Noteclerical

मुहावरे

Lesson 59 of 113

इस विषय में क्या आता है

परीक्षा पूछती है — आँख का तारा का अर्थ क्या, नाक में दम करना किसके निकट, वाक्य में मुहावरा बैठा है या नहीं, यह पद मुहावरा है या लोकोक्ति, हाथ मलना और हाथ धोना में फर्क क्या। पूछ पूरे पदबंध का रूढ़ अर्थ है। एक शब्द का पर्याय यहाँ नहीं। शब्द कहाँ से आया — तत्सम-पृष्ठ।

यहाँ पढ़ना है

मुहावरा क्या है। शब्दशः अर्थ क्यों गलत। लोकोक्ति से तीन कसौटी। क्रिया-काल-लिंग से रूप कैसे बदलता है। आँख–नाक–हाथ के परिवार (एक अंग, कई अर्थ)। पशु, प्रकृति, मन की पक्की सूची। वाक्य में शुद्ध प्रयोग। पाँच जाल।

यहाँ नहीं घुसाना

पूरा लोक-वाक्य («अंधों में काना राजा») — लोकोक्तियाँ। वर्तनी/वाक्य शुद्धि — अशुद्धि-शोधन। ने-रचना और वाच्य — काल/वाक्य व वाच्य-पृष्ठ। उपमा-रूपक — अलंकार। कमल = पंकज — पर्याय। हरि के कई अर्थ — अनेकार्थक। अग्नि–आग ठप्पा — तत्सम।

एक पंक्ति: मुहावरा वाक्य के अंदर घुलता है और क्रिया बदलती है। लोकोक्ति वाक्य के बाहर ज्यों-की-त्यों उद्धृत होती है।

शब्दशः अर्थ काम नहीं आता

मुहावरा = मुह + आवरा, यानी बोलने का बना-बनाया ढंग। कई शब्द जुड़कर एक नया अर्थ देते हैं। टुकड़े जोड़ोगे तो परीक्षा कट जाएगी।

मुहावराशब्दशः (गलत)रूढ़ अर्थ (सही)वाक्य
आँख का ताराआँख में चमकता ताराअत्यंत प्रिय व्यक्तिपोता दादा की आँख का तारा है।
नाक में दम करनानाक बंद कर देनाबहुत तंग करनामच्छरों ने रात भर नाक में दम कर दिया।
पेट में चूहे दौड़नापेट में चूहे दौड़ रहेतीव्र भूख लगनादोपहर तक पेट में चूहे दौड़ने लगे।
हाथ मलनाहाथ रगड़नापछतानामौका गंवाकर अब हाथ मल रहा है।
ईद का चाँद होनाईद वाली रात का चाँदबहुत दिनों बाद दिखाई देनातुम तो ईद के चाँद हो गए।
उदाहरण से पकड़ो। «राम ने श्याम को आँख दिखाई» — कोई नेत्र-चिकित्सा नहीं। अर्थ: धमकी दी। «सीता आँख का तारा है» — नेत्रगोलक नहीं, परिवार की प्यारी। तीन शब्द पढ़कर चित्र मत बनाना; पूरा ठप्पा याद रखना।

पर्याय एक शब्द का दूसरा नाम है: अग्नि = आग। मुहावरा कई शब्दों का बना अर्थ है: आग बबूला होना = अत्यंत क्रोधित होना। आग यहाँ तत्सम-जोड़ी नहीं, क्रोध का चित्र है। तत्सम पूछें तो स्रोत-पृष्ठ; पर्याय पूछें तो पर्याय।

मुहावरा और लोकोक्ति — तीन कसौटी

कुछ कुंजी दोनों को एक थैले में डाल देती है। कक्षा-10 और लिपिक दोनों में फर्क पूछा जाता है। लोकोक्तियों की पूरी सूची लोकोक्तियाँ पर है; यहाँ केवल सीमा रेखा।

मुहावरालोकोक्ति
आकारअधूरा पदबंध, प्रायः क्रिया समेतपूरा वाक्य, लोक का अनुभव
घुलनातुम्हारे वाक्य में बैठता है; काल-लिंग बदलते हैंज्यों-की-त्यों उद्धृत; अंदर घिसकर काल नहीं बदलते
कामकिसी काम/भाव को चित्र से कहनासीख, चेतावनी, सामान्य सत्य
जाँच«उसने ___ किया / वह ___ हो गया»«जैसा कहा जाता है — ___।»
उदाहरणकमर कसना, नाक कटना, नौ-दो-ग्यारह होनाअंधों में काना राजा। अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत।

