Noteclass 9 10

समास विग्रह

Lesson 64 of 71

अंग 4 · वाक्य विचार

पाठ 4.15

विषय शुरू · समास विग्रह

अव्ययीभाव-तत्पुरुष वाले विषय में राजपुत्र, यथाशक्ति खुले; पूरा वाक्य दीवार। कर्मधारय वाले विषय में नीला कमल अर्थ; वाक्य दीवार। द्वंद्व वाले विषय में माता और पिता, 10 मुख जिसका; वाक्य दीवार। संधि विच्छेद वाले विषय में विद्या + आलय ध्वनि; विद्या का आलय दीवार, राजपुत्र जेब। 6 पहचान पूरी। आज काम: विग्रह = मिला हुआ शब्द (समस्त पद) खोलकर वाक्य — राजपुत्र = राजा का पुत्र। कार्ड के 4: राजपुत्र, नीलकमल, माता-पिता, दशानन। नया विकार नहीं। नञ् आगे। आज छिपी बात लिखो।

1. जोड़ क्या है

परिभाषा सीधी रखो: विग्रह = मिला हुआ शब्द (समस्त पद) खोलकर वाक्य — राजपुत्र = राजा का पुत्र। छिपी विभक्ति, और, या जिसका लिखो; ध्वनि का + नहीं। 6 घर पहले। आज वाक्य चार झलक, छह नाम फिर से नहीं। विच्छेद + पहले।

राजपुत्र = राजा का पुत्र। — का छिपा था; तत्पुरुष वाले विषय की दीवार आज कार्ड।

विद्यालय = विद्या + आलय। — ध्वनि; संधि विच्छेद वाले विषय में। आज विद्या का आलय जेब।

प्रश्न: का/में, गुण एक चीज़, और, या जिसका तीसरा? फिर कार्ड चुनो। विद्यालय जेब।

जाँच: का? राजपुत्र। नीला कमल? नीलकमल। और? माता-पिता। 10 मुख जिसका? दशानन। + आलय? पहले, जेब अर्थ आज।

2. 4 कार्ड एक नज़र में

एक राजपुत्र रटकर दशानन गायब मत करो। चार वाक्य, चार घर, एक कुर्सी।

कार्ड विग्रह घर
राजपुत्र राजा का पुत्र तत्पुरुष — का
नीलकमल नीला कमल कर्मधारय — एक चीज़
माता-पिता माता और पिता द्वंद्व — और
दशानन 10 मुख हैं जिसके वह बहुव्रीहि — जिसका

विद्यालय — विद्या का आलय, तत्पुरुष परिवार; ध्वनि + पहले — जेब, छोटे नहीं। नाम तोड़ दो कुर्सियाँ; आज अर्थ वाक्य की।

जाँच: का? तत्पुरुष। गुण एक? कर्मधारय। और? द्वंद्व। जिसका व्यक्ति? बहुव्रीहि।

3. + से नाता — विच्छेद बनाम विग्रह

संधि विच्छेद वाले विषय में ध्वनि दो पद। आज अर्थ: का, में, और, जिसका। राजपुत्र में स्वर-स्वर नहीं टकराए — + मत लगाओ जैसे विद्यालय।

विद्यालय = विद्या + आलय। — ध्वनि पहले।

विद्यालय = विद्या का आलय। — अर्थ आज, जेब।

दो काट एक शब्द पर हो सकते हैं। कुर्सी पूछो: आ टकराई या का छिपा?

जाँच: + स्वर? विच्छेद पहले। का/और/जिसका? आज। राजपुत्र + ? नहीं।

4. राजपुत्र — राजा का पुत्र

कार्ड का पहला। तत्पुरुष वाले विषय में का छिपा, पुत्र प्रधान। आज वही वाक्य लिखो।

राजपुत्र = राजा का पुत्र।

वनवास = वन में वास। — परिवार में; कार्ड राजपुत्र। का ही नहीं।

यथाशक्ति = शक्ति के अनुसार — अव्ययीभाव वाले विषय का परिवार; के अनुसार, का नहीं; सूची मत बढ़ा। गृहकार्य = गृह का कार्य परिवार।

जाँच: राजा का पुत्र? तत्पुरुष आज। नीला कमल? अगला कार्ड। माता और पिता? और, यह कार्ड नहीं।

5. नीलकमल — नीला कमल

कार्ड का दूसरा। कर्मधारय वाले विषय में एक फूल, गुण+नाम। का मत घुसाओ — वह राजपुत्र का घर।

