Noteclass 9 10

प्रत्यय

Lesson 27 of 71

अंग 2 · शब्द विचार

पाठ 2.16

विषय शुरू · प्रत्यय

उपसर्ग वाले विषय में सिर खुला — अ, सु, अधि, निर्। आज वह खंड जो शब्द के बाद जुड़कर अर्थ या कुर्सी मोड़ दे। कार्ड के 4: आई, पन, वाला, इक। यह भी विकार नहीं, बनावट की तह। कृदंत आगे — धातु की पूँछ। पूँछ = शब्द के बाद जुड़ने वाला टुकड़ा। तद्धित आगे — नाम-गुण की पूँछ। आप-तुम आगे। आज पीछे का खंड।

1. कुर्सी — बाद जुड़ने वाला खंड

परिभाषा सीधी रखो: जो खंड किसी शब्द या धातु के अंत में लगकर नया शब्द बनाए, वह प्रत्यय है। अकेला वाक्य में नहीं बैठता। अच्छा विशेषण है; आई लगते ही अच्छाई — गुण का नाम, संज्ञा और संज्ञा के भेद वाले विषयों में।

अच्छा + आई = अच्छाई

बच्चा + पन = बचपन

दूध + वाला = दूधवाला

धर्म + इक = धार्मिक

प्रश्न: कौन सा टुकड़ा शब्द की पूँछ पर चढ़कर नया शब्द बना रहा है? उतारो — मूल बच सकता है; नई कुर्सी जाती रहे। अच्छाई से आई हटाओ, अच्छा रह गया।

जाँच: पीछे है? नया शब्द / नई कुर्सी? मूल पहचाना जाता है? प्रत्यय सोचो। सिर? उपसर्ग वाले विषय में। दो पूरे शब्द? समास, वाक्य विचार में।

2. 4 कार्ड एक नज़र में

4 पूँछ, 4 काम। एक आई रटकर बाकी तीन गायब मत करो।

प्रत्यय अक्सर क्या बने उदाहरण
आई भाव का नाम अच्छाई, मिठाई, ऊँचाई
पन अवस्था / भाव का नाम बचपन, पागलपन, अपनापन
वाला संबंध, काम, करने वाला दूधवाला, दिल्लीवाला, घरवाला
इक विशेषण धार्मिक, मासिक, दैनिक, ऐतिहासिक

आई और पन अक्सर संज्ञा बनाते हैं — भाववाचक, संज्ञा के भेद वाले विषय में। इक अक्सर विशेषण — विशेषण वाले विषय में। वाला नाम भी, विशेषण भी: दूधवाला आया / दूधवाला आदमी। वाक्य पूछो, कार्ड से कुर्सी पक्की मत बाँधो।

जाँच: गुण का नाम? आई/पन सोचो। कैसा? इक सोचो। किससे जुड़ा / पेशा? वाला।

3. 8 विकार के बाद

प्रत्यय 9वीं कुर्सी नहीं। बचपन वाक्य में संज्ञा बनकर बैठता है; पन अकेला कर्ता नहीं। धार्मिक विशेषण है; इक अकेला गुण नहीं बताता।

तह काम विषय
8 विकार वाक्य में पद संज्ञा से विस्मयादिबोधक
उपसर्ग शब्द के पहले खंड उपसर्ग वाले विषय में
प्रत्यय शब्द के बाद खंड आज
कृदंत / तद्धित पूँछ किस मूल पर कृदंत-तद्धित आगे

धातु आगे — लिख्, जा, कर। आज पूँछ; धातु की पूरी जड़ वहाँ। निपात ही-भी आगे, पूँछ नहीं।

जाँच: अकेला चलता है? विकार। सिर? उपसर्ग वाले विषय में। पूँछ? आज।

4. यौगिक से नाता

रूढ़-यौगिक वाले विषय में: सुंदरता यौगिक — सुंदर + ता, जोड़ भाव। आज पता चलता है ता प्रत्यय है। बनावट यौगिक, पीछे का टुकड़ा प्रत्यय — दो प्रश्न, एक शब्द।

बचपन — यौगिक; पन प्रत्यय, बच्चा मूल।

राजपुत्र — यौगिक; राजा + पुत्र, समास। प्रत्यय नहीं।

बच्चा — रूढ़ जातिवाचक; पूँछ नहीं।

सुंदर रूढ़ गुण, रूढ़-यौगिक और उपसर्ग वाले विषयों में। सुंदरता में सु उपसर्ग मत ढूँढो; ता पूँछ है। पानी रूढ़; पा + नी मत काटो।