कसौटी: अपने वाक्य में क्रिया मोड़कर बैठा सको तो मुहावरा। पूरा नैतिक वाक्य जस-का-तस हो तो लोकोक्ति।

मुहावरा घुला

उसने कमर कसी। वे कमर कसेंगे। लड़की ने कमर कसी। तीनों सही — क्रिया कसी/कसेगा/कसेंगे।

लोकोक्ति उद्धृत

«अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता» — इसे «उसने अकेला चना फोड़ा» मत बनाना। वह लोकोक्ति का रूप नहीं, तोड़ है। पूरी सूची लोकोक्तियाँ पर।

भूल। «धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का» पूरा वाक्य है — लोकोक्ति। कुछ प्रश्न-पत्र इसे मुहावरे में डाल देते हैं; तब कुंजी देखो, पर पहचान की कसौटी यही रहे: पूरा लोक-वाक्य = लोकोक्ति। «नक्कारखाने में तूती की आवाज़» पदबंध-सा लगता है, प्रायः मुहावरा गिना जाता है (कोई सुनता नहीं)। संदेह हो तो आकार देखो: क्रिया जोड़कर वाक्य बनता है या पूरा कहावत है।

रचना: क्रिया साथ रहती है

अधिक मुहावरे = संज्ञा-पद + क्रिया। क्रिया ही काल, लिंग, वचन, पुरुष से बदलती है। संज्ञा-पद प्रायः ज्यों-की-त्यों रहता है — «आँख» को «नेत्र» से मत बदलना, रूढ़ टूट जाएगा।

ढाँचाउदाहरणवाक्य में रूप
सकर्मक-सा (ने + कर्म)आँखें दिखाना, कमर कसना, चार चाँद लगानाउसने आँखें दिखाई। उसने कमर कसी।
होना / हो जानाआँखें चार होना, नौ-दो-ग्यारह होना, पानी-पानी होनाआँखें चार हो गईं। वह नौ-दो-ग्यारह हो गया।
अप्रत्यक्ष कर्ताकान पर जूँ न रेंगना, दाल न गलनाउसकी बात कान पर जूँ न रेंगी। बात की दाल न गली।
काल की याद — ता/रहा/चुका/था/गा काल-पृष्ठ पर। यहाँ केवल इतना: मुहावरे की क्रिया वही तालिका पहनती है। «वह कमर कस चुका है» = पूर्ण वर्तमान। «वह कमर कसेगा» = भविष्य। मुहावरा बदलकर «कमर बाँध चुका» तभी लिखो जब वही रूढ़ रूप हो; मनमाना पर्याय मत घुसेड़ना।

आँख का तारा जैसे कुछ पद क्रिया के बिना संज्ञा की तरह भी बैठते हैं: «वह मेरी आँख का तारा है।» फिर भी अर्थ रूढ़ है, शब्दशः नहीं। परीक्षा में दोनों रूप आते हैं — पद का अर्थ, और वाक्य में प्रयोग।

एक अंग, कई घर — आँख, नाक, कान, मुँह

सबसे मोटा जाल: एक ही अंग के मुहावरे आपस में बदल दिए जाते हैं। आँख चार परिवार याद करो, अर्थ मिलाकर मत लिखो।

आँख

मुहावराअर्थछोटा वाक्य
आँख का ताराअत्यंत प्रियनातिन दादी की आँख का तारा है।
आँखें दिखानाधमकानामास्टर ने देर से आए पर आँखें दिखाई।
आँखें खुलनासच्चाई समझ में आना / होश आनाघाटे के बाद उसकी आँखें खुलीं।
आँखें चार होनानेत्र मिलना; प्रायः प्रथम मिलन/प्रेम का संकेतमेले में उनकी आँखें चार हो गईं।
आँख की किरकिरीबहुत खलने वाला व्यक्तिगवाह उसके लिए आँख की किरकिरी बन गया।
आँखें बिछानाउत्सुक प्रतीक्षा / आदर से स्वागतगाँव ने नेताजी के लिए आँखें बिछा रखी थीं।
आँखें फेरनाउपेक्षा करनासंकट में पुराने मित्र ने आँखें फेर लीं।
आँखें चुरानानज़र बचाना, सामना न करनागलती पर वह आँखें चुराता है।
आँखें फटी रह जानाअत्यधिक आश्चर्यनतीजा देखकर सबकी आँखें फटी रह गईं।

