इस विषय में क्या आता है
परीक्षा पूछती है — जय का विलोम विजय है क्या, अमूल्य का क्या, गुरु–शिष्य उल्टे हैं क्या, आशा का जोड़ा, सुगंध का, लड़का–लड़की विलोम है क्या। एक शब्द का उल्टा अर्थ चाहिए, समान अर्थ नहीं, रिश्ता नहीं, लिंग नहीं।
यहाँ पढ़ना है
विलोम की परिभाषा। चार बनने के ढंग। उपसर्ग जो उल्टा करते हैं (अ, अन, अप, अव, नि, निर्, कु, दुर्, सु↔दुर्, आ↔निर्, उत्↔अव, कुछ वि)। सापेक्ष जोड़ी अलग। अमूल्य / जय / विजय के जाल। विषयवार जोड़े। प्रश्न की कसौटी।
यहाँ नहीं घुसाना
समान अर्थ — पर्यायवाची। एक शब्द कई अर्थ — अनेकार्थक। अ+ज्ञान का समास-नाम — नञ् तत्पुरुष। प्र/अनु/सु की पूरी प्रयोगशाला — उपसर्ग। घोड़ा–घोड़ी — लिंग। आँख का तारा — मुहावरे।
एक पंक्ति: विलोम = उल्टा अर्थ, वही व्याकरणिक घर (संज्ञा का संज्ञा, विशेषण का विशेषण)। उपसर्ग हटा देना काफ़ी नहीं — अर्थ उल्टा होना चाहिए।
विलोम क्या है
विलोम या विपरीतार्थक वह शब्द है जिसका अर्थ दिए शब्द के ठीक विपरीत हो। दिन ↔ रात। सुख ↔ दुःख। सत्य ↔ असत्य।
- जोड़ा दो तरफ़ चलता है: रात का विलोम दिन, दिन का रात।
- कभी एक शब्द के दो चलते जोड़े: अंधकार ↔ प्रकाश / उजाला। विकल्प में जो पक्का बैठा हो वही।
- बीच का दर्जा हो सकता है: गर्म ↔ ठंडा, बीच में गुनगुना — फिर भी परीक्षा जोड़ा गर्म–ठंडा ही माँगती है।
विलोम हिंदी का उल्टा-अर्थ वाला शब्द है। पर्याय अगला पृष्ठ है — सुख का पर्याय हर्ष, विलोम दुःख। दोनों विकल्प एक प्रश्न में आएँ तो पूछा क्या है पढ़ो।
विलोम कैसे बनते हैं — चार ढंग
| ढंग | क्या होता है | उदाहरण |
|---|---|---|
| 1. बिलकुल अलग शब्द | जड़ अलग | दिन–रात, सुख–दुःख, लाभ–हानि, अमीर–गरीब, जय–पराजय |
| 2. उपसर्ग जोड़ो | आगे अ / अन / अप / नि… | सत्य–असत्य, आदर–अनादर, मान–अपमान, आशा–निराशा |
| 3. उपसर्ग बदलो | एक उपसर्ग हटा, उल्टा लगा | सुगंध–दुर्गंध, आगमन–निर्गमन, उत्कर्ष–अपकर्ष, अनुकूल–प्रतिकूल |
| 4. निषेध-शब्द अलग | नहीं / ना / रहित अलग शब्द | आस्तिक–नास्तिक, साकार–निराकार, उपस्थिति–अनुपस्थिति |
विशेषण का विलोम विशेषण: सुंदर ↔ कुरूप (सुंदरता ↔ कुरूपता — संज्ञा जोड़ी अलग)। सुंदर का उत्तर कुरूपता मत देना — घर बदल गया।
उपसर्ग से उल्टा — केवल यही टुकड़े
पूरी उपसर्ग-सूची उस पृष्ठ पर है। यहाँ सिर्फ़ वे टुकड़े जिनसे परीक्षा विलोम बनवाती है। नञ् समास का नाम मत लिखना जब प्रश्न «विलोम» हो — समास तब जब विग्रह पूछे।
| टुकड़ा | काम | जोड़े |
|---|---|---|
| अ (अगला व्यंजन) | नहीं / अभाव | सत्य–असत्य, धर्म–अधर्म, हिंसा–अहिंसा, ज्ञान–अज्ञान, शुद्ध–अशुद्ध, संभव–असंभव, सफल–असफल, पूर्ण–अपूर्ण, स्पष्ट–अस्पष्ट, स्थिर–अस्थिर, सभ्य–असभ्य, नैतिक–अनैतिक |
| अन् (अगला स्वर) | वही निषेध | आदर–अनादर, इच्छा–अनिच्छा, न्याय–अन्याय, आचार–अनाचार, आवश्यक–अनावश्यक, उचित–अनुचित, अंत–अनंत, आदि–अनादि, एकता–अनेकता, आस्तिक अलग घर (ना+आस्तिक) |
