Noteclass 9 10

काल — वर्तमान, भूत, भविष्य

Lesson 43 of 71

अंग 3 · रूप विचार

पाठ 3.6

विषय शुरू · काल — वर्तमान, भूत, भविष्य

कारक वाले विषय में चिह्न खुले — ने, को, से, में। ने सकर्मक भूत पर; खाता है बिना ने। आज वह दीवार: काम कब? तीन कुर्सियाँ — वर्तमान, भूत, भविष्य। कार्ड के 4: जाता है, गया, जाएगा, है। सरल रूप पहले। जा रहा, चुका — पूर्ण-अपूर्ण आगे। हूँ-हो तालिका धातु रूप आगे। नया विकार नहीं; क्रिया विकारी पहले से। आज तीन समय, एक पट्टी होना।

1. दीवार क्या है

परिभाषा सीधी रखो: क्रिया के जिस रूप से समय पता चले — अब, पहले, आगे — वह काल है। हिंदी में तीन सरल कुर्सियाँ: वर्तमान अब / आदत, भूत हो चुका, भविष्य आने वाला। काल क्रिया का रूप है, कल शब्द नहीं।

राम जाता है। — वर्तमान।

राम गया। — भूत।

राम जाएगा। — भविष्य।

प्रश्न: काम अब, पहले, या आगे? फिर रूप देखो। कल आया — कल कब बताए, गया समय बताए; दो काट, क्रिया विशेषण वाले विषय में कल।

जाँच: तीन कुर्सियाँ आज। कल? शब्द अलग। जा रहा? आगे। तालिका सौ पंक्ति? नहीं।

2. 4 कार्ड एक नज़र में

एक जाता है रटकर गया गायब मत करो। तीन समय जा पर; चौथा होना।

कार्ड कुर्सी काम
जाता है वर्तमान अब / आदत
गया भूत सरल — हो चुका
जाएगा भविष्य आगे होगा
है होना पट्टी स्थिति; या सहायक साथ

खाता है, खाया, खाएगा — वही तीन कुर्सियाँ, जड़ खा। कार्ड 4 हैं। जाता था चलते काम — आगे।

जाँच: अब? जाता है। पहले सरल? गया। आगे? जाएगा। राम है? होना पट्टी।

3. ने से नाता — कब चिह्न

कारक वाले विषय में ने कर्ता पर, सकर्मक भूत अक्सर। आज वही गाँठ समय से।

वाक्य काल ने
राम रोटी खाता है वर्तमान नहीं; फिर भी सकर्मक
राम ने रोटी खाई भूत हाँ; मेल रोटी से
राम रोटी खाएगा भविष्य नहीं
राम गया भूत नहीं — अकर्मक; क्रिया भेद वाले विषय में

ने काल नहीं है। ने चिह्न है; भूत उस चिह्न को अक्सर बुलाता है। दो काट एक वाक्य में।

जाँच: खाता है? वर्तमान, बिना ने। खाई? भूत + ने। गया? भूत, ने नहीं।

4. जाता है — वर्तमान

कार्ड का पहला। अब हो रहा, या आदत। जाता / जाती / जाते + है / हैं / हूँ — लिंग-वचन-पुरुष मेल; पुरुष वाले विषय में हूँ/हो, लिंग वाले विषय में जाती, गिनती वाले विषय में जाते। आज कुर्सी वर्तमान।

लड़का जाता है। लड़की जाती है। लड़के जाते हैं।

मैं जाता हूँ। तुम जाते हो। — उत्तम/मध्यम; वर्तमान वही कुर्सी।

गाँधी बोलते हैं। — आदर; चंद्रबिंदु; वर्तमान।

जाता है दो टुकड़े: जाता मुख्य, है सहायक — क्रिया भेद वाले विषय में पट्टी। आज दोनों मिलकर वर्तमान।

जाँच: जाता/जाती/जाते? मेल। है साथ? वर्तमान सरल। जा रहा है? आगे।

5. गया — भूत

कार्ड का दूसरा। सरल भूत: काम हो चुका। गया / गई / गए / गईं। जड़ जा, रूप टेढ़ा — धातु वाले विषय में; नई धातु नहीं।

