इस विषय में क्या आता है
परीक्षा पूछती है — आँख का तारा का अर्थ क्या, नाक में दम करना किसके निकट, वाक्य में मुहावरा बैठा है या नहीं, यह पद मुहावरा है या लोकोक्ति, हाथ मलना और हाथ धोना में फर्क क्या। पूछ पूरे पदबंध का रूढ़ अर्थ है। एक शब्द का पर्याय यहाँ नहीं। शब्द कहाँ से आया — तत्सम-पृष्ठ।
यहाँ पढ़ना है
मुहावरा क्या है। शब्दशः अर्थ क्यों गलत। लोकोक्ति से तीन कसौटी। क्रिया-काल-लिंग से रूप कैसे बदलता है। आँख–नाक–हाथ के परिवार (एक अंग, कई अर्थ)। पशु, प्रकृति, मन की पक्की सूची। वाक्य में शुद्ध प्रयोग। पाँच जाल।
यहाँ नहीं घुसाना
पूरा लोक-वाक्य («अंधों में काना राजा») — लोकोक्तियाँ। वर्तनी/वाक्य शुद्धि — अशुद्धि-शोधन। ने-रचना और वाच्य — काल/वाक्य व वाच्य-पृष्ठ। उपमा-रूपक — अलंकार। कमल = पंकज — पर्याय। हरि के कई अर्थ — अनेकार्थक। अग्नि–आग ठप्पा — तत्सम।
एक पंक्ति: मुहावरा वाक्य के अंदर घुलता है और क्रिया बदलती है। लोकोक्ति वाक्य के बाहर ज्यों-की-त्यों उद्धृत होती है।
शब्दशः अर्थ काम नहीं आता
मुहावरा = मुह + आवरा, यानी बोलने का बना-बनाया ढंग। कई शब्द जुड़कर एक नया अर्थ देते हैं। टुकड़े जोड़ोगे तो परीक्षा कट जाएगी।
| मुहावरा | शब्दशः (गलत) | रूढ़ अर्थ (सही) | वाक्य |
|---|---|---|---|
| आँख का तारा | आँख में चमकता तारा | अत्यंत प्रिय व्यक्ति | पोता दादा की आँख का तारा है। |
| नाक में दम करना | नाक बंद कर देना | बहुत तंग करना | मच्छरों ने रात भर नाक में दम कर दिया। |
| पेट में चूहे दौड़ना | पेट में चूहे दौड़ रहे | तीव्र भूख लगना | दोपहर तक पेट में चूहे दौड़ने लगे। |
| हाथ मलना | हाथ रगड़ना | पछताना | मौका गंवाकर अब हाथ मल रहा है। |
| ईद का चाँद होना | ईद वाली रात का चाँद | बहुत दिनों बाद दिखाई देना | तुम तो ईद के चाँद हो गए। |
पर्याय एक शब्द का दूसरा नाम है: अग्नि = आग। मुहावरा कई शब्दों का बना अर्थ है: आग बबूला होना = अत्यंत क्रोधित होना। आग यहाँ तत्सम-जोड़ी नहीं, क्रोध का चित्र है। तत्सम पूछें तो स्रोत-पृष्ठ; पर्याय पूछें तो पर्याय।
मुहावरा और लोकोक्ति — तीन कसौटी
कुछ कुंजी दोनों को एक थैले में डाल देती है। कक्षा-10 और लिपिक दोनों में फर्क पूछा जाता है। लोकोक्तियों की पूरी सूची लोकोक्तियाँ पर है; यहाँ केवल सीमा रेखा।
| मुहावरा | लोकोक्ति | |
|---|---|---|
| आकार | अधूरा पदबंध, प्रायः क्रिया समेत | पूरा वाक्य, लोक का अनुभव |
| घुलना | तुम्हारे वाक्य में बैठता है; काल-लिंग बदलते हैं | ज्यों-की-त्यों उद्धृत; अंदर घिसकर काल नहीं बदलते |
| काम | किसी काम/भाव को चित्र से कहना | सीख, चेतावनी, सामान्य सत्य |
| जाँच | «उसने ___ किया / वह ___ हो गया» | «जैसा कहा जाता है — ___।» |
| उदाहरण | कमर कसना, नाक कटना, नौ-दो-ग्यारह होना | अंधों में काना राजा। अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत। |