नीलकमल = नीला कमल।

महात्मा = महान आत्मा। — परिवार; कार्ड नीलकमल।

पंचवटी = 5 वटों का समूह — द्विगु वाले विषय में; का-समूह, गुण नहीं। परिवार द्विगु, पाँचवाँ कार्ड नहीं। पीतांबर फूल नहीं — अगला घर जिसका।

जाँच: नीला कमल? कर्मधारय। राजा का पुत्र? का, पहले कार्ड। 5 वट समूह? द्विगु पहले, परिवार।

6. माता-पिता — माता और पिता

कार्ड का तीसरा। द्वंद्व वाले विषय में दोनों प्रधान, और छिपा। मानक वाले विषय में योजक - ; आज और लिखो।

माता-पिता = माता और पिता।

सुख-दुःख = सुख और दुःख। — परिवार; कार्ड माता-पिता।

राम और श्याम आए — और पद दिखता, समुच्चयबोधक वाले विषय में; आज और छिपा था, विग्रह में निकला। का मत लिखो — वह राजपुत्र।

जाँच: माता और पिता? द्वंद्व आज। राजा का पुत्र? तत्पुरुष। 10 मुख जिसका? अगला।

7. दशानन — 10 मुख हैं जिसके वह

कार्ड का चौथा। बहुव्रीहि वाले विषय में तीसरा नाम, रावण। संख्या दिखे तो पंचवटी मत ठोको — समूह पहले; यहाँ व्यक्ति।

दशानन = 10 मुख हैं जिसके वह। — रावण।

पीतांबर = पीला है अंबर जिसका। — परिवार कृष्ण; कार्ड दशानन।

लंबोदर — लंबा उदर जिसका, गणेश — द्वंद्व वाले विषय की जेब; परिवार, कार्ड नहीं। नीला कमल जिसका मत लिखो — नीलकमल फूल ही, कर्मधारय।

जाँच: जिसके वह रावण? बहुव्रीहि आज। 5 वट समूह? द्विगु पहले। नीला कमल? फूल, जिसका नहीं।

8. जेब — विद्यालय

विद्या का आलय। तत्पुरुष, का छिपा — राजपुत्र परिवार। ध्वनि विद्या + आलय संधि विच्छेद वाले विषय में। कार्ड नहीं — नाम जेब।

विद्यालय = विद्या का आलय। — अर्थ आज।

दो काट। + पहले; का आज। पाँचवाँ कार्ड नहीं। तपोवन ध्वनि ओ पहले; अर्थ तप का वन परिवार।

जाँच: विद्या का आलय? जेब, तत्पुरुष। विद्या + आलय? पहले। राजपुत्र? कार्ड का।

9. जो आज का घर नहीं

रूप कुर्सी
6 भेद की पहचान समास वाले विषय — पहले
विद्या + आलय संधि विच्छेद — पहले
यथाशक्ति = शक्ति के अनुसार अव्ययीभाव — पहले; परिवार, कार्ड नहीं
पंचवटी = 5 वटों का समूह द्विगु — पहले; परिवार
अधर्म नञ् आगे
घनश्याम मध्यपदलोपी आगे
विधि निषेध प्रश्न अर्थ वाले विषय में आगे
माता-पिता योजक चिह्न मानक — पहले; आज और

चार वाक्य आज। सौ विग्रह रटना नहीं। 6 घर पहले नाम; आज छिपी बात।

जाँच: राजा का पुत्र? आज। अधर्म? आगे। + आलय? पहले।

10. दीवारें — नञ्, अर्थ, पदबंध

बात आज नहीं
अधर्म, घनश्याम नञ् और मध्यपदलोपी आगे
विधि निषेध प्रश्न विस्मय अर्थ वाले विषय में आगे
बहुत अच्छा लड़का पदबंध आगे
पद परिचय, वाक्य विश्लेषण आगे

आठ विकार शब्द पर पहले से। आज समास का वाक्य। पहचान 6 पहले; लिखना चार झलक।

जाँच: चार कार्ड आज। नञ्? आगे। पदबंध? आगे।

11. वाक्य में 4 कार्ड + जेब

अरे! राजपुत्र नीलकमल ले माता-पिता के पास जाए; दशानन दूर रहे।

  • अरे — विस्मयादिबोधक, अटल
  • राजपुत्र — राजा का पुत्र; तत्पुरुष
  • नीलकमल — नीला कमल; कर्मधारय
  • माता-पिता — माता और पिता; द्वंद्व
  • दशानन — 10 मुख हैं जिसके वह; बहुव्रीहि

