अंग 4 · वाक्य विचार
पाठ 4.3
विषय शुरू · स्वर संधि
विराम वाले विषय में निशान खुले। स्वर वाले विषय में 11 स्वर और ए ऐ ओ औ संयुक्त श्रेणी थी; देव + इंद्र नाम भर था। उपसर्ग वाले विषय में अति + आचार दीवार थी। आज वह जोड़: दो स्वर पास आएँ तो रूप बदलता है। कार्ड के 4: दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण। दीर्घ = एक जैसा स्वर मिलकर लंबा (अ+अ=आ)। गुण = अ/आ + इ = ए, + उ = ओ, + ऋ = अर्। वृद्धि = अ/आ + ए/ऐ = ऐ, + ओ/औ = औ। यण = इ/ई→य्, उ/ऊ→व्, ऋ→र् जब अगला स्वर जुदा। नया विकार नहीं। व्यंजन आगे। विसर्ग आगे। तोड़ना आगे। आज स्वर से स्वर।
1. जोड़ क्या है
परिभाषा सीधी रखो: जब दो पदों के स्वर पास आकर एक नया स्वर-रूप दें, वह स्वर संधि है। वर्ण की श्रेणी नहीं — दो टुकड़ों का मेल।
देव + आलय = देवालय। — अ + आ → आ; दीर्घ।
देव + इंद्र = देवेंद्र। — अ + इ → ए; गुण। स्वर वाले विषय की झलक आज कार्ड।
प्रश्न: दो स्वर कौन, एक जैसे परिवार या जुदा? फिर कार्ड चुनो। मात्रा लिखना मात्रा वाले विषय में; आज मेल।
जाँच: दो स्वर टकराए? आज। दो व्यंजन? आगे। विसर्ग? आगे। ए श्रेणी? पहले, जोड़ आज।
2. 4 कार्ड एक नज़र में
एक दीर्घ रटकर यण गायब मत करो। चार मेल, एक कुर्सी।
| कार्ड | मेल | झलक |
|---|---|---|
| दीर्घ | एक जैसा स्वर → लंबा (अ+अ=आ) | देवालय, गिरीश |
| गुण | अ/आ + इ उ ऋ → ए ओ अर् | देवेंद्र, सूर्योदय |
| वृद्धि | अ/आ + ए/ऐ → ऐ; + ओ/औ → औ | सदैव, महौषधि |
| यण | इ उ ऋ + जुदा स्वर → य् व् र् | अत्याचार, स्वागत |
अयादि — ए/ऐ के बाद स्वर → अय्/आय् (नयन, नायक); ओ/औ → अव्/आव् (पवन) — जेब, छोटे नहीं। पूरी सूची रटना नहीं।
जाँच: एक जैसे? दीर्घ। अ+इ? गुण। अ+ए? वृद्धि। इ+आ? यण।
3. स्वर से नाता — श्रेणी बनाम जोड़
स्वर वाले विषय में ए = अ + इ श्रेणी की गिनती थी। आज वही मेल दो पदों की सीमा पर: देव के अ के बाद इंद्र का इ → देवेंद्र।
मेला — ए अंदर एक शब्द; संधि नहीं, वर्ण पहले।
देवेंद्र — देव और इंद्र टकराए; आज।
11 स्वर दोहराओ मत। आज सीमा पर टक्कर। संयुक्त अक्षर क्ष हलंत वाले विषय में — व्यंजन चिपके, स्वर संधि नहीं।
जाँच: एक शब्द का ए? श्रेणी पहले। दो पद? आज। क्ष? हलंत पहले।
4. दीर्घ — समान परिवार
कार्ड का पहला। दीर्घ = एक जैसा स्वर मिलकर लंबा। अ/आ + अ/आ → आ। इ/ई + इ/ई → ई। उ/ऊ + उ/ऊ → ऊ।
देव + आलय = देवालय। विद्या + आलय = विद्यालय।
गिरि + ईश = गिरीश। भानु + उदय = भानूदय।
विद्यालय अर्थ का मेल समास आगे; आज ध्वनि आ। दो काट एक शब्द पर हो सकते हैं — कुर्सी जुदा।
जाँच: अ+आ? आ। इ+ई? ई। समास? आगे।
5. गुण — अ से ए ओ अर्
