अंग 4 · वाक्य विचार
पाठ 4.8
विषय शुरू · समास — द्वंद्व, बहुव्रीहि
कर्मधारय वाले विषय में नीलकमल, पंचवटी खुले; माता-पिता दीवार, पीतांबर दीवार, दशानन दीवार। समुच्चयबोधक वाले विषय में और पद था। रूढ़-यौगिक वाले विषय में पीतांबर, दशानन, लंबोदर योगरूढ़। आज घर की जोड़: दोनों प्रधान, या तीसरा अर्थ। कार्ड के 4: माता-पिता, सुख-दुःख, पीतांबर, दशानन। द्वंद्व = दोनों प्रधान (माता-पिता)। बहुव्रीहि = कोई तीसरा अर्थ (पीतांबर = कृष्ण)। नया विकार नहीं। विग्रह आगे। वाक्य भेद आगे। आज द्वंद्व और बहुव्रीहि।
1. जोड़ क्या है
परिभाषा सीधी रखो: जब दोनों पद प्रधान रहें और और छिपे, वह द्वंद्व है; जब जोड़ किसी तीसरे का नाम बने, वह बहुव्रीहि है। समास पहले से; आज अंतिम दो पहचान।
माता + पिता = माता-पिता। — माता और पिता; दोनों प्रधान। द्वंद्व।
पीत + अंबर = पीतांबर। — पीला वस्त्र जिसका — कृष्ण, तीसरा अर्थ। बहुव्रीहि। कर्मधारय वाले विषय की दीवार आज कार्ड।
प्रश्न: दोनों साथ, या जोड़ किसी और का नाम? फिर कार्ड चुनो। और वाक्य में अलग पद समुच्चयबोधक वाले विषय में; आज और छिपा।
जाँच: दोनों प्रधान? द्वंद्व। तीसरा नाम? बहुव्रीहि। नीला कमल एक फूल? कर्मधारय पहले। 5 वट समूह? द्विगु पहले।
2. 4 कार्ड एक नज़र में
एक माता-पिता रटकर पीतांबर गायब मत करो। दो पहचान, चार झलक, एक कुर्सी।
| कार्ड | पहचान | छिपा अर्थ |
|---|---|---|
| माता-पिता | द्वंद्व | माता और पिता |
| सुख-दुःख | द्वंद्व | सुख और दुःख |
| पीतांबर | बहुव्रीहि | पीला वस्त्र जिसका |
| दशानन | बहुव्रीहि | 10 मुख जिसका |
लंबोदर — लंबा उदर जिसका, गणेश — जेब, छोटे नहीं। योगरूढ़ पहले; घर आज। 6 भेद की पहचान यहीं पूरी; सूची विग्रह आगे।
जाँच: और छिपा, दोनों रहें? द्वंद्व। जिसका / जिसमें, तीसरा? बहुव्रीहि।
3. और से नाता — पद बनाम छिपा जोड़
समुच्चयबोधक वाले विषय में राम और श्याम आए — और दिखता है, दो पद। आज माता-पिता में और नहीं लिखा, फिर भी दोनों प्रधान।
राम और श्याम — और पद; समुच्चयबोधक पहले।
माता-पिता — और छिपा, एक मिला हुआ पद; आज द्वंद्व।
राम आया और श्याम गया — दो बातें, वाक्य भेद आगे। आज एक पद का घर, वाक्य का भेद नहीं।
जाँच: और दिखे, दो पद? समुच्चयबोधक पहले। और छिपा, एक पद? द्वंद्व आज। दो क्रिया? आगे।
4. माता-पिता — द्वंद्व
कार्ड का पहला। दोनों खंड प्रधान। पीछे वाला अकेला राजा नहीं — तत्पुरुष पहले वैसा था। द्वंद्व = दोनों प्रधान।
माता + पिता = माता-पिता। — माता और पिता।
राम-लक्ष्मण — परिवार; कार्ड माता-पिता। सूची मत बढ़ा।
राजपुत्र = राजा का पुत्र, पुत्र प्रधान — तत्पुरुष पहले। माता-पिता में का नहीं, और छिपा। दो काट मत घोलो।
जाँच: दोनों प्रधान? द्वंद्व। का छिपा? तत्पुरुष पहले। और दिखे? समुच्चयबोधक पहले।
5. सुख-दुःख — द्वंद्व
कार्ड का दूसरा। सुख और दुःख, दोनों रहें। जोड़ा उल्टा भी साथ।
सुख + दुःख = सुख-दुःख। — सुख और दुःख।
पाप-पुण्य, अन्न-जल — परिवार; कार्ड सुख-दुःख।
दुःख में ः विसर्ग संधि वाले विषय की जेब थी — चिह्न टिका। आज घर द्वंद्व, दो काट: चिह्न पहले, जोड़ आज।
जाँच: सुख-दुःख? द्वंद्व। दुःख अकेला ः? विसर्ग पहले। पीतांबर? बहुव्रीहि, यह कार्ड नहीं।
6. पीतांबर — बहुव्रीहि
कार्ड का तीसरा। पीला अंबर जोड़ कपड़े का लगे — वह कर्मधारय वाला रंग। यहाँ अर्थ कपड़ा नहीं, वह जिसका वस्त्र पीला — कृष्ण। बहुव्रीहि = कोई तीसरा अर्थ।
पीत + अंबर = पीतांबर। — पीला है अंबर जिसका।
रूढ़-यौगिक वाले विषय में योगरूढ़: कोई भी पीला कपड़ा पीतांबर नहीं। आज घर बहुव्रीहि।
नीलकमल = नीला कमल, फूल ही — कर्मधारय पहले। पीतांबर = वस्त्र नहीं, व्यक्ति। पूछो: जोड़ खुद है या किसी और का नाम?
