अंग 2 · शब्द विचार
पाठ 2.18
विषय शुरू · विकारी और अविकारी शब्द
आप-तुम वाले विषय में सुनने वाले की सीढ़ी खुली — आप, तुम, तू। आज वह काट जो 8 विकार के बाद बाकी है: शब्द का रूप बदलता है या नहीं। बदलने वाला विकारी, न बदलने वाला अविकारी। कैसे बदले — लिंग, वचन, कारक, काल — रूप विचार में और पुरुष वाले विषय में। अविकारी का घर-नाम अव्यय आगे। निपात आगे। आज दो खेमे।
1. कुर्सी — रूप की काट
परिभाषा सीधी रखो: जो शब्द लिंग, वचन, कारक, पुरुष या काल के कारण अपना लिखा रूप बदल दे, वह विकारी है — रूप बदलने वाला। जो इनसे न बदले, वह अविकारी है — रूप न बदलने वाला। विकार = बदलना। यह नया विकार-भेद नहीं; 8 कुर्सियों को दो परिवारों में बाँटता है।
लड़का आया। लड़के आए। लड़की आई। — नाम एक परिवार, रूप तीन। विकारी।
धीरे चल। धीरे चलो। धीरे चलिए। — धीरे एक। अविकारी।
प्रश्न: लिंग-वचन-कारक घुमाओ। शब्द मुड़ा? मुड़ा — विकारी। वैसा का वैसा — अविकारी। नई संज्ञा मत गिनो — संज्ञा वाले विषय में: लड़के वही नाम दूसरे रूप में।
जाँच: रूप मुड़ा, काम वही कुर्सी? विकारी। रूप अटल, कुर्सी 8 में से? अविकारी सोचो। नया शब्द प्रत्यय से? प्रत्यय वाले विषय में, आज की काट नहीं।
2. दो खेमे एक नज़र में
8 विकार — संज्ञा से विस्मयादिबोधक तक। 4 रूप माँगते हैं, 4 नहीं।
| खेमा | विकार | विषय |
|---|---|---|
| विकारी | संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया | संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया वाले विषय |
| अविकारी | क्रिया विशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक | वे चार विषय |
उपसर्ग-प्रत्यय खंड हैं, 8वीं-9वीं कुर्सी नहीं — उपसर्ग और प्रत्यय वाले विषयों में। निपात ही-भी 8 में नहीं, अविकारी के पास बैठते हैं — निपात आगे। धातु जड़ है — धातु आगे। आज खेमा, सूची रटना नहीं।
जाँच: नाम, नाम की जगह, गुण, काम? विकारी सोचो। ढंग, रिश्ता, पुल, झटका? अविकारी सोचो।
3. विकारी — संज्ञा
नाम रूप लेता है। नियम रूप विचार में; आज निशान कि एक संज्ञा, कई पद-रूप — शब्द और वाक्य वाले विषय का पद।
| रूप | झलक |
|---|---|
| लड़का | एक, पुल्लिंग |
| लड़की | लिंग, रूप विचार में |
| लड़के | वचन / कारक का रूप, रूप विचार में |
| लड़कों | बहुवचन का दूसरा रूप |
गाँधी संज्ञा; वाक्य में गाँधी ने, गाँधी को — चंद्रबिंदु वही, कारक चढ़ा। गाँधी नई संज्ञा नहीं बनी। व्यक्तिवाचक नाम भी विकारी परिवार में है। कुछ नाम कम घूमते हैं, फिर भी वर्ग संज्ञा का विकारी है।
जाँच: लड़के को दूसरी संज्ञा लिखा? ग़लत। वही नाम, रूप विचार में।
4. विकारी — सर्वनाम
नाम की जगह भी रूप लेती है। मुझे, मेरा, हमें — मैं का परिवार, नया सर्वनाम-भेद नहीं, सर्वनाम के भेद वाले विषय में।
| मूल | रूप |
|---|---|
| मैं | मुझे, मेरा, मुझसे |
| तुम | तुम्हें, तुम्हारा, तुमसे |
| आप | आपको, आपका, आपसे — आप लिंग नहीं घुमाता |
