Noteclass 9 10

धातु रूप

Lesson 49 of 71

अंग 3 · रूप विचार

पाठ 3.12

विषय शुरू · धातु रूप

धातु वाले विषय में जड़ खुली — लिख्, जा, कर। पुरुष वाले विषय में हूँ-हो-है-हैं। सरल वाले विषय में तीन कुर्सियाँ; पूर्ण वाले विषय में तहें। द्विकर्मक वाले विषय में दो कर्म थमे। आज वह पंक्ति: धातु रूप = जड़ पुरुष-वचन-काल-लिंग से मुड़े। कार्ड के 4: लिखता हूँ, लिखते हो, लिखती है, लिखूँगा। नया विकार नहीं। बारह कोठरी रटना नहीं। वाक्य क्रम आगे। आज कपड़ा चुनो, जड़ मत बदलो।

1. पंक्ति क्या है

परिभाषा सीधी रखो: धातु रूप = जड़ पुरुष-वचन-काल-लिंग से मुड़े। वह क्रिया-कपड़ा है जो जड़ पर पुरुष, वचन, काल और लिंग चढ़ाकर बनता है। जड़ धातु वाले विषय में; आज घूमना।

मैं लिखता हूँ। तुम लिखते हो। वह लिखती है। — एक लिख्, तीन कपड़े।

लिखना, लिखकर — कृदंत वाले विषय में पूँछ; आज पंक्ति नहीं।

चार सवाल: कौन बोल रहा, एक या अनेक, कब, लड़का या लड़की? एक रूप। जड़ नई मत गढ़ो।

जाँच: जड़ पहले। पंक्ति आज। लिखा/ना/कर? कृदंत पहले। सौ खाने? नहीं।

2. 4 कार्ड एक नज़र में

एक लिखता हूँ रटकर लिखूँगा गायब मत करो। चार कपड़े, एक लिख्।

कार्ड काट झलक
लिखता हूँ उत्तम — बोलने वाला मैं; वर्तमान
लिखते हो मध्यम — सुनने वाला तुम; वर्तमान
लिखती है अन्य + लिंग — बाकी वह स्त्री; वर्तमान
लिखूँगा उत्तम भविष्य — बोलने वाला, आगे मैं; आगे

गया, किया, लिखो, हैं — जेब, छोटे नहीं। पूरी धातु-सेना रटना नहीं।

जाँच: मैं? हूँ। तुम? हो। वह स्त्री? ती/है। मैं आगे? ऊँगा।

3. जड़ से नाता — लिख् एक

धातु वाले विषय में लिख् हलंत जड़। लिखना सूची का नाम है — कृदंत वाले विषय में। आज लिख् पर ता/ते/ती + हूँ/हो/है।

कर्ता वर्तमान — छोटी तालिका
मैं लिखता हूँ / लिखती हूँ
तुम लिखते हो
वह लिखता है / लिखती है
हम / वे / आप लिखते हैं / लिखती हैं

ये पंक्तियाँ चाबी हैं, पूरी सेना नहीं। नौ×तीन खाने मत भरो। आप मध्यम, हैं पट्टी — आप-तुम वाले विषय में सीढ़ी; पुरुष वाले विषय में मेल।

जाँच: लिख्? जड़ पहले। ता+हूँ? आज। लिखना? कृदंत पहले।

4. लिखता हूँ — उत्तम, बोलने वाला

कार्ड का पहला। बोलने वाला। मैं। हूँ पुरुष वाले विषय में उत्तम चिह्न। लिखता पुल्लिंग; लिखती हूँ स्त्री — लिंग वाले विषय में पट्टी, जड़ वही।

मैं पत्र लिखता हूँ। मैं चिट्ठी लिखती हूँ।

हम लिखते हैं। — उत्तम अनेक; हैं पट्टी।

हूँ अकेला होना भी — मैं हूँ, सरल वाले विषय में पट्टी। लिखता हूँ दो टुकड़े: मुख्य+सहायक, क्रिया भेद वाले विषय में। आज मेल: मैं → हूँ।

जाँच: मैं? हूँ। हम? हैं। लिखती हूँ? स्त्री उत्तम, जड़ लिख्।

5. लिखते हो — मध्यम, सुनने वाला

कार्ड का दूसरा। सुनने वाला। तुम → हो। तू → है/लिखता है; आप → हैं। तीन मध्यम, आप-तुम वाले विषय में; आज तुम कार्ड।

तुम क्या लिखते हो?

