।
जाँच: राजा का पुत्र? आज। अधर्म? आगे। + आलय? पहले।
10. दीवारें — नञ्, अर्थ, पदबंध
| बात | आज नहीं |
|---|---|
| अधर्म, घनश्याम | नञ् और मध्यपदलोपी आगे |
| विधि निषेध प्रश्न विस्मय | अर्थ वाले विषय में आगे |
| बहुत अच्छा लड़का | पदबंध आगे |
| पद परिचय, वाक्य विश्लेषण | आगे |
आठ विकार शब्द पर पहले से। आज समास का वाक्य। पहचान 6 पहले; लिखना चार झलक।
जाँच: चार कार्ड आज। नञ्? आगे। पदबंध? आगे।
11. वाक्य में 4 कार्ड + जेब
अरे! राजपुत्र नीलकमल ले माता-पिता के पास जाए; दशानन दूर रहे।
- अरे — विस्मयादिबोधक, अटल
- राजपुत्र — राजा का पुत्र; तत्पुरुष
- नीलकमल — नीला कमल; कर्मधारय
- माता-पिता — माता और पिता; द्वंद्व
- दशानन — 10 मुख हैं जिसके वह; बहुव्रीहि
चार कार्ड बैठे। विद्यालय इस कतार में नहीं — जेब, विद्या का आलय।
12. शब्द तोड़कर पूरा
तत्पुरुष
राजपुत्र = राजा का पुत्र। वनवास = वन में वास परिवार।
कर्मधारय
नीलकमल = नीला कमल। महात्मा परिवार।
द्वंद्व
माता-पिता = माता और पिता। सुख-दुःख परिवार।
बहुव्रीहि
दशानन = 10 मुख हैं जिसके वह। पीतांबर परिवार।
जेब
विद्यालय = विद्या का आलय। + पहले।
दीवार
नञ्, घनश्याम, अर्थ, पदबंध।
राजपुत्र, नीलकमल, माता-पिता, दशानन — चार कार्ड; का, गुण, और, जिसका।
13. आम गलतियाँ
- राजपुत्र = राजा + पुत्र। ध्वनि नहीं; का लिखो। विच्छेद पहले।
- नीलकमल = नीले का कमल। का मत; एक फूल, नीला कमल।
- माता-पिता = माता का पिता। और लिखो; का राजपुत्र।
- दशानन = 10 मुखों का समूह। द्विगु पंचवटी पहले; आज जिसके वह रावण।
- पीतांबर = पीला अंबर फूल जैसा। जिसका व्यक्ति; नीलकमल फूल।
- विद्यालय यहीं सिर्फ़ +। जेब का; दो काट।
- यथाशक्ति को राजपुत्र का वाक्य। के अनुसार; अव्ययीभाव पहले।
- पंचवटी को दशानन। 5 वट समूह पहले; 10 मुख व्यक्ति आज।
- अधर्म आज खोलना। नञ् आगे।
- घनश्याम आज। मध्यपदलोपी आगे।
- 6 नाम फिर रटना बिना वाक्य। घर पहले; आज छिपी बात।
- नया विकार गिनना। आज विग्रह वाक्य।
जाँच: (1) का / नीला / और / जिसका। (2) कार्ड: राजपुत्र, नीलकमल, माता-पिता, दशानन। (3) विद्यालय जेब। (4) नञ् आगे। (5) + पहले।
14. इस विषय का सार
- विग्रह = मिला हुआ शब्द खोलकर वाक्य। नया विकार नहीं। 6 घर पहले।
- कार्ड: राजपुत्र राजा का पुत्र, नीलकमल नीला कमल, माता-पिता माता और पिता, दशानन 10 मुख हैं जिसके वह।
- + ध्वनि पहले। का/और/जिसका आज। राजपुत्र में + नहीं।
- विद्यालय जेब। पंचवटी समूह पहले। नञ् आगे। घनश्याम आगे।
- 6 पहचान पहले। आज चार वाक्य।
आगे नञ् समास और मध्यपदलोपी है।
अभ्यास
नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।
1. समास विग्रह क्या है? कार्ड के 4 और उनके वाक्य लिखो। नया विकार है?
उत्तर
मिला हुआ शब्द (समस्त पद) खोलकर वाक्य लिखना। राजपुत्र = राजा का पुत्र, नीलकमल = नीला कमल, माता-पिता = माता और पिता, दशानन = 10 मुख हैं जिसके वह। नहीं — आज वाक्य; विकार शब्द पर पहले से।
2. राजपुत्र = राजा + पुत्र आज का विग्रह है? नीलकमल = नीले का कमल ठीक है?
उत्तर
नहीं — वह ध्वनि नहीं, संधि नहीं; राजा का पुत्र, तत्पुरुष। नहीं — का मत; नीला कमल, एक फूल, कर्मधारय वाले विषय में।
3. माता-पिता = माता का पिता ठीक है? दशानन = 10 मुखों का समूह ठीक है?
उत्तर
नहीं — माता और पिता, द्वंद्व। नहीं — 10 मुख हैं जिसके वह, रावण, बहुव्रीहि; 5 वटों का समूह पंचवटी, द्विगु पहले।
4. विद्यालय चौथा कार्ड है? विद्यालय = विद्या + आलय आज का विग्रह है?
उत्तर
नहीं — जेब; विद्या का आलय, तत्पुरुष परिवार। नहीं — + संधि विच्छेद वाले विषय में; आज अर्थ का।
5. अधर्म आज का विग्रह है? घनश्याम आज है?
उत्तर
नहीं — नञ् आगे। नहीं — मध्यपदलोपी आगे।
विषय समाप्त · समास विग्रह
