Noteclass 9 10

मानक वर्तनी

Lesson 62 of 71

अंग 4 · वाक्य विचार

पाठ 4.13

विषय शुरू · मानक वर्तनी

रूपांतरण वाले विषय में कदम खुले; इ/ई नीति दीवार। बुनियादी वर्तनी वाले विषय में मात्रा और श/ष पहली गलती। अनुस्वार वाले विषय में ं ँ ः चिह्न। नुक्ता वाले विषय में बिंदु नीचे; पूरी सूची दीवार। अशुद्धि वाले विषय में गाँधी पकड़। द्वंद्व वाले विषय में माता-पिता पद। आज कुर्सी एक: देश भर एक लिखा रूप — केन्द्रीय हिंदी निदेशालय (देश की लिखने की नीति)। कार्ड के 4: हिंदी, गाँव, इसलिए, माता-पिता। नया विकार नहीं। विच्छेद आगे। विग्रह आगे। आज लिखा रूप एक।

1. जोड़ क्या है

परिभाषा सीधी रखो: मानक = देश भर एक लिखा रूप — कान कई, कागज़ एक। केन्द्रीय हिंदी निदेशालय = देश की लिखने की नीति। पहली गलती बुनियादी पहले। वाक्य टूटा शोधन पहले। आज नीति, सौ शब्द रटना नहीं।

हिंदी। — ं; पंचमाक्षर वाला लिखा रूप हिन्दी दिखे, नीति आज बिंदु।

गाँव। — ँ; अनुस्वार वाले विषय की दीवार आज नीति।

प्रश्न: बिंदु, चाँद, एक शब्द, या योजक? फिर कार्ड चुनो। नुक्ता जेब।

जाँच: ं वर्ग से पहले? हिंदी। ँ स्वर पर नाक? गाँव। इस+लिए चिपक? इसलिए। दोनों पद - ? माता-पिता। क़? जेब।

2. 4 कार्ड एक नज़र में

एक हिंदी रटकर योजक गायब मत करो। एक नीति, चार झलक, एक कुर्सी।

कार्ड नीति क्यों
हिंदी अनुस्वार लिखो पंचमाक्षर की जगह ं
गाँव चंद्रबिंदु रखो स्वर पर नाक, जगह हो
इसलिए एक शब्द इस + लिए चिपक
माता-पिता योजक चिह्न द्वंद्व में -

क़ानून — बाहर से आया शब्द, नुक्ता नीचे — जेब, छोटे नहीं। ध्वनि नुक्ता वाले विषय में; आज लिखने की नीति।

जाँच: ं? हिंदी। ँ? गाँव। चिपक एक? इसलिए। - बीच? माता-पिता।

3. पहली गलती से नाता — बुनियादी बनाम नीति

बुनियादी वर्तनी वाले विषय में दिन/दीन, गुरु/गुरू। वह मात्रा-स्थान। आज देश की कुर्सी: एक रूप चुनो जब दो लिखे रूप दिखें।

गुरु। — उ; गुरू अशुद्ध; बुनियादी पहले।

हिंदी। — ं नीति आज; हिन्दी पंचमाक्षर वाला लिखा रूप, आज बिंदु।

अशुद्धि वाले विषय में टूटा वाक्य। लड़की गया मेल; आज शब्द की नीति अलग कुर्सी।

जाँच: इ/ई? पहले। दो लिखे रूप, एक चुनो? आज। लड़की गया? शोधन पहले।

4. हिंदी — अनुस्वार लिखो

कार्ड का पहला। वर्ग से पहले नाक वाली ध्वनि: लिखा रूप ं। अनुस्वार वाले विषय में गंगा बोलना ङ; आज लिखना बिंदु। पंचमाक्षर = ङ ञ ण न म वाला लिखा रूप — गङ्गा चल सकता है; नीति आज हिंदी, संसार, संबंध। सूची मत बढ़ा।

हिंदी। — ं द से पहले।

संसार, संबंध। — परिवार; कार्ड हिंदी। सूची मत बढ़ा।

गंगा भी ं। गाँव ँ — अगला कार्ड, मिलाओ मत। बोलना पंचमाक्षर अनुस्वार वाले विषय में; आज कागज़ ं।

जाँच: हिंदी/संसार? ं नीति। गाँव? चाँद, यह कार्ड नहीं। गुरू? पहले।

5. गाँव — चंद्रबिंदु रखो

कार्ड का दूसरा। स्वर खुद नाक से। जगह हो तो ँ। अनुस्वार वाले विषय में माँ, हँस, आँगन; अशुद्धि वाले विषय में गाँधी पकड़; आज नीति वही चाँद।

