Noteclass 9 10

प्रेरणार्थक क्रिया

Lesson 47 of 71

अंग 3 · रूप विचार

पाठ 3.10

विषय शुरू · प्रेरणार्थक क्रिया

संयुक्त वाले विषय में दो टुकड़े एक काम थे — खा लिया, चला गया। धातु वाले विषय में जड़ खुली; करवाना दीवार थी। आज वह तह: दूसरे से काम करवाना। कार्ड के 4: खिलाना, पढ़ाना, लिखवाना, कटवाना। एक क्रिया, कपड़ा जड़ पर — दो टुकड़े नहीं। नया विकार नहीं। दो कर्म आगे। आज कौन करे, कौन करवाए।

1. तह क्या है

परिभाषा सीधी रखो: प्रेरणार्थक = दूसरे से करवाना। जब क्रिया यह बताए कि कर्ता काम खुद न करके किसी और से करवाए, वह प्रेरणार्थक है। मूल — खुद करे। आज — करवाए।

बच्चा रोटी खाता है। — मूल; खुद खाए।

माँ बच्चे को रोटी खिलाती है। — खिलाना; माँ करवाए, बच्चा खाए।

प्रश्न: काम खुद, या किसी और से? फिर रूप देखो — आना, वाना कपड़ा। खा लिया दो टुकड़े पहले; खिलाना एक शब्द।

जाँच: करवाना आज। दो टुकड़े? पहले। दो कर्म? आगे। जड़ नई? नहीं।

2. 4 कार्ड एक नज़र में

एक खिलाना रटकर लिखवाना गायब मत करो। दो तह — पास और दूर, चार रूप।

कार्ड तह मूल के पास
खिलाना पहली खाना — खुद खाए; आज खिलाए
पढ़ाना पहली पढ़ना — सिखाए
लिखवाना दूसरी लिखना — किसी से लिखवाए
कटवाना दूसरी काटना — किसी से कटवाए

करवाना, दिखाना, सुलाना — जेब, छोटे नहीं। पूरी धातु-सूची रटना नहीं। पहली तह पास से करवाए — खुद खिलाए, खुद पढ़ाए। दूसरी तह दूर: किसी और से लिखवाए, कटवाए। खिलाना और लिखवाना एक कुर्सी नहीं।

जाँच: खिलाए/पढ़ाए? पहली। लिखवाए/कटवाए? दूसरी। वाना हमेशा दूसरी? अक्सर; वाक्य पूछो।

3. मूल से नाता — एक जड़, कपड़ा

धातु वाले विषय में जड़ लिख्, खा, काट। आज वही जड़, नया काम: करवाना। तालिका पुरुष-वचन धातु रूप आगे।

मूल पहली तह दूसरी तह
खाना खिलाना खिलवाना
लिखना लिखाना लिखवाना
काटना कटाना कटवाना
पढ़ना पढ़ाना पढ़वाना

कार्ड चार; पंक्तियाँ काफी, छोटी तालिका चाबी। खिलवाना, लिखाना जेब — नाम इतना। खा लिया संयुक्त पहले — खा + लिया। खिलाना टुकड़े नहीं।

जाँच: खाना खुद। खिलाना करवाए। खा लिया जोड़ पहले। सौ जड़? नहीं।

4. खिलाना — पहली तह

कार्ड का पहला। खाना खुद खाए; खिलाना खिलाए। जड़ खा, कपड़ा टेढ़ा — खवाना नहीं।

माँ बच्चे को दूध पिलाती है। — पिलाना; पीना मूल, पहली तह टेढ़ी।

गाँधी अतिथि (मेहमान) को रोटी खिलाते हैं। — आदर; चंद्रबिंदु।

बच्चे को, दूध — दो नाम कर्म जैसे लगें। द्विकर्मक आगे; आज रूप खिलाना/पिलाना। को चिह्न विभक्ति वाले विषय में।

जाँच: खिलाए? पहली। खाए? मूल। दो को/क्या? नाम आगे, रूप आज।

5. पढ़ाना — पहली तह

कार्ड का दूसरा। पढ़ना खुद पढ़े; पढ़ाना सिखाए। कपड़ा आना, जड़ पढ़।

अध्यापक पाठ पढ़ाता है। — पहली तह।

माँ बच्चे को अक्षर पढ़ाती है।

पढ़वाना दूसरी तह — किसी और अध्यापक से पढ़वाए। आज कार्ड पढ़ाना। दिखाना जेब: देखना मूल, कपड़ा टेढ़ा।

