अंग 3 · रूप विचार
पाठ 3.1
विषय शुरू · लिंग
संकर वाले विषय में शब्द विचार थम गया — रेलगाड़ी दो घर। आज रूप विचार: शब्द क्यों मुड़ता है? पहली दीवार लिंग। कार्ड के 4: लड़का, लड़की, अच्छा, जाती। दो कुर्सियाँ — पुल्लिंग, स्त्रीलिंग। नया विकार नहीं; संज्ञा पहले से विकारी है, विकारी वाले विषय में। लड़के वचन आगे। लड़के ने कारक आगे। मकान, आत्मा, व्यक्ति — कठिन निर्णय आगे। आज दो कुर्सियाँ और मेल।
1. दीवार क्या है
परिभाषा सीधी रखो: शब्द के जिस रूप से पुल्लिंग या स्त्रीलिंग पता चले, वह लिंग है। हिंदी में दो लिंग: पुल्लिंग और स्त्रीलिंग। पुरुष-स्त्री जीव की बात से शुरू होता है; वस्तु का लिंग व्याकरण बाँधता है — नर-मादा नहीं।
लड़का आया। — पुल्लिंग।
लड़की आई। — स्त्रीलिंग।
पेड़ हरा है। किताब मोटी है। — पेड़ पुल्लिंग, किताब स्त्रीलिंग; दोनों वस्तु।
प्रश्न: यह नाम किस कुर्सी पर है — पुल्लिंग या स्त्रीलिंग? फिर देखो विशेषण और क्रिया उसी कुर्सी से मुड़े या नहीं।
जाँच: दो कुर्सियाँ आज। नर-मादा सिर्फ़ जीव पर। वस्तु? व्याकरण की कुर्सी। मेल? अच्छा/जाती।
2. 4 कार्ड एक नज़र में
एक लड़का रटकर लड़की गायब मत करो। संज्ञा दो, मेल दो।
| कार्ड | कुर्सी | काम |
|---|---|---|
| लड़का | पुल्लिंग संज्ञा | नाम की कुर्सी |
| लड़की | स्त्रीलिंग संज्ञा | नाम की कुर्सी |
| अच्छा | विशेषण पुल्लिंग रूप | नाम से मेल |
| जाती | क्रिया स्त्रीलिंग रूप | कर्ता से मेल |
अच्छी, जाता परिवार। घोड़ा-घोड़ी, बेटा-बेटी — लड़का-लड़की की कतार। कार्ड 4 हैं।
जाँच: नाम पुल्लिंग? लड़का। नाम स्त्री? लड़की। विशेषण मेल? अच्छा/अच्छी। क्रिया पट्टी? जाता/जाती।
3. संज्ञा से नाता — एक नाम, रूप अलग
संज्ञा वाले विषय में: लड़के नई संज्ञा नहीं, वही नाम दूसरे रूप में। आज वह रूप लिंग का है। वचन और कारक अलग दीवारें।
| रूप | दीवार |
|---|---|
| लड़का | पुल्लिंग — आज |
| लड़की | स्त्रीलिंग — आज |
| लड़के | वचन / कारक आगे |
तीन रूप, तीन प्रश्न। एक काट से तीन मत घोलो। विकारी इसलिए कि रूप मुड़ता है — विकारी वाले विषय में खेमा; आज पहली वजह लिंग।
जाँच: लड़का/लड़की? लिंग आज। लड़के? वचन या कारक आगे। नई संज्ञा? नहीं।
4. पुल्लिंग — लड़का
कार्ड का पहला। पुरुष जीव, और कई वस्तुएँ, पुल्लिंग कुर्सी पर बैठती हैं।
लड़का दौड़ता है। घोड़ा दौड़ता है। पेड़ हरा है।
गाँधी बोलते हैं। — नाम पुल्लिंग व्यक्ति; आदर-वचन पुरुष वाले विषय में। चंद्रबिंदु गाँधी में।
आ पर खत्म नाम अक्सर पुल्लिंग: लड़का, घोड़ा, बेटा। अक्सर — हमेशा नहीं। कठिन सूची आगे।
जाँच: लड़का/घोड़ा/पेड़? पुल्लिंग सोचो। आ हमेशा? नहीं — कठिन आगे।
5. स्त्रीलिंग — लड़की
कार्ड का दूसरा। स्त्री जीव, और कई वस्तुएँ, स्त्रीलिंग कुर्सी पर।
लड़की गाती है। घोड़ी दौड़ती है। किताब मोटी है। नदी बहती है।
ई पर खत्म नाम अक्सर स्त्रीलिंग: लड़की, घोड़ी, बेटी। लड़की की ई लिंग है, अच्छाई की आई तद्धित, गर्मी की ई प्रत्यय — तीन ई, तीन कुर्सियाँ; प्रत्यय वाले विषय में झलक थी। आज लड़की।
किताब ई नहीं, फिर भी स्त्रीलिंग। वस्तु का लिंग याद+मेल से; जीव की जाति से नहीं।
