Noteclerical

लिंग, वचन और पुरुष

Lesson 51 of 113

इस विषय में क्या आता है

परीक्षा पूछती है — पानी पुल्लिंग क्यों, लड़का का बहुवचन लड़के न कि लड़काएँ, लता का लताएँ, प्राण हमेशा बहुवचन, आप के साथ क्रिया बहुवचन, मैं जाती हूँ कौन पुरुष–लिंग, हाथी की स्त्री हथिनी। तीन सवाल एक साथ: यह शब्द किस लिंग का है, एक है या अनेक, बोलने वाला कौन पुरुष है। इन्हीं से «अच्छा / अच्छी / अच्छे» और «जाता है / जाती है / जाते हैं» बैठते हैं।

यहाँ पढ़ना है

हिंदी में दो लिंग (नपुंसक नहीं)। प्राणी–अप्राणी। अंत्य-वर्ण नियम और अपवाद (पानी, दही, मोती)। लिंग बदलने के तीन ढंग। विशेषण–सर्वनाम मेल। वचन: आ→ए vs आ→एँ। नित्य एकवचन / नित्य बहुवचन। आदरार्थ बहुवचन। तीन पुरुष। क्रिया-मेल की कुंजी।

यहाँ नहीं घुसाना

अक, ता, पन किस घर के प्रत्यय हैं — उपसर्ग–प्रत्यय। वर्तमान–भूत–भविष्य की पूरी तालिका, वाक्य-भेद, कर्ता-कर्म — अगले पृष्ठ (काल / वाक्य, कारक)। यहाँ क्रिया सिर्फ़ मेल के लिए।

एक पंक्ति: लिंग = जाति (पुल्लिंग / स्त्रीलिंग)। वचन = संख्या (एक / अनेक)। पुरुष = बोलने–सुनने–किसी और का स्थान (उत्तम / मध्यम / अन्य)। तीनों मिलकर रूप तय करते हैं।

तीन ठप्पे एक साथ

लड़की जाती है में तीन सूचनाएँ हैं। एक चूकोगे तो वाक्य टूटेगा।

ठप्पाइस वाक्य मेंगलत मेल
लिंगलड़की = स्त्रीलिंग → क्रिया जातीलड़की जाता है
वचनएक लड़की → है, नहीं हैंलड़की जाती हैं (एक के लिए, बिना आदर के)
पुरुषलड़की = अन्य पुरुष (बोलने वाला नहीं)लड़की जाती हूँ

मैं जाती हूँ — उत्तम + स्त्रीलिंग + एकवचन। आप जाते हैं — मध्यम + आदर के कारण बहुवचन क्रिया, चाहे एक व्यक्ति हो।

लिंग — हिंदी में दो ही

संस्कृत में तीन लिंग थे (पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग)। हिंदी में नपुंसक नहीं। जो संस्कृत में नपुंसक थे, हिंदी में प्रायः पुल्लिंग हो गए: फल, वन, ज्ञान, सत्य, पानी, दही, फूल, पत्र, नगर।

लिंगक्या हैउदाहरण
पुल्लिंगपुरुष जाति / पुरुष जैसा ठप्पालड़का, हाथी, पहाड़, पानी, प्रेम, कमरा
स्त्रीलिंगस्त्री जाति / स्त्री जैसा ठप्पालड़की, गाय, नदी, रोटी, भाषा, माला
प्राणीवाचक vs अप्राणीवाचक। प्राणी में लिंग अक्सर जन्म से: नर = पुल्लिंग, मादा = स्त्रीलिंग (लड़का–लड़की, बैल–गाय)। चीज़ों में लिंग रटा हुआ रीति है, तर्क से नहीं: पहाड़ पुल्लिंग, नदी स्त्रीलिंग; सोना पुल्लिंग, चाँदी स्त्रीलिंग। «पानी गीला है इसलिए…» मत लगाना।

व्यक्ति व्याकरण में पुल्लिंग ठप्पा रखता है, चाहे औरत हो: वह व्यक्ति आया चलता है। अर्थ स्त्री हो तो वाक्य «वह महिला आई» लिखना साफ़ है। आत्मा हिंदी गद्य में प्रायः पुल्लिंग: महान आत्मा, आत्मा अमर माना जाता है — «है» अकेला लिंग नहीं दिखाता, विशेषण/प्रयोग दिखाता है।

