Noteclass 9 10

विकारी और अविकारी शब्द

Lesson 29 of 71

अंग 2 · शब्द विचार

पाठ 2.18

विषय शुरू · विकारी और अविकारी शब्द

आप-तुम वाले विषय में सुनने वाले की सीढ़ी खुली — आप, तुम, तू। आज वह काट जो 8 विकार के बाद बाकी है: शब्द का रूप बदलता है या नहीं। बदलने वाला विकारी, न बदलने वाला अविकारी। कैसे बदले — लिंग, वचन, कारक, काल — रूप विचार में और पुरुष वाले विषय में। अविकारी का घर-नाम अव्यय आगे। निपात आगे। आज दो खेमे।

1. कुर्सी — रूप की काट

परिभाषा सीधी रखो: जो शब्द लिंग, वचन, कारक, पुरुष या काल के कारण अपना लिखा रूप बदल दे, वह विकारी है — रूप बदलने वाला। जो इनसे न बदले, वह अविकारी है — रूप न बदलने वाला। विकार = बदलना। यह नया विकार-भेद नहीं; 8 कुर्सियों को दो परिवारों में बाँटता है।

लड़का आया। लड़के आए। लड़की आई। — नाम एक परिवार, रूप तीन। विकारी।

धीरे चल। धीरे चलो। धीरे चलिए। — धीरे एक। अविकारी।

प्रश्न: लिंग-वचन-कारक घुमाओ। शब्द मुड़ा? मुड़ा — विकारी। वैसा का वैसा — अविकारी। नई संज्ञा मत गिनो — संज्ञा वाले विषय में: लड़के वही नाम दूसरे रूप में।

जाँच: रूप मुड़ा, काम वही कुर्सी? विकारी। रूप अटल, कुर्सी 8 में से? अविकारी सोचो। नया शब्द प्रत्यय से? प्रत्यय वाले विषय में, आज की काट नहीं।

2. दो खेमे एक नज़र में

8 विकार — संज्ञा से विस्मयादिबोधक तक। 4 रूप माँगते हैं, 4 नहीं।

खेमा विकार विषय
विकारी संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया वाले विषय
अविकारी क्रिया विशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक वे चार विषय

उपसर्ग-प्रत्यय खंड हैं, 8वीं-9वीं कुर्सी नहीं — उपसर्ग और प्रत्यय वाले विषयों में। निपात ही-भी 8 में नहीं, अविकारी के पास बैठते हैं — निपात आगे। धातु जड़ है — धातु आगे। आज खेमा, सूची रटना नहीं।

जाँच: नाम, नाम की जगह, गुण, काम? विकारी सोचो। ढंग, रिश्ता, पुल, झटका? अविकारी सोचो।

3. विकारी — संज्ञा

नाम रूप लेता है। नियम रूप विचार में; आज निशान कि एक संज्ञा, कई पद-रूप — शब्द और वाक्य वाले विषय का पद।

रूप झलक
लड़का एक, पुल्लिंग
लड़की लिंग, रूप विचार में
लड़के वचन / कारक का रूप, रूप विचार में
लड़कों बहुवचन का दूसरा रूप

गाँधी संज्ञा; वाक्य में गाँधी ने, गाँधी को — चंद्रबिंदु वही, कारक चढ़ा। गाँधी नई संज्ञा नहीं बनी। व्यक्तिवाचक नाम भी विकारी परिवार में है। कुछ नाम कम घूमते हैं, फिर भी वर्ग संज्ञा का विकारी है।

जाँच: लड़के को दूसरी संज्ञा लिखा? ग़लत। वही नाम, रूप विचार में।

4. विकारी — सर्वनाम

नाम की जगह भी रूप लेती है। मुझे, मेरा, हमें — मैं का परिवार, नया सर्वनाम-भेद नहीं, सर्वनाम के भेद वाले विषय में।

मूल रूप
मैं मुझे, मेरा, मुझसे
तुम तुम्हें, तुम्हारा, तुमसे
आप आपको, आपका, आपसे — आप लिंग नहीं घुमाता
वह उस, उसे, उन, वे

तू / तुम / आप सामाजिक चुन है, आप-तुम वाले विषय में — 3 शब्द, एक मध्यम। मैं → मुझे एक शब्द का विकार है, 3 सीढ़ी नहीं। दोनों बाद में रूप दिखें तो भी कुर्सी अलग: सीढ़ी शब्द चुनती है, विकार एक शब्द घुमाता है।

