अंग 2 · शब्द विचार
पाठ 2.26
विषय शुरू · संकर शब्द
तत्सम वाले विषय में चार खेमे खुले — अग्नि, आग, पगड़ी, कलम। रेल अकेली विदेशी थी। आज वह शब्द जिसमें दो भाषाओं के टुकड़े एक पद बन जाएँ। कार्ड के 4: रेलगाड़ी, टिकटघर, नेकचलन, डाकघर। सूची पर रेलगाड़ी, टिकटघर मुख्य झलक थे; दो साथी काट पूरी करते हैं। नया विकार नहीं। बनावट यौगिक लग सकती है — रूढ़-यौगिक वाले विषय में। आज स्रोत का मेल। समास घर की जोड़ आगे। आज दो घर, एक शब्द।
1. दो घर, एक पद
परिभाषा सीधी रखो: जिस शब्द के अर्थ वाले टुकड़े दो अलग भाषा-घरों से आए हों, वह संकर है। संकर = दो भाषा-घरों के टुकड़े एक शब्द। एक टुकड़ा हिंदी/देशज/तद्भव, दूसरा बाहर — या दो बाहर की अलग भाषाएँ साफ़ टूटें।
रेल + गाड़ी = रेलगाड़ी। रेल बाहर की भाषा का घर, गाड़ी हिंदी घर।
टिकट + घर = टिकटघर। टिकट बाहर, घर हिंदी।
प्रश्न: एक पद में दो भाषा-घर दिखते हैं? दिखें तो संकर सोचो। एक घर हो — तत्सम वाले विषय के चार खेमे। टुकड़े जुड़कर अर्थ? यौगिक, रूढ़-यौगिक वाले विषय में।
जाँच: दो घर एक शब्द? आज। एक घर? तत्सम वाले विषय में। टुकड़े अर्थ? यौगिक।
2. 4 कार्ड एक नज़र में
एक रेलगाड़ी रटकर टिकटघर गायब मत करो। 4 मिश्रण, एक काट।
| कार्ड | टुकड़े | घर |
|---|---|---|
| रेलगाड़ी | रेल + गाड़ी | बाहर की भाषा + हिंदी |
| टिकटघर | टिकट + घर | बाहर की भाषा + हिंदी |
| नेकचलन | नेक + चलन | फ़ारसी + हिंदी |
| डाकघर | डाक + घर | फ़ारसी + हिंदी |
बसअड्डा, साइकिलसवार — परिवार। कार्ड 4 हैं। रेल अकेली संकर नहीं।
जाँच: रेल+गाड़ी? पहला कार्ड। टिकट+घर? दूसरा। नेक+चलन? तीसरा। डाक+घर? चौथा।
3. तीन प्रश्न — एक शब्द
रेलगाड़ी तीन तहें छूती है। एक उत्तर से तीन काट मत दो।
| प्रश्न | उत्तर | विषय |
|---|---|---|
| टुकड़े जुड़कर अर्थ? | यौगिक | रूढ़-यौगिक वाले विषय में |
| दो भाषा-घर? | संकर | आज |
| रेल अकेली? | विदेशी | तत्सम वाले विषय में |
पंकज योगरूढ़ — दोनों टुकड़े संस्कृत घर, संकर नहीं। रूढ़-यौगिक वाले विषय में।
जाँच: बनावट? यौगिक सोचो। दो घर? आज। रेल बिना गाड़ी? विदेशी।
4. रेलगाड़ी — सूची का पहला
कार्ड का पहला। रेल बाहर की; गाड़ी घर की। जुड़े तो संकर।
रेलगाड़ी देर से आई। — एक संज्ञा, संकर।
रेल आई। गाड़ी खड़ी रही। — दो पद, संकर नहीं।
गाँधी रेलगाड़ी में बैठे — गाँधी नाम; रेलगाड़ी संकर। चंद्रबिंदु गाँधी में।
रेलवे बाहर की भाषा का अपना जोड़ — संकर मत ठोको जब दोनों टुकड़े एक ही बाहर के घर के हों और हिंदी का टुकड़ा न हो।
जाँच: रेलगाड़ी एक पद? संकर। रेल अकेली? विदेशी। दो वाक्य रेल और गाड़ी? संकर नहीं।
5. टिकटघर — स्थान का नाम
कार्ड का दूसरा। टिकट बाहर; घर हिंदी। जगह का नाम।