जाँच: लड़की/किताब/नदी? स्त्रीलिंग। ई हमेशा? नहीं। अच्छाई? तद्धित, तद्धित वाले विषय में।
6. जीव और वस्तु
जीव पर लिंग अक्सर नर-मादा से मिलता है: लड़का-लड़की, बैल-गाय, मोर-मोरनी। वस्तु पर व्याकरण कुर्सी बाँधता है: पेड़ पुल्लिंग, किताब स्त्रीलिंग — पेड़ नर नहीं, किताब मादा नहीं।
| शब्द | लिंग | याद |
|---|---|---|
| लड़का / लड़की | पुल्लिंग / स्त्रीलिंग | जीव, जाति से पास |
| पेड़ | पुल्लिंग | वस्तु |
| किताब / नदी | स्त्रीलिंग | वस्तु |
मकान, आत्मा, व्यक्ति, पानी — कठिन निर्णय आगे। आज मत रटो।
जाँच: जीव? जाति पूछो। वस्तु? व्याकरण की कुर्सी, नर-मादा मत गढ़ो। कठिन? आगे।
7. अच्छा — विशेषण मेल
कार्ड का तीसरा। विशेषण नाम से चिपकता है, विशेषण वाले विषय में। लिंग पर रूप मुड़ सकता है: अच्छा लड़का, अच्छी लड़की।
अच्छा लड़का आया। अच्छी लड़की आई।
मोटी किताब। हरा पेड़। — किताब स्त्री, पेड़ पुल्लिंग; विशेषण मुड़ा।
लाल, सुंदर, ईमानदार अक्सर कम घूमते हैं — कौन घूमे, छोटी बात; आज इतना: घूमे तो लिंग मेल है, नई संज्ञा नहीं। अच्छी ≠ अच्छाई। अच्छी विकार; अच्छाई तद्धित, तद्धित वाले विषय में।
वाले/वाली लिंग-वचन; ने वाला कारक नहीं।
जाँच: अच्छा/अच्छी? मेल आज। अच्छाई? तद्धित। सुंदर स्थिर? विशेषण फिर भी, रूप कम।
8. जाती — क्रिया पट्टी
कार्ड का चौथा। जाता / जाती / जाते — लिंग-वचन क्रिया पर। पुरुष हूँ/हो/है अलग पट्टी, पुरुष वाले विषय में। आज जाती: कर्ता स्त्रीलिंग हो तो पट्टी स्त्री।
लड़का जाता है। लड़की जाती है।
मैं जाता हूँ। मैं जाती हूँ। — मैं नहीं मुड़ा; क्रिया मुड़ी। पुरुष उत्तम वही।
किताब गिरती है। पेड़ गिरता है।
हूँ पुरुष; जाती लिंग। दो काट एक वाक्य में। काल आगे — जाता है वर्तमान झलक मात्र। धातु रूप आगे पूरी तालिका।
जाँच: जाता/जाती? लिंग आज। हूँ/हो? पुरुष वाले विषय में। मैं मुड़ा? नहीं।
9. जो नहीं घूमते
अव्यय अटल — धीरे लड़का, धीरे लड़की। निपात ही अटल। लिखकर कृदंत अटल, कृदंत वाले विषय में। मैं, तुम, आप लिंग नहीं लिखते — सर्वनाम वाले विषय में; मेल क्रिया पर।
तुम आते हो। तुम आती हो। — तुम एक; आते/आती लिंग।
आप आते हैं। आप आती हैं। — आदर पुरुष वाले विषय में; लिंग आती पर।
संकर रेलगाड़ी संज्ञा — रूप विचार में वचन रेलगाड़ियाँ; लिंग शब्द का, दो भाषा आज नहीं। संकर वाले विषय में स्रोत थम चुका।
जाँच: धीरे/ही/लिखकर? अटल। मैं? अटल; जाती मेल। रेलगाड़ी? संज्ञा, लिंग शब्द पर।
10. दीवारें — वचन, कारक, कठिन, नपुंसक
| बात | आज नहीं | कहाँ |
|---|---|---|
| लड़के, लड़कियाँ | गिनती | वचन आगे |
| लड़के ने, लड़की को | ने/को | कारक आगे |
| मकान, आत्मा, व्यक्ति | उलझन | लिंग निर्णय आगे |
| नपुंसकलिंग — न पुल्लिंग न स्त्रीलिंग | तीसरी कुर्सी | संस्कृत; हिंदी आज दो |
फल संस्कृत में नपुंसक सुनाई दे — न लड़का-सा न लड़की-सा। हिंदी की किताबों में अक्सर फल पुल्लिंग — आज दो कुर्सियाँ, तीसरी मत गढ़ो।
जाँच: गिनती? वचन आगे। ने? कारक आगे। मकान? कठिन आगे। तीन लिंग हिंदी? नहीं।
11. वाक्य में 4 कार्ड
अरे! अच्छा लड़का जाता है; अच्छी लड़की जाती है — गाँधी की किताब पड़ी है।