कसौटी: अपने वाक्य में क्रिया मोड़कर बैठा सको तो मुहावरा। पूरा नैतिक वाक्य जस-का-तस हो तो लोकोक्ति।
मुहावरा घुला
उसने कमर कसी। वे कमर कसेंगे। लड़की ने कमर कसी। तीनों सही — क्रिया कसी/कसेगा/कसेंगे।
लोकोक्ति उद्धृत
«अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता» — इसे «उसने अकेला चना फोड़ा» मत बनाना। वह लोकोक्ति का रूप नहीं, तोड़ है। पूरी सूची लोकोक्तियाँ पर।
रचना: क्रिया साथ रहती है
अधिक मुहावरे = संज्ञा-पद + क्रिया। क्रिया ही काल, लिंग, वचन, पुरुष से बदलती है। संज्ञा-पद प्रायः ज्यों-की-त्यों रहता है — «आँख» को «नेत्र» से मत बदलना, रूढ़ टूट जाएगा।
| ढाँचा | उदाहरण | वाक्य में रूप |
|---|---|---|
| सकर्मक-सा (ने + कर्म) | आँखें दिखाना, कमर कसना, चार चाँद लगाना | उसने आँखें दिखाई। उसने कमर कसी। |
| होना / हो जाना | आँखें चार होना, नौ-दो-ग्यारह होना, पानी-पानी होना | आँखें चार हो गईं। वह नौ-दो-ग्यारह हो गया। |
| अप्रत्यक्ष कर्ता | कान पर जूँ न रेंगना, दाल न गलना | उसकी बात कान पर जूँ न रेंगी। बात की दाल न गली। |
आँख का तारा जैसे कुछ पद क्रिया के बिना संज्ञा की तरह भी बैठते हैं: «वह मेरी आँख का तारा है।» फिर भी अर्थ रूढ़ है, शब्दशः नहीं। परीक्षा में दोनों रूप आते हैं — पद का अर्थ, और वाक्य में प्रयोग।
एक अंग, कई घर — आँख, नाक, कान, मुँह
सबसे मोटा जाल: एक ही अंग के मुहावरे आपस में बदल दिए जाते हैं। आँख चार परिवार याद करो, अर्थ मिलाकर मत लिखो।
आँख
| मुहावरा | अर्थ | छोटा वाक्य |
|---|---|---|
| आँख का तारा | अत्यंत प्रिय | नातिन दादी की आँख का तारा है। |
| आँखें दिखाना | धमकाना | मास्टर ने देर से आए पर आँखें दिखाई। |
| आँखें खुलना | सच्चाई समझ में आना / होश आना | घाटे के बाद उसकी आँखें खुलीं। |
| आँखें चार होना | नेत्र मिलना; प्रायः प्रथम मिलन/प्रेम का संकेत | मेले में उनकी आँखें चार हो गईं। |
| आँख की किरकिरी | बहुत खलने वाला व्यक्ति | गवाह उसके लिए आँख की किरकिरी बन गया। |
| आँखें बिछाना | उत्सुक प्रतीक्षा / आदर से स्वागत | गाँव ने नेताजी के लिए आँखें बिछा रखी थीं। |
| आँखें फेरना | उपेक्षा करना | संकट में पुराने मित्र ने आँखें फेर लीं। |
| आँखें चुराना | नज़र बचाना, सामना न करना | गलती पर वह आँखें चुराता है। |
| आँखें फटी रह जाना | अत्यधिक आश्चर्य | नतीजा देखकर सबकी आँखें फटी रह गईं। |
नाक, कान, मुँह
| मुहावरा | अर्थ | छोटा वाक्य |
|---|---|---|
| नाक कटना | बेइज्जती होना | झूठ पकड़े जाने पर उसकी नाक कट गई। |
| नाक में दम करना | बहुत तंग करना | शोर ने नाक में दम कर दिया। |
| नाक रगड़ना | गिड़गिड़ाना, क्षमा माँगना | नौकरी बचाने को उसने नाक रगड़ी। |
| नाक रखना | इज्जत बचाना | बेटे ने बाप की नाक रख ली। |
| कान भरना | चुगली करके भड़काना | सहकर्मी ने मालिक के कान भर दिए। |
