अंग 3 · रूप विचार
पाठ 3.7
विषय शुरू · काल — पूर्ण, अपूर्ण, संदिग्ध
सरल वाले विषय में तीन कुर्सियाँ खुलीं — वर्तमान, भूत, भविष्य; जाता है, गया, जाएगा, है। जा रहा, जाता था, गया है, गया होगा दीवार थी। आज वह तह: काम कैसी हालत में? तीन तह — अपूर्ण, पूर्ण, संदिग्ध। कार्ड के 4: जा रहा है, गया है, जाता था, गया होगा। नया विकार नहीं। बारह खाने रटना नहीं। खा लिया संयुक्त आगे। तालिका धातु रूप आगे। आज जा रहा और गया का फर्क, और दो साथी।
1. तह क्या है
परिभाषा सीधी रखो: पूर्ण, अपूर्ण, संदिग्ध काल की तहें हैं — काम कैसी हालत में, नई समय-कुर्सी नहीं। सरल वाली कुर्सी पर चढ़ती हैं। पूर्ण = काम पूरा (फल अब भी छूए)। अपूर्ण = अधूरा / चल रहा। संदिग्ध = पक्का नहीं / शक।
राम जा रहा है। — अपूर्ण; अभी चल रहा।
राम गया है। — पूर्ण; चला गया, बात अब की।
राम गया होगा। — संदिग्ध; शक।
प्रश्न: चल रहा, पूरा, या शक? फिर सरल कुर्सी पूछो — अब, पहले, आगे। दो प्रश्न, एक रूप।
जाँच: तीन तह आज। तीन समय सरल वाले विषय में। जा रहा ≠ गया। बारह कोठरी? नहीं।
2. 4 कार्ड एक नज़र में
एक जा रहा है रटकर गया है गायब मत करो। चार रूप, तीन तह।
| कार्ड | तह | झलक |
|---|---|---|
| जा रहा है | अपूर्ण | अभी चल रहा |
| गया है | पूर्ण | पूरा; फल अब |
| जाता था | अपूर्ण भूत | पहले चलता / आदत |
| गया होगा | संदिग्ध | शक — पक्का नहीं |
लिख रहा है, खा चुका है — रहा/चुका जेब, क्रिया भेद वाले विषय में पट्टी। कार्ड 4 हैं।
जाँच: चल रहा? जा रहा है। पूरा अब? गया है। पहले आदत? जाता था। शक? गया होगा।
3. सरल से नाता — गया बनाम जा रहा
सरल वाले विषय में गया समाप्त भूत था। आज जा रहा है उसी जड़ पर चलता वर्तमान। एक जड़ जा, दो हालत।
| रूप | समय | हालत |
|---|---|---|
| जाता है | वर्तमान | सरल / आदत — पहले |
| जा रहा है | वर्तमान | अपूर्ण — आज कार्ड |
| गया | भूत | सरल समाप्त — पहले |
| गया है | वर्तमान से जुड़ा | पूर्ण — आज कार्ड |
जाता है आदत भी बताए — स्कूल जाता है। जा रहा है अभी रास्ते में। गया कल चला। गया है घर नहीं, बात अभी छूती है।
जाँच: जाता है? सरल। जा रहा है? अपूर्ण। गया? सरल भूत। गया है? पूर्ण।
4. जा रहा है — अपूर्ण
कार्ड का पहला। रहा / रही / रहे + है / हैं / हूँ। काम बीच में। लिख रहा है — लिख मुख्य, रहा+है पट्टी; क्रिया भेद वाले विषय में तीन टुकड़े। रहा संज्ञा नहीं।
मैं जा रहा हूँ। लड़की जा रही है। लड़के जा रहे हैं।
गाँधी बोल रहे हैं। — आदर; चंद्रबिंदु; अपूर्ण।
जा रहा था — अपूर्ण भूत, रहा+था; उस समय चल रहा। कार्ड का तीसरा जाता था पड़ोसी है — ता+था, आदत या उस समय चलता। जा रहा होगा — रहा = चल रहा, होगा = शक; दोनों मिल सकते हैं। आज नाम इतना; बारह कोठरी मत भर।
जाँच: रहा+है? अपूर्ण। जाता है? सरल पहले। रहा नाम? नहीं।
5. गया है — पूर्ण
कार्ड का दूसरा। गया + है। काम पूरा, फल या हाल अब तक छूए। गया सरल भूत से छोटा फर्क: गया कल की घटना; गया है अब की बात में घुसा पूरा काम।