गाँव। — आ पर नाक, ँ।

गाँधी, हँसना। — परिवार; कार्ड गाँव। हंस पक्षी ं — अनुस्वार वाले विषय में जोड़ा; आज हँस चाँद।

ए ऐ ओ औ पर जगह न हो तो ं: हैं, मैं। छूट स्थान की, अनुस्वार वाले विषय में; आज गाँव पर चाँद मत हटा। गंगा ≠ गाँगा।

जाँच: गाँव/गाँधी? ँ। हैं? जगह, ं परिवार। हिंदी? ं वर्ग, यह कार्ड नहीं।

6. इसलिए — एक शब्द

कार्ड का तीसरा। इस + लिए चिपककर एक रूप। दो टुकड़े मत छोड़ो जब नीति एक माँगे।

इसलिए वह आया। — एक शब्द।

इसके, उनमें, जबकि। — परिवार; कार्ड इसलिए। सूची मत बढ़ा।

इस तरह दो रह सकते — परिवार नहीं, दीवार: हर जोड़ा एक नहीं। आज झलक इसलिए। संधि विच्छेद विद्यालय तोड़ना आगे, आज चिपक नीति अलग।

जाँच: इसलिए? एक। इस तरह? दो रह सकते, यह कार्ड नहीं। माता-पिता? योजक अगला।

7. माता-पिता — योजक चिह्न

कार्ड का चौथा। द्वंद्व वाले विषय में दोनों प्रधान, और छिपा। आज लिखा रूप: बीच में योजक (योजक = छोटी लकीर -)। विराम वाले विषय में , साँस अलग; - जोड़ का निशान।

माता-पिता। — योजक; एक समस्त पद (मिला हुआ पद)।

सुख-दुःख। — परिवार; कार्ड माता-पिता। द्वंद्व पहले; चिह्न आज।

माता पिता बिना - दो पद अलग खड़े। राम और श्याम पुल शब्द, योजक नहीं। विग्रह राजा का पुत्र आगे। आज सिर्फ़ - ।

जाँच: माता-पिता? योजक आज। और पद? समुच्चयबोधक पहले। राजपुत्र तोड़? आगे।

8. जेब — क़ानून

क़ानून। नुक्ता नीचे। नुक्ता वाले विषय में बाहर से आई ध्वनि; आज नीति: ऐसे शब्द पर बिंदु रखो, अपना कमल पर मत चढ़ा। कार्ड नहीं — नाम जेब।

क़ानून, बाग़, ग़लत। — बिंदु नीचे; जेब।

कानून बिना बिंदु छप सकता है; नीति व्याकरण की बिंदु रखे। जल पर ज़ नहीं। पाँचवाँ कार्ड नहीं। ऑ डॉक्टर — बाहर से आया स्वर, नुक्ता नहीं; नुक्ता वाले विषय में।

जाँच: क़ानून? जेब, बिंदु रखो। कमल पर क़? नहीं, अपना। हिंदी ं? कार्ड पहला।

9. जो आज का घर नहीं

रूप कुर्सी
दिन / दीन, श / ष / स बुनियादी वर्तनी — पहले
लड़की गया अशुद्धि — पहले
हैं, हँस, हंस अनुस्वार — पहले; आज परिवार चाँद
क़ ख़ ग़ ज़ फ़ ध्वनि नुक्ता — पहले; जेब आज लिखा रूप
विद्यालय = विद्या + आलय संधि विच्छेद आगे
राजपुत्र = राजा का पुत्र समास विग्रह आगे
अधर्म, घनश्याम नञ् आगे
विधि निषेध प्रश्न अर्थ वाले विषय में आगे

एक नीति आज। सौ शब्द रटना नहीं। निदेशालय नाम एक बार; मोटी सूची नहीं।

जाँच: हिंदी ं? आज। इ/ई पूरी सूची? पहले। तोड़ विद्यालय? आगे।

10. दीवारें — विच्छेद, विग्रह, अर्थ

बात आज नहीं
जुड़े शब्द तोड़ना संधि विच्छेद आगे
मिला हुआ पद (समस्त पद) का वाक्य समास विग्रह आगे
विधि निषेध प्रश्न विस्मय अर्थ वाले विषय में आगे
पदबंध, पद परिचय आगे

आठ विकार शब्द पर पहले से। आज लिखा रूप एक। दुःख में ः विसर्ग संधि वाले विषय की जेब; नीति तत्सम में ः रखो, परिवार, पाँचवाँ कार्ड नहीं।

