इस विषय में क्या आता है
परीक्षा पूछती है — अग्नि का पर्याय कौन, कमल, पंकज, नीरज, जलधि में बेमेल कौन, जय–विजय पर्याय हैं या विलोम, अमृत–सुधा क्या है, गंगा–यमुना एक समूह में बैठते हैं क्या। एक ही अर्थ के कई नाम चाहिए, उल्टा नाम नहीं, दूसरी चीज़ का नाम नहीं।
यहाँ पढ़ना है
पर्याय की परिभाषा। पूर्ण vs निकट। तत्सम–तद्भव जोड़ी (संकेत)। काव्य/बोलचाल। बेमेल निकालो। प्रकृति, कमल, देव, प्राणी, भाव के समूह। जय–विजय यहाँ पर्याय। अमृत–सुधा पर्याय, अमृत–विष विलोम।
यहाँ नहीं घुसाना
उल्टा अर्थ — विलोम (जय–पराजय, अमूल्य–मूल्यहीन वहीं)। एक शब्द के कई अर्थ, श्रुतिसम (नीर–नीड़) — अनेकार्थक / श्रुतिसम। जल–पानी का तत्सम ठप्पा पूरी सूची — तत्सम–तद्भव। घोड़ा–घोड़ी लिंग। आँख का तारा — मुहावरे।
एक पंक्ति: पर्याय = लगभग एक अर्थ, रूप अलग। विलोम = अर्थ उल्टा। अनेकार्थक = एक रूप, कई अर्थ। समूह में वही चीज़ के नाम रखो, पड़ोसी चीज़ मत घुसाओ।
पर्यायवाची क्या है
पर्यायवाची या समानार्थक वे शब्द हैं जिनका अर्थ एक हो, या इतना पास हो कि परीक्षा एक समूह मान ले। अग्नि = आग = पावक। कमल = पंकज = नीरज।
| नाम | अर्थ का रिश्ता | उदाहरण |
|---|---|---|
| पर्याय | एक दिशा, एक चीज़ | सुख–आनंद–हर्ष · अमृत–सुधा–पीयूष |
| विलोम | उल्टी दिशा | सुख–दुःख · अमृत–विष — उस पृष्ठ पर |
| सापेक्ष | रिश्ता, न समान न उल्टा | गुरु–शिष्य, पिता–पुत्र |
दोनों विकल्प एक प्रश्न में हों तो पूछा शब्द पढ़ो — पर्याय समान दिशा, विलोम उल्टी।
पूर्ण पर्याय और निकट पर्याय
शुद्ध गणित की तरह सौ-से-सौ एक अर्थ दुर्लभ है। हिंदी में दो परतें काम करती हैं।
| भेद | क्या | उदाहरण | परीक्षा |
|---|---|---|---|
| पूर्ण / बहुत निकट | जगह लगभग एक | नेत्र–नयन–चक्षु · पावक–अनल–वह्नि | समूह में सब सही |
| निकट / अंश-भेद | एक घर, डिग्री अलग | राजा–नरेश–सम्राट (सम्राट ऊँचा) · प्रेम–अनुराग–आसक्ति | फिर भी पर्याय गिने जाते हैं |
| तत्सम + तद्भव | संस्कृत रूप + बोलचाल रूप, अर्थ एक | अग्नि–आग · क्षेत्र–खेत · रात्रि–रात · हस्त–हाथ | जोड़ा पर्याय है; स्रोत का ठप्पा तत्सम–तद्भव पर |
बोलचाल और काव्य — एक चीज़, दो तह
घर में आग, कविता में पावक / अनल। प्यास में पानी, शास्त्र में जल / नीर / वारि। दोनों पर्याय हैं; वाक्य का स्तर चुनो।
| बोलचाल | काव्य / तत्सम |
|---|---|
| आग, पानी, हवा, आसमान, पहाड़, समुद्र, रात, आँख, घोड़ा, सोना | अग्नि, जल/नीर, पवन/समीर, गगन/व्योम, गिरि/शैल, सागर/उदधि, रात्रि/निशा, नेत्र/नयन, अश्व/तुरंग, स्वर्ण/कनक |
