अंग 3 · रूप विचार
पाठ 3.9
विषय शुरू · संयुक्त क्रिया
आठ भेद वाले विषय में नाम खुले। पूर्ण वाले विषय में तहें थमीं; चुका पूर्ण जेब, लिया दीवार थी। क्रिया भेद वाले विषय में है-रहा-चुका-सकता पट्टी थी। आज वह जोड़: दो क्रियाएँ मिलकर एक काम। कार्ड के 4: खा लिया, दे दिया, चला गया, गिर पड़ा। पहला टुकड़ा जड़ के पास — खा, दे, चल, गिर। दूसरा लिया, दिया, गया, पड़ा। नया विकार नहीं। लिखवाना आगे। दो कर्म आगे। आज एक काम, दो टुकड़े।
1. जोड़ क्या है
परिभाषा सीधी रखो: संयुक्त = दो क्रिया एक काम। जब दो क्रिया-रूप एक ही काम बाँधें, वह संयुक्त क्रिया है। दो वाक्य नहीं। दो काम नहीं। पहला अर्थ बताए, दूसरा तह — पूरा, निकल, अचानक।
राम ने रोटी खा ली। — खा + लिया; एक खाना पूरा।
वह चला गया। — चल + गया; एक निकलना।
प्रश्न: दो टुकड़े एक काम कर रहे हैं? फिर पूछो — पूरा, निकल, अचानक? पहला अर्थ बताए, दूसरा तह बाँधे। पहला अक्सर बिना ता: खा, खाता नहीं।
जाँच: दो क्रिया, एक काम आज। और से दो बातें? वाक्य भेद आगे। चुका? पहले।
2. 4 कार्ड एक नज़र में
एक खा लिया रटकर चला गया गायब मत करो। चार जोड़, एक कुर्सी।
| कार्ड | पहला | दूसरा | तह |
|---|---|---|---|
| खा लिया | खा | लिया | पूरा — अपने पास |
| दे दिया | दे | दिया | पूरा — निकाल / दूसरे की ओर |
| चला गया | चल | गया | निकल / हालत |
| गिर पड़ा | गिर | पड़ा | अचानक |
आ गया, उठ बैठा, पी डाला — जेब, छोटे नहीं। पूरी सूची रटना नहीं।
जाँच: पूरा अपने? लिया। निकाल? दिया। निकल? गया। अचानक? पड़ा।
3. पट्टी से नाता — है, रहा, चुका
क्रिया भेद वाले विषय में सहायक पट्टी खुली — है, रहा, चुका, सकता। पूर्ण वाले विषय में रहा अपूर्ण, चुका पूर्ण जेब। आज दूसरा टुकड़ा वह पट्टी नहीं।
| पट्टी पहले | जोड़ आज |
|---|---|
| खाता है | खा लिया |
| खा चुका है | खा लिया |
| जा रहा है | चला गया |
| आ सकता है | गिर पड़ा |
चुका ≠ लिया — दीवार पहले से; आज लिया खुलता है, चुका दोहराओ मत। सकता शक्ति पहले; संदिग्ध नहीं, संयुक्त नहीं। रहा अपूर्ण पहले। खा लिया है — लिया आज का टुकड़ा (संयुक्त); है समय की पट्टी, सरल वाले विषय में अलग चिपकी।
जाँच: है/रहा/चुका/सकता? पट्टी पहले। लिया/दिया/गया/पड़ा? आज। दोनों एक शब्द? नहीं।
4. खा लिया — पूरा, अपने पास
कार्ड का पहला। खाना खत्म, फल कर्ता के पास। पहला खा — धातु वाले विषय में जड़; ता नहीं। दूसरा लिया / ली / लिए।
राम ने रोटी खा ली। — ली मेल रोटी; ने विभक्ति वाले विषय में।
मैंने पानी पी लिया। — पूरा, अपने पास।
खाया सरल भूत पहले — घटना खत्म। खा लिया तह जोड़ता है: पूरा करके रख लिया। लड़की ने रोटी खा ली — ली स्त्रीलिंग कर्म से, लिंग वाले विषय में मेल।
जाँच: खा+लिया? आज। खाया? सरल पहले। खाता लिया? नहीं — पहला बिना ता।
5. दे दिया — पूरा, निकाल
कार्ड का दूसरा। काम खत्म, चीज़ निकल या दूसरे की ओर। दे + दिया / दी / दिए।
उसने पत्र लिख दिया। — लिख खत्म, पत्र निकल।
