इकाई 3 — प्रश्नोत्तर (HIN 4.5 AECCT-21)
इस संग्रह में इकाई 3 के कुल 25 प्रश्नोत्तर दिए गए हैं। विषय विस्तार — वाक्य की परिभाषा और अंग, वाक्य शुद्धि के नियम, अशुद्ध वाक्यों का संशोधन, शब्द शुद्धि, मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग, लोकोक्तियों के अर्थ और व्याख्या, समानार्थक शब्द, समश्रुत भिन्नार्थक शब्द तथा विलोम शब्द। प्रत्येक उत्तर उदाहरण सहित परीक्षा में लिखने योग्य रूप में तैयार किया गया है।
प्रश्न 1. वाक्य किसे कहते हैं? इसके अंग कौन-कौनसे हैं?
उत्तर: शब्दों का वह सार्थक समूह जो पूरा भाव प्रकट करता है, वाक्य कहलाता है। जैसे राम पुस्तक पढ़ता है। वाक्य के दो मुख्य अंग होते हैं — उद्देश्य और विधेय। जिसके बारे में कुछ कहा जाता है, उसे उद्देश्य कहते हैं, जैसे 'राम'। उद्देश्य के बारे में जो कुछ कहा जाता है, उसे विधेय कहते हैं, जैसे 'पुस्तक पढ़ता है'। बिना उद्देश्य और विधेय के वाक्य पूरा नहीं होता। वाक्य भाषा की सबसे छोटी पूर्ण इकाई है।
प्रश्न 2. अर्थ के आधार पर वाक्य के कितने भेद होते हैं? नाम लिखिए।
उत्तर: अर्थ के आधार पर वाक्य के आठ भेद माने गए हैं — विधानवाचक (राम पढ़ता है), निषेधवाचक (राम नहीं पढ़ता), प्रश्नवाचक (क्या राम पढ़ता है?), विस्मयवाचक (अरे! राम पढ़ता है), आज्ञावाचक (राम, पढ़ो), इच्छावाचक (राम पढ़े), संदेहवाचक (शायद राम पढ़ता हो) और संकेतवाचक (यदि राम पढ़ता तो पास होता)। प्रत्येक भेद का अपना विशेष अर्थ और प्रयोग होता है। वाक्य भेदों की पहचान परीक्षा में पूछी जाती है।
प्रश्न 3. अशुद्ध वाक्य शुद्ध कीजिए — मेरा विद्यालय तुमसे अच्छा है। कारण बताइए।
उत्तर: अशुद्ध वाक्य — मेरा विद्यालय तुमसे अच्छा है। शुद्ध वाक्य — मेरा विद्यालय तुम्हारे विद्यालय से अच्छा है। कारण — यहाँ तुलना दो विद्यालयों में हो रही है, अतः 'तुमसे' के स्थान पर 'तुम्हारे विद्यालय से' लिखना शुद्ध होगा। तुलना में समान जाति की वस्तुओं का उल्लेख आवश्यक है। 'तुमसे अच्छा' कहने पर अर्थ अस्पष्ट रहता है कि तुमसे या तुम्हारे विद्यालय से। वाक्य शुद्धि में तुलना का नियम महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 4. अशुद्ध वाक्य शुद्ध कीजिए — यहाँ शुद्ध गाय का दूध मिलता है। कारण बताइए।
उत्तर: अशुद्ध वाक्य — यहाँ शुद्ध गाय का दूध मिलता है। शुद्ध वाक्य — यहाँ गाय का शुद्ध दूध मिलता है। कारण — विशेषण 'शुद्ध' दूध की विशेषता बता रहा है, गाय की नहीं। विशेषण को सदा अपने विशेष्य के पास रखना चाहिए। 'शुद्ध गाय' कहने पर अर्थ निकलता है कि गाय शुद्ध है, जो हास्यास्पद है। सही क्रम में विशेषण विशेष्य से पहले आता है। वाक्य में शब्दों का सही क्रम अर्थ को स्पष्ट करता है।
प्रश्न 5. अशुद्ध शब्दों को शुद्ध करके लिखिए — श्रृंगार, अभिप्सा।