जाँच: चार कार्ड आज। तोड़? आगे। पूछ-आज्ञा? आगे।

11. वाक्य में 4 कार्ड + जेब

अरे! हिंदी में गाँव इसलिए प्यारा है; माता-पिता साथ रहते हैं।

  • अरे — विस्मयादिबोधक, अटल
  • हिंदी — अनुस्वार नीति
  • गाँव — चंद्रबिंदु नीति
  • इसलिए — एक शब्द
  • माता-पिता — योजक

चार कार्ड बैठे। क़ानून इस कतार में नहीं — जेब, नुक्ता रखो।

12. शब्द तोड़कर पूरा

अनुस्वार

पंचमाक्षर (ङ ञ ण न म) की जगह ं। हिंदी। संसार परिवार।

चंद्रबिंदु

स्वर पर नाक, जगह हो तो ँ। गाँव। गाँधी परिवार।

एक शब्द

इसलिए। इसके परिवार।

योजक

माता-पिता। योजक = छोटी लकीर -। सुख-दुःख परिवार।

जेब

क़ानून — नुक्ता, बाहर से आया शब्द पर।

दीवार

बुनियादी, अशुद्धि, विच्छेद, विग्रह।

हिंदी, गाँव, इसलिए, माता-पिता — चार कार्ड; एक नीति।

13. आम गलतियाँ

  • हिंदी को हिन्दी नीति मानकर ं हटाना। आज बिंदु।
  • गाँव से ँ हटाना। चाँद नीति; अशुद्धि वाले विषय में यही पकड़।
  • गंगा को गाँगा। ं वर्ग; ँ गाँव।
  • इस लिए दो टुकड़े। इसलिए एक।
  • माता पिता बिना - । योजक आज; द्वंद्व पद पहले।
  • योजक को अल्पविराम। , विराम पहले; - आज।
  • क़ानून से बिंदु हटाकर नीति। जेब; नुक्ता रखो।
  • कमल पर क़ चढ़ाना। अपना शब्द; नुक्ता पहले।
  • इ/ई आज पूरी दीवार। बुनियादी पहले।
  • विद्यालय यहीं तोड़ना। विच्छेद आगे।
  • लड़की गया को नीति। शोधन पहले।
  • नया विकार गिनना। आज लिखा रूप एक।

जाँच: (1) एक नीति — देश भर एक लिखा रूप। (2) कार्ड: हिंदी, गाँव, इसलिए, माता-पिता। (3) क़ानून जेब। (4) विच्छेद आगे। (5) विग्रह आगे।

14. इस विषय का सार

  • मानक = देश भर एक लिखा रूप। नया विकार नहीं। केन्द्रीय हिंदी निदेशालय = देश की लिखने की नीति।
  • कार्ड: हिंदी ं, गाँव ँ, इसलिए एक शब्द, माता-पिता योजक।
  • बोलना पंचमाक्षर पहले। कागज़ ं आज। चाँद जगह हो तो रखो।
  • क़ानून जेब। इ/ई पहले। विच्छेद आगे। विग्रह आगे।
  • कान कई। कागज़ एक।

आगे संधि विच्छेद है।

अभ्यास

नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।

1. मानक वर्तनी क्या है? कार्ड के 4 लिखो। नया विकार है?

उत्तर

मानक = देश भर एक लिखा रूप; केन्द्रीय हिंदी निदेशालय = देश की लिखने की नीति। हिंदी, गाँव, इसलिए, माता-पिता। नहीं — आज लिखा रूप; विकार शब्द पर पहले से।

2. हिंदी में अनुस्वार हटाना नीति है? गाँव से चंद्रबिंदु हटाना शुद्ध है?

उत्तर

नहीं — ं रखो, पंचमाक्षर की जगह बिंदु। नहीं — ँ रहना चाहिए; अनुस्वार वाले विषय में चाँद, अशुद्धि वाले विषय में पकड़।

3. इस लिए दो शब्द नीति है? माता पिता बिना योजक चौथा कार्ड है?

उत्तर

नहीं — इसलिए एक शब्द। नहीं — माता-पिता में - चाहिए; द्वंद्व वाले विषय का पद, चिह्न आज।

4. क़ानून चौथा कार्ड है? दिन-दीन आज की पूरी सूची है?

उत्तर

नहीं — नुक्ता जेब; ध्वनि नुक्ता वाले विषय में, आज बिंदु रखो। नहीं — बुनियादी वर्तनी पहले।

5. विद्यालय आज तोड़ना है? लड़की गया आज की नीति है?

उत्तर

नहीं — संधि विच्छेद आगे। नहीं — अशुद्धि वाले विषय में शोधन पहले।

विषय समाप्त · मानक वर्तनी