| कान पर जूँ न रेंगना | कुछ असर न होना | समझाने पर भी कान पर जूँ न रेंगी। |
| कान खड़े होना | सतर्क / चौंक जाना | अफवाह सुनकर कान खड़े हो गए। |
| मुँह की खाना | हारना, जवाब न दे पाना | बहस में विरोधी ने मुँह की खाई। |
| मुँह फुलाना | रूठना | छोटी बात पर वह मुँह फुलाए बैठा है। |
| मुँह में पानी आना | लालच या स्वाद से इच्छा जगना | मिठाई देखकर मुँह में पानी आ गया। |
| मुँह बनाना | मजाक उड़ाना, व्यंग्य का चेहरा | पीछे मुँह बनाकर हँसे। |
| पानी-पानी होना | लज्जित होना | प्रशंसा सुनकर वह पानी-पानी हो गया। |
तीन नाक: कट गई = इज्जत गई। दम करना = तंग करना। रगड़ना = गिड़गिड़ी। तीन कान: भरना = चुगली। जूँ न रेंगना = असर नहीं। खड़े होना = चौंक।
हाथ, सिर, कमर, जान
| मुहावरा | अर्थ | छोटा वाक्य |
|---|---|---|
| हाथ मलना | पछताना | टिकट छूटने पर हाथ मलता रह गया। |
| हाथ धोना | त्याग देना / पूरी तरह खो देना | बुरी आदत से हाथ धो लिया। संपत्ति से हाथ धो बैठे। |
| हाथ खींचना | सहयोग बंद कर देना | आधी योजना पर साझेदार ने हाथ खींच लिया। |
| हाथ बाँधकर खड़ा रहना | सेवा में तत्पर / विनम्र प्रतीक्षा | शिष्य गुरु के आगे हाथ बाँधे खड़ा था। |
| जान हथेली पर रखना | जान की बाजी लगाकर काम करना | जवान सीमा पर जान हथेली पर रखकर खड़े हैं। |
| कमर कसना | काम के लिए पूरी तैयारी | परीक्षा को देखकर उसने कमर कस ली। |
| कलेजा मुँह को आना | दुख से हृदय भर आना | समाचार सुनकर कलेजा मुँह को आ गया। |
| कलेजा ठंडा होना | संतोष होना | बेटे के पत्र से माँ का कलेजा ठंडा हुआ। |
| सिर खपाना | बहुत परिश्रम / मस्तिष्क थकाना | हिसाब पर सिर खपा रहे हैं। |
| सिर चढ़ाना | अनुचित महत्व देना, बिगाड़ देना | बहुत सिर चढ़ाया तो वह मानने से रहा। |
| आसमान सिर पर उठाना | बहुत शोर-शराबा / हंगामा | एक बात पर घर ने आसमान सिर पर उठा लिया। |
| पाँव तले ज़मीन खिसकना | सहारा जाता रहना, घबराहट | नौकरी छूटी तो पाँव तले ज़मीन खिसक गई। |
| बाल-बाल बचना | मुश्किल से बचना | दुर्घटना से बाल-बाल बचे। |
पशु-पक्षी वाले (मुहावरा, कहावत नहीं)
| मुहावरा | अर्थ | छोटा वाक्य |
|---|---|---|
| अपना उल्लू सीधा करना | स्वार्थ सिद्ध करना | सभा में वह अपना उल्लू सीधा कर गया। |
| उल्लू बनाना | बेवकूफ बनाना | जाली योजना से लोगों को उल्लू बनाया। |
| ऊँट के मुँह में जीरा | आवश्यकता से बहुत कम | इतनी भीड़ पर एक नल? ऊँट के मुँह में जीरा। |
| गूलर का फूल होना | बहुत दुर्लभ दिखाई देना | छुट्टियों में तुम गूलर के फूल हो। |
| मगरमच्छ के आँसू बहाना | दिखावटी दुख | हारकर मगरमच्छ के आँसू बहा रहा है। |
| गीदड़ भभकी देना | खोखली धमकी | बड़े-बड़े शब्द गीदड़ भभकी निकले। |
| बाज आना | तंग आकर छोड़ देना | बार-बार हारकर जुए से बाज आया। |
| पेट में चूहे दौड़ना | भूख लगना | सुबह से कुछ नहीं खाया, पेट में चूहे दौड़ रहे हैं। |
«अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता», «बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद», «धोबी का कुत्ता…» — ये पूर्ण लोक-वाक्य हैं। अर्थ चाहे जान लो, ठप्पा लोकोक्ति का है — अगला पृष्ठ।
आग, पानी, आकाश, रंग, लोहा
| मुहावरा | अर्थ | छोटा वाक्य |
|---|---|---|
| आग बबूला होना | अत्यंत क्रोधित | झूठ सुनकर पिता आग बबूला हो गए। |
| उल्टी गंगा बहाना | विपरीत / अनोखा उल्टा काम | नियम तोड़कर उल्टी गंगा बहा रहे हो। |
| आकाश-पाताल एक करना | बहुत प्रयास, हर उपाय | इलाज को आकाश-पाताल एक कर दिया। |
| ईद का चाँद होना | बहुत दिनों बाद दर्शन | साल बाद मिले तो ईद का चाँद लगे। |
| चार चाँद लगाना | शोभा / महत्ता बढ़ाना | तुम्हारे आने से समारोह पर चार चाँद लग गए। |
| घड़ों पानी पड़ना | अत्यंत लज्जित होना | चोरी पकड़ी गई तो घड़ों पानी पड़ गया। |
| दाल न गलना | बात न बनना, सफलता न मिलना | मनाने पर भी दाल न गली। |
| लोहे के चने चबाना | कठिन काम करना | बिना किताब के उत्तीर्ण होना लोहे के चने चबाना है। |
| पत्थर की लकीर | अटल, मिटने वाली नहीं | उसकी बात पत्थर की लकीर है। |
| रंग में भंग पड़ना | आनंद / काम में बाधा | बारिश से मेले के रंग में भंग पड़ गया। |
| रंग जमाना | प्रभाव जमा देना | पहली पारी में ही टीम ने रंग जमा दिया। |
| हवा से बातें करना | बहुत तेज दौड़ना / आगे निकलना | धावक हवा से बातें करने लगा। |
| सोने पर सुहागा | अच्छे पर और अच्छा | नौकरी मिली, घर भी पास — सोने पर सुहागा। |
पानी-पानी होना और घड़ों पानी पड़ना दोनों लज्जा हैं। पानी-पानी = शर्माना (हल्की-मध्यम, अक्सर प्रशंसा पर भी)। घड़ों पानी = भारी बेइज्जती वाली लज्जा। मिलाकर एक मत लिख देना।
मन, काम, धन, समय, बात
| मुहावरा | अर्थ | छोटा वाक्य |
|---|---|---|
| अपना उल्लू सीधा करना | स्वार्थ | सबके भले के नाम पर अपना उल्लू सीधा किया। |
| कमर कसना | तैयार होना | मजदूरों ने कमर कस ली। |
| खून का घूँट पीना | क्रोध दबाकर सहना | अपमान सुनकर खून का घूँट पी गया। |
| खून खौलना | तीव्र क्रोध आना | अन्याय देखकर खून खौल उठा। |
| छठी का दूध याद आना | असह्य कष्ट | धूप में चलते छठी का दूध याद आ गया। |
| चिकनी-चुपड़ी बातें करना | मीठी, खोखली चापलूसी | काम टालने को चिकनी-चुपड़ी बातें करता है। |
| गड़े मुर्दे उखाड़ना | पुरानी कड़वी बात छेड़ना | लड़ाई में गड़े मुर्दे उखाड़ने लगे। |
| नौ-दो-ग्यारह होना | भाग जाना | पुलिस देखकर चोर नौ-दो-ग्यारह हो गया। |
| नक्कारखाने में तूती की आवाज़ | कोई सुनता-मानता नहीं | मेरी राय नक्कारखाने में तूती की आवाज़ रही। |
| दिन दूनी रात चौगुनी | बहुत तेजी से बढ़ना | दुकान की आमदनी दिन दूनी रात चौगुनी हुई। |
| फूला न समाना | अत्यंत प्रसन्न | पुरस्कार पाकर फूला न समाया। |