| वह | उस, उसे, उन, वे |
तू / तुम / आप सामाजिक चुन है, आप-तुम वाले विषय में — 3 शब्द, एक मध्यम। मैं → मुझे एक शब्द का विकार है, 3 सीढ़ी नहीं। दोनों बाद में रूप दिखें तो भी कुर्सी अलग: सीढ़ी शब्द चुनती है, विकार एक शब्द घुमाता है।
अपना, अपनी, अपने — निजवाचक विकारी, सर्वनाम के भेद वाले विषय में। स्वयं, खुद अक्सर अटल; वर्ग सर्वनाम फिर भी विकारी। आप निज में भी अक्सर स्थिर; आप आदर में आपको चलता है — वाक्य पूछो।
जाँच: मुझे नई कुर्सी? नहीं, मैं विकारी। तुम बनाम आप? आप-तुम वाले विषय में।
5. विकारी — विशेषण
गुण विशेष्य से मेल खाकर सरक सकता है। अच्छा लड़का, अच्छी लड़की, अच्छे लड़के। पूरा मेल रूप विचार में; आज: विशेषण विकारी वर्ग है, विशेषण वाले विषय में।
छोटा राम। छोटी सीता। छोटे बच्चे।
मेरा घर। मेरी किताब। — मेरा सार्वनामिक विशेषण भी विकारी, विशेषण के भेद वाले विषय में।
लाल गेंद, लाल गेंदें — लाल कम मुड़े। चार किताबें — चार अक्सर अटल। वर्ग विशेषण विकारी है; हर सदस्य हर बार न मुड़े। लाल को क्रिया विशेषण मत बना दो सिर्फ़ इसलिए कि रूप नहीं घूमा। काम पूछो: गुण नाम पर? विशेषण।
अच्छी ≠ अच्छाई। अच्छी वही विशेषण, स्त्रीलिंग रूप — विकार। अच्छाई = अच्छा + आई, नया भाव-नाम, प्रत्यय वाले विषय में। विकार पुराने शब्द का रूप; प्रत्यय नया शब्द।
जाँच: अच्छी रूप? आज विकारी। अच्छाई नया शब्द? प्रत्यय वाले विषय में। लाल न मुड़ा तो भी विशेषण रह सकता है।
6. विकारी — क्रिया
काम का शब्द सबसे ज़्यादा घूमता है। जाता, जाती, जाते, गया, गई, जाएँगे — एक जाना, कई रूप। क्रिया वाले विषय में: रूप देखकर नई संज्ञा मत गढ़ो।
| झलक | किससे मुड़ा — नाम | विषय |
|---|---|---|
| जाता / जाती / जाते | लिंग, वचन | रूप विचार में |
| जाता हूँ / जाते हो / जाता है | पुरुष | पुरुष वाले विषय में |
| जाता है / गया / जाएगा | काल | काल वाले विषयों में |
| आ / आओ / आइए | आज्ञा + सामाजिक सीढ़ी | आप-तुम वाले विषय में; धातु रूप आगे |
है, हैं, हो, हूँ — सहायक भी विकारी पट्टी पर, क्रिया के भेद वाले विषय में। खा लिया संयुक्त क्रिया आगे — दो क्रिया, रूप फिर भी क्रिया के खेमे।
लिखना कठिन है — लिखना संज्ञा की कुर्सी छू सकता है, क्रिया वाले विषय में। लिखा / लिखी कृदंत आगे, रूप विशेषण-सा। आज: क्रिया विकारी वर्ग। धातु अकेली जड़, धातु आगे।
जाँच: गया संज्ञा? नहीं, क्रिया का रूप। हूँ/हो/हैं सहायक विकारी।
7. अविकारी 4
ये 4 कुर्सियाँ रूप नहीं माँगतीं। लड़का धीरे, लड़की धीरे, बच्चे धीरे — धीरे एक। घर के सामने, नदियों के सामने — के सामने एक। राम और श्याम, सीता और गीता — और एक। वाह! लड़का, वाह! लड़की — वाह एक।
| कुर्सी | उदाहरण | अटल |
|---|---|---|
| क्रिया विशेषण | धीरे, यहाँ, कल, बहुत, नहीं | धीरे → धीमी मत; धीमी विशेषण, क्रिया विशेषण वाले विषय में |
| संबंधबोधक | के सामने, के बाद, के बिना | बिना → बिनी नहीं, संबंधबोधक वाले विषय में |
