Noteclass 9 10

स्वर संधि

Lesson 52 of 71

अंग 4 · वाक्य विचार

पाठ 4.3

विषय शुरू · स्वर संधि

विराम वाले विषय में निशान खुले। स्वर वाले विषय में 11 स्वर और ए ऐ ओ औ संयुक्त श्रेणी थी; देव + इंद्र नाम भर था। उपसर्ग वाले विषय में अति + आचार दीवार थी। आज वह जोड़: दो स्वर पास आएँ तो रूप बदलता है। कार्ड के 4: दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण। दीर्घ = एक जैसा स्वर मिलकर लंबा (अ+अ=आ)। गुण = अ/आ + इ = ए, + उ = ओ, + ऋ = अर्। वृद्धि = अ/आ + ए/ऐ = ऐ, + ओ/औ = औ। यण = इ/ई→य्, उ/ऊ→व्, ऋ→र् जब अगला स्वर जुदा। नया विकार नहीं। व्यंजन आगे। विसर्ग आगे। तोड़ना आगे। आज स्वर से स्वर।

1. जोड़ क्या है

परिभाषा सीधी रखो: जब दो पदों के स्वर पास आकर एक नया स्वर-रूप दें, वह स्वर संधि है। वर्ण की श्रेणी नहीं — दो टुकड़ों का मेल।

देव + आलय = देवालय। — अ + आ → आ; दीर्घ।

देव + इंद्र = देवेंद्र। — अ + इ → ए; गुण। स्वर वाले विषय की झलक आज कार्ड।

प्रश्न: दो स्वर कौन, एक जैसे परिवार या जुदा? फिर कार्ड चुनो। मात्रा लिखना मात्रा वाले विषय में; आज मेल।

जाँच: दो स्वर टकराए? आज। दो व्यंजन? आगे। विसर्ग? आगे। ए श्रेणी? पहले, जोड़ आज।

2. 4 कार्ड एक नज़र में

एक दीर्घ रटकर यण गायब मत करो। चार मेल, एक कुर्सी।

कार्ड मेल झलक
दीर्घ एक जैसा स्वर → लंबा (अ+अ=आ) देवालय, गिरीश
गुण अ/आ + इ उ ऋ → ए ओ अर् देवेंद्र, सूर्योदय
वृद्धि अ/आ + ए/ऐ → ऐ; + ओ/औ → औ सदैव, महौषधि
यण इ उ ऋ + जुदा स्वर → य् व् र् अत्याचार, स्वागत

अयादि — ए/ऐ के बाद स्वर → अय्/आय् (नयन, नायक); ओ/औ → अव्/आव् (पवन) — जेब, छोटे नहीं। पूरी सूची रटना नहीं।

जाँच: एक जैसे? दीर्घ। अ+इ? गुण। अ+ए? वृद्धि। इ+आ? यण।

3. स्वर से नाता — श्रेणी बनाम जोड़

स्वर वाले विषय में ए = अ + इ श्रेणी की गिनती थी। आज वही मेल दो पदों की सीमा पर: देव के अ के बाद इंद्र का इ → देवेंद्र।

मेला — ए अंदर एक शब्द; संधि नहीं, वर्ण पहले।

देवेंद्र — देव और इंद्र टकराए; आज।

11 स्वर दोहराओ मत। आज सीमा पर टक्कर। संयुक्त अक्षर क्ष हलंत वाले विषय में — व्यंजन चिपके, स्वर संधि नहीं।

जाँच: एक शब्द का ए? श्रेणी पहले। दो पद? आज। क्ष? हलंत पहले।

4. दीर्घ — समान परिवार

कार्ड का पहला। दीर्घ = एक जैसा स्वर मिलकर लंबा। अ/आ + अ/आ → आ। इ/ई + इ/ई → ई। उ/ऊ + उ/ऊ → ऊ।

देव + आलय = देवालय। विद्या + आलय = विद्यालय।

गिरि + ईश = गिरीश। भानु + उदय = भानूदय।

विद्यालय अर्थ का मेल समास आगे; आज ध्वनि आ। दो काट एक शब्द पर हो सकते हैं — कुर्सी जुदा।