| अप | नीचे, बुरा, उल्टा | मान–अपमान, यश–अपयश, कीर्ति–अपकीर्ति, जय–अपजय, उपकार–अपकार, उत्कर्ष–अपकर्ष |
| अव | नीचे, हीन | गुण–अवगुण, आरोह–अवरोह, उन्नति–अवनति, मान–अवमान |
| नि / निर् / निस् / निष् | बिना, बाहर | आशा–निराशा, बल–निर्बल, धन–निर्धन, दोष–निर्दोष, भय–निर्भय, जीव–निर्जीव, जन–निर्जन, मल–निर्मल, साक्षर–निरक्षर, सार्थक–निरर्थक, छल–निश्छल, कपट–निष्कपट |
| कु (हिंदी) | बुरा | चाल–कुचाल, पुत्र–कुपुत्र, कर्म–कुकर्म, संग–कुसंग, मति–कुमति, रीति–कुरीति |
| दुर् / दुस् | बुरा, कठिन | जन–दुर्जन, गुण–दुर्गुण, गंध–दुर्गंध, काल–दुष्काल, लभ्य–दुर्लभ, दिन–दुर्दिन, भाग्य–दुर्भाग्य, कृत–दुष्कृत |
| सु ↔ कु / दुर् | अच्छा ↔ बुरा | सुजन–दुर्जन, सुकाल–दुष्काल, सुगंध–दुर्गंध, सुलभ–दुर्लभ, सुयश–अपयश, सुपुत्र–कुपुत्र, सुगम–दुर्गम, सौभाग्य–दुर्भाग्य |
| आ ↔ निर् / नि | इस ओर ↔ बाहर | आगमन–निर्गमन, आयात–निर्यात, आहार–निराहार, आमिष–निरामिष |
| उत् ↔ अव / अप | ऊपर ↔ नीचे | उत्कर्ष–अपकर्ष, उन्नति–अवनति, उदय–अस्त, उत्तम–अधम |
| वि (कभी अभाव) | उल्टा तभी जब अर्थ उल्टा हो | स्मृति–विस्मृति, राग–विराग, देश–विदेश, कृत–विकृत, संगत–विसंगत। जय–विजय नहीं। |
| प्रति | उलटी दिशा | अनुकूल–प्रतिकूल, आकर्षण–विकर्षण (वि), क्रम–प्रतिक्रम |
पाँच जाल — यहीं कटते हैं
1. जय ≠ विजय का उल्टा
जय और विजय दोनों जीत के पास हैं — पर्याय के पड़ोसी, विलोम नहीं। वि यहाँ «विशेष» है, «नहीं» नहीं।
जोड़ा: जय / विजय ↔ पराजय (हार)। विकल्प में विजय हो और प्रश्न जय का विलोम हो — मत चुनना।
2. अमूल्य — अ हमेशा «नहीं» नहीं
अमूल्य = जिसका मूल्य न आँका जाए = बहुत कीमती, अनमोल। यह «बिना दाम का सस्ता» नहीं। इसलिए अ हटाकर मूल्य विलोम नहीं बनता।
- सही विलोम: मूल्यहीन / तुच्छ / सस्ता
- गलत सोच 1: अमूल्य = सस्ता, तो विलोम मूल्यवान — अर्थ ही उल्टा पकड़ा
- गलत सोच 2: अ काटो = मूल्य
ऐसे और शब्द जहाँ अ निषेध नहीं: अचल (पहाड़, स्थिर) का विलोम चल / चंचल ठीक है — यह निषेध है। अमूल्य अपवाद रटो।
3. सापेक्ष जोड़ी विलोम नहीं
जो एक-दूसरे बिना पूरे न हों, उल्टे अर्थ नहीं — रिश्ता हैं।
| सापेक्ष (विलोम मत लिखो) | सच्चा विलोम पास में |
|---|---|
| गुरु–शिष्य, राजा–प्रजा, पिता–पुत्र, माता–पुत्री, पति–पत्नी | गुरु (भारी) ↔ लघु; राजा ↔ रंक |
| मालिक–नौकर, लेखक–पाठक, प्रश्न–उत्तर | — |
| गायक–श्रोता, खरीदार–विक्रेता | खरीददार गलत वर्तनी; सही खरीदार। जोड़ी विलोम नहीं — सापेक्ष |
गुरु अनेकार्थक है (पूरा पृष्ठ आगे)। शिक्षक अर्थ में शिष्य सापेक्ष। भारी अर्थ में विलोम लघु / हलका।
4. लिंग-जोड़ी विलोम नहीं
लड़का–लड़की, घोड़ा–घोड़ी, नायक–नायिका — लिंग बदलना है, अर्थ उल्टा नहीं। नायक का विलोम खलनायक / खलनायिका-घर अलग; लड़का का विलोम लड़की नहीं।
5. ज्ञान–विज्ञान, हार–विहार
वि देखकर हर बार उल्टा मत। विज्ञान = विशेष ज्ञान (पर्याय नहीं, विलोम बिल्कुल नहीं)। विहार ≠ हार का उल्टा। विवाद ≠ वाद का विलोम।
जय, विजय, पराजय — कौन सा जोड़ा विलोम?
