अंग 4 · वाक्य विचार
पाठ 4.13
विषय शुरू · मानक वर्तनी
रूपांतरण वाले विषय में कदम खुले; इ/ई नीति दीवार। बुनियादी वर्तनी वाले विषय में मात्रा और श/ष पहली गलती। अनुस्वार वाले विषय में ं ँ ः चिह्न। नुक्ता वाले विषय में बिंदु नीचे; पूरी सूची दीवार। अशुद्धि वाले विषय में गाँधी पकड़। द्वंद्व वाले विषय में माता-पिता पद। आज कुर्सी एक: देश भर एक लिखा रूप — केन्द्रीय हिंदी निदेशालय (देश की लिखने की नीति)। कार्ड के 4: हिंदी, गाँव, इसलिए, माता-पिता। नया विकार नहीं। विच्छेद आगे। विग्रह आगे। आज लिखा रूप एक।
1. जोड़ क्या है
परिभाषा सीधी रखो: मानक = देश भर एक लिखा रूप — कान कई, कागज़ एक। केन्द्रीय हिंदी निदेशालय = देश की लिखने की नीति। पहली गलती बुनियादी पहले। वाक्य टूटा शोधन पहले। आज नीति, सौ शब्द रटना नहीं।
हिंदी। — ं; पंचमाक्षर वाला लिखा रूप हिन्दी दिखे, नीति आज बिंदु।
गाँव। — ँ; अनुस्वार वाले विषय की दीवार आज नीति।
प्रश्न: बिंदु, चाँद, एक शब्द, या योजक? फिर कार्ड चुनो। नुक्ता जेब।
जाँच: ं वर्ग से पहले? हिंदी। ँ स्वर पर नाक? गाँव। इस+लिए चिपक? इसलिए। दोनों पद - ? माता-पिता। क़? जेब।
2. 4 कार्ड एक नज़र में
एक हिंदी रटकर योजक गायब मत करो। एक नीति, चार झलक, एक कुर्सी।
| कार्ड | नीति | क्यों |
|---|---|---|
| हिंदी | अनुस्वार लिखो | पंचमाक्षर की जगह ं |
| गाँव | चंद्रबिंदु रखो | स्वर पर नाक, जगह हो |
| इसलिए | एक शब्द | इस + लिए चिपक |
| माता-पिता | योजक चिह्न | द्वंद्व में - |
क़ानून — बाहर से आया शब्द, नुक्ता नीचे — जेब, छोटे नहीं। ध्वनि नुक्ता वाले विषय में; आज लिखने की नीति।
जाँच: ं? हिंदी। ँ? गाँव। चिपक एक? इसलिए। - बीच? माता-पिता।
3. पहली गलती से नाता — बुनियादी बनाम नीति
बुनियादी वर्तनी वाले विषय में दिन/दीन, गुरु/गुरू। वह मात्रा-स्थान। आज देश की कुर्सी: एक रूप चुनो जब दो लिखे रूप दिखें।
गुरु। — उ; गुरू अशुद्ध; बुनियादी पहले।
हिंदी। — ं नीति आज; हिन्दी पंचमाक्षर वाला लिखा रूप, आज बिंदु।
अशुद्धि वाले विषय में टूटा वाक्य। लड़की गया मेल; आज शब्द की नीति अलग कुर्सी।
जाँच: इ/ई? पहले। दो लिखे रूप, एक चुनो? आज। लड़की गया? शोधन पहले।
4. हिंदी — अनुस्वार लिखो
कार्ड का पहला। वर्ग से पहले नाक वाली ध्वनि: लिखा रूप ं। अनुस्वार वाले विषय में गंगा बोलना ङ; आज लिखना बिंदु। पंचमाक्षर = ङ ञ ण न म वाला लिखा रूप — गङ्गा चल सकता है; नीति आज हिंदी, संसार, संबंध। सूची मत बढ़ा।
हिंदी। — ं द से पहले।
संसार, संबंध। — परिवार; कार्ड हिंदी। सूची मत बढ़ा।
गंगा भी ं। गाँव ँ — अगला कार्ड, मिलाओ मत। बोलना पंचमाक्षर अनुस्वार वाले विषय में; आज कागज़ ं।
जाँच: हिंदी/संसार? ं नीति। गाँव? चाँद, यह कार्ड नहीं। गुरू? पहले।
5. गाँव — चंद्रबिंदु रखो
कार्ड का दूसरा। स्वर खुद नाक से। जगह हो तो ँ। अनुस्वार वाले विषय में माँ, हँस, आँगन; अशुद्धि वाले विषय में गाँधी पकड़; आज नीति वही चाँद।
गाँव। — आ पर नाक, ँ।