जाँच: कपड़ा अर्थ? कर्मधारय सोचो। कृष्ण नाम? बहुव्रीहि आज। नीलकमल? पहले।
7. दशानन — बहुव्रीहि
कार्ड का चौथा। 10 मुख जिसका — रावण। संख्या दिखे तो द्विगु मत ठोको। द्विगु समूह माँगे; यहाँ व्यक्ति।
दश + आनन = दशानन। — 10 मुख जिसका।
पंचवटी — 5 वटों का समूह, द्विगु पहले। दशानन समूह नहीं।
योगरूढ़ पहले: तोड़ बैठता है, अर्थ रावण पर बँधा। आज घर बहुव्रीहि। दो काट, एक शब्द।
जाँच: दशानन? बहुव्रीहि। पंचवटी? द्विगु पहले। 10 मुख समूह? नहीं, व्यक्ति।
8. जेब — लंबोदर
लंबा उदर जिसका — गणेश। कार्ड नहीं — नाम जेब। पीतांबर-दशानन परिवार।
लंब + उदर = लंबोदर। — लंबा पेट सामान्य जोड़ नहीं; नाम गणेश। योगरूढ़ पहले, बहुव्रीहि आज।
सूची मत बढ़ा। चार कार्ड पकड़ो; यह साथी जेब। और नाम मत जोड़ो।
जाँच: लंबोदर? जेब। माता-पिता? द्वंद्व कार्ड। महात्मा? कर्मधारय पहले।
9. जो आज की पहचान नहीं
| रूप | कुर्सी |
|---|---|
| नीलकमल | कर्मधारय — पहले; फूल ही |
| पंचवटी | द्विगु — पहले; समूह |
| राजपुत्र | तत्पुरुष — पहले; का |
| यथाशक्ति | अव्ययीभाव — पहले |
| राम और श्याम | समुच्चयबोधक — पहले; और दिखे |
| राम आया और श्याम गया | वाक्य भेद आगे |
| अधर्म | नञ् आगे |
| घनश्याम | मध्यपदलोपी आगे |
पंकज योगरूढ़ पहले — कमल नाम, घर आज मत ठोको बिना तीसरे व्यक्ति के नियम के।
जाँच: नीलकमल? पहले। पीतांबर अर्थ व्यक्ति? आज। और दिखे? पहले। अधर्म? आगे।
10. दीवारें — विग्रह, नञ्, वाक्य भेद
| बात | आज नहीं |
|---|---|
| मिला हुआ पद का पूरा वाक्य | समास विग्रह आगे |
| अ / नञ्, बीच गायब | नञ्, मध्यपदलोपी आगे |
| सरल, संयुक्त, मिश्र | वाक्य भेद आगे |
| ध्वनि से तोड़ना सूची | संधि विच्छेद आगे |
आठ विकार शब्द पर पहले से। आज घर की जोड़। 6 पहचान पूरी; विग्रह वाक्य आगे।
जाँच: दो पहचान आज। तोड़-वाक्य? आगे। सौ सूची? नहीं।
11. वाक्य में 4 कार्ड + जेब
अरे! माता-पिता सुख-दुःख में पीतांबर और दशानन का लंबोदर गुनें।
- अरे — विस्मयादिबोधक, अटल
- माता-पिता — द्वंद्व; माता और पिता
- सुख-दुःख — द्वंद्व; सुख और दुःख
- पीतांबर — बहुव्रीहि; पीला वस्त्र जिसका
- दशानन — बहुव्रीहि; 10 मुख जिसका
- लंबोदर — जेब; लंबा उदर जिसका
- और — समुच्चयबोधक, दिखता पद; द्वंद्व नहीं
चार कार्ड बैठे; जेब साथ। वाक्य वाला और अलग कुर्सी — छिपा और माता-पिता में।
12. शब्द तोड़कर पूरा
द्वंद्व
दोनों प्रधान, और छिपा। माता-पिता, सुख-दुःख।
बहुव्रीहि
तीसरा नाम, जिसका। पीतांबर, दशानन।
जेब
लंबोदर — गणेश।
दीवार
विग्रह, नञ्, वाक्य भेद, नीलकमल, पंचवटी।
