Noteclass 9 10

विशेषण के भेद और तुलना

Lesson 19 of 71

अंग 2 · शब्द विचार

पाठ 2.8

विषय शुरू · विशेषण के भेद और तुलना

विशेषण वाले विषय में कुर्सी खुली — गुण, संख्या, परिमाण (कितना/नाप); विशेष्य; साथ और है के पास। आज दो काम पूरे करने हैं। पहला: उन तीन कामों के भेद-नाम, और चौथा परिवार सार्वनामिक। दूसरा: गुण कितना — अच्छा, बेहतर, सबसे अच्छा। तुलना 5वाँ भेद नहीं; अवस्था है। क्रिया आगे। कैसे-कब-कहाँ क्रिया पर — क्रिया विशेषण वाले विषय में। लिंग-वचन रूप विचार में। प्रत्यय वाले विषयों में।

1. दो धुरियाँ — भेद और अवस्था

भेद पूछता है: विशेषता किस तरह की? अवस्था पूछती है: वह गुण कितना, दूसरे की तुलना में?

धुरी प्रश्न उत्तर का परिवार
भेद गुण, गिनती, नाप, या संकेत? गुणवाचक, संख्यावाचक, परिमाणवाचक, सार्वनामिक
तुलना मूल, उससे अधिक, सबसे अधिक? अच्छा · बेहतर / उससे अच्छा · सबसे अच्छा

लाल गुणवाचक है — भेद। लालतर बोलचाल नहीं चलता; अधिक लाल, सबसे लाल — अवस्था। दो संख्यावाचक है; दो से दोतर नहीं बनता। तुलना अक्सर गुण पर, कभी परिमाण पर। संकेत और गिनती पर तुलना की 3 अवस्थाएँ मत चिपकाओ।

जाँच: पहले विशेषण वाले विषय से विशेषण पहचाना? फिर भेद। फिर — क्या किसी से तौल रहे हो? हाँ तो अवस्था। नहीं तो मूल रूप काफी।

2. 4 भेद एक नज़र में

सरल रूप के तीन काम अब लेबल लेते हैं। चौथा काम संकेत का था — यह किताब, कौन लड़का — आज उसका नाम।

भेद काम उदाहरण
गुणवाचक कैसा लाल, सुंदर, भारी, ईमानदार, भारतीय
संख्यावाचक कितने / कौन-सा क्रम दो, पहला, दोनों, कई
परिमाणवाचक कितना थोड़ा, बहुत पानी, दो किलो
सार्वनामिक संज्ञा के साथ संकेत, प्रश्न, संबंध, निज यह किताब, कौन लड़का, जैसा मन, अपनी किताब

कुछ किताबें प्रश्नवाचक को 5वाँ भेद लिखती हैं। यहाँ प्रश्न संज्ञा से चिपके तो सार्वनामिक के अंदर; अकेला कौन सर्वनाम, सर्वनाम के भेद वाले विषय में। नाम दो मत ठोको एक वाक्य पर बिना काम पूछे।

3. गुणवाचक — लेबल पक्का

जो विशेषण रंग, आकार, स्वभाव, अवस्था, स्रोत बताए — गुणवाचक। पहचान सरल रूप के गुण वाले खंड में; आज भेद का नाम इसी पर बैठता है।

नीला आकाश। पुरानी दीवार। ईमानदार व्यापारी। सोने का हार।

गेंद लाल है। — लाल गुणवाचक, जगह बताने वाली; भेद नहीं बदला।

तुलना इसी भेद पर सबसे साफ़ चलती है: बड़ा, छोटा, अच्छा, सुंदर, लंबा, भारी। भारतीय, मरा, सोने का — गुणवाचक तो हैं, 3 अवस्थाएँ अटपटी। खंड 13।

सुंदरता संज्ञा रहती है, सुंदर गुणवाचक। वीर गुणवाचक, वीरता संज्ञा। भेद विशेषण का, संज्ञा का नहीं।

4. संख्यावाचक — गिनती के नाम

सरल रूप में गिनती और क्रम खुले। आज उपभेद के नाम, ताकि दो और पहला एक थैली में खो न जाएँ।

उपभेद शब्द वाक्य
निश्चित एक, दो, तीन, दस, सौ चार पक्षी बैठे हैं।
अनिश्चित कुछ, कई, अनेक, सब कई बच्चे खेल रहे थे।
क्रमवाचक पहला, दूसरी, तीसरे, अंतिम, सातवाँ पहली पंक्ति खाली है।
समुदाय / समूह-गिनती दोनों, तीनों, चारों दोनों भाई आए।

दुगना, चौगुना — कितनी बार (गुणा); संख्या के पास रखो। तीन निश्चित है, कई अनिश्चित। कई आए — सर्वनाम; कई बच्चे — संख्यावाचक विशेषण। अकेला/साथ सर्वनाम और विशेषण वाले विषयों में।