जाँच: पीछे छोटा खंड, मूल बचा? प्रत्यय। दो पूरे शब्द? समास। एक टुकड़ा, न टूटे? रूढ़।

5. आई — भाव का नाम

कार्ड का पहला। अच्छा से अच्छाई। मीठा से मिठाई। ऊँचा से ऊँचाई। चौड़ा से चौड़ाई। बुरा से बुराई।

उसकी अच्छाई सबने देखी। — अच्छाई संज्ञा, भाववाचक संज्ञा के भेद वाले विषय में।

मिठाई मीठी है। — मिठाई वस्तु का नाम भी हो सकती है; वाक्य पूछो।

पहाड़ की ऊँचाई नापो।

एक ही आई दो मूलों पर बैठती है। अच्छाई — अच्छा विशेषण, तद्धित का दरवाज़ा आगे। पढ़ाई, कमाई, सिलाई, लड़ाई — पढ़, कमा, सी, लड़ धातु के पास; कृदंत का दरवाज़ा आगे। पूँछ एक, जड़ अलग। आज पूँछ का नाम आई; जड़ का पूरा बाँट आगे।

गर्मी, सर्दी — ई भाव, संज्ञा के भेद वाले विषय में। आई का पड़ोसी, कार्ड का ई अकेला नहीं। लड़की की ई स्त्रीलिंग रूप है — लिंग रूप विचार में। अच्छाई ≠ लड़की वाली ई। लड़कियाँ वचन रूप विचार में। 3 ई, 3 कुर्सियाँ।

जाँच: गुण से नाम? आई सोचो। धातु से पढ़ाई? पूँछ आज, जड़ कृदंत आगे। लड़की? लिंग रूप विचार में।

6. पन — अवस्था

कार्ड का दूसरा। बच्चा से बचपन। पागल से पागलपन। अपना से अपनापन। मूर्ख से मूर्खपन। लड़का से लड़कपन।

बचपन में गाँधी सरल थे। — चंद्रबिंदु गाँधी में। बचपन भाववाचक।

अपनापन मत छोड़ो।

यह मूर्खपन है।

पन अक्सर नाम-गुण पर बैठता है — तद्धित आगे। लिखपन नहीं चलता; धातु पर पन कम। बचपन गिनती कम माँगता है — दो बचपन अटपटा, संज्ञा के भेद वाले विषय में। बच्चे बहुवचन है, बचपन पूँछ वाला एक शब्द।

बच्चा + पन। बच्चपन गलत नहीं सुनाई दे; लिखा बचपन — मूल का अंत हट सकता है। रूप बदला, पूँछ वही। पूरा तद्धित आगे।

जाँच: अवस्था का नाम, जाति का नहीं? पन। बच्चे व्यक्ति; बचपन भाव।

7. वाला — संबंध और पेशा

कार्ड का तीसरा। दूध से जुड़ा दूधवाला। दिल्ली से जुड़ा दिल्लीवाला। घर से घरवाला। टोपी से टोपीवाला।

दूधवाला आया। — संज्ञा की कुर्सी।

लाल टोपी वाला लड़का। — वाला यहाँ विशेषण-सा, टोपी से संबंध।

गाँधी वाले मार्ग पर चलो। — संबंध; चंद्रबिंदु।

पढ़ने वाला लड़का। — पढ़ + ना + वाला। ना धातु की पूँछ है, कृदंत आगे; वाला उसके बाद। आज वाला कार्ड; पढ़नेवाला पूरा नक्शा कृदंत आगे। दूधवाला में ना नहीं — दूध नाम, तद्धित आगे।

वाला, वाले, वाली — लिंग-वचन रूप विचार में। आज खंड वाला; रूप बदलना रूप विचार में। ने वाला कारक नहीं — वाला प्रत्यय, ने विभक्ति कारक रूप विचार में।

जाँच: नाम से पेशा/संबंध? वाला। पढ़ने वाला? ना कृदंत आगे, वाला आज। वाले/वाली? लिंग-वचन, रूप विचार में।

8. इक — विशेषण

कार्ड का चौथा। धर्म से धार्मिक। मास से मासिक। दिन से दैनिक। वर्ष से वार्षिक। इतिहास से ऐतिहासिक।