माता-पिता, सुख-दुःख, पीतांबर, दशानन — चार कार्ड; दो पहचान।
13. आम गलतियाँ
- माता-पिता को तत्पुरुष। का नहीं; और छिपा, दोनों प्रधान।
- माता-पिता को राम और श्याम। और दिखे तो समुच्चयबोधक पहले।
- पीतांबर को कर्मधारय पूरा। कपड़ा अर्थ पहले वाला रंग; व्यक्ति आज।
- दशानन को द्विगु। संख्या दिखे, समूह नहीं — व्यक्ति रावण।
- पीतांबर और नीलकमल एक कार्ड। तीसरा नाम बनाम फूल ही।
- सुख-दुःख को विसर्ग पाठ। ः चिह्न पहले; घर आज द्वंद्व।
- लंबोदर पाँचवाँ कार्ड। जेब; योगरूढ़ पहले।
- अधर्म को आज। नञ् आगे।
- घनश्याम को पीतांबर जैसा। मध्यपदलोपी आगे।
- राम आया और श्याम गया को द्वंद्व। वाक्य भेद आगे।
- पूरा विग्रह वाक्य यहीं। पहचान आज; वाक्य आगे।
- नया विकार गिनना। आज घर-जोड़।
जाँच: (1) दोनों प्रधान या तीसरा नाम। (2) कार्ड: माता-पिता, सुख-दुःख, पीतांबर, दशानन। (3) लंबोदर जेब। (4) वाक्य भेद आगे। (5) विग्रह आगे।
14. इस विषय का सार
- द्वंद्व — दोनों प्रधान, और छिपा। बहुव्रीहि — जोड़ तीसरे का नाम। नया विकार नहीं।
- कार्ड: माता-पिता-सुख-दुःख द्वंद्व, पीतांबर-दशानन बहुव्रीहि।
- नीलकमल फूल पहले; पीतांबर व्यक्ति आज। पंचवटी समूह पहले; दशानन व्यक्ति आज।
- लंबोदर जेब। विग्रह आगे। नञ् आगे। वाक्य भेद आगे।
- 6 पहचान पूरी। यौगिक कपड़ा पहले। आज घर कौन।
आगे वाक्य — सरल, संयुक्त, मिश्र है।
अभ्यास
नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।
1. द्वंद्व और बहुव्रीहि क्या हैं? कार्ड के 4 लिखो। नया विकार है?
उत्तर
दोनों पद प्रधान, और छिपा; जोड़ तीसरे का नाम। माता-पिता, सुख-दुःख, पीतांबर, दशानन। नहीं — आज घर-जोड़; विकार शब्द पर पहले से।
2. माता-पिता और राजपुत्र एक पहचान हैं? राम और श्याम द्वंद्व है?
उत्तर
नहीं — माता-पिता द्वंद्व, और छिपा; राजपुत्र तत्पुरुष, का, पहले। नहीं — राम और श्याम में और पद, समुच्चयबोधक वाले विषय में।
3. पीतांबर = नीला कमल जैसा कर्मधारय ठीक है? दश + आनन कौन-सा कार्ड है?
उत्तर
नहीं — नीलकमल फूल ही, कर्मधारय पहले; पीतांबर व्यक्ति, बहुव्रीहि आज। दशानन बहुव्रीहि — 10 मुख जिसका, रावण; द्विगु नहीं।
4. अधर्म आज का कार्ड है? राम आया और श्याम गया आज है?
उत्तर
नहीं — नञ् आगे। नहीं — दो बातें, वाक्य भेद आगे; आज एक पद का घर।
5. पीतांबर का पूरा विग्रह वाक्य आज लिखना है? लंबोदर पाँचवाँ कार्ड है?
उत्तर
नहीं — अर्थ पीला वस्त्र जिसका आज; पूरा वाक्य विग्रह आगे। नहीं — जेब, योगरूढ़ पहले; कार्ड 4।
विषय समाप्त · समास — द्वंद्व, बहुव्रीहि