उत्तर: अशुद्ध शब्द 'श्रृंगार' का शुद्ध रूप है — शृंगार। यहाँ ऋ की मात्रा का सही प्रयोग 'शृं' में होता है। चरण — पहला, शब्द को ध्यान से पढ़ें। दूसरा, मात्रा और वर्णों की जाँच करें। 'अभिप्सा' शब्द का शुद्ध रूप है — अभीप्सा। यहाँ 'अभि' उपसर्ग के बाद 'ईप्सा' में दीर्घ ई की मात्रा आती है। शब्द शुद्धि में मात्राओं का सही ज्ञान आवश्यक है। परीक्षा में ऐसे शब्दों की शुद्ध वर्तनी बार-बार पूछी जाती है।
प्रश्न 6. अशुद्ध वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए (कोई दो) — (क) भोजन बनाने की व्यवस्था का प्रबंध करें। (ख) अंकों की औसत अच्छी है। (ग) उसकी आँख से आँसू बह रहा था।
उत्तर: (क) अशुद्ध — भोजन बनाने की व्यवस्था का प्रबंध करें। शुद्ध — भोजन बनाने की व्यवस्था करें। कारण — व्यवस्था और प्रबंध समानार्थी हैं, दोनों का एक साथ प्रयोग पुनरुक्ति दोष है। (ख) अशुद्ध — अंकों की औसत अच्छी है। शुद्ध — अंकों का औसत अच्छा है। कारण — 'औसत' पुल्लिंग शब्द है, अतः क्रिया भी पुल्लिंग होगी। (ग) अशुद्ध — उसकी आँख से आँसू बह रहा था। शुद्ध — उसकी आँखों से आँसू बह रहे थे। कारण — आँसू बहुप्रयोग में बहुवचन होता है।
प्रश्न 7. अशुद्ध शब्दों के शुद्ध रूप लिखिए (कोई चार) — अभ्यार्थी, वाल्मिकी, प्राणीविज्ञान, नुपुर।
उत्तर: अभ्यार्थी का शुद्ध रूप है — अभ्यर्थी। वाल्मिकी का शुद्ध रूप है — वाल्मीकि। प्राणीविज्ञान का शुद्ध रूप है — प्राणिविज्ञान। नुपुर का शुद्ध रूप है — नूपुर। चरण — पहला, शब्द की मूल धातु पहचानें। दूसरा, मात्रा की जाँच करें — ह्रस्व या दीर्घ। तीसरा, शुद्ध रूप लिखें। शब्द शुद्धि में मात्रा ज्ञान सबसे महत्वपूर्ण है। इन शब्दों की शुद्ध वर्तनी परीक्षा में बार-बार पूछी जाती है, अतः इन्हें कंठस्थ कर लेना चाहिए।
प्रश्न 8. वाक्य शुद्धि के मुख्य नियम उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर: वाक्य शुद्धि के मुख्य नियम इस प्रकार हैं — पहला, लिंग की संगति — कर्ता के लिंग के अनुसार क्रिया हो, जैसे लड़की पढ़ती है। दूसरा, वचन की संगति — लड़के खेलते हैं। तीसरा, कारक चिह्नों का सही प्रयोग — राम ने रावण को मारा। चौथा, पुनरुक्ति से बचें — 'वापस लौटना' के स्थान पर 'लौटना' लिखें। पाँचवाँ, शब्दों का सही क्रम रखें। छठा, विशेषण विशेष्य के पास हो। इन नियमों के पालन से वाक्य शुद्ध बनता है।
प्रश्न 9. मुहावरा किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: जो वाक्यांश अपने सामान्य अर्थ को छोड़कर किसी विशेष अर्थ का बोध कराता है, उसे मुहावरा कहते हैं। जैसे 'आँख का तारा' का सामान्य अर्थ आँख का तारा नहीं, बल्कि 'अत्यंत प्रिय' है। मुहावरे भाषा को सुंदर, प्रभावशाली और रोचक बनाते हैं। मुहावरे का प्रयोग सदा वाक्य में होता है, अकेले नहीं। मुहावरे में क्रिया का रूप वाक्य के अनुसार बदलता है, पर मुख्य शब्द नहीं बदलते। मुहावरों का ज्ञान भाषा की समृद्धि का परिचायक है।
प्रश्न 10. 'आँख का तारा' मुहावरे का अर्थ बताते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए।