हल
- जय ≈ विजय
दोनों जीत। वि = विशेष।
- पराजय
हार। जय का भी विलोम, विजय का भी।
पक्की 24 — पहले ये बैठो
बोर्ड और लिपिक-परीक्षा इन पर बार-बार लौटते हैं।
| शब्द | विलोम | शब्द | विलोम |
|---|---|---|---|
| जय | पराजय | विजय | पराजय |
| अमूल्य | मूल्यहीन | आशा | निराशा |
| उत्कर्ष | अपकर्ष | उन्नति | अवनति |
| आगमन | निर्गमन | आयात | निर्यात |
| अनुकूल | प्रतिकूल | कृतज्ञ | कृतघ्न |
| ज्येष्ठ | कनिष्ठ | जड़ | चेतन |
| अमृत | विष | सुधा | गरल |
| राग | विराग | स्मृति | विस्मृति |
| अपना | पराया | आस्तिक | नास्तिक |
| हिंसा | अहिंसा | सुलभ | दुर्लभ |
| प्रकाश | अंधकार | गुरु (भारी) | लघु |
| आदर | अनादर | मान | अपमान |
नीति, धर्म, भाव
| शब्द | विलोम | शब्द | विलोम |
|---|---|---|---|
| सत्य | असत्य / झूठ | धर्म | अधर्म |
| पाप | पुण्य | न्याय | अन्याय |
| हिंसा | अहिंसा | युद्ध | शांति |
| स्वार्थ | परमार्थ | अहंकार | विनम्रता |
| प्रेम | घृणा | दया | निष्ठुरता |
| हर्ष | शोक / विषाद | सुख | दुःख |
| लाभ | हानि | आय | व्यय |
| स्वीकार | अस्वीकार | उपस्थिति | अनुपस्थिति |
| विश्वास | अविश्वास | संतोष | असंतोष |
| उचित | अनुचित | आचार | अनाचार |
| उपकार | अपकार | यश | अपयश |
| कीर्ति | अपकीर्ति | सौभाग्य | दुर्भाग्य |
| बंधन | मुक्ति | स्वतंत्र | परतंत्र |
| स्वाधीन | पराधीन | संयोग | वियोग |
| मिलन | वियोग / विछोह | प्रत्यक्ष | परोक्ष |
| सगुण | निर्गुण | साकार | निराकार |
व्यक्ति, गुण, समाज
| शब्द | विलोम | शब्द | विलोम |
|---|---|---|---|
| सज्जन | दुर्जन | सुजन | दुर्जन (कुजन अप्रचलित) |
| मित्र | शत्रु | अमीर | गरीब |
| धनिक | निर्धन | राजा | रंक |
| वीर | कायर | साहसी | भीरु |
| दानी | कृपण | क्रूर | दयालु |
| कृतज्ञ | कृतघ्न | आस्तिक | नास्तिक |
| साक्षर | निरक्षर | शिक्षित | अशिक्षित |
| सभ्य | असभ्य | ग्रामीण | शहरी |
| सुंदर | कुरूप | कठोर | कोमल |
| स्थूल | सूक्ष्म | सरल | जटिल / कठिन |
| स्पष्ट | अस्पष्ट | स्थिर | अस्थिर / चंचल |
| सफल | असफल | पूर्ण | अपूर्ण |
| निर्दोष | सदोष | निर्भय | सभय / भयभीत |
| जीव | निर्जीव | जड़ | चेतन |
| युवा | वृद्ध | रोगी | स्वस्थ / नीरोग |
| अपना | पराया | एक | अनेक |
युवा–वृद्ध उम्र का जोड़ा है। ज्येष्ठ–कनिष्ठ पद/पांत है, पिता–पुत्र नहीं।
दिशा, समय, माप
| शब्द | विलोम | शब्द | विलोम |
|---|---|---|---|
| पूर्व | पश्चिम | उत्तर | दक्षिण |
| ऊपर | नीचे | आगे | पीछे |