| बाल की खाल निकालना | छोटी-छोटी त्रुटि निकालना | परीक्षक बाल की खाल न निकालो। |
| राई का पहाड़ बनाना | छोटी बात को बहुत बड़ी बताना | एक भूल को राई का पहाड़ बना दिया। |
| तिल का ताड़ करना | राई-पहाड़ का निकट अर्थ | अफवाह ने तिल का ताड़ कर दिया। |
| मुट्ठी गरम करना | रिश्वत देना | फाइल चलाने को मुट्ठी गरमाने की बात चली — गलत काम। |
| दाल में काला होना | कुछ रहस्य / गड़बड़ होना | इतनी जल्दी मंजूरी? दाल में काला है। |
| बात का बतंगड़ बनाना | साधारण बात को विवाद बनाना | हँसी को बात का बतंगड़ मत बनाओ। |
| एक और एक ग्यारह होना | एकता से शक्ति बढ़ना | गाँव वाले एक हुए तो एक और एक ग्यारह हो गए। |
| अंधे की लकड़ी / लाठी | एकमात्र सहारा | बेटा बुढ़ापे में अंधे की लकड़ी है। |
| लकीर का फकीर | पुरानी चाल का गुलाम, नया न सोचना | बाबू लकीर के फकीर हैं, फाइल वही ढर्रे पर। |
| थाली का बैंगन | अस्थिर, हर तरफ झुकने वाला | नीति पर थाली का बैंगन मत बनो। |
| उँगली पर नचाना | वश में रखना | छोटा भाई सबको उँगली पर नचाता है। |
| इधर की उधर लगाना | चुगली करना | पड़ोस में इधर की उधर लगाने से झगड़ा हुआ। |
| खेत रहना | युद्ध आदि में मारा जाना | सेनापति खेत रहा। |
पक्की जोड़ियाँ — अर्थ एक नज़र में
ऊपर परिवार थे। नीचे परीक्षा की छोटी कुंजी — एक पांत में दो-दो। दोहराव जान-बूझकर: आँख-नाक पहले आ चुके, यहाँ केवल जल्दी दोहराना।
- आँख का तारा — अत्यंत प्रिय
- आँखें दिखाना — धमकाना
- आँखें खुलना — होश / सच्चाई
- नाक कटना — बेइज्जती
- नाक में दम — तंग करना
- कान भरना — चुगली
- मुँह की खाना — हारना
- हाथ मलना — पछताना
- हाथ धोना — त्याग / खो देना
- कमर कसना — तैयार होना
- नौ-दो-ग्यारह — भागना
- ईद का चाँद — दुर्लभ दर्शन
- अपना उल्लू सीधा — स्वार्थ
- उल्लू बनाना — बेवकूफ बनाना
- आग बबूला — क्रोध
- चार चाँद लगाना — शोभा बढ़ाना
- घड़ों पानी पड़ना — लज्जित
- दाल न गलना — बात न बनना
- लोहे के चने चबाना — कठिन काम
- फूला न समाना — बहुत खुश
- सोने पर सुहागा — अच्छे पर अच्छा
- राई का पहाड़ — छोटी बात बड़ी
- बाज आना — तंग आकर छोड़ना
- नक्कारखाने में तूती — कोई न सुने
वाक्य में शुद्ध प्रयोग
अर्थ याद हो और वाक्य टूटा हो तो भी अंक कटते हैं। तीन नियम।
- रूढ़ शब्द मत बदलो। आँख का तारा → नेत्र का नक्षत्र गलत। कमर कसना → कमर बाँधना तभी अगर कुंजी वही माने; कक्षा-10 में «कमर कसना» पक्का रूप है।
- क्रिया कर्ता के लिंग-वचन से। उसने आँखें दिखाई (आँखें स्त्रीलिंग बहुवचन)। वह नौ-दो-ग्यारह हो गया / हो गई।
- होना वाले मुहावरे पर «ने» जबरदस्ती मत लगाओ। आँखें चार होना — «उसने आँखें चार कीं» अशुद्ध। सही: «उनकी आँखें चार हो गईं।»
| अशुद्ध | शुद्ध | क्यों |
|---|---|---|
| राम ने श्याम को आँख का तारा किया | श्याम राम की आँख का तारा है | यह पद «है» से संज्ञा जैसा बैठता है, «करना» से नहीं |
