अंग 4 · वाक्य विचार
पाठ 4.10
विषय शुरू · वाच्य — कर्तृ, कर्म, भाव
वाक्य भेद वाले विषय में राम आया सरल; रोटी खाई गई दीवार। वाक्य क्रम वाले विषय में कर्ता-कर्म-क्रिया कतार; लिखा गया दीवार। संयुक्त क्रिया वाले विषय में चला गया निकल; खाया गया दीवार। कारक वाले विषय में ने कर्ता चिह्न; से करण या अपादान। सकर्मक वाले विषय में कर्म है या नहीं। आज सिर कौन: कर्तृ वाच्य = कर्ता प्रधान; कर्म वाच्य = कर्म प्रधान; भाव वाच्य = भाव प्रधान। कार्ड के 4: राम रोटी खाता है, राम ने रोटी खाई, रोटी खाई गई, उससे चला नहीं जाता। नया विकार नहीं। रूपांतरण आगे। अशुद्धि आगे। आज तीन कुर्सियाँ।
1. जोड़ क्या है
परिभाषा सीधी रखो: कर्तृ वाच्य = कर्ता प्रधान; कर्म वाच्य = कर्म प्रधान (रोटी खाई गई); भाव वाच्य = भाव प्रधान (हँसा जाता है)। वाक्य भेद घर अलग — राम आया सरल भी रह सकता है, कर्तृ भी। आज सिर, ढाँचा नहीं। पलट कदम रूपांतरण आगे।
राम रोटी खाता है। — राम सिर; कर्तृ।
रोटी खाई गई। — रोटी सिर; कर्म। वाक्य भेद वाले विषय की दीवार आज कार्ड।
प्रश्न: सिर कर्ता, कर्म, या केवल काम का होना? फिर कार्ड चुनो। गया टुकड़ा संयुक्त में निकल; आज गया वाच्य अलग।
जाँच: कर्ता सिर? कर्तृ। कर्म सिर, गई चिपकी? कर्म। अकर्मक, से + जाता? भाव। चला गया? जेब, संयुक्त पहले।
2. 4 कार्ड एक नज़र में
एक राम रोटी खाता है रटकर भाव गायब मत करो। तीन घर, चार झलक, एक कुर्सी।
| कार्ड | घर | क्यों |
|---|---|---|
| राम रोटी खाता है | कर्तृ वाच्य | कर्ता प्रधान; ने नहीं |
| राम ने रोटी खाई | कर्तृ वाच्य | ने चिह्न; सिर कर्ता |
| रोटी खाई गई | कर्म वाच्य | कर्म प्रधान; गई चिपकी |
| उससे चला नहीं जाता | भाव वाच्य | अकर्मक; भाव प्रधान |
चला गया — संयुक्त टुकड़ा, वाक्य कर्तृ रह सकता है — जेब, छोटे नहीं। नाम गया दो कुर्सियाँ; आज वाच्य वाली।
जाँच: कर्ता सिर? कर्तृ। गई + कर्म सिर? कर्म। से + अकर्मक जाता? भाव।
3. ने और गया से नाता — चिह्न बनाम घर
कारक वाले विषय में ने = कर्ता चिह्न। ने लगते ही कर्मवाच्य मत ठोको। धातु रूप वाले विषय में गया टेढ़ा जड़; आज गई वाच्य सहायक अलग।
राम ने रोटी खाई। — ने चिह्न; घर कर्तृ आज।
रोटी खाई गई। — गई वाच्य; घर कर्म आज।
मेल खाई रोटी से — लिंग वाले विषय में। मेल कर्म से ≠ घर कर्म। ने कपड़ा पहले; सिर आज।
जाँच: ने? कर्तृ सोचो। गई चिपकी, कर्म सिर? कर्म। गया निकल? जेब।
4. राम रोटी खाता है — कर्तृ
कार्ड का पहला। कर्ता राम खुला, सिर उसी का। सकर्मक वाले विषय में रोटी कर्म; कर्म होने से घर कर्म नहीं बनता।
राम रोटी खाता है। — कर्तृ।
राम आया। — कर्म नहीं; फिर भी कर्तृ। वाक्य भेद वाले विषय में सरल; सिर आज कर्ता।
आज्ञा खाओ। कर्ता छिपा, काम उसी का — कर्तृ परिवार; कार्ड राम रोटी खाता है। अर्थ वाले विषय में आज्ञा का भाव; आज सिर कर्ता।
जाँच: कर्ता सिर, गई नहीं? कर्तृ। रोटी सिर गई? अगला कर्म कार्ड नहीं — यह पहला।
5. राम ने रोटी खाई — कर्तृ
कार्ड का दूसरा। ने दिखे तो कर्मवाच्य मत ठोको बिना सिर पूछे। कारक वाले विषय में ने कर्ता पर। वाक्य क्रम वाले विषय में ने संज्ञा के बाद।
राम ने रोटी खाई। — ने चिह्न; कर्तृ।