प्रश्न «पर्याय» हो तो दोनों तह सही। प्रश्न «तत्सम चुनो» हो तो आग नहीं, अग्नि — वह तत्सम-पृष्ठ की पूछ है।
चार जाल — यहीं कटते हैं
1. विलोम समूह में घुस आए
सुख, आनंद, हर्ष, दुःख — दुःख बेमेल (विलोम)। अमृत, सुधा, पीयूष, विष — विष बेमेल। जय, विजय, अपजय — अपजय/पराजय विलोम; जय–विजय यहाँ पर्याय हैं (विलोम-पृष्ठ का उल्टा जाल)।
जय–विजय: पर्याय (जीत–जीत)। विलोम दोनों का = पराजय। «वि» यहाँ विशेष है, नहीं नहीं।
2. पड़ोसी चीज़ — बेमेल
एक परिवार के नाम साथ, दूसरी चीज़ का नाम काटो।
- कमल, पंकज, नीरज, जलधि — जलधि = समुद्र, कमल नहीं
- गंगा, भागीरथी, जाह्नवी, यमुना — यमुना दूसरी नदी
- सूर्य, रवि, भास्कर, इंद्र — इंद्र देवता, सूर्य नहीं (आदित्य सूर्य-नाम है, इंद्र नहीं)
- सिंह, मृगराज, केसरी, गज — गज हाथी
3. अनेकार्थक — गलत घर का पर्याय
गुरु शिक्षक हो तो आचार्य/अध्यापक; भारी हो तो पर्याय नहीं, विलोम लघु (विलोम)। सोम चंद्र भी, अमृत भी — समूह देखो: शशि के साथ हो तो चंद्र, सुधा के साथ हो तो अमृत। पूरा पाठ अनेकार्थक पर।
4. श्रुतिसम — आवाज़ एक, अर्थ दो
नीर (जल) और नीड़ (घोंसला) पर्याय नहीं। अभ्र (बादल) और अंबर (आकाश) पर्याय नहीं — अंबर आकाश का पर्याय है, अभ्र मेघ का। दिखने-सुनने का जाल अनेकार्थक / श्रुतिसम पर है; यहाँ अर्थ एक चाहिए।
कमल, पंकज, सरोज, जलधि — बेमेल?
हल
- तीन कमल
पंकज = पंक में जन्मा। सरोज = सर में जन्मा। कमल वही फूल।
- जलधि
जल + धि = समुद्र (उदधि, पयोधि वाला घर)। फूल नहीं।
प्रकृति, आकाश, समय
| शब्द | पर्याय (रटो) |
|---|---|
| अग्नि | आग, पावक, अनल, वह्नि, दहन, कृशानु |
| जल | पानी, नीर, वारि, तोय, अंबु, सलिल, पानीय |
| वायु | पवन, हवा, समीर, अनिल, वात, मारुत |
| आकाश | गगन, नभ, व्योम, अंबर, आसमान, द्यौ |
| पृथ्वी | धरा, धरती, भूमि, वसुधा, वसुंधरा, मेदिनी, क्षिति, उर्वी |
| सूर्य | रवि, भानु, दिवाकर, आदित्य, भास्कर, दिनकर, प्रभाकर, मार्तंड |
| चंद्र | शशि, इंदु, मयंक, निशाकर, विधु, शशांक, राकेश, कलानिधि, सोम (चंद्र-अर्थ) |
| समुद्र | सागर, सिंधु, उदधि, जलधि, पयोधि, अर्णव, नदीश |
| पर्वत | पहाड़, गिरि, शैल, अचल, महीधर, नग, तुंग |
| नदी | सरिता, तटिनी, आपगा, स्रोतस्विनी, निम्नगा |
| वृक्ष | पेड़, तरु, पादप, द्रुम, विटप |
| पुष्प | फूल, सुमन, कुसुम, प्रसून |
| रात्रि | रात, निशा, रजनी, यामिनी, क्षपा, विभावरी |
| दिन | दिवस, वासर, अहन् |
| अंधकार | तम, तिमिर, अँधेरा, तमिस्र |
| प्रकाश | उजाला, ज्योति, रोशनी, प्रभा |
| मेघ | बादल, घन, वारिद, पयोद, अभ्र |
अंबर आकाश। अभ्र मेघ। दोनों पर्याय एक-दूसरे के नहीं।