| समुच्चयबोधक | और, लेकिन, क्योंकि, इसलिए | और वैसा का वैसा — जोड़, समुच्चयबोधक वाले विषय में |
| विस्मयादिबोधक | अरे, वाह, हे, आह | वाह → वाही नहीं, विस्मयादिबोधक वाले विषय में |
मेरे सामने — मेरे सर्वनाम विकारी; के सामने अविकारी जोड़। बदलता साथ वाला नाम, जोड़ नहीं। संबंधबोधक वाले विषय में पूरा।
अच्छा गाता है — अच्छा यहाँ सरक सकता है, विशेषण की आदत, क्रिया विशेषण वाले विषय में। धीरे, आज, वहाँ मूल अविकारी। वाक्य पूछो।
जाँच: धीरे अटल? क्रिया विशेषण। धीमी चाल? विशेषण विकारी। के बिना अटल, मैं → मेरे विकारी।
8. अव्यय — नाम आगे
अविकारी शब्दों को व्याकरण अव्यय भी कहती है — व्यय = बदलना; अव्यय = न बदलने वाला। आज खेमा; पूरा घर — परिभाषा, सूची, अपवाद — अव्यय आगे। दोनों विषय एक नहीं। आज की काट है: मुड़ा या नहीं। अव्यय उस न मुड़ने वाले परिवार का नाम और हिसाब है।
अव्ययीभाव समास वाक्य विचार में — यथाशक्ति, प्रतिदिन। आज खेमा; समास का भेद आगे।
जाँच: न मुड़ा? अविकारी आज, अव्यय आगे। समास? वाक्य विचार में।
9. निपात और खंड — 8 के बाहर
ही, भी, तो, तक बल देते हैं — निपात आगे। रूप नहीं घुमाते; 8 विकार में 9वीं कुर्सी नहीं। अविकारी के पास बैठते हैं, अव्यय के पड़ोसी। आज नाम, सेना नहीं।
अ, सु, आई, पन — उपसर्ग-प्रत्यय, उपसर्ग और प्रत्यय वाले विषयों में। वाक्य के पद नहीं, शब्द के अंग। अधर्म नया शब्द, धर्म का विकार नहीं। सुंदरता नया शब्द, सुंदर का विकार नहीं — अच्छी सुंदर का विकार हो सकती है।
जाँच: ही? निपात आगे। ता/आई नया शब्द? प्रत्यय वाले विषय में। अच्छी रूप? आज।
10. 3 दीवारें
| दिखा | कुर्सी | उदाहरण |
|---|---|---|
| एक शब्द के रूप | विकार आज | लड़का / लड़के; जाता / गई |
| नया शब्द खंड से | उपसर्ग / प्रत्यय | अधर्म, अच्छाई, बचपन |
| दूसरा शब्द चुन | सामाजिक, आप-तुम वाले विषय में | तू / तुम / आप |
पर जगह — घर पर, कारक रूप विचार में, संज्ञा विकारी के साथ विभक्ति (ने, को, पर)। पर विरोध — आया पर रुका, समुच्चय अविकारी, समुच्चयबोधक वाले विषय में। एक पर, दो कुर्सियाँ।
और जोड़ अविकारी। और = अधिक कभी विशेषण/क्रिया विशेषण छूए — और दूध दो। वाक्य पूछो।
जाँच: रूप? आज। नया शब्द? उपसर्ग-प्रत्यय वाले विषयों में। तू बनाम आप? आप-तुम वाले विषय में। पर? समुच्चयबोधक या कारक रूप विचार में।
11. पद रहता है
शब्द और वाक्य वाले विषय में: अविकारी भी वाक्य में पद है। और, धीरे, वाह — रूप न बदलें तो भी बैठे हुए शब्द पद हैं। विकार पद की शर्त नहीं। पद परिचय वाक्य विचार में हर पद का लेखा माँगेगा — विकारी हो या अविकारी। आज: दोनों खेमे पद दे सकते हैं।
राम और श्याम धीरे आए, वाह!
राम, श्याम — संज्ञा, विकारी पद। और — अविकारी पद। धीरे — अविकारी पद। आए — क्रिया, विकारी पद। वाह — अविकारी पद।
12. वाक्य में सब कुर्सियाँ
अरे! छोटे गाँधी धीरे बोले और सत्य के बिना नहीं चले, वाह!