राम गया है। — अब यहाँ नहीं। लड़की गई है।
राम ने रोटी खाई है। — पूर्ण + ने; ने चिह्न कारक वाले विषय में, मेल रोटी से।
खा चुका है — चुका पूर्ण की जेब, क्रिया भेद वाले विषय में। चुका ≠ लिया। लिया संयुक्त आगे। गया था — काम पहले पूरा; फल अब नहीं ज़रूरी छूए। पूर्ण भूत की झलक। आज कार्ड गया है।
जाँच: गया है? पूर्ण। गया? सरल भूत। चुका? पूर्ण जेब। लिया? संयुक्त आगे।
6. जाता था — अपूर्ण भूत
कार्ड का तीसरा। पहले चलता, या आदत बीती। सरल वाले विषय में जाता था दीवार थी — सरल भूत गया था, यह नहीं।
बचपन में स्कूल जाता था। — आदत पहले।
जब तुम आए, वह पढ़ता था। — उस समय चल रहा।
था होना का भूत सरल वाले विषय में — राम था। जाता था क्रिया+था पट्टी, अपूर्ण। दो था, वाक्य पूछो। जा रहा था रहा वाली अपूर्ण भूत; जाता था ता+था। दोनों अपूर्ण परिवार, दो कपड़े।
जाँच: जाता था? अपूर्ण भूत। गया? सरल भूत। राम था? होना पट्टी पहले।
7. गया होगा — संदिग्ध
कार्ड का चौथा। शक। पक्का नहीं। जाएगा भविष्य सरल — कल जाएगा पक्का योजना। गया होगा अनुमान।
राम गया होगा। — शायद चला गया।
वह स्कूल जाता होगा। — आदत का अनुमान; संदिग्ध वर्तमान की झलक।
होगा होना पट्टी का भविष्य भी है — कल मेला होगा, सरल वाले विषय में। संदिग्ध पर होगा शक बाँधे: गया होगा, आता होगा। वाक्य पूछो — पक्का कल, या अनुमान?
एक रूप दो नाम मत घोलो। कोई किताब गया होगा को पूर्ण भविष्य भी कहे; आज कुर्सी संदिग्ध। सूची मत बढ़ा।
जाँच: गया होगा? शक। जाएगा? भविष्य सरल। मेला होगा? पक्का योजना हो सकती है — वाक्य।
8. चुका, लिया, सकता — तीन दीवार
चुका पूर्ण के पास। लिया संयुक्त के पास। सकता शक्ति — संदिग्ध नहीं।
| रूप | कुर्सी |
|---|---|
| खा चुका है | पूर्ण जेब आज |
| खा लिया | संयुक्त आगे |
| खा सकता है | शक्ति; क्रिया भेद वाले विषय में |
| खाया होगा | संदिग्ध आज |
सकता ≠ होगा। आ सकता है ताकत; आया होगा शक।
जाँच: चुका? पूर्ण। लिया? संयुक्त आगे। सकता? शक्ति। होगा शक? संदिग्ध।
9. मेल — छोटी तह
तह का कपड़ा कर्ता से मेल खाए। रहा/रही/रहे, चुका/चुकी, गया/गई — लिंग-वचन। हूँ/है/हैं पुरुष। पूरी पंक्ति धातु रूप आगे; आज छोटी तह, कुर्सी न टूटे।
मैं जा रहा हूँ। वह जा रही है। वे जा रहे हैं।
लड़की गई है। लड़के गए होंगे।
ने पूर्ण सकर्मक पर भी लग सकता है — राम ने रोटी खाई है; मेल रोटी से। सरल वर्तमान ने नहीं माँगता। ने चिह्न है, तह नहीं; कारक वाले विषय में।
जाँच: रही/गई? स्त्री। हूँ? पुरुष वाले विषय में। ने? चिह्न, तह नहीं।
10. दीवारें — बारह कोठरी, संयुक्त, आठ नाम
| बात | आज नहीं |
|---|---|
| 3 × 4 के बारह खाने रटना | तह पहचान आज; कोठरी मत गिनो |
| खा लिया, चला गया | संयुक्त आगे |
| मैं जाऊँ, तुम जाओगे | धातु रूप आगे |
| कर्ता, कर्म, करण… | आठ भेद आगे |
सरल तीन पहले। तह तीन आज। गुणा करके बारह नाम ठोकना — नहीं।
जाँच: जा रहा/गया है/जाता था/गया होगा? आज। लिया? आगे। आठ कारक? आगे।
