Noteclass 9 10

द्विकर्मक क्रिया

Lesson 48 of 71

अंग 3 · रूप विचार

पाठ 3.11

विषय शुरू · द्विकर्मक क्रिया

प्रेरणार्थक वाले विषय में करवाना खुला — खिलाना एक रूप; बच्चे को, दूध दो नाम दीवार थे। क्रिया भेद वाले विषय में एक कर्म सकर्मक था; दो कर्म नाम भर। आठ भेद वाले विषय में को दो नाम थे। आज वह गिनती: एक क्रिया, दो कर्म। कार्ड के 4: देना, बताना, सिखाना, भेजना। नया विकार नहीं। तालिका धातु रूप आगे। आज किसे और क्या, दोनों।

1. गिनती क्या है

परिभाषा सीधी रखो: द्विकर्मक = दो कर्म वाली क्रिया। जो क्रिया एक साथ दो कर्म माँगे, वह द्विकर्मक है। एक कर्म सकर्मक पहले। आज दो उत्तर: किसे, क्या।

उसने मुझे किताब दी। — मुझे किसे; किताब क्या; दी एक क्रिया।

राम ने रोटी खाई। — रोटी एक कर्म; सकर्मक, द्विकर्मक नहीं।

प्रश्न: किसे? क्या? दोनों संज्ञा-सर्वनाम बैठें तो आज की कुर्सी। एक खाली? सकर्मक पहले। दोनों खाली? अकर्मक पहले।

जाँच: दो कर्म आज। एक कर्म? पहले। दे दिया? संयुक्त पहले। नया विकार? नहीं।

2. 4 कार्ड एक नज़र में

एक देना रटकर भेजना गायब मत करो। चार क्रिया, एक गिनती।

कार्ड किसे क्या
देना मुझे / राम को किताब
बताना हमें बात
सिखाना बच्चे को पाठ
भेजना उसे पत्र

दिखाना, लिखना, माँगना — जेब, छोटे नहीं। पूरी सूची रटना नहीं।

जाँच: दी? देना। बताई? बताना। सिखाया? सिखाना। भेजा? भेजना।

3. गौण और मुख्य

दो कर्म जुदा। गौण कर्म = किसे (अक्सर जीव), अक्सर को। मुख्य कर्म = क्या (अक्सर चीज़), अक्सर खाली चिह्न।

उसने मुझे किताब दी। — मुझे गौण; किताब मुख्य।

गुरु ने शिष्य को मंत्र सिखाया। — शिष्य को गौण; मंत्र मुख्य।

ने हो तो मेल अक्सर मुख्य से — किताब दी, पत्र दिया; लिंग-वचन वाले विषय में, विभक्ति वाले विषय में ने। गौण को पर बैठे तो मेल उससे मत तोड़ो।

जाँच: किसे? गौण। क्या? मुख्य। दी/दिया? मुख्य से मेल।

4. देना — कार्ड का पहला

परिवार का सिर। मुझे पानी दो। उसने पत्र दिया। दो उत्तर बिना दो क्रिया।

उसने मुझे किताब दी। — गौण मुझे, मुख्य किताब।

माँ बच्चे को दूध देती है। — वर्तमान; ने नहीं, सरल वाले विषय में।

दे दिया — लिया-दिया जोड़, संयुक्त वाले विषय में; एक कर्म + दिया टुकड़ा। दी आज दो कर्म। दोनों एक मत घोलो।

जाँच: किताब दी? आज। दे दिया? जोड़ पहले। एक रोटी खाई? सकर्मक पहले।

5. बताना — कार्ड का दूसरा

बात किसको, कौन सी बात। किसे + क्या।

उसने हमें समाचार बताया।

गाँधी ने देश को सत्य बताया। — आदर; चंद्रबिंदु।

कहना जेब: मुझसे कहा / मुझे कहा — चिह्न वाक्य से बदल सकता है; कार्ड बताना। सूची मत बढ़ा।