लड़की ने पत्र लिखा। — परिवार; कार्ड राम ने रोटी खाई।
खाई स्त्री — रोटी से मेल; राम पुल्लिंग। मेल बदलने से घर नहीं बदलता। काल वाले विषय में यह भूत; आज वाच्य कर्तृ।
जाँच: ने + कर्ता सिर? कर्तृ। खाई गई? कर्म, यह कार्ड नहीं। खा ली? संयुक्त पहले, जेब नहीं यह।
6. रोटी खाई गई — कर्म
कार्ड का तीसरा। कर्म रोटी सिर। गई वाच्य सहायक। कर्ता छिपा या से के साथ। सकर्मक वाले विषय की क्रिया यहाँ पलट सकती है; अकर्मक इस घर में नहीं।
रोटी खाई गई। — कर्म प्रधान; कर्ता छिपा।
राम से रोटी खाई गई। — परिवार; कार्ड रोटी खाई गई। से यहाँ कर्ता, करण नहीं।
खाया गया, लिखा गया — परिवार; सूची मत बढ़ा। धातु रूप वाले विषय की दीवार आज कार्ड। पलट कैसे लिखें — रूपांतरण आगे।
जाँच: कर्म सिर, गई? कर्म। कर्ता ने? कर्तृ पहले। चलना अकर्मक? भाव सोचो।
7. उससे चला नहीं जाता — भाव
कार्ड का चौथा। चलना अकर्मक — कर्म नहीं, इसलिए कर्म घर नहीं। प्रधान भाव: काम का होना या न होना। कर्ता से। क्रिया पुल्लिंग एकवचन जाता।
उससे चला नहीं जाता। — भाव।
मुझसे बैठा नहीं जाता। — परिवार; कार्ड उससे चला नहीं जाता।
नहीं दिखे तो निषेध मत ठोको घर का नाम। अर्थ वाले विषय में विधि-निषेध; आज सिर भाव। हँसा जाता है — परिवार; कार्ड उससे चला नहीं जाता। पलट कदम रूपांतरण आगे।
जाँच: अकर्मक, से, जाता? भाव। रोटी गई? कर्म। चला गया निकल? जेब।
8. जेब — चला गया
वह चला गया। गया संयुक्त क्रिया वाले विषय में निकल / अवस्था। वाक्य कर्तृ रह सकता है। कार्ड नहीं — नाम जेब।
वह चला गया। — संयुक्त टुकड़ा; कर्तृ रह सकता है।
खाया गया वाच्य परिवार, कार्ड रोटी खाई गई। चला गया पाँचवाँ कार्ड नहीं। गया दो घर: जोड़ पहले, वाच्य आज।
जाँच: चला गया? जेब, कर्तृ। खाया गया? कर्म परिवार। उससे चला नहीं जाता? भाव कार्ड।
9. जो आज का घर नहीं
| रूप | कुर्सी |
|---|---|
| राम आया | वाक्य भेद — सरल पहले; कर्तृ भी हो |
| चला गया | संयुक्त क्रिया — पहले; जेब आज |
| कलम से लिखो | करण — कारक पहले |
| घर से आया | अपादान — कारक पहले |
| खा ली | संयुक्त क्रिया — पहले; कर्तृ रह सकती |
| कर्तृ से कर्म बनाना | रूपांतरण आगे |
| विधि, निषेध, प्रश्न | अर्थ वाले विषय में आगे |
| लिखवाया गया | प्रेरणार्थक पहले; वाच्य चिपका आगे नहीं खोलना |
से तीन झलक: करण पहले, अपादान पहले, आज वाच्य कर्ता। चिह्न एक, कुर्सी पूछो।
जाँच: कलम से? पहले। राम से रोटी खाई गई? आज कर्म परिवार। चला गया? जेब।
10. दीवारें — रूपांतरण, अशुद्धि, अर्थ
| बात | आज नहीं |
|---|---|
| सरल से मिश्र, वाच्य पलट कदम | रूपांतरण आगे |
| वर्तनी लिंग कारक मिलावट | अशुद्धि आगे |
| विधि निषेध प्रश्न विस्मय | अर्थ वाले विषय में आगे |
| उद्देश्य विधेय, पदबंध, पद परिचय | आगे |
आठ विकार शब्द पर पहले से। आज वाक्य का सिर। सौ सूत्र नहीं — पहचान तीन। गया है पट्टी काल पहले; गई वाच्य आज।
जाँच: तीन घर आज। पलट? आगे। शुद्ध करो सूची? आगे।
11. वाक्य में 4 कार्ड + जेब
अरे! राम रोटी खाता है। राम ने रोटी खाई। रोटी खाई गई; उससे चला नहीं जाता।
- अरे — विस्मयादिबोधक, अटल
- राम रोटी खाता है — कर्तृ
- राम ने रोटी खाई — कर्तृ; ने चिह्न
- रोटी खाई गई — कर्म