धार्मिक किताब। — धार्मिक विशेषण, किताब विशेष्य, विशेषण वाले विषय में।

दैनिक समाचार।

ऐतिहासिक स्थान।

मूल का पहला स्वर खिंच सकता है: धर्म → धार्मिक, दिन → दैनिक, लोक → लौकिक। यह खिंचाव तद्धित की पहचान है — पूरा तद्धित आगे। आज: इक पूँछ विशेषण बनाती है; काट धर्म + इक, लिखा धार्मिक हो तो घबराओ मत।

ईय पड़ोसी है, कार्ड इक नहीं: राष्ट्र + ईय = राष्ट्रीय। भारत + ईय = भारतीय। इक और ईय दोनों विशेषण की पूँछ; एक सूची मत बना दो। सुनार आर/कार तद्धित आगे — आज इक।

इक इ ह्रस्व — ह्रस्व = छोटी मात्रा। धार्मिक, धार्मीक गलत, वर्तनी वाले विषय में। अधिकारी की ई पूँछ छू सकती है, तद्धित आगे; अधि सिर उपसर्ग वाले विषय में।

जाँच: नाम से कैसा? इक/ईय। धार्मिक इक, राष्ट्रीय ईय। स्वर खिंच? तद्धित आगे।

9. ता, आस, आहट — कार्ड के पड़ोसी

4 कार्ड मूल हैं। संज्ञा के भेद वाले विषय में ता, आस, आहट, आवट पहले ही भाव पर बैठे। आज कुर्सी प्रत्यय की; सूची रटना नहीं।

प्रत्यय उदाहरण मूल
ता सुंदरता, मानवता, मित्रता, वीरता सुंदर, मानव, मित्र, वीर
आस मिठास, खटास मीठा, खट्टा
आहट घबराहट, चिकनाहट, कड़वाहट घबरा, चिकना, कड़वा
आवट सजावट, लिखावट सजा; लिख — धातु, कृदंत आगे
ई गर्मी, सर्दी, गरीबी गर्म, सर्द, गरीब

मीठा से मिठाई भी, मिठास भी — दो पूँछ, एक मूल। वस्तु मिठाई, भाव मिठास — वाक्य पूछो। सुंदरता का ता क्रिया वाले जाता से अलग — 3 दीवारें वाले खंड में।

वाद पड़ोसी: गाँधीवाद — गाँधी + वाद। चंद्रबिंदु। नाम तद्धित के पास; आज पूँछ दिखी।

जाँच: भाव का नाम? ता/आई/पन/आस। वस्तु मिठाई, भाव मिठास। जाता का ता? 3 दीवारें वाले खंड में।

10. दो दरवाज़े — कृदंत और तद्धित

पूँछ किस पर बैठी — यही आगे के दो विषयों का काम है। आज दरवाज़े के नाम, ताकि आई एक बोरी में न पड़ी रहे। सूची यहीं नहीं रटनी।

दरवाज़ा मूल आज का उदाहरण विषय
कृदंत धातु पढ़ाई, लिखावट, लिखना, लिखकर कृदंत आगे; धातु आगे
तद्धित संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण बचपन, अच्छाई, धार्मिक, दूधवाला, सुनार तद्धित आगे

लिखकर, लिखा, लिखना — धातु की पूँछें, कृदंत आगे। बचपन, सुनार — नाम से बने, तद्धित आगे। आज दोनों को प्रत्यय कहना सही है; कौन-सा बाँट — जड़ पूछो।

लेखक, पाठक — अक धातु पर, कृदंत। तेली, माली — ई नाम पर, तद्धित। कार्ड में अक नहीं; दरवाज़ा खुला रखना।

जाँच: जड़ धातु? कृदंत सोचो। जड़ नाम/गुण? तद्धित। पूँछ है या नहीं? आज।

11. उपसर्ग नहीं — दिशा

सिर पहले, पूँछ बाद। उपसर्ग उलटी दिशा है, उलटा विषय नहीं; दोनों तहें एक शब्द में मिल सकती हैं।

शब्द सिर मूल पूँछ
अधर्म अ धर्म —
सुंदरता — सुंदर ता
बेईमानी बे ईमान ई / आई
असभ्यता अ सभ्य ता
अनपढ़ अन पढ़ —

सुपुत्र सिर सु, पूँछ नहीं। अनपढ़ सिर अन, पढ़ मूल; पढ़ाई मत घुसाओ बिना आई के। सुंदरता में सु मत काटो।

जाँच: पहले? उपसर्ग वाले विषय में। बाद? आज। दोनों? दो तहें गिनो, एक कुर्सी मत ठोको।