जाँच: बताया? दो कर्म सोचो। कहा? जेब, वाक्य पूछो।

6. सिखाना — कार्ड का तीसरा

किसे सिखाए, क्या सिखाए। पढ़ाना रूप प्रेरणार्थक वाले विषय में; आज गिनती दो कर्म बैठे तो यही कुर्सी।

अध्यापक ने बच्चों को पाठ सिखाया।

माँ उसे अक्षर सिखाती है।

सिखाना कार्ड; पढ़ाना तह पहले — दो काट एक वाक्य पर हो सकते हैं: रूप करवाए, गिनती दो कर्म। आज गिनती।

जाँच: सिखाया? आज। पढ़ाना? रूप पहले। दो काट? हाँ, कुर्सी जुदा।

7. भेजना — कार्ड का चौथा

किसे भेजे, क्या भेजे। पत्र, समाचार, आदमी — क्या वाक्य बताए।

उसने मुझे पत्र भेजा। — मुझे गौण, पत्र मुख्य।

राजा ने दूत को संदेश भेजा।

दिखाना जेब: उसने मुझे तस्वीर दिखाई। लिखना जेब: उसने उसे चिट्ठी लिखी — एक कर्म भी हो: पत्र लिखा, सकर्मक पहले; दो बैठें तो आज।

जाँच: भेजा? आज। दिखाया? जेब। पत्र लिखा अकेला? एक कर्म पहले।

8. संप्रदान नाम — मिटा नहीं

आठ भेद वाले विषय में राम को दूध दो — को हित, संप्रदान नाम। आज उसी वाक्य पर क्रिया दो कर्म माँगे: राम को गौण, दूध मुख्य।

काट कुर्सी
राम को — हित संप्रदान नाम — पहले
राम को + दूध — दो कर्म द्विकर्मक क्रिया — आज

नाम मत काटो। एक पद दो सवाल: कारक क्या काम, क्रिया कितने कर्म। को दो नाम पहले; आज गिनती।

जाँच: संप्रदान मिटा? नहीं। दो कर्म? आज। एक को दो कुर्सी? दो काट, झगड़ा नहीं।

9. जो दो कर्म नहीं

रूप कुर्सी
रोटी खाई एक कर्म — सकर्मक पहले
वह सोया अकर्मक पहले
दे दिया, चला गया संयुक्त पहले
लिखवाना प्रेरणार्थक पहले
मुझे किताब दी गई वाच्य आगे
दिल्ली गया जगह — अधिकरण नाम पहले; जाना अकर्मक पहले

खिलाना रूप पहले; बच्चे को दूध दो कर्म लगें तो गिनती आज, वाना मत दोहराओ। पूछना जेब: मुझसे बात पूछी — से चिह्न, वाक्य पूछो; कार्ड चार बस।

जाँच: एक क्या? सकर्मक। लिया? जोड़। वाना? पहले। गया वाच्य? आगे।

10. दीवारें — वाच्य, तालिका, क्रम

बात आज नहीं
किताब दी गई वाच्य आगे
मैं देता हूँ, तुम दोगे धातु रूप आगे
कर्ता-कर्म-क्रिया ढाँचा वाक्य क्रम आगे
हर पद का नाम पद परिचय आगे

आठ विकार पूरे पहले से। आज क्रिया के खेमे में गिनती। आठ नाम दोहराओ मत — आठ भेद वाले विषय में।

जाँच: दो कर्म? आज। वाच्य? आगे। सौ रूप? नहीं।

11. वाक्य में 4 कार्ड + जेब

अरे! गाँधी ने हमें सत्य बताया; माँ बच्चे को दूध देती है, गुरु पाठ सिखाता है, राजा पत्र भेजता है — उसने तस्वीर दिखाई।

  • अरे — विस्मयादिबोधक, अटल
  • बताया — बताना; चंद्रबिंदु गाँधी
  • देती है — देना
  • सिखाता है — सिखाना
  • भेजता है — भेजना
  • दिखाई — दिखाना जेब