राम गया। लड़की गई। लड़के गए।

राम ने पत्र लिखा। — भूत + ने; लिखा यहाँ काम का रूप, कृदंत वाली चिट्ठी नहीं।

गाँधी गए। — आदर/वचन; चंद्रबिंदु।

गया ≠ जा रहा था। गया समाप्त सरल; रहा तह आगे। गया है पूर्ण आगे। आज गया काफी।

जाँच: गया/गई? सरल भूत। जा/गया दो जड़? नहीं। गया है? आगे।

6. जाएगा — भविष्य

कार्ड का तीसरा। आगे होगा। जाएगा / जाएगी / जाएँगे। है अलग शब्द कम दिखता; काल रूप में घुल जाता है — क्रिया भेद वाले विषय में झलक थी।

राम जाएगा। लड़की जाएगी। हम जाएँगे।

कल मेला होगा। — होगा होना पट्टी का भविष्य; कल शब्द, होगा काल।

जाएगा और जाऊँगा पुरुष से मुड़ते हैं — धातु रूप आगे पूरी पंक्ति। आज कुर्सी भविष्य। आज्ञा जाओ चौथी कुर्सी नहीं।

जाँच: जाएगा? भविष्य। जाओ? आज्ञा, काल नहीं। जाऊँगा? भविष्य, पुरुष आगे छोटी झलक।

7. है — होना पट्टी

कार्ड का चौथा। राम है — स्थिति, है मुख्य। राम जाता है — है सहायक। एक है, दो कुर्सियाँ; क्रिया भेद वाले विषय में। आज समय: है वर्तमान स्थिति, था भूत, होगा भविष्य।

पानी है। कुआँ था। कल मेला होगा।

गेंद लाल है। — है मुख्य; लाल विशेषण, विशेषण वाले विषय में।

था ≠ गया। था होना का भूत; गया जा का भूत। दो जड़, दो कार्ड। जाता था आदत/चलता भूत — पूर्ण-अपूर्ण आगे, आज मत खोलो।

जाँच: राम है? स्थिति वर्तमान। राम गया? जा भूत। राम था? होना भूत। जाता था? आगे।

8. मेल — छोटी तह

काल मुड़ते मेल साथ चलता है। पूरी तालिका धातु रूप आगे। आज इतना कि कुर्सी न टूटे।

कर्ता वर्तमान भूत भविष्य
लड़का जाता है गया जाएगा
लड़की जाती है गई जाएगी
लड़के जाते हैं गए जाएँगे

ने हो तो भूत का मेल कर्म से — राम ने रोटी खाई; कारक वाले विषय में। आज तीन स्तम्भ सरल जा पर।

जाँच: जाती/गई/जाएगी? स्त्री। हूँ/हो? पुरुष वाले विषय में, तालिका आगे।

9. कल और आज्ञा — काल नहीं

कल आया, कल आएगा — कल क्रिया विशेषण, काल रूप आया/आएगा पर। हमेशा, अभी, तब — क्रिया विशेषण वाले विषय में।

जाओ। बैठो। लिख। — आज्ञा; समय की चौथी कुर्सी मत गढ़ो।

लिखी चिट्ठी — कृदंत, कृदंत वाले विषय में; उसने लिखा — भूत आज।

खा लिया संयुक्त आगे। लिखवाना प्रेरणार्थक आगे।

जाँच: कल? शब्द। गया? काल। जाओ? आज्ञा। लिखी चिट्ठी? कृदंत।

10. दीवारें — रहा, चुका, तालिका

बात आज नहीं
जा रहा है, जाता था, गया है, गया होगा पूर्ण, अपूर्ण, संदिग्ध आगे
मैं जाऊँ, तुम जाओगे, सब धातु धातु रूप आगे
खा लिया, चला गया संयुक्त आगे
कर्ता-कर्म आठ नाम कारक के भेद आगे

सरल तीन आज। किताबों की बारह खाने वाली तालिका आगे की तहों से भरती है; आज मत रटो।

जाँच: जाता है/गया/जाएगा/है? आज। जा रहा? आगे। हूँ-जाता सब पंक्ति? धातु रूप आगे।

11. वाक्य में 4 कार्ड

अरे! राम जाता है; कल गया; कल जाएगा — पानी है, गाँधी गए।

  • अरे — विस्मयादिबोधक, अटल
  • जाता है — वर्तमान
  • गया — भूत; कल शब्द
  • जाएगा — भविष्य; कल शब्द फिर
  • पानी है — होना पट्टी, वर्तमान स्थिति
  • गाँधी गए — भूत; चंद्रबिंदु