तू लिख। तुम लिखो। आप लिखिए। — आज्ञा जेब, काल की चौथी कुर्सी नहीं; सरल वाले विषय में दीवार थी।

लिखते वचन/आदर भी — तुम एक पर भी ते+हो। वचन वाले विषय में गिनती; आज मध्यम कपड़ा।

जाँच: तुम? हो। आप? हैं, मध्यम। लिखो? आज्ञा जेब, काल नहीं।

6. लिखती है — अन्य और लिंग, बाकी

कार्ड का तीसरा। वह, राम, लड़की — बाकी। संज्ञा कर्ता पर क्रिया अन्य पंक्ति — पुरुष वाले विषय में। लिखता/लिखती लिंग; है/हैं वचन।

लड़का लिखता है। लड़की लिखती है। लड़के लिखते हैं।

गाँधी लिखते हैं। — आदर; चंद्रबिंदु; हैं।

ने भूत सकर्मक पर — उसने पत्र लिखा; मेल कर्म से, विभक्ति वाले विषय में। वर्तमान लिखती है बिना ने। ने काल नहीं।

जाँच: वह स्त्री? ती+है। आदर? ते+हैं। ने? चिह्न पहले, पंक्ति नहीं।

7. लिखूँगा — भविष्य पुरुष से

कार्ड का चौथा। सरल वाले विषय में जाएगा कुर्सी थी; जाऊँगा छोटी झलक थी। आज उत्तम भविष्य: मैं लिखूँगा / लिखूँगी। तुम लिखोगे। वह लिखेगा / लिखेगी।

मैं कल लिखूँगा। लड़की लिखेगी। हम लिखेंगे।

कुर्सी भविष्य पहले; आज पंक्ति पुरुष-लिंग से मुड़े। बारह कोठरी — जा रहा हूँ×पुरुष — पूर्ण वाले विषय में तह, आज मत भरो।

जाँच: लिखूँगा? मैं आगे। लिखेगा? वह आगे। जाएगा कुर्सी? पहले। रहा खाने? नहीं।

8. टेढ़े — गया, किया

जा, कर धातु वाले विषय में जड़; गया, किया कपड़ा टेढ़ा, नई जड़ नहीं। आज नाम भर, सेना नहीं।

मैं गया। तुम गए। वह गई। — जा भूत; मेल वचन-लिंग।

उसने काम किया। — कर भूत टेढ़ा; ने चिह्न।

था होना का भूत — राम था; गया जा का भूत। दो जड़, सरल वाले विषय में। लिखा लिख् पर सीधा-सा भूत; गया याद का रूप।

जाँच: गया नई धातु? नहीं। किया? कर। था? हो। लिखा? लिख्।

9. जो पंक्ति नहीं

रूप कुर्सी
लिखा, लिखना, लिखकर कृदंत — पहले
खा लिया संयुक्त — पहले
लिखवाना प्रेरणार्थक — पहले
उसने मुझे किताब दी द्विकर्मक — पहले
लिखा गया वाच्य आगे
जा रहा है, गया है तह — पूर्ण वाले विषय में

लिखवाता हूँ — रूप पहले, पंक्ति वही चार सवाल; वाना मत खोलो। देता हूँ गिनती पहले। लकार = संस्कृत के काल-नाम; आज मत खोलो।

जाँच: ना/कर पूँछ? कृदंत। लिया? जोड़। गया वाच्य? आगे। ता+हूँ? आज।

10. दीवारें — वाच्य, क्रम, बारह खाने

बात आज नहीं
पत्र लिखा गया वाच्य आगे
कर्ता-कर्म-क्रिया ढाँचा वाक्य क्रम आगे
हर पद का नाम पद परिचय आगे
3 तह × 3 पुरुष × 2 वचन रटना नहीं; चार सवाल

आठ विकार पूरे पहले से। आज क्रिया के खेमे में पंक्ति। कुर्सियाँ सरल वाले विषय में दोहराओ मत।

जाँच: कपड़ा चुनो? आज। वाच्य? आगे। सौ पंक्ति? नहीं।

11. वाक्य में 4 कार्ड + जेब

अरे! मैं लिखता हूँ; तुम लिखते हो, लड़की लिखती है — कल लिखूँगा; गाँधी गए।

  • अरे — विस्मयादिबोधक, अटल
  • लिखता हूँ — उत्तम
  • लिखते हो — मध्यम
  • लिखती है — अन्य, लिंग
  • लिखूँगा — भविष्य उत्तम
  • गए — जा टेढ़ा जेब; चंद्रबिंदु गाँधी, आदर