| भीतर | बाहर | दायाँ | बायाँ |
| आदि | अंत | आरंभ | अंत / समाप्ति |
| दिन | रात | दिवा | रात्रि |
| उदय | अस्त | जागरण | निद्रा |
| प्राचीन | अर्वाचीन / नवीन | नया | पुराना |
| नित्य | अनित्य | शाश्वत | क्षणिक |
| कम | अधिक | छोटा | बड़ा |
| ऊँचा | नीचा | गुरु (भार) | लघु |
| ज्येष्ठ | कनिष्ठ | सम | विषम |
| आगमन | निर्गमन / प्रस्थान | आयात | निर्यात |
| स्वदेश | विदेश | आरोह | अवरोह |
प्रकृति, जीवन, तत्सम पक्के
| शब्द | विलोम | शब्द | विलोम |
|---|---|---|---|
| जीवन | मरण / मृत्यु | जन्म | मृत्यु |
| सृष्टि | प्रलय | निर्माण | विनाश |
| प्रकाश | अंधकार | ज्योति | तम |
| उष्ण | शीत | गर्मी | सर्दी |
| शुष्क | आर्द्र | सुगंध | दुर्गंध |
| सुकाल | दुष्काल | अमृत | विष |
| सुधा | गरल | सुर | असुर |
| देव | दानव / असुर | स्वर्ग | नरक |
| आहार | निराहार | आमिष | निरामिष |
| सुलभ | दुर्लभ | सुगम | दुर्गम |
| उत्थान | पतन | विकास | ह्रास |
| सार्थक | निरर्थक | व्यक्त | अव्यक्त |
परीक्षा में चार कदम
- पूछा विलोम है या पर्याय? उल्टा vs समान।
- घर वही? संज्ञा–संज्ञा, विशेषण–विशेषण।
- उपसर्ग काटो तभी जब अर्थ सचमुच उल्टा हो। अमूल्य, विजय, विज्ञान छोड़ो।
- सापेक्ष / लिंग तो नहीं? गुरु–शिष्य, लड़का–लड़की बाहर।
अनेकार्थक शब्द (गुरु, अर्थ, हर) का विलोम अर्थ देखकर — सूची अगले-अगले पृष्ठ की; यहाँ गुरु का उदाहरण काफ़ी है।
प्रश्न 1–10
विलोम शब्द किसे कहते हैं?
- समान अर्थ वाले
- उल्टे अर्थ वाले
- एक शब्द के कई अर्थ
- लिंग बदलने वाले
हल
- उल्टा
समान = पर्याय (अगला विषय)। कई अर्थ = अनेकार्थक। लिंग अपना पृष्ठ।
«जय» का विलोम?
- विजय
- पराजय
- अपजय नहीं चलता, इसलिए विजय
- सुजय
हल
- वि = विशेष
जय और विजय दोनों जीत। उल्टा हार = पराजय। अपजय भी हार के पास है, विकल्प में पराजय पक्का है।
«अमूल्य» का विलोम?
- मूल्य — अ काट दो
- मूल्यवान — अ = नहीं
- मूल्यहीन
- अनमोल — वही शब्द
हल
- अमूल्य = बहुत कीमती
अनमोल पर्याय है, विलोम नहीं। अ यहाँ «न आँका जा सके»। उल्टा = बिना दाम / तुच्छ = मूल्यहीन।
कौन-सा जोड़ा विलोम है?
- गुरु–शिष्य
- गुरु–लघु
- लड़का–लड़की
- प्रश्न–उत्तर
हल
- भारी ↔ हलका
गुरु–लघु विलोम। शिष्य सापेक्ष (शिक्षक अर्थ)। लड़का लिंग। प्रश्न–उत्तर पूरक।
«आदर» का विलोम?
- सम्मान — पर्याय
- अनादर
- आदरणीय
- स्वयं
हल
- अन् + आदर
स्वर आगे → अन्। सम्मान पर्याय के पास। अपमान «मान» का विलोम है, आदर का भी चल सकता है पर पक्का जोड़ा अनादर।
«सुगंध» का विलोम?
