Noteclass 9 10

नञ् समास और मध्यपदलोपी

Lesson 65 of 71

अंग 4 · वाक्य विचार

पाठ 4.16

विषय शुरू · नञ् समास और मध्यपदलोपी

अव्ययीभाव-तत्पुरुष वाले विषय में राजपुत्र, यथाशक्ति खुले। कर्मधारय वाले विषय में नीलकमल, चंद्रमुख जेब। द्वंद्व वाले विषय में माता-पिता, पीतांबर। विग्रह वाले विषय में राजा का पुत्र वाक्य। उपसर्ग वाले विषय में अ सिर अधर्म; घर दीवार। 6 पहचान पूरी। आज काम: नञ् = नहीं वाला समास; मध्यपदलोपी = बीच का शब्द छूट गया। कार्ड के 4: अधर्म, अन्याय, घनश्याम, चरणकमल। नया विकार नहीं। 7वीं कुर्सी नहीं — नञ् तत्पुरुष परिवार; मध्यपदलोपी कर्मधारय परिवार। अर्थ वाले विषय आगे। आज न छिपा, या बीच गायब।

1. जोड़ क्या है

परिभाषा सीधी रखो: नञ् = नहीं वाला समास — न छिपकर अ या अन; अधर्म = न धर्म। मध्यपदलोपी = बीच का शब्द छूट गया; घनश्याम = घन के समान श्याम। 6 घर पहले। आज दो काट, 7वीं कुर्सी नहीं।

अधर्म = न धर्म। — धर्म नहीं; नञ्। उपसर्ग वाले विषय की दीवार आज कार्ड।

घनश्याम = घन के समान श्याम। — के समान गायब; मध्यपदलोपी। कर्मधारय वाले विषय की दीवार आज कार्ड।

प्रश्न: न छिपा, या बीच के समान / रूपी गायब? फिर कार्ड चुनो। अनादर जेब।

जाँच: न धर्म? अधर्म। न न्याय? अन्याय। के समान गायब? घनश्याम। रूपी गायब? चरणकमल। राजा का पुत्र? विग्रह पहले।

2. 4 कार्ड एक नज़र में

एक अधर्म रटकर घनश्याम गायब मत करो। दो काट, चार झलक, एक कुर्सी।

कार्ड विग्रह काट
अधर्म न धर्म नञ् — अ
अन्याय न न्याय नञ् — अन दिखे
घनश्याम घन के समान श्याम मध्यपदलोपी — के समान
चरणकमल चरण रूपी कमल मध्यपदलोपी — रूपी

अनादर — न आदर, स्वर पर अन् — जेब, छोटे नहीं। सिर अन उपसर्ग वाले विषय में; आज घर नञ् परिवार। पाँचवाँ कार्ड नहीं।

जाँच: न छिपा? नञ्। बीच गायब? मध्यपदलोपी। अज्ञान परिवार। चंद्रमुख परिवार, कार्ड नहीं।

3. अ से नाता — उपसर्ग बनाम नञ्

उपसर्ग वाले विषय में अधर्म = अ + धर्म — सिर का खंड। आज वही शब्द समास का घर: न धर्म। दो काट, एक नाम। खंड पहले; घर आज।

अ + धर्म = अधर्म। — सिर; उपसर्ग पहले।

अधर्म = न धर्म। — घर नञ् आज।

स्वर चार्ट वाला अ वर्ण वाले विषय में। आज अ नञ् का रूप, चार्ट नहीं। का छिपा राजपुत्र विग्रह पहले — अधर्म में का मत घुसाओ।

जाँच: सिर अ? उपसर्ग पहले। न धर्म? आज। राजा का पुत्र? पहले।

4. अधर्म — न धर्म

कार्ड का पहला। न छिपा, अ दिखे, धर्म बचा। तत्पुरुष परिवार — पीछे प्रधान; 7वीं कुर्सी नहीं।

अधर्म = न धर्म। — धर्म नहीं।

असत्य = न सत्य। — परिवार; कार्ड अधर्म। सूची मत बढ़ा।

अज्ञान = न ज्ञान परिवार। निर्धन नञ् नहीं — निः + धन विसर्ग वाले विषय में; निर् सिर उपसर्ग वाले विषय में। दो पुरानी कुर्सियाँ, आज की नहीं।

जाँच: न धर्म? नञ् आज। का पुत्र? तत्पुरुष विग्रह पहले। निर्धन? पहले, यह कार्ड नहीं।

5. अन्याय — न न्याय

कार्ड का दूसरा। न न्याय। अन दिखे तो नया घर मत गिनो — वही नञ्। उपसर्ग वाले विषय में अन सिर; आज घर।

अन्याय = न न्याय।

अशुद्ध = न शुद्ध। — परिवार अ वाले; कार्ड अधर्म के पास। अन्याय अन दिखे, कार्ड जुदा।