गाँधी, हँसना। — परिवार; कार्ड गाँव। हंस पक्षी ं — अनुस्वार वाले विषय में जोड़ा; आज हँस चाँद।
ए ऐ ओ औ पर जगह न हो तो ं: हैं, मैं। छूट स्थान की, अनुस्वार वाले विषय में; आज गाँव पर चाँद मत हटा। गंगा ≠ गाँगा।
जाँच: गाँव/गाँधी? ँ। हैं? जगह, ं परिवार। हिंदी? ं वर्ग, यह कार्ड नहीं।
6. इसलिए — एक शब्द
कार्ड का तीसरा। इस + लिए चिपककर एक रूप। दो टुकड़े मत छोड़ो जब नीति एक माँगे।
इसलिए वह आया। — एक शब्द।
इसके, उनमें, जबकि। — परिवार; कार्ड इसलिए। सूची मत बढ़ा।
इस तरह दो रह सकते — परिवार नहीं, दीवार: हर जोड़ा एक नहीं। आज झलक इसलिए। संधि विच्छेद विद्यालय तोड़ना आगे, आज चिपक नीति अलग।
जाँच: इसलिए? एक। इस तरह? दो रह सकते, यह कार्ड नहीं। माता-पिता? योजक अगला।
7. माता-पिता — योजक चिह्न
कार्ड का चौथा। द्वंद्व वाले विषय में दोनों प्रधान, और छिपा। आज लिखा रूप: बीच में योजक (योजक = छोटी लकीर -)। विराम वाले विषय में , साँस अलग; - जोड़ का निशान।
माता-पिता। — योजक; एक समस्त पद (मिला हुआ पद)।
सुख-दुःख। — परिवार; कार्ड माता-पिता। द्वंद्व पहले; चिह्न आज।
माता पिता बिना - दो पद अलग खड़े। राम और श्याम पुल शब्द, योजक नहीं। विग्रह राजा का पुत्र आगे। आज सिर्फ़ - ।
जाँच: माता-पिता? योजक आज। और पद? समुच्चयबोधक पहले। राजपुत्र तोड़? आगे।
8. जेब — क़ानून
क़ानून। नुक्ता नीचे। नुक्ता वाले विषय में बाहर से आई ध्वनि; आज नीति: ऐसे शब्द पर बिंदु रखो, अपना कमल पर मत चढ़ा। कार्ड नहीं — नाम जेब।
क़ानून, बाग़, ग़लत। — बिंदु नीचे; जेब।
कानून बिना बिंदु छप सकता है; नीति व्याकरण की बिंदु रखे। जल पर ज़ नहीं। पाँचवाँ कार्ड नहीं। ऑ डॉक्टर — बाहर से आया स्वर, नुक्ता नहीं; नुक्ता वाले विषय में।
जाँच: क़ानून? जेब, बिंदु रखो। कमल पर क़? नहीं, अपना। हिंदी ं? कार्ड पहला।
9. जो आज का घर नहीं
| रूप | कुर्सी |
|---|---|
| दिन / दीन, श / ष / स | बुनियादी वर्तनी — पहले |
| लड़की गया | अशुद्धि — पहले |
| हैं, हँस, हंस | अनुस्वार — पहले; आज परिवार चाँद |
| क़ ख़ ग़ ज़ फ़ ध्वनि | नुक्ता — पहले; जेब आज लिखा रूप |
| विद्यालय = विद्या + आलय | संधि विच्छेद आगे |
| राजपुत्र = राजा का पुत्र | समास विग्रह आगे |
| अधर्म, घनश्याम | नञ् आगे |
| विधि निषेध प्रश्न | अर्थ वाले विषय में आगे |
एक नीति आज। सौ शब्द रटना नहीं। निदेशालय नाम एक बार; मोटी सूची नहीं।
जाँच: हिंदी ं? आज। इ/ई पूरी सूची? पहले। तोड़ विद्यालय? आगे।
10. दीवारें — विच्छेद, विग्रह, अर्थ
| बात | आज नहीं |
|---|---|
| जुड़े शब्द तोड़ना | संधि विच्छेद आगे |
| मिला हुआ पद (समस्त पद) का वाक्य | समास विग्रह आगे |
| विधि निषेध प्रश्न विस्मय | अर्थ वाले विषय में आगे |
| पदबंध, पद परिचय | आगे |
आठ विकार शब्द पर पहले से। आज लिखा रूप एक। दुःख में ः विसर्ग संधि वाले विषय की जेब; नीति तत्सम में ः रखो, परिवार, पाँचवाँ कार्ड नहीं।
जाँच: चार कार्ड आज। तोड़? आगे। पूछ-आज्ञा? आगे।