रोटी दे दी। — दी मेल रोटी।
लिया अपने पास समेटे; दिया बाहर धकेले। एक कर्म काफी। उसने मुझे किताब दी — दो कर्म, द्विकर्मक आगे; दे दिया वह कुर्सी नहीं। देना अकेला क्रिया भेद वाले विषय में सकर्मक।
जाँच: लिख दिया? आज। मुझे किताब दी? दो कर्म आगे। लिया और दिया एक तह? नहीं।
6. चला गया — निकल / हालत
कार्ड का तीसरा। चल + गया। एक जाना; हालत बदल। गया अकेला सरल भूत पहले — राम गया। चला गया दो टुकड़े, एक निकलना।
वह चला गया। — निकल गया।
गाँधी चल गए। — आदर; चंद्रबिंदु; गया परिवार।
बैठ गया, सो गया — गया जेब, हालत बदली। आ गया जेब: पहुँच। ने अक्सर नहीं — अकर्मक झलक, क्रिया भेद वाले विषय में। खाया गया वाच्य, वाक्य विचार में; चला गया आज का गया नहीं।
जाँच: चला गया? आज। गया? सरल पहले। खाया गया? वाच्य आगे।
7. गिर पड़ा — अचानक
कार्ड का चौथा। गिर + पड़ा। झटका, बस हो गया। पड़ा यहाँ सोना नहीं।
बच्चा गिर पड़ा। — अचानक गिरना।
वह रो पड़ा। — अचानक रोना; पड़ा परिवार।
उठ बैठा जेब: अचानक निर्णय / उठकर बैठना काम में। पी डाला जेब: झट से पूरा। डाला/बैठा कार्ड नहीं — नाम जेब में। सूची मत बढ़ा।
जाँच: गिर पड़ा? अचानक। सो गया? गया जेब, हालत। डाला चौथा कार्ड? नहीं।
8. पहला टुकड़ा — जड़ का छोटा रूप
खा, दे, चल, गिर — ता-ते-ती नहीं। धातु वाले विषय में जड़; आज वह छोटा कपड़ा पहले टुकड़े पर। तालिका पुरुष-वचन धातु रूप आगे।
खा लिया। लिख दिया। भाग गया। जा पड़ा।
खाता लिया — जोड़ टूटा। जाता गया — दो काल चिपकाए, आज का रूप नहीं।
दूसरा टुकड़ा लिंग-वचन बदले: लिया ली लिए, गया गई गए। मेल वाक्य से — कर्म या कर्ता; ने हो तो अक्सर कर्म, विभक्ति वाले विषय में।
जाँच: पहला बिना ता? हाँ। दूसरा मेल खाए? हाँ। सौ पंक्ति? नहीं।
9. जो जोड़ नहीं
संयुक्त नाम कई जगह लगता है — स्वर, अक्षर, वाक्य। कुर्सी आज सिर्फ़ क्रिया की। बाकी दीवार।
| रूप | कुर्सी |
|---|---|
| लिखकर सो गया | कर कृदंत वाले विषय में — दो काम |
| राम आया और श्याम गया | संयुक्त वाक्य — वाक्य भेद आगे |
| लिखवाना, कटवाना | प्रेरणार्थक आगे — एक क्रिया |
| उसने मुझे किताब दी | द्विकर्मक आगे |
| खाया गया | वाच्य आगे |
| क्ष, त्र, ज्ञ | संयुक्त अक्षर — हलंत वाले विषय में |
ए ऐ ओ औ संयुक्त स्वर — स्वर वाले विषय में। आज दो क्रिया-टुकड़े। कर के बाद दूसरा काम जुदा रहता है: लिखकर आओ — लिख खत्म, फिर आना।
जाँच: कर? दो काम, कृदंत। और? वाक्य जोड़। वाना? आगे। क्ष? वर्ण।
10. दीवारें — प्रेरणार्थक, द्विकर्मक, वाच्य
| बात | आज नहीं |
|---|---|
| लिखवाना, खिलाना | प्रेरणार्थक आगे |
| उसने मुझे किताब दी | द्विकर्मक आगे |
| पत्र लिखा गया | वाच्य आगे |
| जाऊँ, जाएँ तालिका | धातु रूप आगे |
आठ विकार पूरे पहले से। आज क्रिया के खेमे में जोड़। चुका दोहराओ मत — पूर्ण वाले विषय में।
जाँच: दो टुकड़े एक काम? आज। करवाना? आगे। दो कर्म? आगे।
11. वाक्य में 4 कार्ड + जेब