कमल, गंगा, रत्न — नाम के अंदर कहानी
ये समूह इसलिए पूछे जाते हैं कि हर पर्याय एक उपनाम है, न कि पड़ोसी वस्तु।
| शब्द | पर्याय | नाम क्यों (संकेत) |
|---|---|---|
| कमल | पंकज, नीरज, जलज, वारिज, सरोज, पद्म, राजीव, अरविंद, पुंडरीक | पंक/नीर/सर में जन्मा। जलधि मत लिखना। |
| गंगा | भागीरथी, जाह्नवी, मंदाकिनी, त्रिपथगा, देवनदी, सुरसरिता, विष्णुपदी | भगीरथ लाए, जह्नु मुनि, तीन लोक। यमुना अलग नदी। |
| अमृत | सुधा, पीयूष, सोम (अमृत-अर्थ) | विष / गरल विलोम। |
| स्वर्ण | सोना, कनक, हाटक, हेम, कंचन | रजत = चाँदी, बेमेल। |
| रजत | चाँदी, रौप्य | — |
| आम्र | आम, रसाल, अतिसौरभ, सहकार | — |
देव और अवतार — परीक्षा के उपनाम
| नाम | पर्याय / उपनाम |
|---|---|
| शिव | शंकर, महादेव, नीलकंठ, पशुपति, शंभु, रुद्र, भोलेनाथ, चंद्रशेखर, गिरीश |
| विष्णु | नारायण, हरि, चक्रपाणि, लक्ष्मीपति, दामोदर (कृष्ण-पास भी), माधव |
| ब्रह्मा | विधि, प्रजापति, चतुरानन, आत्मभू, स्रष्टा |
| गणेश | गजानन, विनायक, लंबोदर, एकदंत, वक्रतुंड, गणपति |
| कृष्ण | श्याम, घनश्याम, मुरारी, गिरिधर, नंदलाल, वासुदेव, मोहन, केशव, हृषिकेश |
| राम | रघुपति, रघुनंदन, सीतापति, दशरथसुत, राघव, अवधेश |
| लक्ष्मी | पद्मा, कमला, श्री, हरिप्रिया, चंचला, इंदिरा |
| सरस्वती | वाणी, भारती, शारदा, वीणापाणि, वागीश्वरी, हंसवाहिनी |
| पार्वती | उमा, गौरी, शिवा, अम्बिका, गिरिजा, दुर्गा (रूप-भेद; समूह में चलता) |
| इंद्र | पुरंदर, देवेंद्र, शचीपति, सुरपति, वज्रपाणि, मेघवाहन |
| हनुमान | पवनसुत, अंजनीसुत, मारुति, बजरंगबली, कपि, महावीर |
| लक्ष्मण | शेषावतार, सौमित्रि, रामानुज |
| सीता | जानकी, वैदेही, जनकसुता, मिथिलेशजा |
प्राणी, शरीर, संबंध, घर
| शब्द | पर्याय |
|---|---|
| सिंह | शेर, मृगराज, केसरी, वनराज, पंचानन, हरि (सिंह-अर्थ; विष्णु भी हरि — समूह देखो) |
| गज | हाथी, हस्ती, करी, मतंग, द्विप, कुंजर |
| अश्व | घोड़ा, तुरंग, हय, वाजी, घोटक |
| धेनु | गाय, गौ, सुरभि, पयस्विनी |
| सर्प | साँप, नाग, भुजंग, विषधर, अहि, उरग, फणी |
| श्वान | कुत्ता, कुक्कुर, सारमेय |
| नेत्र | आँख, नयन, चक्षु, लोचन, अक्षि, दृष्टि (अंग के अर्थ में) |
| मुख | आनन, वदन, आस्य |
| हस्त | हाथ, कर, पाणि |
| राजा | नृप, भूप, नरेश, महिपति, अवनीश, सम्राट (निकट) |
| पुत्र | बेटा, तनय, सुत, आत्मज, नंदन |
| पुत्री | बेटी, तनया, सुता, आत्मजा, नंदिनी |
| पति | स्वामी, भर्ता, कान्त, आर्यपुत्र (काव्य) |
| पत्नी | भार्या, वामा, सहधर्मिणी, गृहिणी, दारा |
| मित्र | सखा, साथी, दोस्त, सुहृद, अंतरंग |