- अगंध
- दुर्गंध
- सुगंधित
- निर्गंध हमेशा
हल
- सु ↔ दुर्
अच्छा गंध ↔ बुरी गंध। अ+गंध परीक्षा का पक्का जोड़ा नहीं।
«लड़का–लड़की» क्या है?
- विलोम
- लिंग-जोड़ी, विलोम नहीं
- पर्याय
- उपसर्ग-विलोम
हल
- अर्थ उल्टा नहीं
एक प्राणी के दो लिंग। घोड़ा–घोड़ी वही जाल।
«आगमन» का विलोम?
- संगम
- निर्गमन
- आगम
- विगमन नहीं तो संगम
हल
- आ ↔ निर्
इस ओर आना ↔ बाहर जाना। संगम = मिलना, विलोम नहीं। प्रस्थान भी चलता है; विकल्प में निर्गमन है।
«कृतज्ञ» का विलोम?
- अकृतज्ञ केवल, कृतघ्न गलत
- कृतघ्न
- कृतकार्य
- विकृत
हल
- उपकार मानने वाला ↔ भुलाने वाला
कृतघ्न पक्का जोड़ा। अकृतज्ञ अर्थ पास है; कुंजी कृतघ्न माँगती है। विकृत «कृत» का दूसरा घर।
कौन विलोम जोड़ा नहीं है?
- स्मृति–विस्मृति
- ज्ञान–विज्ञान
- राग–विराग
- देश–विदेश
हल
- वि = विशेष ज्ञान
विज्ञान ज्ञान का उल्टा नहीं। बाकी तीनों में वि/विदेश अभाव या अलग दिशा है।
अभ्यास
ये दस अलग कोण हैं — ऊपर वाले दस की नकल नहीं।
«आशा» का विलोम?
- आशंका — पास का शब्द
- निराशा
- अनाशा
- प्रत्याशा
हल
- निर् + आशा
निराशा पक्का। अनाशा नहीं चलता।
«उत्कर्ष» का विलोम?
- उत्कृष्ट
- अपकर्ष
- आकर्षण
- विकर्षण — हमेशा
हल
- उत् ↔ अप
ऊपर उठना ↔ नीचे खिंचना। आकर्षण–विकर्षण अलग जोड़ा।
«आयात» का विलोम?
- आदान
- निर्यात
- प्रदान
- आगम
हल
- अंदर लाना ↔ बाहर भेजना
निर्यात। आदान–प्रदान विलोम नहीं।
«अमीर» का विलोम?
- अनमीर
- गरीब
- निर्धन ही लिखो, गरीब गलत
- धनिक
हल
- अलग शब्द
उपसर्ग नहीं। गरीब पक्का। धनिक–निर्धन दूसरी जोड़ी। धनिक पर्याय अमीर का।
«अनुकूल» का विलोम?
- अनकूल
- प्रतिकूल
- सुकूल
- विकूल
हल
- अनु ↔ प्रति
साथ की दिशा ↔ उलटी दिशा। अ+अनुकूल नहीं काटते।
«हिंसा» का विलोम?
- हिंसक
- अहिंसा
- दया केवल
- शांति केवल — हिंसा का नहीं
हल
- अ + हिंसा
अहिंसा। युद्ध–शांति अलग जोड़ा।
«ज्येष्ठ» का विलोम?
- श्रेष्ठ
- कनिष्ठ
- ज्येष्ठा — लिंग
- गुरु
हल
- बड़ा भाई / बड़ा पद ↔ छोटा
कनिष्ठ। ज्येष्ठा लिंग है। श्रेष्ठ पर्याय-पास।
«अपना» का विलोम?
- स्वयं — निजवाचक
- पराया
- मेरा
- निज
हल
- अपना ↔ दूसरों का
पराया। स्वयं/निज सर्वनाम-भेद हैं, विलोम नहीं।
«उन्नति» का विलोम?
- उन्नत
- अवनति
- उत्पत्ति
- प्रगति — उल्टा?
हल
- उत्/उन् ↔ अव
अवनति। प्रगति पर्याय उन्नति का। उत्पत्ति जन्म-घर।
«आदान–प्रदान» और «आयात–निर्यात»?
- दोनों विलोम
- आयात–निर्यात विलोम; आदान–प्रदान सापेक्ष युग्म
- दोनों पर्याय
- दोनों लिंग-जोड़ी
हल
- दिशा vs लेन-देन
आयात अंदर, निर्यात बाहर — उल्टी दिशा = विलोम। आदान–प्रदान एक व्यवहार के दो हाथ, जैसे प्रश्न–उत्तर।