पहचान — अंत्य वर्ण + अर्थ, फिर अपवाद

नियम काम चलाऊ हैं। परीक्षा अपवाद पर मारती है। पहले नियम, तुरंत अपवाद।

ईकारांत

अधिकतर स्त्रीलिंग: नदी, रोटी, टोपी, नारी, खीर, थाली, चूड़ी, डोरी, कहानी, रानी, टोकरी, अंगूठी, धोती, नादानी।

ईकारांत पुल्लिंग — सूची रटो: पानी, घी, दही, मोती, जी (दिल), हाथी, आदमी, मुनि, रवि, कवि, पक्षी। पानी ठंडा है — «है» पुल्लिंग। दही खट्टा है। मोती गिरा। नदी–रोटी इसी अंत की स्त्री धारा है — मिलाओ मत।

आकारांत

दोनों लिंग। अंत «आ» देखकर मत लिख बैठना।

पुल्लिंग आकारांतस्त्रीलिंग आकारांत
लड़का, घोड़ा, कुत्ता, बकरा, कमरा, रास्ता, जूता, पंखा, बस्ता, चूहालता, माला, शाला, कथा, कविता, आशा, दया, भाषा, समस्या, महिला, निशा, बालिका, सभा, कन्या

फर्क वचन पर फूटता है: पुल्लिंग आ → ए (लड़के, कमरे)। स्त्रीलिंग आ → एँ (लताएँ, कथाएँ)। नीचे वचन में दोहराएँगे।

इकारांत / उकारांत / ऊकारांत

  • इ: मुनि, रवि, कवि, गिरि — प्रायः पुल्लिंग। रीति, राशि, जाति, बुद्धि, शक्ति — स्त्रीलिंग।
  • उ: शिशु, साधु, गुरु, मधु, डाकू — पुल्लिंग। वस्तु, धातु, वायु, आयु — स्त्रीलिंग।
  • ऊ: आलू, आँसू पुल्लिंग। बहू स्त्रीलिंग। लू (गर्म हवा) पुल्लिंग।

अर्थ के डिब्बे (अप्राणी)

डिब्बाप्रायः लिंगउदाहरण / सावधानी
पर्वत, देश, वार, ग्रह, दिनपुल्लिंगहिमालय, भारत, सोमवार, मंगल, आज का दिन
नदी, भाषा, लिपि, तिथिस्त्रीलिंगगंगा, हिंदी, देवनागरी, पूर्णिमा
धातु–द्रव्यमिलकर रटोसोना, लोहा, ताँबा, तेल, दूध, घी = पुल्लिंग · चाँदी, राख = स्त्रीलिंग
अनाजप्रायः पुल्लिंगगेहूँ, चावल, चना · मक्का पुल्लिंग
पेड़प्रायः पुल्लिंगआम, पीपल, बड़ · लता, बेल, सब्जी-लता स्त्री
भाव (पन, त्व)प्रायः पुल्लिंगबचपन, बंधुत्व, प्रेम, क्रोध · सुंदरता, मिठाई, दया = स्त्री (ता/आई/आ)
समूहमिलकरदल, वर्ग, समूह = पुल्लिंग · सेना, भीड़, सभा, जनता = स्त्री
उदाहरण

नदी और पानी दोनों ईकारांत। लिंग एक?

हल

  1. नदी

    ईकारांत की मुख्य धारा — स्त्रीलिंग। बड़ी नदी, नदी बहती है।

  2. पानी

    अपवाद सूची — पुल्लिंग। ठंडा पानी, पानी गिरा। अंत एक, ठप्पा अलग।

उत्तरनहीं — नदी स्त्रीलिंग, पानी पुल्लिंग

लिंग-परिवर्तन — तीन ढंग

प्रत्यय की नामावली उपसर्ग–प्रत्यय पर है। यहाँ काम यह है: पुल्लिंग शब्द से स्त्रीलिंग कैसे बनता है।

1. प्रत्यय लगाकर

ढंगपुल्लिंग → स्त्रीलिंग
अ / अक → इकाबालक → बालिका · नायक → नायिका · अध्यापक → अध्यापिका · सेवक → सेविका
ईदेव → देवी · पुत्र → पुत्री · दास → दासी
आसुत → सुता · वृद्ध → वृद्धा · बाल → बाला
इनीहाथी → हथिनी · स्वामी → स्वामिनी · एकाकी → एकाकिनी · माली → मालिन (इन/इनी)
आनीसेठ → सेठानी · जेठ → जेठानी · देवर → देवरानी · महाराज → महारानी
आइन / इनपंडित → पंडिताइन · ठाकुर → ठकुराइन · मालिक → मालकिन
आ → ई / इयालड़का → लड़की · घोड़ा → घोड़ी · बूढ़ा → बुढ़िया · चूहा → चुहिया · कुत्ता → कुत्तिया