| उसने आँखें चार कीं | आँखें चार हो गईं | होना-मुहावरा |
| वह हाथ धोकर पछताया — एक ही अर्थ समझकर | मौका गंवाकर हाथ मला / संपत्ति से हाथ धो बैठा | मलना ≠ धोना |
| अंधों में काना राजा करके उसने जीता | वाक्य के अंत में लोकोक्ति उद्धृत करो, क्रिया मत बनाओ | लोकोक्ति घुलती नहीं |
खाली स्थान: परीक्षा देखकर विद्यार्थी ने ____।
हल
- भाव
तैयारी का चित्र चाहिए, भागने का नहीं, पछतावे का नहीं।
- पद
कमर कसना। ने + सकर्मक-सा रूप: कमर कसी।
- जाल
नौ-दो-ग्यारह हो गया = भाग गया, उल्टा अर्थ। हाथ मला = पहले गंवा चुका।
जाल — यहीं कटते हैं
1. लोकोक्ति को मुहावरा लिख देना
«अब पछताए होत क्या…», «अंधों में काना राजा», «अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता» — पूर्ण वाक्य, सीख। मुहावरा नहीं। अगला पृष्ठ इनकी प्रयोगशाला है। प्रश्न «मुहावरा छाँटो» हो तो अधूरा क्रिया-पद चुनो: कमर कसना, नाक कटना।
2. एक अंग, गलत घर
आँखें दिखाना ≠ आँखें चार होना ≠ आँखें खुलना। नाक कटना ≠ नाक में दम ≠ नाक रगड़ना। हाथ मलना ≠ हाथ धोना ≠ हाथ खींचना। कान भरना ≠ कान पर जूँ न रेंगना।
3. शब्दशः चित्र
पेट में चूहे = जीव नहीं, भूख। उल्लू सीधा = पक्षी नहीं, स्वार्थ। ईद का चाँद = पंचांग नहीं, दुर्लभ दर्शन। गूलर का फूल = वनस्पति-प्रश्न नहीं, शायद-कभी मिलना।
4. पर्याय या अलंकार समझना
«मुख कमल के समान» उपमा है — अलंकार, मुहावरा नहीं। «कमल = पंकज» पर्याय है। मुहावरा तभी जब रूढ़ पदबंध हो जिसका अर्थ टुकड़ों से न बने।
5. अधूरा या बदला रूप
विकल्प में «नाक दम» बिना «में…करना» के अधूरा। «आँख तारा» बिना «का» के टूटा। पूरा रूढ़ रूप चुनो।
आँखें दिखाना, आँखें चार होना, आँख का तारा — तीन अर्थ?
हल
- दिखाना
धमकाना। कर्ता किसी पर आँखें दिखाता है।
- चार होना
नेत्र मिलना। कोई किसी को «चार नहीं करता», स्वयं चार हो जाती हैं।
- तारा
प्रिय व्यक्ति। संज्ञा जैसा: वह आँख का तारा है।
परीक्षा में पाँच कदम
- पूछा क्या है? अर्थ, सही वाक्य, मुहावरा बनाम लोकोक्ति, या अधूरा पद पूरा करना।
- पूरा वाक्य है क्या? हाँ और सीख/सत्य लगे तो लोकोक्ति — इस पृष्ठ से बाहर।
- शब्दशः चित्र काटो। बचे रूढ़ अर्थ पर जाओ।
- एक अंग के पड़ोसी देखो। आँख/नाक/हाथ के तीन-तीन घर अलग रखो।
- वाक्य हो तो क्रिया देखो। होना वाले पर ने मत लगाओ। लिंग-वचन क्रिया पर।
प्रश्न 1–10
मुहावरा किसे कहते हैं?
- एक शब्द का दूसरा नाम — वह पर्याय है
- रूढ़ वाक्यांश जिसका अर्थ शब्दशः नहीं निकलता और जो वाक्य में क्रिया बदलकर बैठता है
- पूरा लोक-वाक्य जो सीख देता है — वह लोकोक्ति है
- कमल के समान मुख — वह उपमा है
हल
- पर्याय काटो
अग्नि–आग एक शब्द के दो नाम — पर्याय।
- लोकोक्ति काटो
पूरा वाक्य, ज्यों-की-त्यों — लोकोक्तियाँ।
- अलंकार काटो
समान का चित्र कविता का अलंकार है, रूढ़ पदबंध नहीं।
«आँख का तारा» का अर्थ?