| शत्रु | वैरी, रिपु, अरि, दुश्मन, विपक्ष |
| गृह | घर, आलय, निकेतन, सदन, भवन, आगार |
| अध्यापक | शिक्षक, आचार्य, गुरु (शिक्षक-अर्थ) |
| छात्र | विद्यार्थी, शिष्य, अन्तेवासी |
पति–पत्नी पर्याय नहीं, सापेक्ष जोड़ी है — विलोम के जाल-3 जैसा, उल्टा भी नहीं।
भाव, गुण, युद्ध, धन
| शब्द | पर्याय |
|---|---|
| सुख | आनंद, हर्ष, प्रसन्नता, आह्लाद, मोद |
| दुःख | शोक, कष्ट, पीड़ा, व्यथा, संताप, क्लेश |
| क्रोध | रोष, कोप, अमर्ष, गुस्सा |
| प्रेम | स्नेह, प्रीति, अनुराग, प्यार, प्रणय |
| भय | डर, त्रास, भीति, दहशत |
| बुद्धि | मति, प्रज्ञा, मेधा, विवेक, समझ |
| सुंदर | मनोहर, रमणीय, खूबसूरत, आकर्षक, दिव्य, चारु |
| बड़ा | विशाल, वृहत्, महान्, विराट |
| छोटा | लघु, अल्प, क्षुद्र (निकट; क्षुद्र गाली-गंध भी) |
| सत्य | सच, यथार्थ, तथ्य |
| युद्ध | समर, रण, लड़ाई, संग्राम, आहव |
| धन | संपत्ति, दौलत, वैभव, द्रव्य, वित्त |
| अन्न | अनाज, शस्य, खाद्य |
| भोजन | आहार, खाना, जेवनार |
| मृत्यु | मौत, निधन, देहांत, पंचत्व, इंतकाल |
| पुस्तक | किताब, ग्रंथ, पोथी |
| विद्या | ज्ञान, शिक्षा, विद्याधन (काव्य) |
सुख और दुःख एक समूह में हों तो दुःख काटो — वह विलोम है, पर्याय नहीं। दोनों के अपने पर्याय ऊपर अलग पंक्ति में हैं।
परीक्षा में चार कदम
- पूछा पर्याय है या विलोम? समान vs उल्टा।
- समूह की चीज़ कौन? फूल / नदी / देव / जीव — एक ही।
- बेमेल नाम की चीज़ अलग है? जलधि समुद्र, यमुना दूसरी नदी, गज हाथी।
- अनेकार्थक / श्रुतिसम तो नहीं? सोम, हरि, गुरु, नीर–नीड़ — अर्थ का घर देखो।
प्रश्न 1–10
पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?
- उल्टे अर्थ वाले
- समान / निकट अर्थ वाले
- एक शब्द के कई अर्थ
- लिंग बदलने वाले
हल
- समान
उल्टा = विलोम। कई अर्थ = अनेकार्थक। लिंग अपना पृष्ठ।
«अग्नि» का पर्याय?
- जल
- पावक
- पवन
- पंकज
हल
- आग का तत्सम घर
पावक, अनल, वह्नि। जल पानी, पवन हवा, पंकज कमल।
बेमेल चुनो: कमल, पंकज, नीरज, जलधि
- कमल
- पंकज
- नीरज
- जलधि
हल
- तीन फूल, एक समुद्र
जलधि = उदधि वाला घर। सरोज होता तो कमल रहता।
«जय» और «विजय»?
- विलोम
- पर्याय
- सापेक्ष — गुरु–शिष्य जैसे
- श्रुतिसम भिन्नार्थक
हल
- दोनों जीत
पर्याय। विलोम पराजय — विलोम पृष्ठ। वि = विशेष, नहीं नहीं।
«अमृत–सुधा» और «अमृत–विष»?
- दोनों पर्याय
- सुधा पर्याय, विष विलोम
- दोनों विलोम
- सुधा विलोम, विष पर्याय
हल
- एक शब्द दो घर
सुधा/पीयूष = अमृत के पर्याय। विष/गरल = विलोम। समूह में विष काटो।
«सूर्य» का पर्याय?