2. बिलकुल दूसरा शब्द

प्रत्यय नहीं लगते — जोड़ा रटो।

पुल्लिंगस्त्रीलिंगपुल्लिंगस्त्रीलिंग
पिता / बापमाता / माँभाईबहन
पुत्र (बेटा)पुत्री (बेटी) — यहाँ ई भीनरमादा / नारी
राजारानीवीरवीरांगना
कविकवयित्रीविद्वानविदुषी
सम्राटसम्राज्ञीनर्तकनर्तकी
बैल / वृषभगाय / गौमोरमोरनी
पुरुषस्त्रीवरवधू
कवि → कवी नहीं, कवयित्री। ईकारांत पुल्लिंग पर सीधा ई लगाने से स्त्री नहीं बनती। हाथी → हाथीई गलत; हथिनी सही। नेता → नेत्री (कभी नेताजी स्त्री के लिए नेता ही रह जाता है — प्रश्न देखो)।

3. एक रूप दोनों लिंग

कुछ शब्द लिंग नहीं बदलते, मेल क्रिया/विशेषण से आता है: प्रधान, मंत्री, साथी, देवता (व्याकरण पुल्लिंग ठप्पा), बच्चे के अर्थ में शिशु। प्रधान आईं / प्रधान आए — आदर + लिंग वाक्य से।

विशेषण और सर्वनाम का मेल

जो विशेषण आ पर खत्म (काला, छोटा, अच्छा, मेरा, नया) — लिंग–वचन के साथ बदलते हैं। तत्सम बहुत से अविकारी रहती हैं: सुंदर, योग्य, पवित्र, प्रसिद्ध, विस्तृत — लड़का भी, लड़की भी «सुंदर»।

पुल्लिंग एकपुल्लिंग बहुस्त्रीलिंग एकस्त्रीलिंग बहु
अच्छाअच्छा लड़काअच्छे लड़केअच्छी लड़कीअच्छी लड़कियाँ
मेरामेरा घरमेरे घरमेरी किताबमेरी किताबें
नयानया कमरानए कमरेनई किताबनई किताबें
सुंदरसुंदर लड़कासुंदर लड़केसुंदर लड़कीसुंदर लड़कियाँ

सर्वनाम: मैं, तू, तुम, आप, यह, वह — रूप से लिंग नहीं बताते। लिंग क्रिया और विशेषण पर आता है: मैं आया / मैं आई। संबंध: मेरा/मेरी, तेरा/तेरी, हमारा/हमारी, आपका/आपकी, उसका/उसकी, जिसका/जिसकी।

वचन — एक और अनेक

हिंदी में दो वचन: एकवचन, बहुवचन। द्विवचन संस्कृत का है, हिंदी में नहीं (आँखें, कान बहुवचन व्यवहार में)।

नियम 1 — पुल्लिंग आकारांत: आ → ए

लड़का → लड़के · घोड़ा → घोड़े · कमरा → कमरे · रास्ता → रास्ते · जूता → जूते · पंखा → पंखे।

कारक/परसर्ग के पहले ओं: लड़कों ने, कमरों में, रास्तों पर।

नियम 2 — स्त्रीलिंग आकारांत: आ → एँ

लता → लताएँ · कथा → कथाएँ · माला → मालाएँ · भाषा → भाषाएँ · समस्या → समस्याएँ · महिला → महिलाएँ।

ओं रूप: लताओं, कथाओं, महिलाओं।

सबसे पिटने वाला: लड़का (पुल्लिंग आ) → लड़के, लड़काएँ नहीं। लता (स्त्रीलिंग आ) → लताएँ, लते नहीं। अंत आ एक, वचन का चिह्न लिंग से तय।

नियम 3 — ईकारांत स्त्रीलिंग: ई → इयाँ

लड़की → लड़कियाँ · नदी → नदियाँ · रोटी → रोटियाँ · टोपी → टोपियाँ · नारी → नारियाँ। परसर्ग: लड़कियों, नदियों।

नियम 4 — इया → इयाँ

चिड़िया → चिड़ियाँ · कुतिया → कुतियाँ · डिबिया → डिबियाँ।

नियम 5 — अ / व्यंजन अंत

प्रायः ज्यों के त्यों या «ओं»: फूल → फूल / फूलों · घर → घर / घरों · बात → बातें (स्त्री, एँ) · रात → रातें · पुस्तक → पुस्तकें। बात/रात/पुस्तक स्त्रीलिंग → एँ।

नियम 6 — उकारांत पुल्लिंग

साधु → साधु / साधुओं · गुरु → गुरु / गुरुओं / गुरुजन · डाकू → डाकू / डाकुओं।

उदाहरण

कमरा और कथा दोनों आ पर खत्म। बहुवचन?

