अंग 3 · रूप विचार
पाठ 3.6
विषय शुरू · काल — वर्तमान, भूत, भविष्य
कारक वाले विषय में चिह्न खुले — ने, को, से, में। ने सकर्मक भूत पर; खाता है बिना ने। आज वह दीवार: काम कब? तीन कुर्सियाँ — वर्तमान, भूत, भविष्य। कार्ड के 4: जाता है, गया, जाएगा, है। सरल रूप पहले। जा रहा, चुका — पूर्ण-अपूर्ण आगे। हूँ-हो तालिका धातु रूप आगे। नया विकार नहीं; क्रिया विकारी पहले से। आज तीन समय, एक पट्टी होना।
1. दीवार क्या है
परिभाषा सीधी रखो: क्रिया के जिस रूप से समय पता चले — अब, पहले, आगे — वह काल है। हिंदी में तीन सरल कुर्सियाँ: वर्तमान अब / आदत, भूत हो चुका, भविष्य आने वाला। काल क्रिया का रूप है, कल शब्द नहीं।
राम जाता है। — वर्तमान।
राम गया। — भूत।
राम जाएगा। — भविष्य।
प्रश्न: काम अब, पहले, या आगे? फिर रूप देखो। कल आया — कल कब बताए, गया समय बताए; दो काट, क्रिया विशेषण वाले विषय में कल।
जाँच: तीन कुर्सियाँ आज। कल? शब्द अलग। जा रहा? आगे। तालिका सौ पंक्ति? नहीं।
2. 4 कार्ड एक नज़र में
एक जाता है रटकर गया गायब मत करो। तीन समय जा पर; चौथा होना।
| कार्ड | कुर्सी | काम |
|---|---|---|
| जाता है | वर्तमान | अब / आदत |
| गया | भूत | सरल — हो चुका |
| जाएगा | भविष्य | आगे होगा |
| है | होना पट्टी | स्थिति; या सहायक साथ |
खाता है, खाया, खाएगा — वही तीन कुर्सियाँ, जड़ खा। कार्ड 4 हैं। जाता था चलते काम — आगे।
जाँच: अब? जाता है। पहले सरल? गया। आगे? जाएगा। राम है? होना पट्टी।
3. ने से नाता — कब चिह्न
कारक वाले विषय में ने कर्ता पर, सकर्मक भूत अक्सर। आज वही गाँठ समय से।
| वाक्य | काल | ने |
|---|---|---|
| राम रोटी खाता है | वर्तमान | नहीं; फिर भी सकर्मक |
| राम ने रोटी खाई | भूत | हाँ; मेल रोटी से |
| राम रोटी खाएगा | भविष्य | नहीं |
| राम गया | भूत | नहीं — अकर्मक; क्रिया भेद वाले विषय में |
ने काल नहीं है। ने चिह्न है; भूत उस चिह्न को अक्सर बुलाता है। दो काट एक वाक्य में।
जाँच: खाता है? वर्तमान, बिना ने। खाई? भूत + ने। गया? भूत, ने नहीं।
4. जाता है — वर्तमान
कार्ड का पहला। अब हो रहा, या आदत। जाता / जाती / जाते + है / हैं / हूँ — लिंग-वचन-पुरुष मेल; पुरुष वाले विषय में हूँ/हो, लिंग वाले विषय में जाती, गिनती वाले विषय में जाते। आज कुर्सी वर्तमान।
लड़का जाता है। लड़की जाती है। लड़के जाते हैं।
मैं जाता हूँ। तुम जाते हो। — उत्तम/मध्यम; वर्तमान वही कुर्सी।
गाँधी बोलते हैं। — आदर; चंद्रबिंदु; वर्तमान।
जाता है दो टुकड़े: जाता मुख्य, है सहायक — क्रिया भेद वाले विषय में पट्टी। आज दोनों मिलकर वर्तमान।
जाँच: जाता/जाती/जाते? मेल। है साथ? वर्तमान सरल। जा रहा है? आगे।
5. गया — भूत
कार्ड का दूसरा। सरल भूत: काम हो चुका। गया / गई / गए / गईं। जड़ जा, रूप टेढ़ा — धातु वाले विषय में; नई धातु नहीं।