चार कार्ड बैठे। विद्यालय इस कतार में नहीं — जेब, विद्या का आलय।

12. शब्द तोड़कर पूरा

तत्पुरुष

राजपुत्र = राजा का पुत्र। वनवास = वन में वास परिवार।

कर्मधारय

नीलकमल = नीला कमल। महात्मा परिवार।

द्वंद्व

माता-पिता = माता और पिता। सुख-दुःख परिवार।

बहुव्रीहि

दशानन = 10 मुख हैं जिसके वह। पीतांबर परिवार।

जेब

विद्यालय = विद्या का आलय। + पहले।

दीवार

नञ्, घनश्याम, अर्थ, पदबंध।

राजपुत्र, नीलकमल, माता-पिता, दशानन — चार कार्ड; का, गुण, और, जिसका।

13. आम गलतियाँ

  • राजपुत्र = राजा + पुत्र। ध्वनि नहीं; का लिखो। विच्छेद पहले।
  • नीलकमल = नीले का कमल। का मत; एक फूल, नीला कमल।
  • माता-पिता = माता का पिता। और लिखो; का राजपुत्र।
  • दशानन = 10 मुखों का समूह। द्विगु पंचवटी पहले; आज जिसके वह रावण।
  • पीतांबर = पीला अंबर फूल जैसा। जिसका व्यक्ति; नीलकमल फूल।
  • विद्यालय यहीं सिर्फ़ +। जेब का; दो काट।
  • यथाशक्ति को राजपुत्र का वाक्य। के अनुसार; अव्ययीभाव पहले।
  • पंचवटी को दशानन। 5 वट समूह पहले; 10 मुख व्यक्ति आज।
  • अधर्म आज खोलना। नञ् आगे।
  • घनश्याम आज। मध्यपदलोपी आगे।
  • 6 नाम फिर रटना बिना वाक्य। घर पहले; आज छिपी बात।
  • नया विकार गिनना। आज विग्रह वाक्य।

जाँच: (1) का / नीला / और / जिसका। (2) कार्ड: राजपुत्र, नीलकमल, माता-पिता, दशानन। (3) विद्यालय जेब। (4) नञ् आगे। (5) + पहले।

14. इस विषय का सार

  • विग्रह = मिला हुआ शब्द खोलकर वाक्य। नया विकार नहीं। 6 घर पहले।
  • कार्ड: राजपुत्र राजा का पुत्र, नीलकमल नीला कमल, माता-पिता माता और पिता, दशानन 10 मुख हैं जिसके वह।
  • + ध्वनि पहले। का/और/जिसका आज। राजपुत्र में + नहीं।
  • विद्यालय जेब। पंचवटी समूह पहले। नञ् आगे। घनश्याम आगे।
  • 6 पहचान पहले। आज चार वाक्य।

आगे नञ् समास और मध्यपदलोपी है।

अभ्यास

नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।

1. समास विग्रह क्या है? कार्ड के 4 और उनके वाक्य लिखो। नया विकार है?

उत्तर

मिला हुआ शब्द (समस्त पद) खोलकर वाक्य लिखना। राजपुत्र = राजा का पुत्र, नीलकमल = नीला कमल, माता-पिता = माता और पिता, दशानन = 10 मुख हैं जिसके वह। नहीं — आज वाक्य; विकार शब्द पर पहले से।

2. राजपुत्र = राजा + पुत्र आज का विग्रह है? नीलकमल = नीले का कमल ठीक है?

उत्तर

नहीं — वह ध्वनि नहीं, संधि नहीं; राजा का पुत्र, तत्पुरुष। नहीं — का मत; नीला कमल, एक फूल, कर्मधारय वाले विषय में।

3. माता-पिता = माता का पिता ठीक है? दशानन = 10 मुखों का समूह ठीक है?

उत्तर

नहीं — माता और पिता, द्वंद्व। नहीं — 10 मुख हैं जिसके वह, रावण, बहुव्रीहि; 5 वटों का समूह पंचवटी, द्विगु पहले।

4. विद्यालय चौथा कार्ड है? विद्यालय = विद्या + आलय आज का विग्रह है?

उत्तर

नहीं — जेब; विद्या का आलय, तत्पुरुष परिवार। नहीं — + संधि विच्छेद वाले विषय में; आज अर्थ का।

5. अधर्म आज का विग्रह है? घनश्याम आज है?

उत्तर

नहीं — नञ् आगे। नहीं — मध्यपदलोपी आगे।

विषय समाप्त · समास विग्रह