नाक, कान, मुँह

मुहावराअर्थछोटा वाक्य
नाक कटनाबेइज्जती होनाझूठ पकड़े जाने पर उसकी नाक कट गई।
नाक में दम करनाबहुत तंग करनाशोर ने नाक में दम कर दिया।
नाक रगड़नागिड़गिड़ाना, क्षमा माँगनानौकरी बचाने को उसने नाक रगड़ी।
नाक रखनाइज्जत बचानाबेटे ने बाप की नाक रख ली।
कान भरनाचुगली करके भड़कानासहकर्मी ने मालिक के कान भर दिए।
कान पर जूँ न रेंगनाकुछ असर न होनासमझाने पर भी कान पर जूँ न रेंगी।
कान खड़े होनासतर्क / चौंक जानाअफवाह सुनकर कान खड़े हो गए।
मुँह की खानाहारना, जवाब न दे पानाबहस में विरोधी ने मुँह की खाई।
मुँह फुलानारूठनाछोटी बात पर वह मुँह फुलाए बैठा है।
मुँह में पानी आनालालच या स्वाद से इच्छा जगनामिठाई देखकर मुँह में पानी आ गया।
मुँह बनानामजाक उड़ाना, व्यंग्य का चेहरापीछे मुँह बनाकर हँसे।
पानी-पानी होनालज्जित होनाप्रशंसा सुनकर वह पानी-पानी हो गया।

तीन नाक: कट गई = इज्जत गई। दम करना = तंग करना। रगड़ना = गिड़गिड़ी। तीन कान: भरना = चुगली। जूँ न रेंगना = असर नहीं। खड़े होना = चौंक।

हाथ, सिर, कमर, जान

मुहावराअर्थछोटा वाक्य
हाथ मलनापछतानाटिकट छूटने पर हाथ मलता रह गया।
हाथ धोनात्याग देना / पूरी तरह खो देनाबुरी आदत से हाथ धो लिया। संपत्ति से हाथ धो बैठे।
हाथ खींचनासहयोग बंद कर देनाआधी योजना पर साझेदार ने हाथ खींच लिया।
हाथ बाँधकर खड़ा रहनासेवा में तत्पर / विनम्र प्रतीक्षाशिष्य गुरु के आगे हाथ बाँधे खड़ा था।
जान हथेली पर रखनाजान की बाजी लगाकर काम करनाजवान सीमा पर जान हथेली पर रखकर खड़े हैं।
कमर कसनाकाम के लिए पूरी तैयारीपरीक्षा को देखकर उसने कमर कस ली।
कलेजा मुँह को आनादुख से हृदय भर आनासमाचार सुनकर कलेजा मुँह को आ गया।
कलेजा ठंडा होनासंतोष होनाबेटे के पत्र से माँ का कलेजा ठंडा हुआ।
सिर खपानाबहुत परिश्रम / मस्तिष्क थकानाहिसाब पर सिर खपा रहे हैं।
सिर चढ़ानाअनुचित महत्व देना, बिगाड़ देनाबहुत सिर चढ़ाया तो वह मानने से रहा।
आसमान सिर पर उठानाबहुत शोर-शराबा / हंगामाएक बात पर घर ने आसमान सिर पर उठा लिया।
पाँव तले ज़मीन खिसकनासहारा जाता रहना, घबराहटनौकरी छूटी तो पाँव तले ज़मीन खिसक गई।
बाल-बाल बचनामुश्किल से बचनादुर्घटना से बाल-बाल बचे।
हाथ का त्रिकोण। मलना = पछतावा (काम हो चुका, अब दुख)। धोना = छोड़ना या खो देना (संबंध/संपत्ति खत्म)। खींचना = बीच में सहयोग बंद। तीनों हाथ हैं, अर्थ तीन घर।

पशु-पक्षी वाले (मुहावरा, कहावत नहीं)

मुहावराअर्थछोटा वाक्य
अपना उल्लू सीधा करनास्वार्थ सिद्ध करनासभा में वह अपना उल्लू सीधा कर गया।
उल्लू बनानाबेवकूफ बनानाजाली योजना से लोगों को उल्लू बनाया।
ऊँट के मुँह में जीराआवश्यकता से बहुत कमइतनी भीड़ पर एक नल? ऊँट के मुँह में जीरा।
गूलर का फूल होनाबहुत दुर्लभ दिखाई देनाछुट्टियों में तुम गूलर के फूल हो।
मगरमच्छ के आँसू बहानादिखावटी दुखहारकर मगरमच्छ के आँसू बहा रहा है।
गीदड़ भभकी देनाखोखली धमकीबड़े-बड़े शब्द गीदड़ भभकी निकले।
बाज आनातंग आकर छोड़ देनाबार-बार हारकर जुए से बाज आया।
पेट में चूहे दौड़नाभूख लगनासुबह से कुछ नहीं खाया, पेट में चूहे दौड़ रहे हैं।

«अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता», «बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद», «धोबी का कुत्ता…» — ये पूर्ण लोक-वाक्य हैं। अर्थ चाहे जान लो, ठप्पा लोकोक्ति का है — अगला पृष्ठ।

आग, पानी, आकाश, रंग, लोहा

मुहावराअर्थछोटा वाक्य
आग बबूला होनाअत्यंत क्रोधितझूठ सुनकर पिता आग बबूला हो गए।
उल्टी गंगा बहानाविपरीत / अनोखा उल्टा कामनियम तोड़कर उल्टी गंगा बहा रहे हो।
आकाश-पाताल एक करनाबहुत प्रयास, हर उपायइलाज को आकाश-पाताल एक कर दिया।
ईद का चाँद होनाबहुत दिनों बाद दर्शनसाल बाद मिले तो ईद का चाँद लगे।
चार चाँद लगानाशोभा / महत्ता बढ़ानातुम्हारे आने से समारोह पर चार चाँद लग गए।
घड़ों पानी पड़नाअत्यंत लज्जित होनाचोरी पकड़ी गई तो घड़ों पानी पड़ गया।
दाल न गलनाबात न बनना, सफलता न मिलनामनाने पर भी दाल न गली।
लोहे के चने चबानाकठिन काम करनाबिना किताब के उत्तीर्ण होना लोहे के चने चबाना है।
पत्थर की लकीरअटल, मिटने वाली नहींउसकी बात पत्थर की लकीर है।
रंग में भंग पड़नाआनंद / काम में बाधाबारिश से मेले के रंग में भंग पड़ गया।
रंग जमानाप्रभाव जमा देनापहली पारी में ही टीम ने रंग जमा दिया।
हवा से बातें करनाबहुत तेज दौड़ना / आगे निकलनाधावक हवा से बातें करने लगा।
सोने पर सुहागाअच्छे पर और अच्छानौकरी मिली, घर भी पास — सोने पर सुहागा।

पानी-पानी होना और घड़ों पानी पड़ना दोनों लज्जा हैं। पानी-पानी = शर्माना (हल्की-मध्यम, अक्सर प्रशंसा पर भी)। घड़ों पानी = भारी बेइज्जती वाली लज्जा। मिलाकर एक मत लिख देना।

मन, काम, धन, समय, बात

मुहावराअर्थछोटा वाक्य
अपना उल्लू सीधा करनास्वार्थसबके भले के नाम पर अपना उल्लू सीधा किया।
कमर कसनातैयार होनामजदूरों ने कमर कस ली।
खून का घूँट पीनाक्रोध दबाकर सहनाअपमान सुनकर खून का घूँट पी गया।
खून खौलनातीव्र क्रोध आनाअन्याय देखकर खून खौल उठा।
छठी का दूध याद आनाअसह्य कष्टधूप में चलते छठी का दूध याद आ गया।
चिकनी-चुपड़ी बातें करनामीठी, खोखली चापलूसीकाम टालने को चिकनी-चुपड़ी बातें करता है।
गड़े मुर्दे उखाड़नापुरानी कड़वी बात छेड़नालड़ाई में गड़े मुर्दे उखाड़ने लगे।
नौ-दो-ग्यारह होनाभाग जानापुलिस देखकर चोर नौ-दो-ग्यारह हो गया।
नक्कारखाने में तूती की आवाज़कोई सुनता-मानता नहींमेरी राय नक्कारखाने में तूती की आवाज़ रही।
दिन दूनी रात चौगुनीबहुत तेजी से बढ़नादुकान की आमदनी दिन दूनी रात चौगुनी हुई।
फूला न समानाअत्यंत प्रसन्नपुरस्कार पाकर फूला न समाया।
बाल की खाल निकालनाछोटी-छोटी त्रुटि निकालनापरीक्षक बाल की खाल न निकालो।
राई का पहाड़ बनानाछोटी बात को बहुत बड़ी बतानाएक भूल को राई का पहाड़ बना दिया।
तिल का ताड़ करनाराई-पहाड़ का निकट अर्थअफवाह ने तिल का ताड़ कर दिया।
मुट्ठी गरम करनारिश्वत देनाफाइल चलाने को मुट्ठी गरमाने की बात चली — गलत काम।
दाल में काला होनाकुछ रहस्य / गड़बड़ होनाइतनी जल्दी मंजूरी? दाल में काला है।
बात का बतंगड़ बनानासाधारण बात को विवाद बनानाहँसी को बात का बतंगड़ मत बनाओ।
एक और एक ग्यारह होनाएकता से शक्ति बढ़नागाँव वाले एक हुए तो एक और एक ग्यारह हो गए।
अंधे की लकड़ी / लाठीएकमात्र सहाराबेटा बुढ़ापे में अंधे की लकड़ी है।
लकीर का फकीरपुरानी चाल का गुलाम, नया न सोचनाबाबू लकीर के फकीर हैं, फाइल वही ढर्रे पर।
थाली का बैंगनअस्थिर, हर तरफ झुकने वालानीति पर थाली का बैंगन मत बनो।
उँगली पर नचानावश में रखनाछोटा भाई सबको उँगली पर नचाता है।
इधर की उधर लगानाचुगली करनापड़ोस में इधर की उधर लगाने से झगड़ा हुआ।
खेत रहनायुद्ध आदि में मारा जानासेनापति खेत रहा।