कभी अन + न्याय काट दिखे — कान की रेखा धुंधली पड़ सकती है; आज घर का नाम, वर्तनी सूची नहीं। अनादर जेब, स्वर पर अन् साफ़।

जाँच: न न्याय? नञ् आज। न धर्म? पहले कार्ड। के समान? अगला घर।

6. घनश्याम — घन के समान श्याम

कार्ड का तीसरा। कर्मधारय परिवार — एक रंग। नीलकमल में नील और कमल दोनों बैठे, गुण साफ़। यहाँ के समान गायब; श्याम बचा, घन उपमा।

घनश्याम = घन के समान श्याम।

चंद्रमुख = चंद्र जैसा मुख। — कर्मधारय वाले विषय की जेब; परिवार आज, पाँचवाँ कार्ड नहीं।

पीतांबर = पीला है अंबर जिसका — बहुव्रीहि पहले, कृष्ण नाम। घनश्याम आज बीच गायब, तीसरा नाम मत ठोको। महात्मा = महान आत्मा, दोनों पद दिखे — कर्मधारय कार्ड पहले; बीच नहीं गिरा।

जाँच: के समान गायब? मध्यपदलोपी आज। नीला कमल दोनों दिखे? पहले। जिसका कृष्ण? पीतांबर पहले।

7. चरणकमल — चरण रूपी कमल

कार्ड का चौथा। रूपी गायब। कमल फूल नहीं जुदा — चरण ही कमल जैसा। का मत लिखो — वह राजपुत्र का घर विग्रह पहले।

चरणकमल = चरण रूपी कमल।

देहलता = देह रूपी लता। — परिवार; कार्ड चरणकमल।

नीलकमल गुण साफ़, रूपी नहीं। पंचवटी 5 वट समूह द्विगु पहले — संख्या यहाँ सिर नहीं। दशानन 10 मुख जिसका पहले — व्यक्ति नहीं, उपमा का बीच गायब।

जाँच: रूपी गायब? मध्यपदलोपी आज। चरण का कमल? का मत, विग्रह पहले वाला घर नहीं। नीला कमल? गुण पहले।

8. जेब — अनादर

न आदर। स्वर आ पर अन्। उपसर्ग वाले विषय में अन सिर; आज नञ् परिवार। कार्ड नहीं — नाम जेब।

अनादर = न आदर। — अर्थ आज।

अनंत, अनादि परिवार जेब के पास। पाँचवाँ कार्ड नहीं। अहिंसा = न हिंसा परिवार अधर्म; गाँधी मार्ग संज्ञा पहले, आज मत चिपकाओ।

जाँच: न आदर? जेब, नञ्। न धर्म? कार्ड अ। के समान? घनश्याम कार्ड।

9. जो आज का घर नहीं

रूप कुर्सी
6 भेद की पहचान समास वाले विषय — पहले
राजा का पुत्र विग्रह — पहले
अ + धर्म सिर उपसर्ग — पहले; घर आज
नीला कमल दोनों पद कर्मधारय — पहले
चंद्रमुख जैसा उपमा जेब — पहले; परिवार आज
पीतांबर कृष्ण बहुव्रीहि — पहले
मत जाओ, प्रश्न अर्थ वाले विषय में आगे
बहुत अच्छा लड़का पदबंध आगे

दो काट आज। सौ नञ् रटना नहीं। 6 घर पहले नाम; आज न या बीच। 7वीं कुर्सी नहीं।

जाँच: न धर्म? आज। विधि निषेध? आगे। नीला कमल? पहले।

10. दीवारें — अर्थ, पदबंध, विश्लेषण

बात आज नहीं
विधि निषेध प्रश्न विस्मय अर्थ वाले विषय में आगे
वाक्य किसके बारे में उद्देश्य आगे
बहुत अच्छा लड़का पदबंध आगे
पद परिचय, वाक्य विश्लेषण आगे

आठ विकार शब्द पर पहले से। आज समास के दो घर — नञ् और मध्यपदलोपी। पहचान 6 पहले; लिखना चार झलक। 7वीं कुर्सी नहीं।

जाँच: चार कार्ड आज। निषेध वाक्य? आगे। पदबंध? आगे।

11. वाक्य में 4 कार्ड + जेब

अरे! अधर्म अन्याय से घनश्याम चरणकमल ले जाए।

  • अरे — विस्मयादिबोधक, अटल
  • अधर्म — न धर्म; नञ्
  • अन्याय — न न्याय; नञ्
  • घनश्याम — घन के समान श्याम; मध्यपदलोपी
  • चरणकमल — चरण रूपी कमल; मध्यपदलोपी