अपना, अपनी, अपने — निजवाचक विकारी, सर्वनाम के भेद वाले विषय में। स्वयं, खुद अक्सर अटल; वर्ग सर्वनाम फिर भी विकारी। आप निज में भी अक्सर स्थिर; आप आदर में आपको चलता है — वाक्य पूछो।

जाँच: मुझे नई कुर्सी? नहीं, मैं विकारी। तुम बनाम आप? आप-तुम वाले विषय में।

5. विकारी — विशेषण

गुण विशेष्य से मेल खाकर सरक सकता है। अच्छा लड़का, अच्छी लड़की, अच्छे लड़के। पूरा मेल रूप विचार में; आज: विशेषण विकारी वर्ग है, विशेषण वाले विषय में।

छोटा राम। छोटी सीता। छोटे बच्चे।

मेरा घर। मेरी किताब। — मेरा सार्वनामिक विशेषण भी विकारी, विशेषण के भेद वाले विषय में।

लाल गेंद, लाल गेंदें — लाल कम मुड़े। चार किताबें — चार अक्सर अटल। वर्ग विशेषण विकारी है; हर सदस्य हर बार न मुड़े। लाल को क्रिया विशेषण मत बना दो सिर्फ़ इसलिए कि रूप नहीं घूमा। काम पूछो: गुण नाम पर? विशेषण।

अच्छी ≠ अच्छाई। अच्छी वही विशेषण, स्त्रीलिंग रूप — विकार। अच्छाई = अच्छा + आई, नया भाव-नाम, प्रत्यय वाले विषय में। विकार पुराने शब्द का रूप; प्रत्यय नया शब्द।

जाँच: अच्छी रूप? आज विकारी। अच्छाई नया शब्द? प्रत्यय वाले विषय में। लाल न मुड़ा तो भी विशेषण रह सकता है।

6. विकारी — क्रिया

काम का शब्द सबसे ज़्यादा घूमता है। जाता, जाती, जाते, गया, गई, जाएँगे — एक जाना, कई रूप। क्रिया वाले विषय में: रूप देखकर नई संज्ञा मत गढ़ो।

झलक किससे मुड़ा — नाम विषय
जाता / जाती / जाते लिंग, वचन रूप विचार में
जाता हूँ / जाते हो / जाता है पुरुष पुरुष वाले विषय में
जाता है / गया / जाएगा काल काल वाले विषयों में
आ / आओ / आइए आज्ञा + सामाजिक सीढ़ी आप-तुम वाले विषय में; धातु रूप आगे

है, हैं, हो, हूँ — सहायक भी विकारी पट्टी पर, क्रिया के भेद वाले विषय में। खा लिया संयुक्त क्रिया आगे — दो क्रिया, रूप फिर भी क्रिया के खेमे।

लिखना कठिन है — लिखना संज्ञा की कुर्सी छू सकता है, क्रिया वाले विषय में। लिखा / लिखी कृदंत आगे, रूप विशेषण-सा। आज: क्रिया विकारी वर्ग। धातु अकेली जड़, धातु आगे।

जाँच: गया संज्ञा? नहीं, क्रिया का रूप। हूँ/हो/हैं सहायक विकारी।

7. अविकारी 4

ये 4 कुर्सियाँ रूप नहीं माँगतीं। लड़का धीरे, लड़की धीरे, बच्चे धीरे — धीरे एक। घर के सामने, नदियों के सामने — के सामने एक। राम और श्याम, सीता और गीता — और एक। वाह! लड़का, वाह! लड़की — वाह एक।

कुर्सी उदाहरण अटल
क्रिया विशेषण धीरे, यहाँ, कल, बहुत, नहीं धीरे → धीमी मत; धीमी विशेषण, क्रिया विशेषण वाले विषय में
संबंधबोधक के सामने, के बाद, के बिना बिना → बिनी नहीं, संबंधबोधक वाले विषय में
समुच्चयबोधक और, लेकिन, क्योंकि, इसलिए और वैसा का वैसा — जोड़, समुच्चयबोधक वाले विषय में
विस्मयादिबोधक अरे, वाह, हे, आह वाह → वाही नहीं, विस्मयादिबोधक वाले विषय में

मेरे सामने — मेरे सर्वनाम विकारी; के सामने अविकारी जोड़। बदलता साथ वाला नाम, जोड़ नहीं। संबंधबोधक वाले विषय में पूरा।

अच्छा गाता है — अच्छा यहाँ सरक सकता है, विशेषण की आदत, क्रिया विशेषण वाले विषय में। धीरे, आज, वहाँ मूल अविकारी। वाक्य पूछो।

जाँच: धीरे अटल? क्रिया विशेषण। धीमी चाल? विशेषण विकारी। के बिना अटल, मैं → मेरे विकारी।