पक्की जोड़ियाँ — अर्थ एक नज़र में

ऊपर परिवार थे। नीचे परीक्षा की छोटी कुंजी — एक पांत में दो-दो। दोहराव जान-बूझकर: आँख-नाक पहले आ चुके, यहाँ केवल जल्दी दोहराना।

  • आँख का तारा — अत्यंत प्रिय
  • आँखें दिखाना — धमकाना
  • आँखें खुलना — होश / सच्चाई
  • नाक कटना — बेइज्जती
  • नाक में दम — तंग करना
  • कान भरना — चुगली
  • मुँह की खाना — हारना
  • हाथ मलना — पछताना
  • हाथ धोना — त्याग / खो देना
  • कमर कसना — तैयार होना
  • नौ-दो-ग्यारह — भागना
  • ईद का चाँद — दुर्लभ दर्शन
  • अपना उल्लू सीधा — स्वार्थ
  • उल्लू बनाना — बेवकूफ बनाना
  • आग बबूला — क्रोध
  • चार चाँद लगाना — शोभा बढ़ाना
  • घड़ों पानी पड़ना — लज्जित
  • दाल न गलना — बात न बनना
  • लोहे के चने चबाना — कठिन काम
  • फूला न समाना — बहुत खुश
  • सोने पर सुहागा — अच्छे पर अच्छा
  • राई का पहाड़ — छोटी बात बड़ी
  • बाज आना — तंग आकर छोड़ना
  • नक्कारखाने में तूती — कोई न सुने

वाक्य में शुद्ध प्रयोग

अर्थ याद हो और वाक्य टूटा हो तो भी अंक कटते हैं। तीन नियम।

  1. रूढ़ शब्द मत बदलो। आँख का तारा → नेत्र का नक्षत्र गलत। कमर कसना → कमर बाँधना तभी अगर कुंजी वही माने; कक्षा-10 में «कमर कसना» पक्का रूप है।
  2. क्रिया कर्ता के लिंग-वचन से। उसने आँखें दिखाई (आँखें स्त्रीलिंग बहुवचन)। वह नौ-दो-ग्यारह हो गया / हो गई।
  3. होना वाले मुहावरे पर «ने» जबरदस्ती मत लगाओ। आँखें चार होना — «उसने आँखें चार कीं» अशुद्ध। सही: «उनकी आँखें चार हो गईं।»
अशुद्धशुद्धक्यों
राम ने श्याम को आँख का तारा कियाश्याम राम की आँख का तारा हैयह पद «है» से संज्ञा जैसा बैठता है, «करना» से नहीं
उसने आँखें चार कींआँखें चार हो गईंहोना-मुहावरा
वह हाथ धोकर पछताया — एक ही अर्थ समझकरमौका गंवाकर हाथ मला / संपत्ति से हाथ धो बैठामलना ≠ धोना
अंधों में काना राजा करके उसने जीतावाक्य के अंत में लोकोक्ति उद्धृत करो, क्रिया मत बनाओलोकोक्ति घुलती नहीं
उदाहरण

खाली स्थान: परीक्षा देखकर विद्यार्थी ने ____।

हल

  1. भाव

    तैयारी का चित्र चाहिए, भागने का नहीं, पछतावे का नहीं।

  2. पद

    कमर कसना। ने + सकर्मक-सा रूप: कमर कसी।

  3. जाल

    नौ-दो-ग्यारह हो गया = भाग गया, उल्टा अर्थ। हाथ मला = पहले गंवा चुका।

उत्तरकमर कसी

जाल — यहीं कटते हैं

1. लोकोक्ति को मुहावरा लिख देना

«अब पछताए होत क्या…», «अंधों में काना राजा», «अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता» — पूर्ण वाक्य, सीख। मुहावरा नहीं। अगला पृष्ठ इनकी प्रयोगशाला है। प्रश्न «मुहावरा छाँटो» हो तो अधूरा क्रिया-पद चुनो: कमर कसना, नाक कटना।

