अंग 2 · शब्द विचार
पाठ 2.24
विषय शुरू · तद्धित
कृदंत वाले विषय में धातु की पूँछ खुली — लिखा, लिखना, लिखकर। आज दूसरी सेना: नाम, गुण, सर्वनाम से बना शब्द। कार्ड के 4: बचपन, सुनार, अच्छाई, दूधवाला। सूची पर बचपन, सुनार मुख्य झलक थे; दो साथी पूँछ पूरी करते हैं। नया विकार नहीं। प्रत्यय वाला खंड पहले खुल चुका — आई, पन, वाला, इक। आज जड़ पूछो: धातु नहीं। पढ़ाई कृदंत रहती है। शब्द कहाँ से आया — तत्सम आगे। आज बनावट, धातु नहीं।
1. नाम-गुण की पूँछ
परिभाषा सीधी रखो: संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण से प्रत्यय लगकर जो शब्द बने, वह तद्धित है। तद् = उस से; हित = बना। उस = नाम-गुण, धातु नहीं।
बच्चा → बचपन। सोना → सुनार। अच्छा → अच्छाई। दूध → दूधवाला।
अपना → अपनापन। — सर्वनाम मूल, तद्धित। मेरा रूप विचार में; अपनापन पूँछ आज।
प्रश्न: जड़ नाम, गुण या सर्वनाम है? तद्धित सोचो। जड़ लिख्? कृदंत वाले विषय में।
जाँच: बच्चा/अच्छा/दूध नीचे? आज। लिख् नीचे? कृदंत। नंगी पूँछ आई? प्रत्यय वाले विषय में।
2. 4 कार्ड एक नज़र में
एक बचपन रटकर सुनार गायब मत करो। 4 ढंग, एक दरवाज़ा।
| कार्ड | जड़ | काम |
|---|---|---|
| बचपन | बच्चा | अवस्था (उम्र या हाल) का नाम |
| सुनार | सोना | पेशा |
| अच्छाई | अच्छा | गुण का नाम |
| दूधवाला | दूध | संबंध / पेशा |
तेली, माली, लुहार, कुम्हार — सुनार की कतार। पागलपन, अपनापन — बचपन की। धार्मिक — इक, नीचे स्वर खिंचने वाले खंड में। कार्ड 4 हैं।
जाँच: अवस्था? बचपन। पेशा सोना से? सुनार। गुण का नाम? अच्छाई। दूध से आदमी? दूधवाला।
3. कृदंत से नाता — जड़ पूछो
प्रत्यय वाले विषय में दो दरवाज़े नाम हुए। कृदंत कपड़े पहना चुका। आज दूसरी सेना। पूँछ एक दिखे तो जड़ खोलो।
| शब्द | जड़ | दरवाज़ा |
|---|---|---|
| पढ़ाई | पढ़् | कृदंत |
| अच्छाई | अच्छा | तद्धित आज |
| पढ़ने वाला | पढ़् + ना | कृदंत, फिर वाला |
| दूधवाला | दूध | तद्धित आज |
आई एक, वाला एक — सेना जड़ तय करे। लेखक अक धातु पर, कृदंत वाले विषय में। तेली ई नाम पर, आज की कतार।
जाँच: लिख्/पढ़्? कृदंत। बच्चा/अच्छा/दूध/सोना? आज।
4. बचपन — अवस्था
कार्ड का पहला। बच्चा व्यक्ति; बचपन भाव। पन प्रत्यय वाले विषय में खंड था; आज पूरा शब्द तद्धित।
बचपन में गाँधी सरल थे। — चंद्रबिंदु। बचपन भाववाचक, संज्ञा के भेद वाले विषय में।
बच्चे खेल रहे हैं। — वचन, रूप विचार में; तद्धित नहीं।
बच्चा + पन → लिखा बचपन। मूल का अंत हट सकता है। लिखपन नहीं — धातु पर पन कम, कृदंत वाले विषय की सेना नहीं। दो बचपन गिनती कम माँगता है।
लड़कपन, पागलपन, मूर्खपन, अपनापन — परिवार। अपना सर्वनाम; अपनापन आज।
जाँच: व्यक्ति बच्चा? संज्ञा। अवस्था बचपन? आज। पन खंड? प्रत्यय वाले विषय में।
5. सुनार — पेशा
कार्ड का दूसरा। सोना नाम; सुनार वह जो सोने से काम करे। पूँछ आर/आरा; मूल का स्वर भी मुड़ता है — सोना → सुनार।
सुनार ने गहना बनाया। — सुनार संज्ञा, पेशा।
लुहार लोहे से, कुम्हार मिट्टी से, तेली तेल से। — एक कतार।