कार्ड का दूसरा। गुण = अ/आ + इ = ए, + उ = ओ, + ऋ = अर्। अ या आ के बाद इ/ई → ए; उ/ऊ → ओ; ऋ → अर्।
देव + इंद्र = देवेंद्र। — इंद्र; स्वर वाले विषय की पंक्ति आज पूरी।
सूर्य + उदय = सूर्योदय। महा + ऋषि = महर्षि।
गुण यहाँ संधि का नाम। विशेषण वाले विषय में गुण कुर्सी अलग। े ो मात्रा वाले विषय में कपड़ा; आज मेल ए ओ।
जाँच: अ+इ? ए। अ+उ? ओ। अ+ऋ? अर्। अच्छा गुण? विशेषण पहले।
6. वृद्धि — अ से ऐ औ
कार्ड का तीसरा। वृद्धि = अ/आ + ए/ऐ = ऐ, + ओ/औ = औ। गुण से एक सीढ़ी ऊपर: इ परिवार ए, ए परिवार ऐ।
सदा + एव = सदैव। एक + एक = एकैक।
महा + औषधि = महौषधि।
देवेंद्र गुण, सदैव वृद्धि — अ के बाद इ या ए पूछो। दोनों ए मत घोलो।
जाँच: अ+ए? ऐ। अ+ओ? औ। अ+इ? गुण, वृद्धि नहीं।
7. यण — इ उ ऋ य् व् र् बनें
कार्ड का चौथा। यण = इ/ई→य्, उ/ऊ→व्, ऋ→र् जब अगला स्वर जुदा। उपसर्ग वाले विषय में अति + आचार, अधि + अक्ष दीवार थे।
अति + आचार = अत्याचार। अधि + अक्ष = अध्यक्ष। यदि + अपि = यद्यपि।
सु + आगत = स्वागत। अनु + एषण = अन्वेषण।
अत्याचार को अ + त्याचार मत काटो — सिर अति, उपसर्ग वाले विषय में। तोड़ना पूरा विच्छेद आगे; आज मेल य्।
जाँच: इ+आ? या। उ+आ? वा। अति त्याचार? ग़लत काट। विच्छेद सूची? आगे।
8. जेब — अयादि
ए/ऐ के बाद स्वर → अय्/आय्। ओ/औ → अव्/आव्। कार्ड नहीं — नाम जेब।
ने + अन = नयन। पो + अन = पवन।
नै + अक = नायक।
सूची मत बढ़ा। चार कार्ड पकड़ो; यह पाँचवाँ परिवार जेब।
जाँच: नयन? अयादि जेब। देवेंद्र? गुण कार्ड। पूरी सूची? नहीं।
9. जो स्वर संधि नहीं
| रूप | कुर्सी |
|---|---|
| सम् + योग = संयोग | व्यंजन / अनुस्वार आगे |
| मनः + हर = मनोहर | विसर्ग आगे |
| राजपुत्र | समास आगे — अर्थ का मेल |
| अत्याचार = अति + आचार | विच्छेद आगे — तोड़ना |
| क्ष, त्र, ज्ञ | हलंत वाले विषय में |
| ए ऐ ओ औ एक शब्द में | स्वर श्रेणी — पहले |
निश्चय, जगन्नाथ व्यंजन परिवार। दुःख, अतः विसर्ग परिवार। आज स्वर-स्वर।
जाँच: संयोग? आगे। मनोहर? आगे। देवालय ध्वनि? आज। राजपुत्र अर्थ? आगे।
10. दीवारें — व्यंजन, विसर्ग, विच्छेद
| बात | आज नहीं |
|---|---|
| व्यंजन से व्यंजन | व्यंजन संधि आगे |
| ः का मेल | विसर्ग संधि आगे |
| जुड़े शब्द तोड़ना सूची | संधि विच्छेद आगे |
| मिला हुआ पद खोलना | समास आगे |
आठ विकार शब्द पर पहले से। आज जोड़ की ध्वनि। उपसर्ग सिर दोहराओ मत — अति पहले; आज यण।
जाँच: स्वर-स्वर आज। तोड़? आगे। सौ सूची? नहीं।
11. वाक्य में 4 कार्ड + जेब
अरे! विद्यालय में देवेंद्र सदैव स्वागत पाए; महर्षि नयन से देखें।
- अरे — विस्मयादिबोधक, अटल
- विद्यालय — दीर्घ; विद्या + आलय
- देवेंद्र — गुण; देव + इंद्र