8. अव्यय — नाम आगे

अविकारी शब्दों को व्याकरण अव्यय भी कहती है — व्यय = बदलना; अव्यय = न बदलने वाला। आज खेमा; पूरा घर — परिभाषा, सूची, अपवाद — अव्यय आगे। दोनों विषय एक नहीं। आज की काट है: मुड़ा या नहीं। अव्यय उस न मुड़ने वाले परिवार का नाम और हिसाब है।

अव्ययीभाव समास वाक्य विचार में — यथाशक्ति, प्रतिदिन। आज खेमा; समास का भेद आगे।

जाँच: न मुड़ा? अविकारी आज, अव्यय आगे। समास? वाक्य विचार में।

9. निपात और खंड — 8 के बाहर

ही, भी, तो, तक बल देते हैं — निपात आगे। रूप नहीं घुमाते; 8 विकार में 9वीं कुर्सी नहीं। अविकारी के पास बैठते हैं, अव्यय के पड़ोसी। आज नाम, सेना नहीं।

अ, सु, आई, पन — उपसर्ग-प्रत्यय, उपसर्ग और प्रत्यय वाले विषयों में। वाक्य के पद नहीं, शब्द के अंग। अधर्म नया शब्द, धर्म का विकार नहीं। सुंदरता नया शब्द, सुंदर का विकार नहीं — अच्छी सुंदर का विकार हो सकती है।

जाँच: ही? निपात आगे। ता/आई नया शब्द? प्रत्यय वाले विषय में। अच्छी रूप? आज।

10. 3 दीवारें

दिखा कुर्सी उदाहरण
एक शब्द के रूप विकार आज लड़का / लड़के; जाता / गई
नया शब्द खंड से उपसर्ग / प्रत्यय अधर्म, अच्छाई, बचपन
दूसरा शब्द चुन सामाजिक, आप-तुम वाले विषय में तू / तुम / आप

पर जगह — घर पर, कारक रूप विचार में, संज्ञा विकारी के साथ विभक्ति (ने, को, पर)। पर विरोध — आया पर रुका, समुच्चय अविकारी, समुच्चयबोधक वाले विषय में। एक पर, दो कुर्सियाँ।

और जोड़ अविकारी। और = अधिक कभी विशेषण/क्रिया विशेषण छूए — और दूध दो। वाक्य पूछो।

जाँच: रूप? आज। नया शब्द? उपसर्ग-प्रत्यय वाले विषयों में। तू बनाम आप? आप-तुम वाले विषय में। पर? समुच्चयबोधक या कारक रूप विचार में।

11. पद रहता है

शब्द और वाक्य वाले विषय में: अविकारी भी वाक्य में पद है। और, धीरे, वाह — रूप न बदलें तो भी बैठे हुए शब्द पद हैं। विकार पद की शर्त नहीं। पद परिचय वाक्य विचार में हर पद का लेखा माँगेगा — विकारी हो या अविकारी। आज: दोनों खेमे पद दे सकते हैं।

राम और श्याम धीरे आए, वाह!

राम, श्याम — संज्ञा, विकारी पद। और — अविकारी पद। धीरे — अविकारी पद। आए — क्रिया, विकारी पद। वाह — अविकारी पद।

12. वाक्य में सब कुर्सियाँ

अरे! छोटे गाँधी धीरे बोले और सत्य के बिना नहीं चले, वाह!

  • अरे, वाह — विस्मयादिबोधक, अविकारी
  • छोटे — विशेषण, विकारी (छोटा → छोटे)
  • गाँधी — संज्ञा, विकारी वर्ग; चंद्रबिंदु
  • धीरे — क्रिया विशेषण, अविकारी
  • बोले / चले — क्रिया, विकारी
  • और — समुच्चयबोधक, अविकारी
  • सत्य — संज्ञा
  • के बिना — संबंधबोधक, अविकारी
  • नहीं — निषेध, क्रिया विशेषण वाले विषय में, अविकारी

आप मुझे अच्छाई नहीं, अच्छी बात दीजिए।

  • आप, मुझे — सर्वनाम विकारी; आप आदर, आप-तुम वाले विषय में
  • अच्छाई — प्रत्यय वाला संज्ञा, प्रत्यय वाले विषय में
  • अच्छी — विशेषण का रूप, विकार आज
  • नहीं — अविकारी
  • दीजिए — क्रिया, आदर-मेल