अरे! गाँधी चल गए; बच्चे ने रोटी खा ली, पत्र लिख दिया, फिर गिर पड़ा — पानी आ गया।
- अरे — विस्मयादिबोधक, अटल
- गाँधी चल गए — चला गया परिवार; चंद्रबिंदु
- रोटी खा ली — खा लिया; ली मेल रोटी
- पत्र लिख दिया — दे दिया परिवार
- गिर पड़ा — चौथा कार्ड
- आ गया — गया जेब
चार कार्ड बैठे; जेब साथ। उठ बैठा इस वाक्य में नहीं — नाम मत ठोको जहाँ टुकड़ा नहीं।
12. शब्द तोड़कर पूरा
खा लिया
पूरा, अपने पास। लिया ली लिए।
दे दिया
पूरा, निकाल। दो कर्म आगे।
चला गया
निकल / हालत। गया अकेला पहले। वाच्य आगे।
गिर पड़ा
अचानक। डाला-बैठा जेब।
पट्टी
है रहा चुका सकता — पहले। चुका ≠ लिया।
दीवार
कर, और, वाना, दो कर्म, वाच्य, क्ष।
खा लिया, दे दिया, चला गया, गिर पड़ा — चार कार्ड; एक काम दो टुकड़े।
13. आम गलतियाँ
- खाता लिया लिखना। पहला बिना ता।
- चुका और लिया एक। चुका पूर्ण जेब पहले।
- गया और चला गया एक। गया सरल पहले।
- खाता है को आज का जोड़। है पट्टी पहले।
- लिखकर सो गया को आज का जोड़। कर दो काम।
- राम आया और श्याम गया को क्रिया-जोड़। वाक्य जोड़ आगे।
- लिखवाना को दो टुकड़े। प्रेरणार्थक आगे।
- दे दिया और दो कर्म एक। द्विकर्मक आगे।
- खाया गया को चला गया। वाच्य आगे।
- क्ष को आज की कुर्सी। हलंत वाले विषय में।
- दो टुकड़े दो काम मानना। आज एक काम।
- नया विकार गिनना। क्रिया पहले से।
जाँच: (1) दो क्रिया एक काम। (2) कार्ड: खा लिया, दे दिया, चला गया, गिर पड़ा। (3) चुका पहले। (4) कर/और/वाना दीवार। (5) द्विकर्मक आगे।
14. इस विषय का सार
- संयुक्त = दो क्रिया एक काम। नया विकार नहीं।
- कार्ड: खा लिया पूरा अपने, दे दिया निकाल, चला गया निकल, गिर पड़ा अचानक।
- पहला जड़ का छोटा रूप। दूसरा लिया दिया गया पड़ा — मेल वाक्य से।
- है रहा चुका सकता पट्टी पहले। चुका ≠ लिया। खा लिया है = जोड़ + पट्टी।
- कर दो काम। और वाक्य जोड़। वाना आगे। दो कर्म आगे। वाच्य आगे।
आगे प्रेरणार्थक क्रिया है।
अभ्यास
नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।
1. संयुक्त क्रिया क्या है? कार्ड के 4 लिखो। नया विकार है?
उत्तर
दो क्रिया-रूप एक काम। खा लिया, दे दिया, चला गया, गिर पड़ा। नहीं — क्रिया पहले से; आज जोड़।
2. “खा लिया” और “खा चुका” एक हैं? “खाता है” आज का जोड़ है?
उत्तर
नहीं — लिया आज; चुका पूर्ण जेब, पूर्ण वाले विषय में। नहीं — है पट्टी, क्रिया भेद वाले विषय में।
3. “गया” और “चला गया” एक हैं? “खाया गया” आज का गया है?
उत्तर
नहीं — गया सरल भूत पहले; चला गया दो टुकड़े, एक निकलना। नहीं — खाया गया वाच्य आगे।
4. “लिखकर सो गया” संयुक्त क्रिया है? “राम आया और श्याम गया” आज की कुर्सी है?
उत्तर
नहीं — कर कृदंत वाले विषय में, दो काम। नहीं — और वाक्य जोड़, वाक्य भेद आगे।
5. लिखवाना आज खोलना है? “उसने मुझे किताब दी” आज का दे दिया है?
उत्तर
नहीं — प्रेरणार्थक आगे; एक क्रिया। नहीं — दो कर्म, द्विकर्मक आगे; दे दिया एक कर्म + दिया।
विषय समाप्त · संयुक्त क्रिया