उत्तर: 'आँख का तारा' मुहावरे का अर्थ है — अत्यंत प्रिय व्यक्ति। वाक्य प्रयोग — मोहन अपने माता-पिता की आँख का तारा है। इस वाक्य में मोहन के माता-पिता के लिए अत्यंत प्रिय होने का भाव प्रकट हुआ है। मुहावरे का प्रयोग करते समय ध्यान रखें कि मुख्य शब्द न बदलें। वाक्य में मुहावरा स्वाभाविक रूप से आना चाहिए। मुहावरे भाषा में भावों को संक्षेप में और प्रभावशाली ढंग से प्रकट करते हैं।
प्रश्न 11. लोकोक्ति और मुहावरे में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: मुहावरा वाक्यांश होता है और उसका प्रयोग वाक्य के भीतर होता है, जैसे 'नाक कटना'। लोकोक्ति पूर्ण वाक्य होती है और स्वतंत्र रूप से प्रयुक्त होती है, जैसे 'जैसी करनी वैसी भरनी'। मुहावरे में क्रिया का रूप बदलता है, पर लोकोक्ति में कोई परिवर्तन नहीं होता। मुहावरा भाव को प्रकट करता है, जबकि लोकोक्ति में अनुभवजन्य सत्य या सीख होती है। मुहावरा वाक्य का अंग बनता है, लोकोक्ति स्वयं पूर्ण वाक्य होती है।
प्रश्न 12. 'अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना' मुहावरे का अर्थ बताते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए।
उत्तर: 'अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना' मुहावरे का अर्थ है — स्वयं अपनी हानि करना। वाक्य प्रयोग — ईमानदार अधिकारी से झगड़कर उसने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली। इस वाक्य में स्वयं के लिए हानिकारक कार्य करने का भाव है। मुहावरे का प्रयोग करते समय क्रिया का रूप वाक्य के काल के अनुसार बदलता है। जैसे भूतकाल में 'मार ली' और वर्तमान में 'मारता है' होगा। मुहावरे भाषा को जीवंत बनाते हैं।
प्रश्न 13. 'उल्टी गंगा बहाना' मुहावरे का अर्थ बताते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए।
उत्तर: 'उल्टी गंगा बहाना' मुहावरे का अर्थ है — परंपरा या नियम के विरुद्ध कार्य करना। वाक्य प्रयोग — बेटे ने पिता की आज्ञा न मानकर उल्टी गंगा बहा दी। इस वाक्य में मर्यादा के विरुद्ध आचरण का भाव प्रकट हुआ है। गंगा का प्रवाह सदा एक दिशा में होता है, उसके विपरीत बहना असंभव है — इसी से यह मुहावरा बना है। मुहावरे के पीछे प्रायः कोई कथा या तर्क छिपा होता है।
प्रश्न 14. 'कान का कच्चा होना' मुहावरे का अर्थ बताते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए।
उत्तर: 'कान का कच्चा होना' मुहावरे का अर्थ है — दूसरों की बातों में जल्दी आ जाना, बिना सोचे विश्वास कर लेना। वाक्य प्रयोग — वह कान का कच्चा है, इसलिए पड़ोसियों ने उसे भड़का दिया। इस वाक्य में शीघ्र प्रभावित होने वाले स्वभाव का बोध होता है। कान कच्चा अर्थात् कच्चे घड़े के समान — जो बात सुने, वही मान ले। ऐसे व्यक्ति को सावधान रहने की सलाह दी जाती है। मुहावरे चरित्र का सटीक चित्रण करते हैं।
प्रश्न 15. दो मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए — नाक कटना, दाँतों तले उँगली दबाना।