- अरे — विस्मयादिबोधक, अटल
- अच्छा — विशेषण पुल्लिंग मेल
- लड़का — पुल्लिंग संज्ञा
- जाता — क्रिया पुल्लिंग
- अच्छी, लड़की, जाती — स्त्रीलिंग तीन
- गाँधी — पुल्लिंग नाम; चंद्रबिंदु
- किताब — स्त्रीलिंग वस्तु; पड़ी मेल
कार्ड जाती स्त्री पट्टी; वाक्य में जाता भी बैठा — जोड़ी पूरी।
12. शब्द तोड़कर पूरा
लड़का / घोड़ा / पेड़
पुल्लिंग। आ अक्सर, हमेशा नहीं।
लड़की / किताब / नदी
स्त्रीलिंग। ई अक्सर; किताब बिना ई।
अच्छा / अच्छी
विशेषण मेल। अच्छाई तद्धित।
जाता / जाती
क्रिया पट्टी। हूँ पुरुष।
मैं / धीरे / लिखकर
लिंग नहीं लिखते; मेल या अटल अलग तह।
लड़के
वचन या कारक आगे; आज की कुर्सी नहीं।
लड़का, लड़की, अच्छा, जाती — चार चिह्न; दो कुर्सियाँ।
13. आम गलतियाँ
- लड़का और लड़की दो संज्ञा गिनना। एक परिवार, दो लिंग रूप।
- किताब को पुल्लिंग क्योंकि वस्तु। वस्तु की कुर्सी व्याकरण बाँधे।
- अच्छी और अच्छाई एक। अच्छी विकार; अच्छाई तद्धित।
- जाती को पुरुष लिखना। जाती लिंग; हूँ पुरुष।
- मैं स्त्रीलिंग शब्द ठोकना। मैं अटल; जाती मेल।
- लड़के को लिंग। वचन/कारक आगे।
- मकान-आत्मा आज रट लेना। कठिन आगे।
- नपुंसक तीसरी कुर्सी हिंदी में ठोकना। आज दो।
- आ हमेशा पुल्लिंग। अक्सर; कठिन आगे।
- धीरे को अच्छी की तरह घुमाना। अव्यय अटल।
- लड़की की ई और गर्मी की ई एक। लिंग बनाम प्रत्यय।
जाँच: (1) दो कुर्सियाँ: पुल्लिंग, स्त्रीलिंग। (2) कार्ड: लड़का, लड़की, अच्छा, जाती। (3) वस्तु नर-मादा नहीं। (4) मेल विशेषण-क्रिया। (5) वचन-कारक-कठिन आगे।
14. इस विषय का सार
- लिंग से पुल्लिंग या स्त्रीलिंग दिखता है। हिंदी में दो कुर्सियाँ।
- कार्ड: लड़का पुल्लिंग, लड़की स्त्रीलिंग, अच्छा विशेषण मेल, जाती क्रिया पट्टी।
- जीव पर जाति पास; वस्तु पर व्याकरण। अच्छी ≠ अच्छाई। जाती ≠ हूँ।
- लड़के वचन/कारक आगे। मकान-आत्मा-व्यक्ति कठिन आगे।
- नया विकार नहीं। विकारी संज्ञा-विशेषण-क्रिया का रूप मुड़ता है।
आगे लिंग निर्णय — कठिन शब्द है।
अभ्यास
नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।
1. हिंदी में लिंग की कितनी कुर्सियाँ हैं? कार्ड के 4 लिखो। नया विकार है?
उत्तर
दो — पुल्लिंग और स्त्रीलिंग। लड़का, लड़की, अच्छा, जाती। नहीं — रूप की दीवार; संज्ञा विकारी पहले से, विकारी वाले विषय में।
2. किताब पुल्लिंग है क्योंकि वस्तु है? लड़का और लड़की दो संज्ञा हैं?
उत्तर
नहीं — किताब स्त्रीलिंग; वस्तु नर-मादा नहीं, व्याकरण कुर्सी बाँधे। नहीं — एक नाम परिवार, दो लिंग रूप।
3. अच्छी और अच्छाई एक हैं? जाती पुरुष है?
उत्तर
नहीं — अच्छी विशेषण स्त्रीलिंग रूप; अच्छाई तद्धित वाले विषय में। नहीं — जाती लिंग पट्टी; हूँ पुरुष वाले विषय में।
4. लड़के आज का लिंग रूप है? मैं स्त्रीलिंग शब्द है जब लड़की बोले?
उत्तर
नहीं — लड़के वचन या कारक आगे। नहीं — मैं अटल; जाती/आती क्रिया पर मेल।
5. मकान का लिंग आज रटना है? हिंदी में नपुंसकलिंग तीसरी कुर्सी है?
उत्तर
नहीं — मकान, आत्मा, व्यक्ति कठिन निर्णय आगे। नहीं — संस्कृत तीन; आज दो कुर्सियाँ।
विषय समाप्त · लिंग