2. एक अंग, गलत घर

आँखें दिखाना ≠ आँखें चार होना ≠ आँखें खुलना। नाक कटना ≠ नाक में दम ≠ नाक रगड़ना। हाथ मलना ≠ हाथ धोना ≠ हाथ खींचना। कान भरना ≠ कान पर जूँ न रेंगना।

3. शब्दशः चित्र

पेट में चूहे = जीव नहीं, भूख। उल्लू सीधा = पक्षी नहीं, स्वार्थ। ईद का चाँद = पंचांग नहीं, दुर्लभ दर्शन। गूलर का फूल = वनस्पति-प्रश्न नहीं, शायद-कभी मिलना।

4. पर्याय या अलंकार समझना

«मुख कमल के समान» उपमा है — अलंकार, मुहावरा नहीं। «कमल = पंकज» पर्याय है। मुहावरा तभी जब रूढ़ पदबंध हो जिसका अर्थ टुकड़ों से न बने।

5. अधूरा या बदला रूप

विकल्प में «नाक दम» बिना «में…करना» के अधूरा। «आँख तारा» बिना «का» के टूटा। पूरा रूढ़ रूप चुनो।

उदाहरण

आँखें दिखाना, आँखें चार होना, आँख का तारा — तीन अर्थ?

हल

  1. दिखाना

    धमकाना। कर्ता किसी पर आँखें दिखाता है।

  2. चार होना

    नेत्र मिलना। कोई किसी को «चार नहीं करता», स्वयं चार हो जाती हैं।

  3. तारा

    प्रिय व्यक्ति। संज्ञा जैसा: वह आँख का तारा है।

उत्तरधमकी · मिलन · अत्यंत प्रिय

परीक्षा में पाँच कदम

  1. पूछा क्या है? अर्थ, सही वाक्य, मुहावरा बनाम लोकोक्ति, या अधूरा पद पूरा करना।
  2. पूरा वाक्य है क्या? हाँ और सीख/सत्य लगे तो लोकोक्ति — इस पृष्ठ से बाहर।
  3. शब्दशः चित्र काटो। बचे रूढ़ अर्थ पर जाओ।
  4. एक अंग के पड़ोसी देखो। आँख/नाक/हाथ के तीन-तीन घर अलग रखो।
  5. वाक्य हो तो क्रिया देखो। होना वाले पर ने मत लगाओ। लिंग-वचन क्रिया पर।
भूल-सूची। आँख का तारा = नेत्र में तारा। नाक में दम = नाक कटना। हाथ धोना = पछताना। आँखें चार होना = धमकाना। अपना उल्लू सीधा = उल्लू बनाना (उल्टा: पहला स्वार्थ, दूसरा किसी को मूर्ख)। दाल न गलना = दाल में काला (पहला असफलता, दूसरा संदेह)। लोकोक्ति को मुहावरा। उपमा को मुहावरा।

प्रश्न 1–10

प्र. 1

मुहावरा किसे कहते हैं?

  1. एक शब्द का दूसरा नाम — वह पर्याय है
  2. रूढ़ वाक्यांश जिसका अर्थ शब्दशः नहीं निकलता और जो वाक्य में क्रिया बदलकर बैठता है
  3. पूरा लोक-वाक्य जो सीख देता है — वह लोकोक्ति है
  4. कमल के समान मुख — वह उपमा है

हल

  1. पर्याय काटो

    अग्नि–आग एक शब्द के दो नाम — पर्याय।

  2. लोकोक्ति काटो

    पूरा वाक्य, ज्यों-की-त्यों — लोकोक्तियाँ।

  3. अलंकार काटो

    समान का चित्र कविता का अलंकार है, रूढ़ पदबंध नहीं।

उत्तरB
प्र. 2

«आँख का तारा» का अर्थ?

  1. आँख में चमक
  2. अत्यंत प्रिय व्यक्ति
  3. धमकाना — वह आँखें दिखाना है
  4. होश आना — वह आँखें खुलना है

हल

  1. शब्दशः काटो

    नेत्रगोलक या प्रकाश नहीं।

  2. पड़ोसी काटो

    दिखाना = धमकी। खुलना = सच्चाई। तारा = प्यारा इंसान।

उत्तरB
प्र. 3

«नाक में दम करना»?