दो कल, दो काल — शब्द एक, रूप दो कुर्सियाँ।

12. शब्द तोड़कर पूरा

जाता है / खाता है

वर्तमान। है सहायक साथ।

गया / गई / खाया

सरल भूत। गया टेढ़ा जा। ने सकर्मक पर।

जाएगा / जाएगी / होगा

भविष्य। होगा होना पट्टी।

है / था / होगा

होना। है मुख्य या सहायक — वाक्य पूछो।

जा रहा / चुका / जाता था

पूर्ण-अपूर्ण आगे।

जाओ

आज्ञा। चौथी कुर्सी नहीं।

जाता है, गया, जाएगा, है — चार चिह्न; तीन कुर्सियाँ।

13. आम गलतियाँ

  • कल को काल लिखना। कल शब्द; गया/जाएगा रूप।
  • जा रहा है को आज का वर्तमान कार्ड। सरल जाता है; रहा आगे।
  • था और गया एक। था होना; गया जा।
  • ने को काल। ने चिह्न; भूत उसे बुलाए।
  • गया नई धातु। जड़ जा, धातु वाले विषय में।
  • जाओ को भविष्य। आज्ञा।
  • लिखी चिट्ठी को भूत क्रिया। कृदंत अलग।
  • खाता है बिना ने तो अकर्मक। सकर्मक वर्तमान ने नहीं माँगता।
  • बारह भेद आज रट लेना। तीन सरल आज।
  • है हमेशा सहायक। राम है — मुख्य होना।
  • जाता था आज का सरल भूत। तह आगे।

जाँच: (1) तीन कुर्सियाँ: वर्तमान, भूत, भविष्य। (2) कार्ड: जाता है, गया, जाएगा, है। (3) ने चिह्न, काल नहीं। (4) रहा/चुका आगे। (5) तालिका धातु रूप आगे।

14. इस विषय का सार

  • काल क्रिया का समय है। तीन सरल कुर्सियाँ — वर्तमान, भूत, भविष्य।
  • कार्ड: जाता है अब, गया पहले, जाएगा आगे, है होना पट्टी।
  • ने भूत सकर्मक पर; वर्तमान/भविष्य अक्सर बिना ने। गया ≠ था।
  • कल शब्द है, काल नहीं। आज्ञा चौथी कुर्सी नहीं।
  • जा रहा, चुका, जाता था आगे। पंक्तियाँ धातु रूप आगे।

आगे काल — पूर्ण, अपूर्ण, संदिग्ध है।

अभ्यास

नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।

1. हिंदी में सरल काल की कितनी कुर्सियाँ हैं? कार्ड के 4 लिखो।

उत्तर

तीन — वर्तमान, भूत, भविष्य। जाता है, गया, जाएगा, है।

2. कल काल है? “जा रहा है” आज का वर्तमान कार्ड है?

उत्तर

नहीं — कल क्रिया विशेषण, क्रिया विशेषण वाले विषय में; काल रूप आया/आएगा पर। नहीं — सरल वर्तमान जाता है; रहा पूर्ण-अपूर्ण आगे।

3. गया और था एक हैं? ने काल है?

उत्तर

नहीं — गया जा का भूत; था होना का भूत। नहीं — ने विभक्ति, कारक वाले विषय में; भूत उसे अक्सर बुलाता है।

4. “राम रोटी खाता है” अकर्मक है क्योंकि ने नहीं? जाओ भविष्य है?

उत्तर

नहीं — सकर्मक वर्तमान ने नहीं माँगता; ने भूत पर, कारक वाले विषय में। नहीं — जाओ आज्ञा; भविष्य जाएगा।

5. जा रहा है और गया है आज खोलने हैं? सब धातु की पंक्ति आज रटनी है?

उत्तर

नहीं — पूर्ण, अपूर्ण, संदिग्ध आगे। नहीं — धातु रूप आगे; आज तीन सरल कुर्सियाँ।

विषय समाप्त · काल — वर्तमान, भूत, भविष्य