राम गया। लड़की गई। लड़के गए।
राम ने पत्र लिखा। — भूत + ने; लिखा यहाँ काम का रूप, कृदंत वाली चिट्ठी नहीं।
गाँधी गए। — आदर/वचन; चंद्रबिंदु।
गया ≠ जा रहा था। गया समाप्त सरल; रहा तह आगे। गया है पूर्ण आगे। आज गया काफी।
जाँच: गया/गई? सरल भूत। जा/गया दो जड़? नहीं। गया है? आगे।
6. जाएगा — भविष्य
कार्ड का तीसरा। आगे होगा। जाएगा / जाएगी / जाएँगे। है अलग शब्द कम दिखता; काल रूप में घुल जाता है — क्रिया भेद वाले विषय में झलक थी।
राम जाएगा। लड़की जाएगी। हम जाएँगे।
कल मेला होगा। — होगा होना पट्टी का भविष्य; कल शब्द, होगा काल।
जाएगा और जाऊँगा पुरुष से मुड़ते हैं — धातु रूप आगे पूरी पंक्ति। आज कुर्सी भविष्य। आज्ञा जाओ चौथी कुर्सी नहीं।
जाँच: जाएगा? भविष्य। जाओ? आज्ञा, काल नहीं। जाऊँगा? भविष्य, पुरुष आगे छोटी झलक।
7. है — होना पट्टी
कार्ड का चौथा। राम है — स्थिति, है मुख्य। राम जाता है — है सहायक। एक है, दो कुर्सियाँ; क्रिया भेद वाले विषय में। आज समय: है वर्तमान स्थिति, था भूत, होगा भविष्य।
पानी है। कुआँ था। कल मेला होगा।
गेंद लाल है। — है मुख्य; लाल विशेषण, विशेषण वाले विषय में।
था ≠ गया। था होना का भूत; गया जा का भूत। दो जड़, दो कार्ड। जाता था आदत/चलता भूत — पूर्ण-अपूर्ण आगे, आज मत खोलो।
जाँच: राम है? स्थिति वर्तमान। राम गया? जा भूत। राम था? होना भूत। जाता था? आगे।
8. मेल — छोटी तह
काल मुड़ते मेल साथ चलता है। पूरी तालिका धातु रूप आगे। आज इतना कि कुर्सी न टूटे।
| कर्ता | वर्तमान | भूत | भविष्य |
|---|---|---|---|
| लड़का | जाता है | गया | जाएगा |
| लड़की | जाती है | गई | जाएगी |
| लड़के | जाते हैं | गए | जाएँगे |
ने हो तो भूत का मेल कर्म से — राम ने रोटी खाई; कारक वाले विषय में। आज तीन स्तम्भ सरल जा पर।
जाँच: जाती/गई/जाएगी? स्त्री। हूँ/हो? पुरुष वाले विषय में, तालिका आगे।
9. कल और आज्ञा — काल नहीं
कल आया, कल आएगा — कल क्रिया विशेषण, काल रूप आया/आएगा पर। हमेशा, अभी, तब — क्रिया विशेषण वाले विषय में।
जाओ। बैठो। लिख। — आज्ञा; समय की चौथी कुर्सी मत गढ़ो।
लिखी चिट्ठी — कृदंत, कृदंत वाले विषय में; उसने लिखा — भूत आज।
खा लिया संयुक्त आगे। लिखवाना प्रेरणार्थक आगे।
जाँच: कल? शब्द। गया? काल। जाओ? आज्ञा। लिखी चिट्ठी? कृदंत।
10. दीवारें — रहा, चुका, तालिका
| बात | आज नहीं |
|---|---|
| जा रहा है, जाता था, गया है, गया होगा | पूर्ण, अपूर्ण, संदिग्ध आगे |
| मैं जाऊँ, तुम जाओगे, सब धातु | धातु रूप आगे |
| खा लिया, चला गया | संयुक्त आगे |
| कर्ता-कर्म आठ नाम | कारक के भेद आगे |
सरल तीन आज। किताबों की बारह खाने वाली तालिका आगे की तहों से भरती है; आज मत रटो।
जाँच: जाता है/गया/जाएगा/है? आज। जा रहा? आगे। हूँ-जाता सब पंक्ति? धातु रूप आगे।
11. वाक्य में 4 कार्ड
अरे! राम जाता है; कल गया; कल जाएगा — पानी है, गाँधी गए।