जाँच: अ+आ? आ। इ+ई? ई। समास? आगे।

5. गुण — अ से ए ओ अर्

कार्ड का दूसरा। गुण = अ/आ + इ = ए, + उ = ओ, + ऋ = अर्। अ या आ के बाद इ/ई → ए; उ/ऊ → ओ; ऋ → अर्।

देव + इंद्र = देवेंद्र। — इंद्र; स्वर वाले विषय की पंक्ति आज पूरी।

सूर्य + उदय = सूर्योदय। महा + ऋषि = महर्षि।

गुण यहाँ संधि का नाम। विशेषण वाले विषय में गुण कुर्सी अलग। े ो मात्रा वाले विषय में कपड़ा; आज मेल ए ओ।

जाँच: अ+इ? ए। अ+उ? ओ। अ+ऋ? अर्। अच्छा गुण? विशेषण पहले।

6. वृद्धि — अ से ऐ औ

कार्ड का तीसरा। वृद्धि = अ/आ + ए/ऐ = ऐ, + ओ/औ = औ। गुण से एक सीढ़ी ऊपर: इ परिवार ए, ए परिवार ऐ।

सदा + एव = सदैव। एक + एक = एकैक।

महा + औषधि = महौषधि।

देवेंद्र गुण, सदैव वृद्धि — अ के बाद इ या ए पूछो। दोनों ए मत घोलो।

जाँच: अ+ए? ऐ। अ+ओ? औ। अ+इ? गुण, वृद्धि नहीं।

7. यण — इ उ ऋ य् व् र् बनें

कार्ड का चौथा। यण = इ/ई→य्, उ/ऊ→व्, ऋ→र् जब अगला स्वर जुदा। उपसर्ग वाले विषय में अति + आचार, अधि + अक्ष दीवार थे।

अति + आचार = अत्याचार। अधि + अक्ष = अध्यक्ष। यदि + अपि = यद्यपि।

सु + आगत = स्वागत। अनु + एषण = अन्वेषण।

अत्याचार को अ + त्याचार मत काटो — सिर अति, उपसर्ग वाले विषय में। तोड़ना पूरा विच्छेद आगे; आज मेल य्।

जाँच: इ+आ? या। उ+आ? वा। अति त्याचार? ग़लत काट। विच्छेद सूची? आगे।

8. जेब — अयादि

ए/ऐ के बाद स्वर → अय्/आय्। ओ/औ → अव्/आव्। कार्ड नहीं — नाम जेब।

ने + अन = नयन। पो + अन = पवन।

नै + अक = नायक।

सूची मत बढ़ा। चार कार्ड पकड़ो; यह पाँचवाँ परिवार जेब।

जाँच: नयन? अयादि जेब। देवेंद्र? गुण कार्ड। पूरी सूची? नहीं।

9. जो स्वर संधि नहीं

रूप कुर्सी
सम् + योग = संयोग व्यंजन / अनुस्वार आगे
मनः + हर = मनोहर विसर्ग आगे
राजपुत्र समास आगे — अर्थ का मेल
अत्याचार = अति + आचार विच्छेद आगे — तोड़ना
क्ष, त्र, ज्ञ हलंत वाले विषय में
ए ऐ ओ औ एक शब्द में स्वर श्रेणी — पहले

निश्चय, जगन्नाथ व्यंजन परिवार। दुःख, अतः विसर्ग परिवार। आज स्वर-स्वर।

जाँच: संयोग? आगे। मनोहर? आगे। देवालय ध्वनि? आज। राजपुत्र अर्थ? आगे।

10. दीवारें — व्यंजन, विसर्ग, विच्छेद

बात आज नहीं
व्यंजन से व्यंजन व्यंजन संधि आगे
ः का मेल विसर्ग संधि आगे
जुड़े शब्द तोड़ना सूची संधि विच्छेद आगे
मिला हुआ पद खोलना समास आगे

आठ विकार शब्द पर पहले से। आज जोड़ की ध्वनि। उपसर्ग सिर दोहराओ मत — अति पहले; आज यण।