टिकटघर बंद है। — संकर संज्ञा।
टिकट खरीदो। घर जाओ। — दो बातें, दो खेमे; संकर नहीं।
टिकट घर दो शब्द लिखो तो पद टूट गया। स्कूल की सूची अक्सर टिकटघर एक। आज कार्ड एक पद।
जाँच: टिकट+घर एक? संकर। टिकट अकेला? विदेशी। घर अकेला? हिंदी, तत्सम वाले विषय के खेमे अलग।
6. नेकचलन — फ़ारसी + हिंदी
कार्ड का तीसरा। नेक अच्छा, फ़ारसी घर। चलन हिंदी। आचरण का नाम।
नेकचलन से नाम कमाया। — संकर।
नेक आदमी। — नेक विदेशी विशेषण-सा; चलन नहीं जुड़ा तो संकर नहीं।
बाहर की भाषा + हिंदी जोड़ी ही संकर नहीं। फ़ारसी+हिंदी भी दो घर हैं।
जाँच: नेक+चलन? आज। नेक अकेला? विदेशी झलक, तत्सम वाले विषय में।
7. डाकघर — डाक + घर
कार्ड का चौथा। डाक बाहर के पास; घर हिंदी। टिकटघर का भाई — जगह, दो घर।
डाकघर गाँव के सिरे पर है। — चंद्रबिंदु गाँव में। डाकघर संकर।
डाक अकेली विदेशी झलक। डाकघर संकर। घर तत्सम-तद्भव की बहस आज नहीं; टुकड़ा हिंदी का है।
जाँच: डाक+घर? चौथा कार्ड। डाक अकेली? विदेशी सोचो।
8. दीवार — एक घर के दो टुकड़े
दुकानदार में दार विदेशी पूँछ, दुकान भी बाहर के पास — दोनों एक धारा। प्रत्यय वाले विषय में दार झलक थी। संकर तब ठोको जब दो अलग घर साफ़ हों। एक ही बाहर की भाषा के सिर-पूँछ को संकर मत लिखो बिना हिंदी टुकड़े के।
| शब्द | काट |
|---|---|
| रेलगाड़ी | संकर — बाहर की भाषा + हिंदी |
| दुकानदार | विदेशी पूँछ; दो हिंदी-बाहर घर नहीं |
| अग्नि | तत्सम, एक घर |
| सुनार | तद्धित बनावट, तद्धित वाले विषय में |
वर्ष + गाँठ दोनों भारतीय धारा — तत्सम-तद्भव टुकड़े एक शब्द में समास/यौगिक सोचो, संकर मत ठोको बिना दो भाषा के। समास आगे।
जाँच: दो भाषा? संकर। एक बाहर की धारा? विदेशी/प्रत्यय। दोनों भारतीय? समास/यौगिक आगे।
9. समास दरवाज़ा — आज न खोलो
रेलगाड़ी जोड़ लगती है — समास घर की कुर्सी वाक्य विचार में। आज स्रोत का मेल। समास ने/की छिपा जोड़ पूछता है; संकर भाषा-घर पूछता है।
राजपुत्र — दोनों तत्सम घर, समास आगे; संकर नहीं।
रेलगाड़ी — दो भाषा, संकर आज; समास की पूरी तह आगे।
दोनों नाम एक साथ झूठ नहीं जब प्रश्न अलग हों: बनावट जोड़, स्रोत संकर।
जाँच: दो भाषा? आज। घर एक, जोड़ छिपा? समास आगे।
10. कुर्सी वाक्य में
संकर 9वाँ विकार नहीं। रेलगाड़ी संज्ञा। टिकटघर संज्ञा। खेमा जन्म-मेल बताता है, कुर्सी नहीं बदलता।
नई रेलगाड़ी आई। — नई विशेषण; रेलगाड़ी संकर संज्ञा।
नेकचलन अच्छा है। — अच्छा विशेषण; नेकचलन संकर।
लिंग-वचन रूप विचार में — रेलगाड़ियाँ। स्रोत आज; रूप आगे।
जाँच: कुर्सी? संज्ञा अक्सर। दो घर? आज। 9वीं कुर्सी? नहीं।
11. वाक्य में 4 कार्ड
अरे! टिकटघर से डाकघर जाओ; नेकचलन रखो, रेलगाड़ी गाँव ले जाएगी।
- अरे — विस्मयादिबोधक