- अरे, वाह — विस्मयादिबोधक, अविकारी
- छोटे — विशेषण, विकारी (छोटा → छोटे)
- गाँधी — संज्ञा, विकारी वर्ग; चंद्रबिंदु
- धीरे — क्रिया विशेषण, अविकारी
- बोले / चले — क्रिया, विकारी
- और — समुच्चयबोधक, अविकारी
- सत्य — संज्ञा
- के बिना — संबंधबोधक, अविकारी
- नहीं — निषेध, क्रिया विशेषण वाले विषय में, अविकारी
आप मुझे अच्छाई नहीं, अच्छी बात दीजिए।
- आप, मुझे — सर्वनाम विकारी; आप आदर, आप-तुम वाले विषय में
- अच्छाई — प्रत्यय वाला संज्ञा, प्रत्यय वाले विषय में
- अच्छी — विशेषण का रूप, विकार आज
- नहीं — अविकारी
- दीजिए — क्रिया, आदर-मेल
13. शब्द तोड़कर पूरा
लड़का / लड़के / लड़की
संज्ञा विकारी। नई संज्ञा नहीं। रूप विचार में।
मैं / मुझे / मेरा
सर्वनाम विकारी। तू-तुम-आप, आप-तुम वाले विषय में।
अच्छा / अच्छी / अच्छे
विशेषण विकारी। अच्छाई प्रत्यय।
जाता / गई / जाइए
क्रिया विकारी। पुरुष वाले विषय में, रूप विचार में।
धीरे / यहाँ / कल
क्रिया विशेषण अविकारी। धीमी विशेषण।
के सामने / और / वाह
अविकारी 3 कुर्सियाँ।
ही / भी
निपात आगे।
अधर्म / बचपन
खंड से नया शब्द, उपसर्ग और प्रत्यय वाले विषयों में। धर्म/बच्चा का विकार नहीं।
गाँधी धीरे बोले, और सब चुप। — गाँधी संज्ञा विकारी, धीरे अविकारी, बोले क्रिया विकारी, और अविकारी। चंद्रबिंदु।
14. आम गलतियाँ
- लड़के को नई संज्ञा लिखना। रूप है, संज्ञा वाले विषय में।
- अच्छाई को अच्छी का विकार लिखना। प्रत्यय नया शब्द।
- अधर्म को धर्म का वचन लिखना। उपसर्ग, उपसर्ग वाले विषय में।
- धीरे को धीमी करके क्रिया पर चढ़ाना। क्रिया विशेषण वाले विषय में।
- जोड़ वाले और को विकारी बनाना। पुल अविकारी, समुच्चयबोधक वाले विषय में।
- वाह को वाही। विस्मयादिबोधक वाले विषय में।
- आप/तुम को एक शब्द का विकार लिखना। सामाजिक चुन, आप-तुम वाले विषय में।
- लाल न मुड़ा तो विशेषण अविकारी वर्ग लिखना। वर्ग विकारी, सदस्य कभी अटल।
- अविकारी को पद न मानना। शब्द और वाक्य वाले विषय में।
- निपात को 9वाँ विकार बनाना। निपात आगे।
- लिंग-वचन के सब नियम यहीं खोल लेना। रूप विचार में।
- अव्यय और विकारी-अविकारी एक विषय समझना। घर अव्यय आगे।
जाँच: (1) मुड़ा? विकारी। (2) अटल? अविकारी। (3) 4-4, 8 विकार। (4) अच्छी रूप, अच्छाई शब्द। (5) रूप विचार में कैसे, आज हाँ/नहीं।
15. इस विषय का सार
- विकारी रूप बदलते हैं — संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया।
- अविकारी नहीं बदलते — क्रिया विशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक।
- लड़के नया नाम नहीं। अच्छी रूप है, अच्छाई प्रत्यय। तू-आप चुन है, मैं-मुझे विकार।
- अव्यय आगे। निपात आगे। कैसे बदले — रूप विचार में और पुरुष वाले विषय में।
- दोनों खेमे वाक्य में पद हैं।
आगे अव्यय है।
अभ्यास
नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।
1. विकारी क्या है? अविकारी क्या है? 8 विकार कैसे बँटते हैं?
उत्तर
जो लिंग-वचन-कारक-पुरुष-काल से रूप बदले — विकारी। जो न बदले — अविकारी। 4 विकारी: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया। 4 अविकारी: क्रिया विशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक।
2. लड़के नई संज्ञा है? अच्छाई अच्छी का विकार है?
उत्तर
नहीं — लड़के वही नाम, वचन/कारक का रूप, रूप विचार में। नहीं — अच्छी विशेषण का रूप; अच्छाई प्रत्यय से नया शब्द, प्रत्यय वाले विषय में।
3. आप और तुम एक शब्द के दो रूप हैं? मैं → मुझे विकार है?
उत्तर
नहीं — तू/तुम/आप सामाजिक चुन, आप-तुम वाले विषय में। हाँ — मुझे मैं का रूप, सर्वनाम विकारी।
4. धीरे को धीमी करके क्रिया पर चढ़ाएँ? वाह से वाही बनता है?
उत्तर
नहीं — धीरे अविकारी क्रिया विशेषण; धीमी विशेषण। नहीं — वाह अविकारी विस्मयादिबोधक, वाही नहीं।
5. अव्यय और यह विषय एक हैं? निपात 9वाँ विकार है?
उत्तर
नहीं — आज काट: मुड़ा या नहीं; अव्यय उस अटल परिवार का नाम, अव्यय आगे। नहीं — ही-भी 8 के बाहर, निपात आगे; अविकारी के पड़ोसी।
विषय समाप्त · विकारी और अविकारी शब्द