जाँच: स्वर-स्वर आज। तोड़? आगे। सौ सूची? नहीं।

11. वाक्य में 4 कार्ड + जेब

अरे! विद्यालय में देवेंद्र सदैव स्वागत पाए; महर्षि नयन से देखें।

  • अरे — विस्मयादिबोधक, अटल
  • विद्यालय — दीर्घ; विद्या + आलय
  • देवेंद्र — गुण; देव + इंद्र
  • सदैव — वृद्धि; सदा + एव
  • स्वागत — यण; सु + आगत
  • महर्षि — गुण; महा + ऋषि
  • नयन — अयादि जेब

चार कार्ड बैठे; जेब साथ। मनोहर इस वाक्य में नहीं — विसर्ग मत ठोको जहाँ ः नहीं।

12. शब्द तोड़कर पूरा

दीर्घ

समान परिवार लंबा — अ+अ=आ। देवालय।

गुण

अ + इ उ ऋ → ए ओ अर्। देवेंद्र।

वृद्धि

अ + ए/ऐ ओ/औ → ऐ औ। सदैव।

यण

इ उ ऋ → य् व् र्। अत्याचार।

जेब

अयादि नयन पवन।

दीवार

व्यंजन, विसर्ग, विच्छेद, समास।

दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण — चार कार्ड; दो स्वर, एक रूप।

13. आम गलतियाँ

  • मेला को संधि। एक शब्द का ए; श्रेणी पहले।
  • देवेंद्र और सदैव एक कार्ड। गुण बनाम वृद्धि — इ या ए पूछो।
  • अत्याचार = अ + त्याचार। सिर अति; यण आज।
  • संयोग को स्वर जोड़। व्यंजन आगे।
  • मनोहर को आज। विसर्ग आगे।
  • विद्यालय यहीं समास पूरा। ध्वनि आज; अर्थ आगे।
  • क्ष को स्वर संधि। हलंत पहले।
  • गुण को विशेषण। नाम आज संधि का।
  • नयन पाँचवाँ कार्ड। अयादि जेब।
  • सब जोड़ यहीं तोड़ डालना। विच्छेद आगे।
  • नया विकार गिनना। आज ध्वनि-जोड़।
  • 11 स्वर यहीं फिर रटना। स्वर वाले विषय में।

जाँच: (1) दो स्वर टकराएँ। (2) कार्ड: दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण। (3) अयादि जेब। (4) व्यंजन-विसर्ग आगे। (5) विच्छेद आगे।

14. इस विषय का सार

  • स्वर संधि — दो पदों के स्वर पास आकर रूप बदलें। नया विकार नहीं।
  • कार्ड: दीर्घ एक जैसा लंबा, गुण ए-ओ-अर्, वृद्धि ऐ-औ, यण य्-व्-र्।
  • ए श्रेणी पहले; देवेंद्र जोड़ आज। अत्याचार अति + आचार, यण।
  • अयादि जेब। व्यंजन आगे। विसर्ग आगे। तोड़ना आगे। समास आगे।
  • मात्रा कपड़ा पहले। आज मेल कौन।

आगे व्यंजन संधि है।

अभ्यास

नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।

1. स्वर संधि क्या है? कार्ड के 4 लिखो। नया विकार है?

उत्तर

दो पदों के स्वर पास आकर रूप बदलें। दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण। नहीं — आज जोड़; विकार शब्द पर पहले से।

2. देव + इंद्र और सदा + एव एक कार्ड हैं? मेला स्वर संधि है?

उत्तर

नहीं — देवेंद्र गुण; सदैव वृद्धि। नहीं — मेला एक शब्द का ए, स्वर वाले विषय में श्रेणी; जोड़ दो पदों पर।

3. अत्याचार = अ + त्याचार ठीक है? अधि + अक्ष कौन-सा कार्ड है?

उत्तर

नहीं — अति + आचार, यण; उपसर्ग वाले विषय में सिर अति। अध्यक्ष यण — इ + अ → य।

4. संयोग आज का कार्ड है? मनोहर आज है?

उत्तर

नहीं — सम् + योग व्यंजन / अनुस्वार आगे। नहीं — मनः + हर विसर्ग आगे।

5. विद्यालय का समास आज खोलना है? नयन पाँचवाँ कार्ड है?

उत्तर

नहीं — ध्वनि दीर्घ आज; समास आगे। नहीं — अयादि जेब; कार्ड 4।

विषय समाप्त · स्वर संधि