- आँख में चमक
- अत्यंत प्रिय व्यक्ति
- धमकाना — वह आँखें दिखाना है
- होश आना — वह आँखें खुलना है
हल
- शब्दशः काटो
नेत्रगोलक या प्रकाश नहीं।
- पड़ोसी काटो
दिखाना = धमकी। खुलना = सच्चाई। तारा = प्यारा इंसान।
«नाक में दम करना»?
- बेइज्जती होना — नाक कटना
- बहुत तंग करना
- गिड़गिड़ाना — नाक रगड़ना
- इज्जत बचाना — नाक रखना
हल
- चार नाक
दम = परेशान करना (कर्ता किसी की नाक में दम करता है)। कटना = इज्जत जाना। रगड़ना = क्षमा-याचना। रखना = इज्जत बचाना।
कौन-सा मुहावरा है, लोकोक्ति नहीं?
- अंधों में काना राजा
- कमर कसना
- अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत
- अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता
हल
- आकार
A, C, D पूरे वाक्य हैं, सीख देते हैं।
- घुलना
«उसने कमर कसी» बनता है। «उसने अंधों में काना राजा किया» नहीं बनता।
«हाथ मलना» का अर्थ?
- त्याग देना — हाथ धोना
- पछताना
- सहयोग बंद — हाथ खींचना
- तैयार होना — कमर कसना
हल
- त्रिकोण
मौका जा चुका → मलना। चीज़ छोड़ दी / खो दी → धोना। बीच से हट गए → खींचना।
«अपना उल्लू सीधा करना»?
- किसी को बेवकूफ बनाना — वह उल्लू बनाना है
- अपना स्वार्थ सिद्ध करना
- दुर्लभ दिखाई देना — गूलर का फूल
- खोखली धमकी — गीदड़ भभकी
हल
- दो उल्लू
सीधा करना = मेरा काम निकल गया। बनाना = तुम्हें मूर्ख बनाया। कर्ता-कर्म पलट जाते हैं।
शुद्ध वाक्य कौन-सा है?
- राम ने सीता को आँखें चार कीं
- मेले में राम और सीता की आँखें चार हो गईं
- राम ने आँख का तारा किया
- अंधों में काना राजा करके राम जीता
हल
- होना
आँखें चार होना — ने नहीं, «हो गईं»।
- तारा
«है» से बैठता है, «किया» से नहीं।
- लोकोक्ति
D मुहावरा बनाकर तोड़ता है।
«घड़ों पानी पड़ना»?
- वर्षा होना — शब्दशः
- अत्यंत लज्जित होना
- भूख लगना — पेट में चूहे
- बात न बनना — दाल न गलना
हल
- लज्जा
भारी शर्म। पानी-पानी होना निकट है पर हल्का। वर्षा का चित्र काटो।
«दाल न गलना» और «दाल में काला होना»?
- दोनों एक अर्थ — असफलता
- पहला: बात न बनना / सफलता न मिलना। दूसरा: कुछ गड़बड़ या रहस्य
- दोनों संदेह
- पहला लोकोक्ति, दूसरा मुहावरा — दोनों लोकोक्ति नहीं
हल
- एक सब्ज़ी, दो घर
न गलना = मेरी बात नहीं पकी, काम अटका। काला = दिखने में ठीक, अंदर खोट।
- ठप्पा
दोनों मुहावरे हैं, लोकोक्ति नहीं।
«अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत» क्या है?
- मुहावरा — हाथ मलना का रूप
- लोकोक्ति — पूरा लोक-वाक्य, सीख; मुहावरा नहीं
- पर्याय
- तत्सम जोड़ा
हल
- आकार
पूरा वाक्य है, क्रिया मोड़कर «उसने चिड़िया चुग की» नहीं बनाते।
- निकट भाव
पछतावा हाथ मलना में भी है, पर वह छोटा पदबंध है। यह कहावत अगले पृष्ठ की है।
अभ्यास
ये दस अलग कोण हैं — ऊपर वाले दस की नकल नहीं। अर्थ, पड़ोसी-मुहावरा, वाक्य, लोकोक्ति-सीमा।
«ईद का चाँद होना»?