12. 3 दीवारें — विभक्ति, क्रिया-रूप, लिंग

क्या दिखे कुर्सी उदाहरण
ता भाव-नाम प्रत्यय आज सुंदरता, मानवता
ता / ते / ती क्रिया रूप / कृदंत जाता है, जाते हैं — रूप विचार में; कृदंत आगे
ने, को, से, में, पर कारक, विभक्ति राम ने — कारक रूप विचार में
ई स्त्रीलिंग लिंग लड़का → लड़की, लिंग रूप विचार में
आई भाव प्रत्यय आज अच्छाई, ऊँचाई

ने शब्द के बाद लगता है, पर नया शब्द नहीं बनाता — राम राम ही रहा, कारक चढ़ा। अच्छाई नया शब्द है। विभक्ति रूप विचार; प्रत्यय शब्द विचार। दोनों बाद में दिखें तो भी कुर्सी अलग।

ही निपात आगे; ई प्रत्यय गर्मी; ई लिंग लड़की। 3 छोटे खंड, 3 विषय।

जाँच: नया शब्द बना? प्रत्यय। सिर्फ़ ने/को चढ़ा? कारक रूप विचार में। जाता? काल/कृदंत। लड़की? लिंग।

13. विदेशी पूँछ — झलक

कुछ पूँछ दूसरी भाषा से आईं। पूरा स्रोत तत्सम वाले विषय में। संकर आगे। आज: ये भी बाद जुड़ती हैं।

प्रत्यय उदाहरण
दार दुकानदार, ईमानदार, हिस्सेदार
गर जादूगर, बाजीगर

वाला घर की पूँछ, दार बाहर की — काम पास: संबंध/पेशा। कुर्सी एक: प्रत्यय। कहाँ से आई — तत्सम वाले विषय में।

जाँच: बाद जुड़ी? आज। स्रोत? तत्सम वाले विषय में। दो भाषाओं के टुकड़े? संकर आगे।

14. वर्तनी की झलक

पूँछ स्वर से टकराए तो लिखा बदल सकता है। नियम संधि वाक्य विचार में और तद्धित आगे; आज निशान।

जोड़ लिखा याद
धर्म + इक धार्मिक इ ह्रस्व (छोटी मात्रा); आ खिंच
बच्चा + पन बचपन आ गिरा
मीठा + आई मिठाई ई दीर्घ अंत, वर्तनी
राष्ट्र + ईय राष्ट्रीय ईय, इक नहीं

अच्छाई अंत आई। अच्छी स्त्रीलिंग रूप, रूप विचार में — अच्छाई से अलग शब्द। नीति अंत ई, उपसर्ग नहीं, प्रत्यय भी नहीं — वर्तनी वाले विषय में।

जाँच: काट कर मूल और पूँछ अर्थ वाले? रूप थोड़ा मुड़ा तो तद्धित सोचो, तद्धित आगे।

15. वाक्य में सब कुर्सियाँ

अरे! दिल्लीवाले दूधवाले की अच्छाई बचपन से गाँधी को भाती थी; धार्मिक जीवन मूर्खपन नहीं।

  • अरे — विस्मयादिबोधक
  • दिल्लीवाले, दूधवाले — वाला प्रत्यय; लिंग-वचन रूप विचार में
  • की — संबंध / कारक रूप विचार में
  • अच्छाई — आई प्रत्यय, भाववाचक
  • बचपन — पन प्रत्यय
  • से — कारक
  • गाँधी — संज्ञा; चंद्रबिंदु
  • को — कारक
  • भाती थी — क्रिया + सहायक
  • धार्मिक — इक प्रत्यय, विशेषण
  • जीवन — संज्ञा
  • मूर्खपन — पन
  • नहीं — निषेध, क्रिया विशेषण वाले विषय में

सुंदरता सु उपसर्ग नहीं; असभ्यता में अ सिर, ता पूँछ।

  • सुंदरता — ता प्रत्यय
  • असभ्यता — अ उपसर्ग, ता आज

16. शब्द तोड़कर पूरा

आई

अच्छाई, ऊँचाई, मिठाई। पढ़ाई धातु पर — कृदंत आगे। लड़की लिंग, लड़कियाँ वचन।

पन

बचपन, अपनापन। तद्धित आगे।

वाला

दूधवाला, दिल्लीवाला। पढ़ने वाला — ना कृदंत आगे। वाले/वाली — लिंग-वचन, रूप विचार में।