11. वाक्य में 4 कार्ड
अरे! राम जा रहा है; श्याम गया है; पहले जाता था; अब गया होगा — गाँधी बोल रहे हैं।
- अरे — विस्मयादिबोधक, अटल
- जा रहा है — अपूर्ण
- गया है — पूर्ण
- जाता था — अपूर्ण भूत
- गया होगा — संदिग्ध
- गाँधी बोल रहे हैं — अपूर्ण; चंद्रबिंदु
चार हालत एक कहानी के आसपास। गया सरल यहाँ नहीं बैठा — फर्क दिखे।
12. शब्द तोड़कर पूरा
जा रहा है / लिख रहा है
अपूर्ण। रहा पट्टी। जाता है सरल अलग।
गया है / खाई है / चुका है
पूर्ण। गया सरल भूत अलग।
जाता था
अपूर्ण भूत / आदत पहले। गया सरल नहीं।
गया होगा / आता होगा
संदिग्ध। जाएगा भविष्य सरल।
सकता है
शक्ति। संदिग्ध नहीं।
खा लिया
संयुक्त आगे। चुका नहीं।
जा रहा है, गया है, जाता था, गया होगा — चार रूप; तीन तह।
13. आम गलतियाँ
- जा रहा है और जाता है एक। अपूर्ण बनाम सरल।
- गया है और गया एक। पूर्ण बनाम सरल भूत।
- जाता था को सरल भूत। गया सरल; जाता था अपूर्ण।
- गया होगा को जाएगा। शक बनाम भविष्य सरल।
- रहा को संज्ञा। पट्टी; क्रिया भेद वाले विषय में।
- चुका और लिया एक। पूर्ण जेब बनाम संयुक्त आगे।
- सकता को संदिग्ध। शक्ति अलग।
- तीन तह को तीन नई समय-कुर्सियाँ। समय पहले; तह आज।
- बारह भेद आज रट लेना। चार कार्ड काफी।
- ने को तह। ने चिह्न।
- होगा हमेशा संदिग्ध। कल मेला होगा योजना भी।
जाँच: (1) तीन तह: अपूर्ण, पूर्ण, संदिग्ध। (2) कार्ड: जा रहा है, गया है, जाता था, गया होगा। (3) गया ≠ जा रहा। (4) चुका ≠ लिया। (5) बारह नहीं।
14. इस विषय का सार
- पूर्ण = काम पूरा; अपूर्ण = अधूरा / चल रहा; संदिग्ध = पक्का नहीं / शक। नई समय-कुर्सी नहीं।
- कार्ड: जा रहा है अपूर्ण, गया है पूर्ण, जाता था अपूर्ण भूत, गया होगा संदिग्ध।
- जाता है सरल; जा रहा है चलता। गया सरल भूत; गया है पूर्ण।
- चुका पूर्ण जेब। लिया संयुक्त आगे। सकता शक्ति, संदिग्ध नहीं।
- बारह कोठरी रटना नहीं। आठ भेद आगे। धातु रूप आगे।
आगे कारक के आठ भेद है।
अभ्यास
नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।
1. पूर्ण, अपूर्ण, संदिग्ध क्या हैं? कार्ड के 4 लिखो।
उत्तर
हालत की तह — पूरा, चल रहा, शक; नई समय-कुर्सी नहीं। जा रहा है, गया है, जाता था, गया होगा।
2. “जा रहा है” और “गया” एक हैं? “गया है” और “गया” एक हैं?
उत्तर
नहीं — जा रहा है अपूर्ण, अभी चल रहा; गया सरल भूत, सरल वाले विषय में। नहीं — गया है पूर्ण, फल अब; गया सरल समाप्त।
3. जाता था सरल भूत है? गया होगा और जाएगा एक हैं?
उत्तर
नहीं — जाता था अपूर्ण भूत / आदत पहले; सरल भूत गया। नहीं — गया होगा शक; जाएगा भविष्य सरल।
4. खा चुका है और खा लिया एक हैं? आ सकता है संदिग्ध है?
उत्तर
नहीं — चुका पूर्ण जेब; लिया संयुक्त आगे। नहीं — सकता शक्ति, क्रिया भेद वाले विषय में; संदिग्ध गया होगा / आता होगा।
5. बारह भेद आज रटने हैं? आठ कारक आज खोलने हैं?
उत्तर
नहीं — तीन तह + चार कार्ड; कोठरी मत गिनो। नहीं — कर्ता-कर्म आदि आठ भेद आगे।
विषय समाप्त · काल — पूर्ण, अपूर्ण, संदिग्ध