13. शब्द तोड़कर पूरा

लड़का / लड़के / लड़की

संज्ञा विकारी। नई संज्ञा नहीं। रूप विचार में।

मैं / मुझे / मेरा

सर्वनाम विकारी। तू-तुम-आप, आप-तुम वाले विषय में।

अच्छा / अच्छी / अच्छे

विशेषण विकारी। अच्छाई प्रत्यय।

जाता / गई / जाइए

क्रिया विकारी। पुरुष वाले विषय में, रूप विचार में।

धीरे / यहाँ / कल

क्रिया विशेषण अविकारी। धीमी विशेषण।

के सामने / और / वाह

अविकारी 3 कुर्सियाँ।

ही / भी

निपात आगे।

अधर्म / बचपन

खंड से नया शब्द, उपसर्ग और प्रत्यय वाले विषयों में। धर्म/बच्चा का विकार नहीं।

गाँधी धीरे बोले, और सब चुप। — गाँधी संज्ञा विकारी, धीरे अविकारी, बोले क्रिया विकारी, और अविकारी। चंद्रबिंदु।

14. आम गलतियाँ

  • लड़के को नई संज्ञा लिखना। रूप है, संज्ञा वाले विषय में।
  • अच्छाई को अच्छी का विकार लिखना। प्रत्यय नया शब्द।
  • अधर्म को धर्म का वचन लिखना। उपसर्ग, उपसर्ग वाले विषय में।
  • धीरे को धीमी करके क्रिया पर चढ़ाना। क्रिया विशेषण वाले विषय में।
  • जोड़ वाले और को विकारी बनाना। पुल अविकारी, समुच्चयबोधक वाले विषय में।
  • वाह को वाही। विस्मयादिबोधक वाले विषय में।
  • आप/तुम को एक शब्द का विकार लिखना। सामाजिक चुन, आप-तुम वाले विषय में।
  • लाल न मुड़ा तो विशेषण अविकारी वर्ग लिखना। वर्ग विकारी, सदस्य कभी अटल।
  • अविकारी को पद न मानना। शब्द और वाक्य वाले विषय में।
  • निपात को 9वाँ विकार बनाना। निपात आगे।
  • लिंग-वचन के सब नियम यहीं खोल लेना। रूप विचार में।
  • अव्यय और विकारी-अविकारी एक विषय समझना। घर अव्यय आगे।

जाँच: (1) मुड़ा? विकारी। (2) अटल? अविकारी। (3) 4-4, 8 विकार। (4) अच्छी रूप, अच्छाई शब्द। (5) रूप विचार में कैसे, आज हाँ/नहीं।

15. इस विषय का सार

  • विकारी रूप बदलते हैं — संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया।
  • अविकारी नहीं बदलते — क्रिया विशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक।
  • लड़के नया नाम नहीं। अच्छी रूप है, अच्छाई प्रत्यय। तू-आप चुन है, मैं-मुझे विकार।
  • अव्यय आगे। निपात आगे। कैसे बदले — रूप विचार में और पुरुष वाले विषय में।
  • दोनों खेमे वाक्य में पद हैं।

आगे अव्यय है।

अभ्यास

नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।

1. विकारी क्या है? अविकारी क्या है? 8 विकार कैसे बँटते हैं?

उत्तर

जो लिंग-वचन-कारक-पुरुष-काल से रूप बदले — विकारी। जो न बदले — अविकारी। 4 विकारी: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया। 4 अविकारी: क्रिया विशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक।

2. लड़के नई संज्ञा है? अच्छाई अच्छी का विकार है?

उत्तर

नहीं — लड़के वही नाम, वचन/कारक का रूप, रूप विचार में। नहीं — अच्छी विशेषण का रूप; अच्छाई प्रत्यय से नया शब्द, प्रत्यय वाले विषय में।

3. आप और तुम एक शब्द के दो रूप हैं? मैं → मुझे विकार है?

उत्तर

नहीं — तू/तुम/आप सामाजिक चुन, आप-तुम वाले विषय में। हाँ — मुझे मैं का रूप, सर्वनाम विकारी।

4. धीरे को धीमी करके क्रिया पर चढ़ाएँ? वाह से वाही बनता है?

उत्तर

नहीं — धीरे अविकारी क्रिया विशेषण; धीमी विशेषण। नहीं — वाह अविकारी विस्मयादिबोधक, वाही नहीं।

5. अव्यय और यह विषय एक हैं? निपात 9वाँ विकार है?

उत्तर

नहीं — आज काट: मुड़ा या नहीं; अव्यय उस अटल परिवार का नाम, अव्यय आगे। नहीं — ही-भी 8 के बाहर, निपात आगे; अविकारी के पड़ोसी।

विषय समाप्त · विकारी और अविकारी शब्द