- त्योहार मनाना
- बहुत दिनों बाद दिखाई देना
- शोभा बढ़ाना — चार चाँद लगाना
- आकाश-पाताल एक करना
हल
- दुर्लभ दर्शन
ईद का चाँद साल में एक बार, इसलिए शख्स जो कभी-कभी दिखे। चार चाँद = सुंदरता बढ़ी — अलग घर।
बहस में हारने पर कहा जाएगा?
- मुँह फुलाया — रूठना
- मुँह की खाई
- मुँह में पानी आया — लालच
- नाक रगड़ी — गिड़गिड़ी
हल
- हार
मुँह की खाना = जवाब न रहना / पराजय। फुलाना = नाराज़ शक्ल। पानी आना = स्वाद/लालच।
बात का कोई असर नहीं — मुहावरा?
- कान भरना — चुगली
- कान पर जूँ न रेंगना
- कान खड़े होना — चौंकना
- नाक में दम करना
हल
- जूँ
समझाओ, गाली दो — कान पर जूँ न रेंगी = कुछ फर्क नहीं। भरना उल्टा काम है: किसी के कान में जहर घोलना।
पुलिस देखकर चोर ____।
- कमर कस गया — तैयारी, भागना नहीं
- नौ-दो-ग्यारह हो गया
- खेत रह गया — मारा गया
- बाज आ गया — बुरी आदत छोड़ी, यहाँ भागना पूछा है
हल
- भागना
नौ-दो-ग्यारह होना। कमर कसना उल्टा भाव (डटकर तैयार)। खेत रहना मृत्यु। बाज आना छोड़ देना।
«पेट में चूहे दौड़ना»?
- डर लगना
- तीव्र भूख लगना
- क्रोध — खून खौलना
- देशज शब्द पेट का तत्सम जोड़ा — स्रोत यहाँ नहीं
हल
- भूख
शब्दशः चूहे काटो। पेट का स्रोत (देशज) तत्सम-पृष्ठ पर; यहाँ अर्थ भूख है।
अच्छी नौकरी मिली, घर भी पास — एक मुहावरा?
- राई का पहाड़
- सोने पर सुहागा
- लोहे के चने चबाना
- रंग में भंग
हल
- अच्छे पर अच्छा
सोने पर सुहागा। राई-पहाड़ = छोटी बात फुलाना। चने = कठिन। भंग = आनंद टूटा।
संपत्ति पूरी तरह खो दी — मुहावरा?
- हाथ मला
- हाथ धो बैठा
- हाथ खींच लिया
- हाथ बाँधे खड़ा रहा
हल
- खो देना
हाथ धोना / हाथ धो बैठना। मलना केवल पछतावा, चीज़ वापस नहीं आती चित्र में भी पर अर्थ «त्याग/नाश» धोने का है। खींचना सहयोग बंद।
«चार चाँद लगाना»?
- ईद का चाँद होना
- शोभा या महत्ता बढ़ाना
- आग बबूला होना
- आकाश-पाताल एक करना
हल
- चाँद दो घर
ईद का चाँद = व्यक्ति दुर्लभ। चार चाँद लगाना = समारोह/काम और खिल उठा।
शुद्ध प्रयोग?
- उसने कमर कस गए
- उसने कमर कसी
- वह कमर कसी
- कमर उसने कस है
हल
- ने + कर्म
भूत में सकर्मक «कसना» पर ने चाहिए। कमर स्त्रीलिंग एकवचन → कसी। «कस गए» कर्ता से मेल गलत। «वह कमर कसी» में ने गायब। — ने-रचना।
«धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का»?
- मुहावरा — पेट में चूहे जैसा पशु-पद
- लोकोक्ति — पूरा वाक्य; पशु वाला मुहावरा «अपना उल्लू सीधा करना» अलग घर है
- विलोम
- अनेकार्थक शब्द
हल
- कसौटी
पूरा कहावत-वाक्य। «उसने धोबी का कुत्ता किया» नहीं चलता।
- सीमा
अर्थ: कहीं का न रहना। ठप्पा लोकोक्ति — लोकोक्तियाँ। कुछ कुंजी गलती से मुहावरे में डालें तो भी आकार देखकर लोकोक्ति लिखना सिखा है।