- इंद्र
- भास्कर
- शशि
- जलद
हल
- भास्कर = प्रकाश करने वाला
रवि, दिवाकर, आदित्य भी। इंद्र सुरपति। शशि चंद्र। जलद मेघ।
बेमेल: गंगा, भागीरथी, जाह्नवी, यमुना
- गंगा
- भागीरथी
- जाह्नवी
- यमुना
हल
- तीन नाम एक नदी
यमुना दूसरी नदी, पर्याय नहीं। मंदाकिनी/त्रिपथगा गंगा रहते।
«आँख» का पर्याय?
- कर्ण
- नेत्र
- नासिका
- दंत
हल
- नेत्र, नयन, चक्षु, लोचन
कर्ण कान, नासिका नाक, दंत दाँत।
«शिव» का पर्याय?
- नारायण
- नीलकंठ
- चतुरानन
- गजानन
हल
- नीलकंठ = शिव
नारायण विष्णु, चतुरानन ब्रह्मा, गजानन गणेश।
«सुख, आनंद, हर्ष, दुःख» — बेमेल?
- सुख
- आनंद
- हर्ष
- दुःख
हल
- तीन पर्याय, एक विलोम
दुःख उल्टा अर्थ। शोक दुःख का पर्याय होता, इस सूची में नहीं।
अभ्यास
ये दस अलग कोण हैं — ऊपर वाले दस की नकल नहीं।
«चंद्र» का पर्याय?
- रवि
- शशि
- अनल
- अंबर
हल
- शशि, इंदु, मयंक, निशाकर
रवि सूर्य, अनल आग, अंबर आकाश।
«सिंह» का पर्याय?
- गज
- मृगराज
- अश्व
- धेनु
हल
- हरिणों का राजा
मृगराज, केसरी, वनराज। गज हाथी, अश्व घोड़ा, धेनु गाय।
«पवन» का पर्याय?
- पयोधि
- समीर
- पयोद
- पंकज
हल
- हवा
समीर, अनिल, मारुत। पयोधि समुद्र, पयोद मेघ, पंकज कमल। पयो- जाल मत खाना।
बेमेल: सिंह, केसरी, मृगराज, गज
- सिंह
- केसरी
- मृगराज
- गज
हल
- गज = हाथी
बाकी तीन शेर।
«गणेश» का पर्याय?
- चतुरानन
- गजानन
- चक्रपाणि
- वज्रपाणि
हल
- हाथी-मुख
गजानन, लंबोदर, एकदंत। चतुरानन ब्रह्मा, चक्रपाणि विष्णु, वज्रपाणि इंद्र।
«पुत्र» का पर्याय?
- पितृ
- आत्मज
- आत्मजा
- भ्राता
हल
- आत्मज = बेटा
तनय, सुत भी। आत्मजा बेटी। पितृ पिता, भ्राता भाई — सापेक्ष, पर्याय नहीं।
«आकाश» का पर्याय?
- अभ्र
- गगन
- अचल
- अनल
हल
- गगन, नभ, व्योम, अंबर
अभ्र बादल (श्रुति-पास अंबर से — श्रुतिसम)। अचल पहाड़, अनल आग।
«आग» और «अग्नि»?
- विलोम
- पर्याय — बोलचाल और तत्सम
- श्रुतिसम भिन्नार्थक
- लिंग-जोड़ी
हल
- एक चीज़ दो तह
अर्थ एक। ठप्पा तत्सम–तद्भव पर; प्रश्न पर्याय हो तो B।
«पति–पत्नी» क्या हैं?
- पर्याय
- सापेक्ष जोड़ी — पर्याय नहीं, विलोम नहीं
- विलोम
- कमल-समूह
हल
- रिश्ता
गुरु–शिष्य जैसा। पर्याय तभी जब एक ही व्यक्ति के दो नाम हों (भर्ता = पति)।
बेमेल: स्वर्ण, कनक, हेम, रजत
- स्वर्ण
- कनक
- हेम
- रजत
हल
- तीन सोना, एक चाँदी
रजत = चाँदी / रौप्य। हाटक/कंचन सोना रहते।