- अरे — विस्मयादिबोधक, अटल
- जाता है — वर्तमान
- गया — भूत; कल शब्द
- जाएगा — भविष्य; कल शब्द फिर
- पानी है — होना पट्टी, वर्तमान स्थिति
- गाँधी गए — भूत; चंद्रबिंदु
दो कल, दो काल — शब्द एक, रूप दो कुर्सियाँ।
12. शब्द तोड़कर पूरा
जाता है / खाता है
वर्तमान। है सहायक साथ।
गया / गई / खाया
सरल भूत। गया टेढ़ा जा। ने सकर्मक पर।
जाएगा / जाएगी / होगा
भविष्य। होगा होना पट्टी।
है / था / होगा
होना। है मुख्य या सहायक — वाक्य पूछो।
जा रहा / चुका / जाता था
पूर्ण-अपूर्ण आगे।
जाओ
आज्ञा। चौथी कुर्सी नहीं।
जाता है, गया, जाएगा, है — चार चिह्न; तीन कुर्सियाँ।
13. आम गलतियाँ
- कल को काल लिखना। कल शब्द; गया/जाएगा रूप।
- जा रहा है को आज का वर्तमान कार्ड। सरल जाता है; रहा आगे।
- था और गया एक। था होना; गया जा।
- ने को काल। ने चिह्न; भूत उसे बुलाए।
- गया नई धातु। जड़ जा, धातु वाले विषय में।
- जाओ को भविष्य। आज्ञा।
- लिखी चिट्ठी को भूत क्रिया। कृदंत अलग।
- खाता है बिना ने तो अकर्मक। सकर्मक वर्तमान ने नहीं माँगता।
- बारह भेद आज रट लेना। तीन सरल आज।
- है हमेशा सहायक। राम है — मुख्य होना।
- जाता था आज का सरल भूत। तह आगे।
जाँच: (1) तीन कुर्सियाँ: वर्तमान, भूत, भविष्य। (2) कार्ड: जाता है, गया, जाएगा, है। (3) ने चिह्न, काल नहीं। (4) रहा/चुका आगे। (5) तालिका धातु रूप आगे।
14. इस विषय का सार
- काल क्रिया का समय है। तीन सरल कुर्सियाँ — वर्तमान, भूत, भविष्य।
- कार्ड: जाता है अब, गया पहले, जाएगा आगे, है होना पट्टी।
- ने भूत सकर्मक पर; वर्तमान/भविष्य अक्सर बिना ने। गया ≠ था।
- कल शब्द है, काल नहीं। आज्ञा चौथी कुर्सी नहीं।
- जा रहा, चुका, जाता था आगे। पंक्तियाँ धातु रूप आगे।
आगे काल — पूर्ण, अपूर्ण, संदिग्ध है।
अभ्यास
नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।
1. हिंदी में सरल काल की कितनी कुर्सियाँ हैं? कार्ड के 4 लिखो।
उत्तर
तीन — वर्तमान, भूत, भविष्य। जाता है, गया, जाएगा, है।
2. कल काल है? “जा रहा है” आज का वर्तमान कार्ड है?
उत्तर
नहीं — कल क्रिया विशेषण, क्रिया विशेषण वाले विषय में; काल रूप आया/आएगा पर। नहीं — सरल वर्तमान जाता है; रहा पूर्ण-अपूर्ण आगे।
3. गया और था एक हैं? ने काल है?
उत्तर
नहीं — गया जा का भूत; था होना का भूत। नहीं — ने विभक्ति, कारक वाले विषय में; भूत उसे अक्सर बुलाता है।
4. “राम रोटी खाता है” अकर्मक है क्योंकि ने नहीं? जाओ भविष्य है?
उत्तर
नहीं — सकर्मक वर्तमान ने नहीं माँगता; ने भूत पर, कारक वाले विषय में। नहीं — जाओ आज्ञा; भविष्य जाएगा।
5. जा रहा है और गया है आज खोलने हैं? सब धातु की पंक्ति आज रटनी है?
उत्तर
नहीं — पूर्ण, अपूर्ण, संदिग्ध आगे। नहीं — धातु रूप आगे; आज तीन सरल कुर्सियाँ।
विषय समाप्त · काल — वर्तमान, भूत, भविष्य