- उससे चला नहीं जाता — भाव
चार कार्ड बैठे। चला गया इस कतार में नहीं — जेब, कर्तृ रह सकता है।
12. शब्द तोड़कर पूरा
कर्तृ वाच्य
कर्ता प्रधान। राम रोटी खाता है। राम ने रोटी खाई।
कर्म वाच्य
कर्म प्रधान, गई चिपकी। रोटी खाई गई। राम से — परिवार।
भाव वाच्य
भाव प्रधान, अकर्मक। उससे चला नहीं जाता। हँसा जाता है परिवार।
जेब
चला गया — क्रिया संयुक्त, वाच्य कर्तृ रह सकता है।
दीवार
रूपांतरण, अशुद्धि, अर्थ, करण से।
राम रोटी खाता है, राम ने रोटी खाई, रोटी खाई गई, उससे चला नहीं जाता — चार कार्ड; तीन घर।
13. आम गलतियाँ
- राम ने रोटी खाई को कर्मवाच्य। ने चिह्न; कर्तृ आज।
- खाई मेल रोटी से तो कर्म घर। मेल लिंग पहले; सिर आज कर्ता।
- चला गया को कर्मवाच्य। संयुक्त पहले; जेब, कर्तृ।
- खाया गया और चला गया एक। खाया गया कर्म परिवार; चला गया जेब।
- उससे चला नहीं जाता को कर्म। अकर्मक; भाव आज।
- नहीं देखकर निषेध घर। अर्थ आगे; आज सिर भाव।
- कलम से लिखो को वाच्य। करण पहले।
- रोटी खाता है को कर्म — कर्म पद है, सिर कर्ता।
- खा ली को कर्मवाच्य। संयुक्त पहले; कर्तृ रह सकती।
- कर्तृ से कर्म यहीं पलट। रूपांतरण आगे।
- लिखवाया गया आज खोलना। प्रेरणार्थक पहले।
- नया विकार गिनना। आज वाक्य-सिर।
जाँच: (1) कर्तृ = कर्ता प्रधान / कर्म = कर्म प्रधान / भाव = भाव प्रधान। (2) कार्ड: राम रोटी खाता है, राम ने रोटी खाई, रोटी खाई गई, उससे चला नहीं जाता। (3) चला गया जेब। (4) रूपांतरण आगे। (5) अशुद्धि आगे।
14. इस विषय का सार
- कर्तृ वाच्य = कर्ता प्रधान। कर्म वाच्य = कर्म प्रधान (खाई गई)। भाव वाच्य = भाव प्रधान, अकर्मक (हँसा जाता है)। नया विकार नहीं।
- कार्ड: राम रोटी खाता है कर्तृ, राम ने रोटी खाई कर्तृ, रोटी खाई गई कर्म, उससे चला नहीं जाता भाव।
- ने से घर नहीं; सिर पूछो। गई वाच्य; गया निकल जेब।
- चला गया जेब। रूपांतरण आगे। अशुद्धि आगे। अर्थ आगे।
- से कपड़ा पहले करण-अपादान। आज से वाच्य कर्ता।
आगे अशुद्धि शोधन है।
अभ्यास
नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।
1. कर्तृ, कर्म, भाव क्या हैं? कार्ड के 4 लिखो। नया विकार है?
उत्तर
कर्तृ = कर्ता प्रधान; कर्म = कर्म प्रधान (खाई गई); भाव = भाव प्रधान, अकर्मक (हँसा जाता है)। राम रोटी खाता है, राम ने रोटी खाई, रोटी खाई गई, उससे चला नहीं जाता। नहीं — आज वाक्य-सिर; विकार शब्द पर पहले से।
2. राम ने रोटी खाई और रोटी खाई गई एक घर हैं? ने लगते ही कर्मवाच्य हो जाता है?
उत्तर
नहीं — पहले कर्तृ, ने चिह्न; दूसरे कर्म, गई वाच्य। नहीं — ने कारक वाले विषय में कर्ता चिह्न; सिर आज भी कर्ता।
3. चला गया कर्मवाच्य है? उससे चला नहीं जाता कौन-सा घर है?
उत्तर
नहीं — संयुक्त क्रिया, जेब; वाक्य कर्तृ रह सकता है। भाव — अकर्मक, भाव प्रधान, कर्ता से।
4. कलम से लिखो आज का से है? कर्तृ से कर्म आज पलटना है?
उत्तर
नहीं — करण, कारक वाले विषय में। नहीं — रूपांतरण आगे।
5. खा ली कर्मवाच्य है? नहीं जाता दिखे तो अर्थ का निषेध घर है?
उत्तर
नहीं — संयुक्त क्रिया पहले; कर्तृ रह सकती है। नहीं — अर्थ वाले विषय में निषेध आगे; आज सिर भाव।
विषय समाप्त · वाच्य — कर्तृ, कर्म, भाव