स्वर्णकार कहाँ से आया — तत्सम आगे। आज हिंदी बनावट: सोना से सुनार। दोनों एक व्यक्ति को छू सकते हैं; आज काट जड़+पूँछ का है, स्रोत का नहीं।
सुनारी स्त्रीलिंग रूप विचार में। सुनार तद्धित शब्द; लिंग घूमना रूप की तह।
जाँच: सोना वस्तु? संज्ञा। सुनार पेशा? आज। स्वर्णकार स्रोत? तत्सम आगे।
6. अच्छाई — गुण का नाम
कार्ड का तीसरा। अच्छा विशेषण; अच्छाई भाव का नाम। आई प्रत्यय वाले विषय में। आज: जड़ गुण → तद्धित।
उसकी अच्छाई याद रहेगी। — अच्छाई संज्ञा।
ऊँचाई, चौड़ाई, बुराई — गुण से नाम।
पढ़ाई, कमाई — धातु से, कृदंत वाले विषय में। पूँछ आई, जड़ अलग।
मिठाई वस्तु भी छू सकती है, मिठास भाव — प्रत्यय वाले विषय में झलक। जड़ मीठा हो तो दोनों तद्धित। वाक्य पूछो।
लड़की की ई लिंग, अच्छाई की आई पूँछ — 3 ई वाली दीवार प्रत्यय वाले विषय में। आज अच्छाई तद्धित।
जाँच: अच्छा से अच्छाई? आज। पढ़ से पढ़ाई? कृदंत। लड़की? लिंग रूप विचार में।
7. दूधवाला — संबंध
कार्ड का चौथा। दूध नाम; वाला पूँछ — पेशा या संबंध। प्रत्यय वाले विषय में वाला खंड था; आज जड़ नाम हो तो तद्धित।
दूधवाला आया। — संज्ञा कुर्सी।
दिल्लीवाला, घरवाला, टोपीवाला। — जगह/वस्तु से संबंध।
पढ़ने वाला लड़का। — ना कृदंत, वाला बाद; कृदंत वाले विषय में नक्शा।
वाले, वाली लिंग-वचन रूप विचार में। ने वाला कारक नहीं। गाँधी वाले मार्ग — संबंध; चंद्रबिंदु।
जाँच: दूध+वाला? आज। पढ़ने+वाला? कृदंत+वाला। वाली? रूप विचार में।
8. इक — स्वर खिंच सकता है
कार्ड नहीं; प्रत्यय वाले विषय का चौथा खंड यहाँ सेना पाता है। धर्म → धार्मिक। दिन → दैनिक। लोक → लौकिक। मूल का स्वर खिंचना तद्धित की पहचान हो सकती है — वृद्धि (स्वर का खिंच जाना)। सूची रटना नहीं; कान पर धर्म और धार्मिक एक परिवार।
धार्मिक किताब। — धार्मिक विशेषण, विशेषण वाले विषय में।
राष्ट्रीय, भारतीय — ईय पड़ोसी, इक नहीं। दोनों नाम से विशेषण।
धार्मीक वर्तनी ग़लत, वर्तनी वाले विषय में। अधिकारी अलग शब्द; अधि सिर उपसर्ग वाले विषय में।
जाँच: धर्म से कैसा? धार्मिक, आज की सेना। इक पूँछ? प्रत्यय वाले विषय में। स्रोत संस्कृत? तत्सम आगे पतला।
9. कुर्सी वाक्य में
तद्धित 9वाँ विकार नहीं। वाक्य में पुरानी कुर्सी पर बैठता है।
| शब्द | कुर्सी झलक |
|---|---|
| बचपन, अच्छाई | संज्ञा — भाव |
| सुनार, दूधवाला | संज्ञा — व्यक्ति/पेशा |
| धार्मिक | विशेषण |
बनावट तद्धित; कुर्सी संज्ञा या विशेषण। उपसर्ग सिर जुड़ सकता है — असामाजिक; सिर उपसर्ग वाले विषय में, पूँछ आज।
जाँच: नया शब्द नाम-गुण से? तद्धित। 9वीं कुर्सी? नहीं।
10. दीवारें — तत्सम, संकर, रूप
| बात | आज नहीं | कहाँ |
|---|---|---|
| सुनार / स्वर्णकार स्रोत | शब्द कहाँ से आया | तत्सम आगे |
| रेलगाड़ी | दो भाषाओं के टुकड़े | संकर आगे |
| सुनारी, वाले | लिंग-वचन घूमना | रूप विचार में |
| गाँधीवाद | वाद पड़ोसी | प्रत्यय वाले विषय में झलक; जड़ नाम, तद्धित सोचो |
तत्सम सूची आज मत रटो। बनावट की काट जड़+पूँछ है।
जाँच: सोना→सुनार? आज। स्वर्ण कहाँ से? तत्सम आगे। रेल+गाड़ी? संकर आगे।