- सदैव — वृद्धि; सदा + एव
- स्वागत — यण; सु + आगत
- महर्षि — गुण; महा + ऋषि
- नयन — अयादि जेब
चार कार्ड बैठे; जेब साथ। मनोहर इस वाक्य में नहीं — विसर्ग मत ठोको जहाँ ः नहीं।
12. शब्द तोड़कर पूरा
दीर्घ
समान परिवार लंबा — अ+अ=आ। देवालय।
गुण
अ + इ उ ऋ → ए ओ अर्। देवेंद्र।
वृद्धि
अ + ए/ऐ ओ/औ → ऐ औ। सदैव।
यण
इ उ ऋ → य् व् र्। अत्याचार।
जेब
अयादि नयन पवन।
दीवार
व्यंजन, विसर्ग, विच्छेद, समास।
दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण — चार कार्ड; दो स्वर, एक रूप।
13. आम गलतियाँ
- मेला को संधि। एक शब्द का ए; श्रेणी पहले।
- देवेंद्र और सदैव एक कार्ड। गुण बनाम वृद्धि — इ या ए पूछो।
- अत्याचार = अ + त्याचार। सिर अति; यण आज।
- संयोग को स्वर जोड़। व्यंजन आगे।
- मनोहर को आज। विसर्ग आगे।
- विद्यालय यहीं समास पूरा। ध्वनि आज; अर्थ आगे।
- क्ष को स्वर संधि। हलंत पहले।
- गुण को विशेषण। नाम आज संधि का।
- नयन पाँचवाँ कार्ड। अयादि जेब।
- सब जोड़ यहीं तोड़ डालना। विच्छेद आगे।
- नया विकार गिनना। आज ध्वनि-जोड़।
- 11 स्वर यहीं फिर रटना। स्वर वाले विषय में।
जाँच: (1) दो स्वर टकराएँ। (2) कार्ड: दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण। (3) अयादि जेब। (4) व्यंजन-विसर्ग आगे। (5) विच्छेद आगे।
14. इस विषय का सार
- स्वर संधि — दो पदों के स्वर पास आकर रूप बदलें। नया विकार नहीं।
- कार्ड: दीर्घ एक जैसा लंबा, गुण ए-ओ-अर्, वृद्धि ऐ-औ, यण य्-व्-र्।
- ए श्रेणी पहले; देवेंद्र जोड़ आज। अत्याचार अति + आचार, यण।
- अयादि जेब। व्यंजन आगे। विसर्ग आगे। तोड़ना आगे। समास आगे।
- मात्रा कपड़ा पहले। आज मेल कौन।
आगे व्यंजन संधि है।
अभ्यास
नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।
1. स्वर संधि क्या है? कार्ड के 4 लिखो। नया विकार है?
उत्तर
दो पदों के स्वर पास आकर रूप बदलें। दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण। नहीं — आज जोड़; विकार शब्द पर पहले से।
2. देव + इंद्र और सदा + एव एक कार्ड हैं? मेला स्वर संधि है?
उत्तर
नहीं — देवेंद्र गुण; सदैव वृद्धि। नहीं — मेला एक शब्द का ए, स्वर वाले विषय में श्रेणी; जोड़ दो पदों पर।
3. अत्याचार = अ + त्याचार ठीक है? अधि + अक्ष कौन-सा कार्ड है?
उत्तर
नहीं — अति + आचार, यण; उपसर्ग वाले विषय में सिर अति। अध्यक्ष यण — इ + अ → य।
4. संयोग आज का कार्ड है? मनोहर आज है?
उत्तर
नहीं — सम् + योग व्यंजन / अनुस्वार आगे। नहीं — मनः + हर विसर्ग आगे।
5. विद्यालय का समास आज खोलना है? नयन पाँचवाँ कार्ड है?
उत्तर
नहीं — ध्वनि दीर्घ आज; समास आगे। नहीं — अयादि जेब; कार्ड 4।
विषय समाप्त · स्वर संधि