इक / ईय

धार्मिक इक। राष्ट्रीय ईय। सुनार तद्धित आगे।

ता / आस / आहट

सुंदरता, मिठास, घबराहट। जाता का ता अलग।

दार / गर

बाहर की भाषा की पूँछ; स्रोत तत्सम वाले विषय में।

अ / सु / निर्

उपसर्ग वाले विषय में।

ने / को / से

विभक्ति, कारक रूप विचार में। नया शब्द नहीं।

गाँधी की मानवता और अच्छाई अहिंसा से जुड़ी। — ता, आई; अहिंसा अ + हिंसा, उपसर्ग वाले विषय में। चंद्रबिंदु गाँधी में।

17. आम गलतियाँ

  • सुंदरता में सु उपसर्ग काटना। सुंदर रूढ़, ता पूँछ।
  • आई और लड़की की ई एक कुर्सी पर ठोकना।
  • जाता है वाले ता को सुंदरता वाला ता लिखना।
  • ने, को को प्रत्यय लिखना। विभक्ति कारक रूप विचार में।
  • प्रत्यय को 9वाँ विकार बनाना।
  • धार्मिक को धर्म + ईक लिखना। इक, इ ह्रस्व (छोटी मात्रा)।
  • राष्ट्रीय को इक कार्ड पर ठोकना। ईय है।
  • पढ़ाई और अच्छाई एक दरवाज़ा समझना। जड़ पूछो — कृदंत या तद्धित आगे।
  • कृदंत-तद्धित की पूरी सूची यहीं रट लेना।
  • वाला और ने वाला एक। वाला पूँछ, ने कारक।
  • बचपन और बच्चे एक शब्द। एक भाव, एक वचन-रूप।
  • पानी = पा + नी काटना। रूढ़, रूढ़-यौगिक वाले विषय में।
  • ही निपात को ई प्रत्यय लिखना। निपात आगे।

जाँच: (1) बाद का खंड, नया शब्द? प्रत्यय। (2) आई भाव, पन अवस्था, वाला संबंध, इक विशेषण। (3) सिर उपसर्ग वाले विषय में। (4) ने/जाता/लड़की अलग। (5) जड़ धातु या नाम — कृदंत-तद्धित आगे।

18. इस विषय का सार

  • प्रत्यय शब्द के बाद जुड़ने वाला खंड है — आई, पन, वाला, इक।
  • अकेला पद नहीं। यौगिक का दूसरा रास्ता, रूढ़-यौगिक वाले विषय में। उपसर्ग उलटी दिशा, उपसर्ग वाले विषय में।
  • आई/पन अक्सर भाव-नाम। वाला संबंध। इक विशेषण; ईय पड़ोसी।
  • ता, आस, आहट उसी कुर्सी के पड़ोसी। जाता वाला ता नहीं। ने विभक्ति नहीं।
  • धातु पर पूँछ कृदंत आगे। नाम-गुण पर तद्धित आगे।

आगे आप, तुम, तू है।

अभ्यास

नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।

1. प्रत्यय क्या है? कार्ड के 4 लिखो। यह 8वाँ विकार है?

उत्तर

जो खंड शब्द या धातु के अंत में लगकर नया शब्द बनाए। आई, पन, वाला, इक। नहीं — 8 विकार से अलग तह, बनावट है; 9वीं कुर्सी नहीं।

2. सुंदरता में सु उपसर्ग है? आई और लड़की की ई एक कुर्सी हैं?

उत्तर

नहीं — सुंदर रूढ़, ता पूँछ; सु मत काटो। नहीं — अच्छाई भाव-प्रत्यय; लड़की की ई लिंग, रूप विचार में।

3. “जाता है” वाला ता और सुंदरता वाला ता एक हैं? ने प्रत्यय है?

उत्तर

नहीं — जाता क्रिया-रूप / कृदंत आगे; सुंदरता भाव-प्रत्यय। नहीं — ने विभक्ति, कारक रूप विचार में; वाला पूँछ अलग।

4. धार्मिक = धर्म + ईक? राष्ट्रीय इक कार्ड पर बैठता है?

उत्तर

नहीं — धर्म + इक, इ ह्रस्व (छोटी मात्रा); आ खिंच सकता है, तद्धित आगे। नहीं — राष्ट्रीय ईय, इक नहीं।

5. पढ़ाई और अच्छाई एक दरवाज़ा हैं? कृदंत-तद्धित की पूरी सूची आज रटनी है?

उत्तर

नहीं — पढ़ाई धातु (कृदंत आगे), अच्छाई गुण (तद्धित आगे); पूँछ एक, जड़ अलग। नहीं — आज पूँछ का नाम; बाँट आगे।

विषय समाप्त · प्रत्यय