11. वाक्य में 4 कार्ड
अरे! बचपन की अच्छाई याद करो; सुनार और दूधवाला गाँधी के गाँव में थे।
- अरे — विस्मयादिबोधक
- बचपन — अवस्था, पहला कार्ड
- अच्छाई — गुण का नाम, तीसरा कार्ड
- सुनार — पेशा, दूसरा कार्ड
- दूधवाला — संबंध, चौथा कार्ड
- गाँधी — संज्ञा; चंद्रबिंदु
- और — समुच्चय अव्यय
चार तद्धित, एक वाक्य। पढ़ाई यहाँ नहीं बैठी — धातु की सेना अलग।
12. शब्द तोड़कर पूरा
बचपन
बच्चा + पन। भाव। बच्चे वचन अलग।
सुनार
सोना + आर। पेशा। स्वर्णकार तत्सम आगे।
अच्छाई
अच्छा + आई। पढ़ाई कृदंत।
दूधवाला
दूध + वाला। पढ़ने वाला कृदंत+वाला।
धार्मिक
धर्म + इक; स्वर खिंच। विशेषण।
अपनापन
सर्वनाम मूल। मेरा रूप आगे।
बचपन, सुनार, अच्छाई, दूधवाला — चार कपड़े; जड़ें नाम-गुण।
13. आम गलतियाँ
- पढ़ाई को तद्धित। जड़ पढ़्, कृदंत।
- अच्छाई को कृदंत। जड़ अच्छा, आज।
- पढ़ने वाला और दूधवाला एक काट। ना पूछो।
- बचपन को धातु से बना लिखना। बच्चा नाम।
- सुनार को 9वाँ विकार। बनावट है।
- बच्चे और बचपन एक शब्द। वचन बनाम भाव।
- स्वर्णकार कहाँ से आया — आज रट लेना मत। तत्सम आगे।
- रेलगाड़ी को तद्धित। संकर आगे।
- आई/पन/वाला खंड और तद्धित शब्द एक विषय समझना। खंड प्रत्यय; शब्द आज।
- लिखकर को तद्धित। धातु+कर, कृदंत।
- धार्मिक को धर्म का वचन। पूँछ इक, विशेषण।
जाँच: (1) नाम-गुण+पूँछ? तद्धित। (2) 4 कार्ड: बचपन, सुनार, अच्छाई, दूधवाला। (3) पढ़ाई/पढ़ने वाला कृदंत। (4) 9वाँ विकार नहीं। (5) स्रोत तत्सम आगे।
14. इस विषय का सार
- तद्धित संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण से बना शब्द है। नया विकार नहीं।
- कार्ड: बचपन अवस्था, सुनार पेशा, अच्छाई गुण का नाम, दूधवाला संबंध।
- जड़ धातु हो तो कृदंत। पूँछ एक हो सकती है; जड़ पूछो।
- धर्म → धार्मिक स्वर खिंच सकता है। इक/ईय विशेषण।
- शब्द कहाँ से आया तत्सम आगे। दो भाषाएँ संकर आगे।
आगे तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी है।
अभ्यास
नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।
1. तद्धित क्या है? कार्ड के 4 लिखो। 9वाँ विकार है?
उत्तर
संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण से प्रत्यय लगकर बना शब्द। बचपन, सुनार, अच्छाई, दूधवाला। नहीं — बनावट; कुर्सी संज्ञा या विशेषण।
2. पढ़ाई तद्धित है? अच्छाई कृदंत है?
उत्तर
नहीं — पढ़ाई धातु से, कृदंत वाले विषय में। नहीं — अच्छाई गुण से, तद्धित आज। पूँछ आई एक, जड़ अलग।
3. दूधवाला और पढ़ने वाला एक काट हैं? बच्चे तद्धित है?
उत्तर
नहीं — दूध नाम+वाला आज; पढ़ने वाला ना कृदंत फिर वाला। नहीं — बच्चे वचन; बचपन भाव, आज का कार्ड।
4. सुनार धातु से बना है? स्वर्णकार कहाँ से आया — आज खोलना है?
उत्तर
नहीं — सोना संज्ञा, सुनार पेशा आज। नहीं — स्रोत तत्सम आगे; आज सोना→सुनार बनावट।
5. रेलगाड़ी तद्धित है? धार्मिक धर्म का वचन है?
उत्तर
नहीं — दो भाषाओं के टुकड़े, संकर आगे। नहीं — धार्मिक इक पूँछ, विशेषण; स्वर खिंच सकता है।
विषय समाप्त · तद्धित