जाँच: पढ़ाए? पहली। पढ़े? मूल। पढ़वाए? दूसरी, जेब।

6. लिखवाना — दूसरी तह

कार्ड का तीसरा। खुद न लिखे; किसी से लिखवाए। लिखाना पहली तह — पास से, अक्सर खुद बैठाकर लिखने को कहे। लिखवाना दूसरी तह — दूर, किसी और से लिखवाए। खिलाना पहली जैसे खुद खिलाए; लिखवाना दूसरी जैसे और से करवाए। दोनों प्रेरणार्थक, पास-दूर जुदा।

गुरु ने पत्र लिखवाया। — गुरु करवाए।

मंत्री ने लिखने वाले से पत्र लिखवाया। — से काम करने वाला।

से औज़ार भी हो, विभक्ति वाले विषय में। आज प्रश्न: करवाए कौन? लिखे कौन? ने कर्ता पर, कारक वाले विषय में।

जाँच: लिखवाए? दूसरी। लिखे? मूल। लिख + वाया दो क्रिया? नहीं — एक रूप।

7. कटवाना — दूसरी तह

कार्ड का चौथा। काटना खुद काटे; कटवाना किसी से कटवाए। पेड़ कटवाना — कर्ता कुल्हाड़ा न चलाए, और से चलवाए।

मालिक ने पेड़ कटवाया। — दूसरी तह।

दर्जी से कपड़ा सिलवाया। — सिलवाना जेब, वही तह।

कटाना पहली तह जेब — पास से कटवाए। कार्ड कटवाना। करण नाम कारक वाले विषय में; कटवाना क्रिया आज।

जाँच: कटवाए? दूसरी। काटे? मूल। करण कुर्सी? नहीं — आज क्रिया।

8. टेढ़े कपड़े — जेब

हर जड़ आना/वाना सीधे नहीं जोड़ती। कुछ नाम काफी; पूरी सूची मत बना।

खाना → खिलाना। पीना → पिलाना। देखना → दिखाना।

सोना → सुलाना। रोना → रुलाना। करना → कराना / करवाना।

खवाना, देखवाना सीधा अक्सर नहीं चलता — दिखाना बैठे। धातु रूप आगे तालिका; आज पहचान: करवाए? तो तह आज की।

जाँच: टेढ़ा? जेब। रट? नहीं। करवाना? कर की दूसरी तह।

9. जो तह नहीं

करवाना कई पड़ोसी। कुर्सी आज एक क्रिया की।

रूप कुर्सी
खा लिया, चला गया संयुक्त — पहले
उसने मुझे किताब दी द्विकर्मक आगे
पत्र लिखा गया वाच्य आगे
लिखकर आओ कृदंत — पहले
लिखता हूँ, लिखोगे धातु रूप आगे

लिखवाया गया — वाच्य चिपका; आज रूप लिखवाना, वाच्य वाक्य विचार में। करण ≠ करवाना।

जाँच: लिया? संयुक्त पहले। दी दो कर्म? आगे। गया वाच्य? आगे। वाना? आज।

10. दीवारें — द्विकर्मक, वाच्य, तालिका

बात आज नहीं
मुझे किताब दी — दो कर्म द्विकर्मक आगे
लिखा गया, कटवाया गया वाच्य आगे
मैं लिखवाता हूँ, तुम लिखवाओगे धातु रूप आगे
हर धातु की तीन पंक्ति रटना नहीं; कार्ड 4

आठ विकार पूरे पहले से। आज क्रिया के खेमे में तह। खा लिया दोहराओ मत — संयुक्त वाले विषय में।

जाँच: करवाए? आज। दो कर्म? आगे। सौ रूप? नहीं।

11. वाक्य में 4 कार्ड + जेब

अरे! गाँधी अतिथि को रोटी खिलाते हैं; अध्यापक पाठ पढ़ाता है, मंत्री पत्र लिखवाता है, मालिक पेड़ कटवाता है — माँ बच्चे को सुलाती है।