चार कार्ड बैठे; जेब साथ। माँगना इस वाक्य में नहीं — नाम मत ठोको जहाँ रूप नहीं।

12. शब्द तोड़कर पूरा

देना

किसे + क्या। दे दिया जोड़ अलग।

बताना

बात किसको। कहना जेब।

सिखाना

पाठ किसे। पढ़ाना रूप पहले।

भेजना

पत्र किसे। दिखाना-लिखना जेब।

गौण / मुख्य

किसे को; क्या खाली अक्सर। जीव गौण, चीज़ मुख्य। मेल मुख्य से।

दीवार

संप्रदान नाम पहले। वाच्य आगे। तालिका आगे।

देना, बताना, सिखाना, भेजना — चार कार्ड; किसे और क्या।

13. आम गलतियाँ

  • रोटी खाई को दो कर्म। एक कर्म सकर्मक पहले।
  • दे दिया और किताब दी एक। जोड़ बनाम गिनती।
  • संप्रदान नाम काट देना। नाम पहले; आज क्रिया।
  • गौण-मुख्य उलटा: किताब किसे, मुझे क्या। जीव गौण, चीज़ मुख्य।
  • मेल गौण से: मुझे दी। मेल मुख्य — किताब दी।
  • दिल्ली गया को दो कर्म। जगह, अकर्मक पहले।
  • लिखवाना को आज की गिनती। रूप पहले।
  • खिलाना खोलकर वाना दोहराना। रूप पहले; गिनती बैठे तो आज।
  • दी गई आज खोलना। वाच्य आगे।
  • देता हूँ तालिका आज। धातु रूप आगे।
  • नया विकार गिनना। क्रिया पहले से।
  • दो कर्म दो क्रिया। एक क्रिया, दो नाम।

जाँच: (1) दो कर्म एक क्रिया। (2) कार्ड: देना, बताना, सिखाना, भेजना। (3) गौण किसे, मुख्य क्या। (4) संप्रदान नाम रहे। (5) वाच्य-तालिका आगे।

14. इस विषय का सार

  • द्विकर्मक = दो कर्म वाली क्रिया। नया विकार नहीं।
  • कार्ड: देना, बताना, सिखाना, भेजना। गौण कर्म = किसे (अक्सर जीव); मुख्य कर्म = क्या (अक्सर चीज़)।
  • मेल अक्सर मुख्य से। दे दिया जोड़ पहले, दी आज।
  • संप्रदान नाम आठ भेद वाले विषय में रहता; आज गिनती।
  • वाच्य आगे। धातु रूप आगे। पद परिचय आगे।

आगे धातु रूप है।

अभ्यास

नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।

1. द्विकर्मक क्रिया क्या है? कार्ड के 4 लिखो। नया विकार है?

उत्तर

एक क्रिया जो दो कर्म माँगे — द्विकर्मक। देना, बताना, सिखाना, भेजना। नहीं — क्रिया पहले से; आज गिनती।

2. “उसने मुझे किताब दी” में कर्म कितने? गौण और मुख्य कौन?

उत्तर

दो। मुझे गौण कर्म — किसे (जीव); किताब मुख्य कर्म — क्या (चीज़)। दी देना।

3. “रोटी खाई” द्विकर्मक है? “दे दिया” आज की कुर्सी है?

उत्तर

नहीं — एक कर्म, सकर्मक, क्रिया भेद वाले विषय में। नहीं — दे दिया संयुक्त वाले विषय में; किताब दी आज।

4. “राम को दूध दो” पर संप्रदान नाम मिटता है? खिलाना आज वाना खोलता है?

उत्तर

नहीं — संप्रदान नाम आठ भेद वाले विषय में रहता; आज गिनती दो कर्म। नहीं — खिलाना रूप प्रेरणार्थक वाले विषय में; दो कर्म बैठें तो गिनती आज।

5. “मैं देता हूँ” आज खोलना है? “किताब दी गई” आज का द्विकर्मक है?

उत्तर

नहीं — धातु रूप आगे। नहीं — वाच्य आगे; दी आज की क्रिया, गई वाच्य चिपका आगे।

विषय समाप्त · द्विकर्मक क्रिया