- टिकटघर — दूसरा कार्ड
- डाकघर — चौथा कार्ड
- नेकचलन — तीसरा कार्ड
- रेलगाड़ी — पहला कार्ड
- गाँव — तद्भव, तत्सम वाले विषय में; चंद्रबिंदु
चार संकर, एक बात। अग्नि यहाँ नहीं — एक घर।
12. शब्द तोड़कर पूरा
रेलगाड़ी
रेल + गाड़ी। बाहर की भाषा + हिंदी। रेल अकेली विदेशी।
टिकटघर
टिकट + घर। जगह।
नेकचलन
नेक + चलन। फ़ारसी + हिंदी।
डाकघर
डाक + घर। टिकटघर का भाई।
दुकानदार
एक धारा की पूँछ; संकर मत ठोको बिना दो घर के।
पंकज / राजपुत्र
एक घर; योगरूढ़ या समास आगे।
रेलगाड़ी, टिकटघर, नेकचलन, डाकघर — चार मिश्रण।
13. आम गलतियाँ
- रेल को संकर। रेल विदेशी; रेलगाड़ी संकर।
- रेल आई, गाड़ी खड़ी — संकर। दो पद, मेल नहीं।
- संकर और यौगिक एक प्रश्न। बनावट यौगिक; दो घर आज।
- पंकज को संकर। दोनों संस्कृत, योगरूढ़।
- दुकानदार को संकर बिना दो घर के।
- अग्नि-आग जोड़ी को संकर। दो शब्द, दो खेमे; एक पद नहीं।
- संकर को 9वाँ विकार। तह है।
- समास की पूरी सूची यहीं। समास आगे।
- टिकट घर हमेशा दो शब्द। कार्ड एक पद टिकटघर।
- केवल बाहर की भाषा+हिंदी रटना। नेकचलन फ़ारसी+हिंदी भी संकर।
- गाँव को गांव। चंद्रबिंदु।
जाँच: (1) दो भाषा एक पद? संकर। (2) 4 कार्ड: रेलगाड़ी, टिकटघर, नेकचलन, डाकघर। (3) रेल अकेली विदेशी। (4) यौगिक बनावट अलग। (5) समास आगे।
14. इस विषय का सार
- संकर दो भाषा-घरों के टुकड़ों का एक शब्द है। नया विकार नहीं।
- कार्ड: रेलगाड़ी, टिकटघर, नेकचलन, डाकघर।
- रेल अकेली विदेशी। रेलगाड़ी संकर। दो वाक्य संकर नहीं।
- बनावट यौगिक हो सकती है; स्रोत संकर अलग प्रश्न।
- समास घर की जोड़ आगे। रूप आगे।
शब्द विचार के 8 विकार और बनावट-स्रोत की तहें यहीं तक। आगे लिंग है।
अभ्यास
नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।
1. संकर क्या है? कार्ड के 4 लिखो। 9वाँ विकार है?
उत्तर
दो अलग भाषा-घरों के टुकड़ों से बना एक शब्द। रेलगाड़ी, टिकटघर, नेकचलन, डाकघर। नहीं — तह है; कुर्सी अक्सर संज्ञा।
2. रेल संकर है? रेलगाड़ी सिर्फ़ यौगिक है, संकर नहीं?
उत्तर
नहीं — रेल विदेशी, तत्सम वाले विषय में। नहीं — बनावट यौगिक हो सकती है; दो घर होने से संकर भी, आज। दो प्रश्न।
3. पंकज संकर है? दुकानदार हमेशा संकर है?
उत्तर
नहीं — पंकज दोनों संस्कृत, योगरूढ़। नहीं — दुकानदार एक धारा की पूँछ; दो घर साफ़ हों तभी संकर सोचो।
4. “रेल आई, गाड़ी खड़ी” संकर है? नेकचलन बाहर की भाषा+हिंदी ही हो सकता है?
उत्तर
नहीं — दो पद, एक संकर पद नहीं। नहीं — नेकचलन फ़ारसी+हिंदी; बाहर की भाषा वाली जोड़ी ज़रूरी नहीं।
5. अग्नि संकर है? समास आज खोलना है?
उत्तर
नहीं — अग्नि तत्सम, एक घर। नहीं — समास घर की जोड़ आगे; आज भाषा-घर का मेल।
विषय समाप्त · संकर शब्द