  • अरे — विस्मयादिबोधक, अटल
  • खिलाते — खिलाना; चंद्रबिंदु गाँधी
  • पढ़ाता है — पढ़ाना
  • लिखवाता है — लिखवाना
  • कटवाता है — कटवाना
  • सुलाती है — सुलाना जेब; सोना मूल

चार कार्ड बैठे; जेब साथ। करवाना इस वाक्य में नहीं — नाम मत ठोको जहाँ रूप नहीं।

12. शब्द तोड़कर पूरा

खिलाना

पहली तह। खाना मूल। टेढ़ा कपड़ा।

पढ़ाना

पहली तह। सिखाए। पढ़वाना जेब।

लिखवाना

दूसरी तह। किसी से लिखवाए। एक क्रिया।

कटवाना

दूसरी तह। काटना मूल। करण अलग।

जेब

करवाना, दिखाना, सुलाना, पिलाना। सूची नहीं।

दीवार

लिया संयुक्त। दो कर्म आगे। वाच्य आगे।

खिलाना, पढ़ाना, लिखवाना, कटवाना — चार कार्ड; करवाए, एक रूप।

13. आम गलतियाँ

  • खिलाना और खा लिया एक। एक शब्द बनाम दो टुकड़े।
  • लिखवाना दो क्रिया। एक रूप, कपड़ा जड़ पर।
  • खाना और खिलाना दो जड़। एक जड़, तह जुदा।
  • खवाना लिखना। टेढ़ा खिलाना।
  • कटवाना और करण एक। क्रिया बनाम कारक नाम।
  • मुझे किताब दी आज खोलना। द्विकर्मक आगे।
  • लिखा गया को लिखवाना। वाच्य आगे।
  • लिखकर को वाना। कृदंत पहले।
  • हर धातु तीन पंक्ति रटना। कार्ड 4; टेढ़े जेब।
  • नया विकार गिनना। क्रिया पहले से।
  • कर्ता हमेशा काम करे। आज कर्ता करवाए।
  • से देखकर सिर्फ़ करण। लिखवाए में से काम वाला भी।

जाँच: (1) दूसरे से करवाना। (2) कार्ड: खिलाना, पढ़ाना, लिखवाना, कटवाना। (3) एक क्रिया। (4) संयुक्त पहले। (5) द्विकर्मक आगे।

14. इस विषय का सार

  • प्रेरणार्थक = दूसरे से करवाना। कर्ता काम करवाए, खुद न ज़रूरी करे। नया विकार नहीं।
  • कार्ड: खिलाना-पढ़ाना पहली तह; लिखवाना-कटवाना दूसरी।
  • एक क्रिया, कपड़ा जड़ पर। खा लिया दो टुकड़े पहले।
  • टेढ़े: खिलाना, पिलाना, दिखाना, सुलाना — जेब, सूची नहीं।
  • दो कर्म आगे। वाच्य आगे। धातु रूप आगे।

आगे द्विकर्मक क्रिया है।

अभ्यास

नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।

1. प्रेरणार्थक क्रिया क्या है? कार्ड के 4 लिखो। नया विकार है?

उत्तर

दूसरे से काम करवाना — प्रेरणार्थक। खिलाना, पढ़ाना, लिखवाना, कटवाना। नहीं — क्रिया पहले से; आज तह।

2. “खिलाना” और “खा लिया” एक हैं? लिखवाना दो क्रिया हैं?

उत्तर

नहीं — खिलाना एक रूप आज; खा लिया दो टुकड़े, संयुक्त वाले विषय में। नहीं — लिखवाना एक क्रिया, कपड़ा जड़ पर।

3. खाना और खिलाना दो जड़ हैं? खवाना सही रूप है?

उत्तर

नहीं — एक जड़ खा, तह जुदा। नहीं — टेढ़ा खिलाना; खवाना नहीं।

4. “उसने मुझे किताब दी” आज खोलना है? “पत्र लिखा गया” आज का लिखवाना है?

उत्तर

नहीं — दो कर्म, द्विकर्मक आगे। नहीं — वाच्य आगे; लिखवाना आज की तह, गया वाच्य चिपका आगे।

5. कटवाना मूल क्रिया है? करण और कटवाना एक कुर्सी हैं?

उत्तर

नहीं — मूल काटना; कटवाना दूसरी तह। नहीं — करण कारक नाम, विभक्ति वाले विषय में; कटवाना क्रिया आज।

विषय समाप्त · प्रेरणार्थक क्रिया