हल

  1. कमरा

    पुल्लिंग आकारांत → कमरे (ओं: कमरों)।

  2. कथा

    स्त्रीलिंग आकारांत → कथाएँ (ओं: कथाओं)। «कथे» गलत।

उत्तरकमरे, कथाएँ

नित्य एकवचन, नित्य बहुवचन, आदर

रूप नहीं बदलते / द्रव्य–भाव

पानी, दूध, घी, दही, तेल, सोना, चाँदी, प्रेम, क्रोध, सत्य, ज्ञान — गिनती के बहुवचन कम। «दो पानी» नहीं; «दो गिलास पानी»। क्रिया एकवचन: पानी गिर रहा है।

नित्य बहुवचन — रूप बहु, अर्थ समूह

ये शब्द व्याकरण में बहुवचन ठप्पे के हैं। क्रिया भी बहुवचन:

  • प्राण — प्राण चले गए (एक आदमी के भी «प्राण» बहु)
  • आँसू — आँसू बह रहे हैं
  • लोग — लोग आए
  • होश — होश उड़ गए
  • दर्शन (मंदिर/गुरु के) — दर्शन किए
  • समाचार — समाचार आए
  • हस्ताक्षर — हस्ताक्षर किए
  • केश / बाल — बाल बढ़े

नित्य एकवचन समूह

जनता, भीड़, सेना (इकाई), वर्षा, फसल (एक इकाई) — «जनता चाहती है» (स्त्रीलिंग एकवचन)। भीड़ इकट्ठी हुई।

आदरार्थ बहुवचन

एक व्यक्ति, पर क्रिया/सर्वनाम बहुवचन — आदर।

  • आप हमेशा «हैं / जाते हैं / जाइए» — एक हो या अनेक। «आप जाता है» गलत।
  • गुरुजी आए। माताजी आईं। पिताजी बैठे हैं।
  • तू एकवचन घरेलू/निम्न; तुम मध्यम (क्रिया हो); आप उच्च आदर (हैं)।

आप की कुंजी: वचन-प्रश्न में «आप» = मध्यम पुरुष + क्रिया हमेशा बहुवचन। लिंग विशेषण/क्रिया से: आप स्वयं आईं (स्त्री) / आप स्वयं आए (पुरुष)।

पुरुष — बोलने वाला, सुनने वाला, तीसरा

पुरुषकौनएकवचनबहुवचन
उत्तमबोलने वालामैंहम
मध्यमसुनने वालातू · तुम · आपतुम · आप (आप आदर में एक पर भी)
अन्यजिसके बारे में बातयह / वहये / वे
  • मैं = उत्तम + एकवचन। हम = उत्तम + बहुवचन (कभी एक व्यक्ति भी «हम» राज/लेखकीय)।
  • तू = मध्यम एक, क्रिया «है/जाता है»। तुम = मध्यम, क्रिया «हो/जाते हो» — एक मित्र पर भी तुम+हो।
  • वह लड़का = अन्य पुल्लिंग एक। वे लड़के = अन्य पुल्लिंग बहु। वह लड़की = अन्य स्त्रीलिंग एक।
पुरुष ≠ पुरुष लिंग। पुरुष यहाँ बोलने–सुनने–तीसरे का स्थान है, पुल्लिंग नहीं। मैं स्त्री भी उत्तम पुरुष है: मैं जाती हूँ। «उत्तम पुल्लिंग» मत लिखना — दो ठप्पे अलग बोलो: उत्तम पुरुष, स्त्रीलिंग, एकवचन।

क्रिया का मेल — काल नहीं, कुंजी हाँ

वर्तमान सामान्य की एक झलक। भूत–भविष्य–वाच्य अगले विषय। यहाँ सिर्फ़: क्रिया कर्ता के लिंग, वचन, पुरुष से बदलती है।