  1. बेइज्जती होना — नाक कटना
  2. बहुत तंग करना
  3. गिड़गिड़ाना — नाक रगड़ना
  4. इज्जत बचाना — नाक रखना

हल

  1. चार नाक

    दम = परेशान करना (कर्ता किसी की नाक में दम करता है)। कटना = इज्जत जाना। रगड़ना = क्षमा-याचना। रखना = इज्जत बचाना।

उत्तरB
प्र. 4

कौन-सा मुहावरा है, लोकोक्ति नहीं?

  1. अंधों में काना राजा
  2. कमर कसना
  3. अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत
  4. अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता

हल

  1. आकार

    A, C, D पूरे वाक्य हैं, सीख देते हैं।

  2. घुलना

    «उसने कमर कसी» बनता है। «उसने अंधों में काना राजा किया» नहीं बनता।

उत्तरB
प्र. 5

«हाथ मलना» का अर्थ?

  1. त्याग देना — हाथ धोना
  2. पछताना
  3. सहयोग बंद — हाथ खींचना
  4. तैयार होना — कमर कसना

हल

  1. त्रिकोण

    मौका जा चुका → मलना। चीज़ छोड़ दी / खो दी → धोना। बीच से हट गए → खींचना।

उत्तरB
प्र. 6

«अपना उल्लू सीधा करना»?

  1. किसी को बेवकूफ बनाना — वह उल्लू बनाना है
  2. अपना स्वार्थ सिद्ध करना
  3. दुर्लभ दिखाई देना — गूलर का फूल
  4. खोखली धमकी — गीदड़ भभकी

हल

  1. दो उल्लू

    सीधा करना = मेरा काम निकल गया। बनाना = तुम्हें मूर्ख बनाया। कर्ता-कर्म पलट जाते हैं।

उत्तरB
प्र. 7

शुद्ध वाक्य कौन-सा है?

  1. राम ने सीता को आँखें चार कीं
  2. मेले में राम और सीता की आँखें चार हो गईं
  3. राम ने आँख का तारा किया
  4. अंधों में काना राजा करके राम जीता

हल

  1. होना

    आँखें चार होना — ने नहीं, «हो गईं»।

  2. तारा

    «है» से बैठता है, «किया» से नहीं।

  3. लोकोक्ति

    D मुहावरा बनाकर तोड़ता है।

उत्तरB
प्र. 8

«घड़ों पानी पड़ना»?

  1. वर्षा होना — शब्दशः
  2. अत्यंत लज्जित होना
  3. भूख लगना — पेट में चूहे
  4. बात न बनना — दाल न गलना

हल

  1. लज्जा

    भारी शर्म। पानी-पानी होना निकट है पर हल्का। वर्षा का चित्र काटो।

उत्तरB
प्र. 9

«दाल न गलना» और «दाल में काला होना»?

  1. दोनों एक अर्थ — असफलता
  2. पहला: बात न बनना / सफलता न मिलना। दूसरा: कुछ गड़बड़ या रहस्य
  3. दोनों संदेह
  4. पहला लोकोक्ति, दूसरा मुहावरा — दोनों लोकोक्ति नहीं

हल

  1. एक सब्ज़ी, दो घर

    न गलना = मेरी बात नहीं पकी, काम अटका। काला = दिखने में ठीक, अंदर खोट।

  2. ठप्पा

    दोनों मुहावरे हैं, लोकोक्ति नहीं।

उत्तरB
प्र. 10

«अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत» क्या है?

  1. मुहावरा — हाथ मलना का रूप
  2. लोकोक्ति — पूरा लोक-वाक्य, सीख; मुहावरा नहीं
  3. पर्याय
  4. तत्सम जोड़ा

हल

  1. आकार

    पूरा वाक्य है, क्रिया मोड़कर «उसने चिड़िया चुग की» नहीं बनाते।

  2. निकट भाव

    पछतावा हाथ मलना में भी है, पर वह छोटा पदबंध है। यह कहावत अगले पृष्ठ की है।

उत्तरB

अभ्यास

ये दस अलग कोण हैं — ऊपर वाले दस की नकल नहीं। अर्थ, पड़ोसी-मुहावरा, वाक्य, लोकोक्ति-सीमा।

अ. 1

«ईद का चाँद होना»?

  1. त्योहार मनाना
  2. बहुत दिनों बाद दिखाई देना
  3. शोभा बढ़ाना — चार चाँद लगाना
  4. आकाश-पाताल एक करना

हल

  1. दुर्लभ दर्शन

    ईद का चाँद साल में एक बार, इसलिए शख्स जो कभी-कभी दिखे। चार चाँद = सुंदरता बढ़ी — अलग घर।

उत्तरB
अ. 2

बहस में हारने पर कहा जाएगा?