11. वाक्य में 4 कार्ड + जेब
अरे! हिंदी में गाँव इसलिए प्यारा है; माता-पिता साथ रहते हैं।
- अरे — विस्मयादिबोधक, अटल
- हिंदी — अनुस्वार नीति
- गाँव — चंद्रबिंदु नीति
- इसलिए — एक शब्द
- माता-पिता — योजक
चार कार्ड बैठे। क़ानून इस कतार में नहीं — जेब, नुक्ता रखो।
12. शब्द तोड़कर पूरा
अनुस्वार
पंचमाक्षर (ङ ञ ण न म) की जगह ं। हिंदी। संसार परिवार।
चंद्रबिंदु
स्वर पर नाक, जगह हो तो ँ। गाँव। गाँधी परिवार।
एक शब्द
इसलिए। इसके परिवार।
योजक
माता-पिता। योजक = छोटी लकीर -। सुख-दुःख परिवार।
जेब
क़ानून — नुक्ता, बाहर से आया शब्द पर।
दीवार
बुनियादी, अशुद्धि, विच्छेद, विग्रह।
हिंदी, गाँव, इसलिए, माता-पिता — चार कार्ड; एक नीति।
13. आम गलतियाँ
- हिंदी को हिन्दी नीति मानकर ं हटाना। आज बिंदु।
- गाँव से ँ हटाना। चाँद नीति; अशुद्धि वाले विषय में यही पकड़।
- गंगा को गाँगा। ं वर्ग; ँ गाँव।
- इस लिए दो टुकड़े। इसलिए एक।
- माता पिता बिना - । योजक आज; द्वंद्व पद पहले।
- योजक को अल्पविराम। , विराम पहले; - आज।
- क़ानून से बिंदु हटाकर नीति। जेब; नुक्ता रखो।
- कमल पर क़ चढ़ाना। अपना शब्द; नुक्ता पहले।
- इ/ई आज पूरी दीवार। बुनियादी पहले।
- विद्यालय यहीं तोड़ना। विच्छेद आगे।
- लड़की गया को नीति। शोधन पहले।
- नया विकार गिनना। आज लिखा रूप एक।
जाँच: (1) एक नीति — देश भर एक लिखा रूप। (2) कार्ड: हिंदी, गाँव, इसलिए, माता-पिता। (3) क़ानून जेब। (4) विच्छेद आगे। (5) विग्रह आगे।
14. इस विषय का सार
- मानक = देश भर एक लिखा रूप। नया विकार नहीं। केन्द्रीय हिंदी निदेशालय = देश की लिखने की नीति।
- कार्ड: हिंदी ं, गाँव ँ, इसलिए एक शब्द, माता-पिता योजक।
- बोलना पंचमाक्षर पहले। कागज़ ं आज। चाँद जगह हो तो रखो।
- क़ानून जेब। इ/ई पहले। विच्छेद आगे। विग्रह आगे।
- कान कई। कागज़ एक।
आगे संधि विच्छेद है।
अभ्यास
नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।
1. मानक वर्तनी क्या है? कार्ड के 4 लिखो। नया विकार है?
उत्तर
मानक = देश भर एक लिखा रूप; केन्द्रीय हिंदी निदेशालय = देश की लिखने की नीति। हिंदी, गाँव, इसलिए, माता-पिता। नहीं — आज लिखा रूप; विकार शब्द पर पहले से।
2. हिंदी में अनुस्वार हटाना नीति है? गाँव से चंद्रबिंदु हटाना शुद्ध है?
उत्तर
नहीं — ं रखो, पंचमाक्षर की जगह बिंदु। नहीं — ँ रहना चाहिए; अनुस्वार वाले विषय में चाँद, अशुद्धि वाले विषय में पकड़।
3. इस लिए दो शब्द नीति है? माता पिता बिना योजक चौथा कार्ड है?
उत्तर
नहीं — इसलिए एक शब्द। नहीं — माता-पिता में - चाहिए; द्वंद्व वाले विषय का पद, चिह्न आज।
4. क़ानून चौथा कार्ड है? दिन-दीन आज की पूरी सूची है?
उत्तर
नहीं — नुक्ता जेब; ध्वनि नुक्ता वाले विषय में, आज बिंदु रखो। नहीं — बुनियादी वर्तनी पहले।
5. विद्यालय आज तोड़ना है? लड़की गया आज की नीति है?
उत्तर
नहीं — संधि विच्छेद आगे। नहीं — अशुद्धि वाले विषय में शोधन पहले।
विषय समाप्त · मानक वर्तनी