कर्ताठप्पेक्रिया (जाना)
मैं (लड़का)उत्तम, पुल्लिंग, एकजाता हूँ
मैं (लड़की)उत्तम, स्त्रीलिंग, एकजाती हूँ
हमउत्तम, बहुजाते हैं / जाती हैं (समूह स्त्री हो तो जाती हैं)
तूमध्यम, एकजाता है / जाती है
तुममध्यमजाते हो / जाती हो
आपमध्यम, आदर = बहु क्रियाजाते हैं / जाती हैं
वह लड़काअन्य, पुल्लिंग, एकजाता है
वह लड़कीअन्य, स्त्रीलिंग, एकजाती है
वे लड़केअन्य, पुल्लिंग, बहुजाते हैं
वे लड़कियाँअन्य, स्त्रीलिंग, बहुजाती हैं

ने+भूतकाल में कभी कर्ता अलग, कर्म से मेल (मैंने रोटी खाई) — वह कर्म-वाच्य / ने-रचना अगले पृष्ठों का है। यहाँ बिना «ने» के कर्ता-मेल रटो।

प्रश्न 1–10

प्र. 1

पानी का लिंग?

  1. स्त्रीलिंग — ईकारांत नदी जैसा
  2. पुल्लिंग — ईकारांत अपवाद
  3. नपुंसकलिंग — संस्कृत जैसा हिंदी में भी
  4. लिंग नहीं, अव्यय

हल

  1. अपवाद

    पानी, घी, दही, मोती, जी पुल्लिंग ईकारांत। हिंदी में नपुंसक लिंग नहीं। ठंडा पानी, पानी गिरा।

उत्तरB
प्र. 2

लड़का का बहुवचन?

  1. लड़काएँ
  2. लड़के
  3. लड़कियाँ
  4. लड़का (नित्य एकवचन)

हल

  1. पुल्लिंग आ

    आ→ए = लड़के। एँ स्त्रीलिंग आ (लताएँ) पर। लड़कियाँ स्त्री लड़की से।

उत्तरB
प्र. 3

लता का बहुवचन?

  1. लते — आ→ए
  2. लताएँ — स्त्रीलिंग आ→एँ
  3. लतियाँ
  4. लता नित्य एक

हल

  1. स्त्रीलिंग आकारांत

    कथाएँ, मालाएँ, लताएँ। ए वाला नियम लड़का/कमरा पर।

उत्तरB
प्र. 4

मैं जाती हूँ — पुरुष और लिंग?

  1. उत्तम पुरुष, स्त्रीलिंग, एकवचन
  2. मध्यम पुरुष, स्त्रीलिंग
  3. उत्तम पुल्लिंग — पुरुष शब्द से
  4. अन्य पुरुष

हल

  1. मैं = उत्तम

    जाती = स्त्रीलिंग। हूँ = एकवचन। पुरुष ≠ पुल्लिंग। वह जाती है = अन्य।

उत्तरA
प्र. 5

एक व्यक्ति: «आप … स्कूल …।» सही क्रिया?

  1. आप जाता है
  2. आप जाते हो
  3. आप जाते हैं
  4. आप जाऊँ

हल

  1. आदर = बहु क्रिया

    आप के साथ हैं/जाते हैं। हो तुम पर। है तू/वह पर। स्त्री आदर: आप जाती हैं।

उत्तरC
प्र. 6

हाथी का स्त्रीलिंग?

  1. हाथीई
  2. हथिनी
  3. हथानी
  4. गज स्त्री समास

हल

  1. इनी

    हाथी→हथिनी। आनी सेठानी पर। समास गजानन अलग पृष्ठ।

उत्तरB
प्र. 7

कवि का स्त्रीलिंग?

  1. कवी — दीर्घ
  2. कविनी
  3. कवयित्री
  4. कविता — वही शब्द

हल

  1. भिन्न शब्द

    कवयित्री। कविता रचना है, स्त्री-रूप नहीं। कवी संधि/दीर्घ जाल।

उत्तरC
प्र. 8

प्राण वचन?

  1. नित्य एकवचन — प्राण जाता है
  2. नित्य बहुवचन — प्राण चले गए
  3. आकारांत पुल्लिंग प्राणे
  4. स्त्रीलिंग प्राणें

हल

  1. नित्य बहु

    एक आदमी के प्राण भी बहुवचन ठप्पा। आँसू, लोग, होश साथ रटो।

उत्तरB
प्र. 9

सही मेल?