  1. मुँह फुलाया — रूठना
  2. मुँह की खाई
  3. मुँह में पानी आया — लालच
  4. नाक रगड़ी — गिड़गिड़ी

हल

  1. हार

    मुँह की खाना = जवाब न रहना / पराजय। फुलाना = नाराज़ शक्ल। पानी आना = स्वाद/लालच।

उत्तरB
अ. 3

बात का कोई असर नहीं — मुहावरा?

  1. कान भरना — चुगली
  2. कान पर जूँ न रेंगना
  3. कान खड़े होना — चौंकना
  4. नाक में दम करना

हल

  1. जूँ

    समझाओ, गाली दो — कान पर जूँ न रेंगी = कुछ फर्क नहीं। भरना उल्टा काम है: किसी के कान में जहर घोलना।

उत्तरB
अ. 4

पुलिस देखकर चोर ____।

  1. कमर कस गया — तैयारी, भागना नहीं
  2. नौ-दो-ग्यारह हो गया
  3. खेत रह गया — मारा गया
  4. बाज आ गया — बुरी आदत छोड़ी, यहाँ भागना पूछा है

हल

  1. भागना

    नौ-दो-ग्यारह होना। कमर कसना उल्टा भाव (डटकर तैयार)। खेत रहना मृत्यु। बाज आना छोड़ देना।

उत्तरB
अ. 5

«पेट में चूहे दौड़ना»?

  1. डर लगना
  2. तीव्र भूख लगना
  3. क्रोध — खून खौलना
  4. देशज शब्द पेट का तत्सम जोड़ा — स्रोत यहाँ नहीं

हल

  1. भूख

    शब्दशः चूहे काटो। पेट का स्रोत (देशज) तत्सम-पृष्ठ पर; यहाँ अर्थ भूख है।

उत्तरB
अ. 6

अच्छी नौकरी मिली, घर भी पास — एक मुहावरा?

  1. राई का पहाड़
  2. सोने पर सुहागा
  3. लोहे के चने चबाना
  4. रंग में भंग

हल

  1. अच्छे पर अच्छा

    सोने पर सुहागा। राई-पहाड़ = छोटी बात फुलाना। चने = कठिन। भंग = आनंद टूटा।

उत्तरB
अ. 7

संपत्ति पूरी तरह खो दी — मुहावरा?

  1. हाथ मला
  2. हाथ धो बैठा
  3. हाथ खींच लिया
  4. हाथ बाँधे खड़ा रहा

हल

  1. खो देना

    हाथ धोना / हाथ धो बैठना। मलना केवल पछतावा, चीज़ वापस नहीं आती चित्र में भी पर अर्थ «त्याग/नाश» धोने का है। खींचना सहयोग बंद।

उत्तरB
अ. 8

«चार चाँद लगाना»?

  1. ईद का चाँद होना
  2. शोभा या महत्ता बढ़ाना
  3. आग बबूला होना
  4. आकाश-पाताल एक करना

हल

  1. चाँद दो घर

    ईद का चाँद = व्यक्ति दुर्लभ। चार चाँद लगाना = समारोह/काम और खिल उठा।

उत्तरB
अ. 9

शुद्ध प्रयोग?

  1. उसने कमर कस गए
  2. उसने कमर कसी
  3. वह कमर कसी
  4. कमर उसने कस है

हल

  1. ने + कर्म

    भूत में सकर्मक «कसना» पर ने चाहिए। कमर स्त्रीलिंग एकवचन → कसी। «कस गए» कर्ता से मेल गलत। «वह कमर कसी» में ने गायब। — ने-रचना।

उत्तरB
अ. 10

«धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का»?

  1. मुहावरा — पेट में चूहे जैसा पशु-पद
  2. लोकोक्ति — पूरा वाक्य; पशु वाला मुहावरा «अपना उल्लू सीधा करना» अलग घर है
  3. विलोम
  4. अनेकार्थक शब्द

हल

  1. कसौटी

    पूरा कहावत-वाक्य। «उसने धोबी का कुत्ता किया» नहीं चलता।

  2. सीमा

    अर्थ: कहीं का न रहना। ठप्पा लोकोक्ति — लोकोक्तियाँ। कुछ कुंजी गलती से मुहावरे में डालें तो भी आकार देखकर लोकोक्ति लिखना सिखा है।

उत्तरB

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