उत्तर: 'नाक कटना' का अर्थ है — बदनामी होना। वाक्य — चोरी करते पकड़े जाने पर उसकी नाक कट गई। 'दाँतों तले उँगली दबाना' का अर्थ है — आश्चर्यचकित होना। वाक्य — ताजमहल की सुंदरता देखकर पर्यटकों ने दाँतों तले उँगली दबा ली। दोनों मुहावरों में भावों की तीव्र अभिव्यक्ति है। मुहावरों का प्रयोग भाषा को प्रभावशाली बनाता है। परीक्षा में मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग दोनों पूछे जाते हैं।
प्रश्न 16. लोकोक्ति किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: जो पूर्ण वाक्य अपने में कोई अनुभवजन्य सत्य, सीख या नीति समेटे होते हैं, उन्हें लोकोक्ति कहते हैं। जैसे 'जैसी करनी वैसी भरनी' में कर्मफल का सत्य छिपा है। लोकोक्तियाँ लोक अनुभव का निचोड़ होती हैं और पीढ़ियों से चली आ रही हैं। लोकोक्ति स्वतंत्र रूप से प्रयुक्त होती है और इसमें कोई परिवर्तन नहीं होता। लोकोक्तियाँ भाषा को गंभीरता और वजन देती हैं। इनका प्रयोग प्रायः उपदेश या चेतावनी के लिए होता है।
प्रश्न 17. 'हाथ कंगन को आरसी क्या' लोकोक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: 'हाथ कंगन को आरसी क्या' का अर्थ है — जो बात प्रत्यक्ष दिखाई दे रही है, उसके लिए प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती। जैसे हाथ में पहना कंगन देखने के लिए दर्पण की जरूरत नहीं होती। वाक्य प्रयोग — उसकी ईमानदारी सबके सामने है, हाथ कंगन को आरसी क्या। यह लोकोक्ति तब प्रयुक्त होती है जब सत्य स्पष्ट हो। इसमें लोक जीवन का गहरा अनुभव छिपा है। ऐसी लोकोक्तियाँ तर्क को संक्षेप में प्रस्तुत करती हैं।
प्रश्न 18. 'कौआ चले हंस की चाल' लोकोक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: 'कौआ चले हंस की चाल' का अर्थ है — अपनी क्षमता से बढ़कर दूसरों की नकल करना। कौआ हंस की तरह चलने का प्रयास करे तो वह हास्यास्पद लगता है और अपनी चाल भी भूल जाता है। वाक्य प्रयोग — गाँव का लड़का शहरी बोली की नकल करने लगा, यही है कौआ चले हंस की चाल। यह लोकोक्ति अंधी नकल की निंदा करती है। इसमें सीख है कि मनुष्य को अपनी स्वाभाविकता बनाए रखनी चाहिए।
प्रश्न 19. 'जान बची तो लाखों पाएँ' लोकोक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: 'जान बची तो लाखों पाएँ' का अर्थ है — प्राण बच जाएँ तो धन-दौलत फिर कमाई जा सकती है। यह लोकोक्ति संकट के समय प्राणों की रक्षा को सर्वोपरि मानती है। वाक्य प्रयोग — आग लगने पर वह सब कुछ छोड़कर भागा, जान बची तो लाखों पाएँ। इसमें जीवन का गहरा दर्शन छिपा है कि धन से बढ़कर जीवन है। यह लोकोक्ति विपत्ति में धैर्य और सूझबूझ से काम लेने की सीख देती है।
प्रश्न 20. 'जैसी करनी वैसी भरनी' लोकोक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: 'जैसी करनी वैसी भरनी' का अर्थ है — मनुष्य को अपने कर्मों के अनुसार ही फल मिलता है। अच्छा करने पर अच्छा और बुरा करने पर बुरा फल मिलता है। वाक्य प्रयोग — चोर पकड़ा गया, जैसी करनी वैसी भरनी। यह लोकोक्ति कर्म सिद्धांत का लोक रूप है। इसमें नैतिक सीख है कि सदा सत्कर्म करने चाहिए। यह लोकोक्ति दुष्कर्मियों को चेतावनी और सज्जनों को सांत्वना देती है। भारतीय दर्शन में कर्मफल का यही सिद्धांत प्रतिष्ठित है।