  1. अच्छा लड़कियाँ
  2. अच्छे लड़की
  3. अच्छी लड़कियाँ
  4. अच्छी लड़के

हल

  1. स्त्रीलिंग बहु

    अच्छी + लड़कियाँ। अच्छे पुल्लिंग बहु (लड़के)। अच्छा पुल्लिंग एक।

उत्तरC
प्र. 10

«वह लड़की स्कूल जाती है।» तीन ठप्पे?

  1. उत्तम, पुल्लिंग, बहु
  2. मध्यम, स्त्रीलिंग, एक
  3. अन्य पुरुष, स्त्रीलिंग, एकवचन
  4. अन्य, स्त्रीलिंग, नित्य बहु — जाती हैं

हल

  1. वह = अन्य

    लड़की स्त्रीलिंग एक → जाती है। हैं तभी बहु या आप-आदर। मैं नहीं है इसलिए उत्तम नहीं।

उत्तरC

अभ्यास

12345 678910

अ. 1

दही का लिंग?

  1. पुल्लिंग — ईकारांत अपवाद, दही खट्टा है
  2. स्त्रीलिंग — दही खट्टी है
  3. नपुंसक
  4. अव्यय

हल

  1. पानी-घी-दही-मोती-जी

    एक माला पुल्लिंग ईकारांत।

उत्तरA
अ. 2

नदी बहुवचन?

  1. नदे
  2. नदियाँ
  3. नदीएँ
  4. नदी (द्रव्य, नहीं बदलता)

हल

  1. ई→इयाँ

    लड़कियाँ, नदियाँ, रोटियाँ। द्रव्य पानी है, नदी नहीं।

उत्तरB
अ. 3

हम पुरुष–वचन?

  1. उत्तम पुरुष, बहुवचन
  2. मध्यम बहु
  3. अन्य एक
  4. उत्तम एक — मैं का रूप

हल

  1. बोलने वाले अनेक

    मैं एक, हम बहु। दोनों उत्तम।

उत्तरA
अ. 4

एक मित्र से: «तुम कहाँ … हो?»

  1. जाता है
  2. जाते हो / जाती हो
  3. जाते हैं
  4. जाता हूँ

हल

  1. तुम → हो

    हैं आप पर। है तू/वह। हूँ मैं।

उत्तरB
अ. 5

बालक का स्त्रीलिंग?

  1. बालकी
  2. बालिका
  3. बालकनी
  4. बाल

हल

  1. इका

    बालक→बालिका, नायक→नायिका।

उत्तरB
अ. 6

सोना और चाँदी?

  1. दोनों स्त्रीलिंग
  2. दोनों पुल्लिंग
  3. सोना पुल्लिंग, चाँदी स्त्रीलिंग
  4. सोना स्त्रीलिंग, चाँदी पुल्लिंग

हल

  1. द्रव्य रटो

    पीला सोना, सफेद चाँदी। लोहा पुल्लिंग, राख स्त्री।

उत्तरC
अ. 7

लोग?

  1. नित्य बहुवचन — लोग आए
  2. एकवचन लोग आया
  3. स्त्रीलिंग लोग आई
  4. आकारांत लोगे

हल

  1. हमेशा बहु

    प्राण, आँसू, लोग एक माला।

उत्तरA
अ. 8

पिता का स्त्रीलिंग जोड़ा?

  1. पित्री
  2. पिताई
  3. माता
  4. पितृत्व

हल

  1. भिन्न शब्द

    पिता–माता, भाई–बहन। पितृत्व भाव पुल्लिंग, स्त्री-रूप नहीं।

उत्तरC
अ. 9

किताब के साथ?

  1. मेरा किताब
  2. मेरे किताब
  3. मेरी किताब
  4. मैं किताब

हल

  1. पुस्तक/किताब स्त्रीलिंग

    मेरी किताब, मेरी किताबें। मेरे पुल्लिंग बहु (मेरे घर)।

उत्तरC
अ. 10

जनता की सही क्रिया?

  1. जनता चाहते हैं — नित्य बहु
  2. जनता चाहती है — स्त्रीलिंग एकवचन समूह
  3. जनता चाहता है — पुल्लिंग
  4. जनता चाहो

हल

  1. समूह-स्त्री एक

    जनता, भीड़, सेना इकाई। लोग अलग — वे बहुवचन। जनता चाहती है।

उत्तरB

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