चार कार्ड बैठे; जेब साथ। लिखो आज्ञा इस वाक्य में नहीं — नाम मत ठोको जहाँ रूप नहीं।

12. शब्द तोड़कर पूरा

लिखता हूँ

उत्तम वर्तमान — बोलने वाला। लिखती हूँ स्त्री।

लिखते हो

मध्यम — सुनने वाला। आप हैं। लिखो आज्ञा जेब।

लिखती है

अन्य + लिंग — बाकी। गाँधी लिखते हैं आदर।

लिखूँगा

उत्तम भविष्य। कुर्सी पहले; पंक्ति आज।

जेब

गया, किया टेढ़े। हैं हम/वे/आप।

दीवार

कृदंत, जोड़, वाना, वाच्य, बारह खाने।

लिखता हूँ, लिखते हो, लिखती है, लिखूँगा — चार कार्ड; जड़ लिख्।

13. आम गलतियाँ

  • गया को नई धातु। जड़ जा, कपड़ा टेढ़ा।
  • लिखना और लिखता हूँ एक। कृदंत बनाम पंक्ति।
  • मैं लिखता है। मैं → हूँ।
  • तुम लिखता हूँ। तुम → हो।
  • लड़की लिखता है। लिंग ती।
  • आज्ञा को चौथा काल। जाओ जेब; कुर्सी तीन पहले।
  • ने को पंक्ति। चिह्न विभक्ति; लिखती है बिना ने।
  • बारह कोठरी रटना। चार सवाल काफी।
  • खा लिया को ता-पंक्ति। जोड़ पहले।
  • लिखा गया आज खोलना। वाच्य आगे।
  • नया विकार गिनना। क्रिया पहले से।
  • जड़ हर पंक्ति पर बदलना। कपड़ा बदले, लिख् रहे।

जाँच: (1) जड़ एक, कपड़ा मुड़े। (2) कार्ड: लिखता हूँ, लिखते हो, लिखती है, लिखूँगा। (3) गया टेढ़ा जेब। (4) कृदंत/वाच्य दीवार। (5) बारह खाने नहीं।

14. इस विषय का सार

  • धातु रूप = जड़ पुरुष-वचन-काल-लिंग से मुड़े। नया विकार नहीं।
  • कार्ड: लिखता हूँ उत्तम (बोलने वाला), लिखते हो मध्यम (सुनने वाला), लिखती है अन्य+लिंग (बाकी), लिखूँगा भविष्य।
  • चार सवाल: कौन, एक/अनेक, कब, लिंग। तालिका चाबी; सेना नहीं।
  • गया-किया टेढ़े, जड़ जा-कर। कृदंत-जोड़-वाना पहले। वाच्य आगे।
  • कुर्सियाँ और तहें पहले। आगे वाक्य क्रम।

आगे वाक्य क्रम है।

अभ्यास

नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।

1. धातु रूप क्या है? कार्ड के 4 लिखो। नया विकार है?

उत्तर

जड़ पर पुरुष-वचन-काल-लिंग का कपड़ा — धातु रूप। लिखता हूँ, लिखते हो, लिखती है, लिखूँगा। नहीं — क्रिया पहले से; आज पंक्ति।

2. “मैं लिखता है” ठीक है? “लड़की लिखता है” ठीक है?

उत्तर

नहीं — मैं → लिखता हूँ। नहीं — लड़की → लिखती है; लिंग वाले विषय में पट्टी, जड़ लिख्।

3. गया नई धातु है? लिखना और लिखता हूँ एक कुर्सी हैं?

उत्तर

नहीं — जड़ जा, कपड़ा टेढ़ा; धातु वाले विषय में जड़। नहीं — लिखना कृदंत वाले विषय में; लिखता हूँ आज की पंक्ति।

4. आज्ञा चौथा काल है? जा रहा हूँ की बारह कोठरी आज रटनी हैं?

उत्तर

नहीं — जाओ आज्ञा जेब; तीन कुर्सियाँ सरल वाले विषय में। नहीं — तहें पूर्ण वाले विषय में; आज चार सवाल, खाने नहीं।

5. “पत्र लिखा गया” आज खोलना है? कर्ता-कर्म-क्रिया ढाँचा आज है?

उत्तर

नहीं — वाच्य आगे। नहीं — वाक्य क्रम आगे; आज पंक्ति, जड़ लिख्।

विषय समाप्त · धातु रूप