चार कार्ड बैठे। अनादर इस कतार में नहीं — जेब, न आदर।

12. शब्द तोड़कर पूरा

नञ्

नहीं वाला समास। अधर्म = न धर्म। अन्याय = न न्याय। असत्य परिवार।

मध्यपदलोपी

बीच का शब्द छूट गया। घनश्याम = घन के समान श्याम। चरणकमल = चरण रूपी कमल। चंद्रमुख परिवार पहले जेब।

जेब

अनादर = न आदर। स्वर पर अन्।

दीवार

विधि निषेध, उद्देश्य, पदबंध, विश्लेषण।

अधर्म, अन्याय, घनश्याम, चरणकमल — चार कार्ड; न, न, के समान, रूपी।

13. आम गलतियाँ

  • अधर्म = राजा का पुत्र जैसा का। का मत; न धर्म। विग्रह पहले वाला घर नहीं।
  • अधर्म सिर्फ़ उपसर्ग आज। सिर पहले; घर आज। दो काट।
  • अन्याय नया सातवाँ भेद। नञ् तत्पुरुष परिवार; 7वीं कुर्सी नहीं।
  • घनश्याम = नीला कमल। नील दोनों पद दिखे पहले; आज के समान गायब।
  • घनश्याम = पीतांबर जैसा कृष्ण। जिसका पहले; आज बीच गायब, रंग।
  • चरणकमल = चरण का कमल। का राजपुत्र; आज रूपी गायब।
  • चंद्रमुख पाँचवाँ कार्ड। उपमा जेब पहले; परिवार आज।
  • अनादर चौथा कार्ड। जेब; स्वर पर अन्।
  • निर्धन आज नञ्। निः विसर्ग पहले; निर् उपसर्ग पहले।
  • मत जाओ आज का नञ्। निषेध वाक्य अर्थ आगे।
  • 6 नाम फिर रटना बिना काट। घर पहले; आज न या बीच।
  • नया विकार गिनना। आज नञ् और मध्यपदलोपी — 7वीं कुर्सी नहीं।

जाँच: (1) नञ् = नहीं / मध्यपदलोपी = बीच छूट गया। (2) कार्ड: अधर्म, अन्याय, घनश्याम, चरणकमल। (3) अनादर जेब। (4) अर्थ आगे। (5) 6 पहले; 7वीं कुर्सी नहीं।

14. इस विषय का सार

  • नञ् = नहीं वाला समास — अधर्म न धर्म। मध्यपदलोपी = बीच का शब्द छूट गया — घनश्याम के समान गायब। नया विकार नहीं। 6 घर पहले। 7वीं कुर्सी नहीं।
  • कार्ड: अधर्म न धर्म, अन्याय न न्याय, घनश्याम घन के समान श्याम, चरणकमल चरण रूपी कमल।
  • सिर अ/अन उपसर्ग पहले। घर आज। दो काट अधर्म पर।
  • अनादर जेब। चंद्रमुख परिवार पहले। पीतांबर जिसका पहले।
  • निषेध वाक्य आगे। पदबंध आगे।

आगे अर्थ के आधार पर वाक्य है।

अभ्यास

नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।

1. नञ् और मध्यपदलोपी क्या हैं? कार्ड के 4 और उनके वाक्य लिखो। नया विकार है?

उत्तर

नञ् = नहीं वाला समास; मध्यपदलोपी = बीच का शब्द छूट गया। अधर्म = न धर्म, अन्याय = न न्याय, घनश्याम = घन के समान श्याम, चरणकमल = चरण रूपी कमल। नहीं — नञ् तत्पुरुष परिवार, मध्यपदलोपी कर्मधारय परिवार; 6 पहचान पहले, आज दो काट।

2. अधर्म = राजा का पुत्र जैसा का ठीक है? अधर्म आज सिर्फ़ उपसर्ग है?

उत्तर

नहीं — का मत; न धर्म, नञ्। नहीं — सिर अ उपसर्ग वाले विषय में; आज घर नञ्; दो काट।

3. घनश्याम = नीला कमल जैसा दोनों पद दिखे? घनश्याम = पीतांबर जैसा तीसरा नाम ठीक है?

उत्तर

नहीं — नीलकमल गुण साफ़ पहले; आज के समान गायब, मध्यपदलोपी। नहीं — जिसका कृष्ण बहुव्रीहि पहले; आज रंग, बीच गायब।

4. अनादर चौथा कार्ड है? चंद्रमुख आज का कार्ड है?

उत्तर

नहीं — जेब; न आदर, स्वर पर अन्, नञ् परिवार। नहीं — उपमा जेब कर्मधारय वाले विषय में; आज परिवार, कार्ड घनश्याम / चरणकमल।

5. मत जाओ आज का नञ् है? निर्धन आज नञ् है?

उत्तर

नहीं — निषेध वाक्य अर्थ आगे। नहीं — निः विसर्ग पहले; निर् उपसर्ग पहले।

विषय समाप्त · नञ् समास और मध्यपदलोपी