प्रश्न 21. कीर और मयूर शब्दों के दो-दो समानार्थक शब्द लिखिए।
उत्तर: कीर शब्द के समानार्थक हैं — तोता, शुक, सुग्गा। इनमें से दो हैं — तोता और शुक। मयूर शब्द के समानार्थक हैं — मोर, शिखी, कलापी। इनमें से दो हैं — मोर और शिखी। समानार्थक शब्द वे होते हैं जिनके अर्थ समान होते हैं, जैसे जल के लिए पानी, नीर। समानार्थक शब्दों के प्रयोग से भाषा में विविधता आती है और पुनरुक्ति से बचा जाता है। परीक्षा में समानार्थक शब्दों की सूची से प्रश्न पूछे जाते हैं।
प्रश्न 22. समश्रुत भिन्नार्थक शब्दों के अर्थ लिखिए — ऋत-ऋतु, और-और।
उत्तर: समश्रुत भिन्नार्थक वे शब्द हैं जिनका उच्चारण समान होता है, पर अर्थ भिन्न होते हैं। ऋत का अर्थ है — सत्य, धर्म, यज्ञ। ऋतु का अर्थ है — मौसम, जैसे वसंत ऋतु। और का अर्थ है — तथा, योजक शब्द। और-और में दूसरा 'और' प्रश्नवाचक है, जैसे 'और-और क्या चाहिए?' — यहाँ पहले 'और' का अर्थ 'तथा' और दूसरे का अर्थ प्रश्न है। ऐसे शब्दों के अर्थ संदर्भ से स्पष्ट होते हैं। परीक्षा में इनके अर्थ पूछे जाते हैं।
प्रश्न 23. विलोम शब्द लिखिए — कृतज्ञ, अंधकार।
उत्तर: कृतज्ञ का विलोम है — कृतघ्न। कृतज्ञ का अर्थ है उपकार मानने वाला और कृतघ्न का अर्थ है उपकार न मानने वाला। अंधकार का विलोम है — प्रकाश। अंधकार का अर्थ है अँधेरा और प्रकाश का अर्थ है उजाला। विलोम शब्द वे होते हैं जो परस्पर विपरीत अर्थ देते हैं, जैसे दिन-रात, सुख-दुःख। विलोम शब्दों के प्रयोग से भाषा में विरोधी भाव स्पष्ट होते हैं। परीक्षा में विलोम शब्द बार-बार पूछे जाते हैं।
प्रश्न 24. विलोम शब्द लिखिए — अपमान, एक, तरुण, विशेष।
उत्तर: अपमान का विलोम है — सम्मान। एक का विलोम है — अनेक। तरुण का विलोम है — वृद्ध। विशेष का विलोम है — सामान्य। चरण — पहला, शब्द का अर्थ समझें। दूसरा, उसके विपरीत अर्थ वाला शब्द खोजें। तीसरा, विलोम लिखें। विलोम बनाते समय उपसर्गों का ज्ञान सहायक होता है, जैसे मान-अपमान, ज्ञात-अज्ञात। कुछ शब्दों के एक से अधिक विलोम भी होते हैं। विलोम शब्दों का अभ्यास शब्द भंडार बढ़ाता है।
प्रश्न 25. समश्रुत भिन्नार्थक शब्दों के अर्थ लिखिए — शूर-सूर, तरणि-तरणी, क्षति-क्षिति।
उत्तर: शूर का अर्थ है — वीर, बहादुर। सूर का अर्थ है — सूर्य, अंधा (सूरदास)। तरणि का अर्थ है — सूर्य, नाव। तरणी का अर्थ है — नाव, युवती। क्षति का अर्थ है — हानि, नुकसान। क्षिति का अर्थ है — पृथ्वी, धरती। चरण — पहला, दोनों शब्दों का उच्चारण ध्यान से सुनें। दूसरा, प्रत्येक का अर्थ अलग-अलग लिखें। तीसरा, वाक्य में प्रयोग करके अंतर स्पष्ट करें। ऐसे शब्द परीक्षा में भ्रम पैदा करते हैं, अतः सावधानी आवश्यक है।