पहला गुण नहीं — क्रम है। अंतिम लड़का क्रमवाचक, अंतिम जैसे स्वभाव पर बैठे तो गुण सोचो; वाक्य पूछो।

5. परिमाणवाचक — नाप के नाम

विशेष्य नापो-तोलो, गिनो नहीं। उपभेद दो।

उपभेद शब्द वाक्य
अनिश्चित मात्रा थोड़ा, बहुत, अधिक, कम, कुछ थोड़ा दूध गर्म करो।
निश्चित नाप एक किलो, दो लीटर, सेर भर दो किलो चीनी मँगाओ।

कुछ पानी परिमाण। कुछ लोग — लोग गिने जा सकते हैं, अनिश्चित संख्या। बहुत पानी परिमाण; बहुत लोग संख्या। बहुत सुंदर — बल, गुण सुंदर; बहुत की कुर्सियाँ सरल रूप वाले विषय में।

परिमाण की तुलना: इससे अधिक पानी, सबसे कम चीनी। 3 अवस्थाएँ गुण जितनी साफ़ नहीं, काम वही — तौल।

6. सार्वनामिक — संज्ञा के कंधे पर संकेत

जो शब्द सर्वनाम के परिवार का हो, पर संज्ञा से चिपककर विशेषता/संकेत दे — सार्वनामिक विशेषण। अकेला वही शब्द सर्वनाम। सर्वनाम और विशेषण वाले विषयों की काट अब भेद का नाम लेती है।

सर्वनाम (अकेला) सार्वनामिक विशेषण (साथ)
यह मेरी है। यह किताब मेरी है।
वह आया। वह लड़का आया।
कौन आया? कौन लड़का आया?
कोई द्वार पर है। कोई आदमी द्वार पर है।
सब चले गए। सब बच्चे चले गए।

किताब, लड़का, आदमी, बच्चे — संज्ञा, विशेष्य। यह/कौन/कोई/सब बताने-संकेत पर। उन्हें गुणवाचक मत लिखो — रंग-स्वभाव नहीं, इशारा है।

जाँच: शब्द हटाओ तो विशेष्य का नाम बचा, संकेत छूटा? सार्वनामिक विशेषण। नाम ही छूटा, विशेष्य गायब? सर्वनाम।

7. सार्वनामिक के पाँच ढंग

सर्वनाम वाले परिवार के 6 भेद पहले खुल चुके। विशेषण बनकर वही परिवार संज्ञा पर चढ़ता है। निज का अपना यहाँ खास है।

ढंग साथ वाली मिसाल अकेला (सर्वनाम, तुलना)
निश्चय यह मेज़, वह पेड़, ऐसे लोग यह पुरानी है।
अनिश्चय कोई बात, कुछ लोग, सब घर कोई आया।
प्रश्न कौन लड़का, किसकी किताब, कैसा दिन, कितने बच्चे कौन आया? क्या पड़ा?
संबंध जो लड़का आया, जैसा मन, जितना पानी जो आया, वह भाई है।
निज अपनी किताब, अपना घर अपना निजवाचक रूप; अकेला कम

कैसा दिन — प्रश्न + गुण का स्वाद; भेद सार्वनामिक (प्रश्न), गुणवाचक नहीं। कितने बच्चे — प्रश्न + संख्या का स्वाद; फिर भी प्रश्नवाचक सार्वनामिक जब पूछ रहे हो। कितने निश्चित नहीं कहा।

जैसा…वैसा, जितना…उतना — संबंध का जोड़ा। जितना पानी परिमाण भी छूता है; प्रधान काम बाँधना हो तो संबंध। वाक्य पूछो, दो लेबल झूठे मत काटो।

कहाँ वाला कमरा नहीं — कहाँ स्थान बताता है, क्रिया विशेषण वाले विषय में। कौन-सा कमरा — सार्वनामिक प्रश्न।

8. मेरा, तेरा, अपना

सर्वनाम और विशेषण वाले विषयों में: मेरा सर्वनाम का रूप, सुंदर गुणवाचक नहीं। स्कूल जब संज्ञा साथ देखती है तो सार्वनामिक विशेषण लिखती है। दोनों बातें एक हैं: परिवार सर्वनाम का, काम विशेषता बताने का।

वाक्य लेबल
मेरा घर पुराना है। मेरा सार्वनामिक (पुरुष/संबंध की जगह); पुराना गुणवाचक; घर विशेष्य
यह घर मेरा है। यह सार्वनामिक; मेरा बताने वाली जगह, फिर भी सर्वनाम-परिवार
राम ने अपनी किताब पढ़ी। अपनी निज सार्वनामिक; रूप किताब से, सर्वनाम के भेद वाले विषय में
राम ने उसकी किताब पढ़ी। उसकी अन्य/निश्चय का रूप, सार्वनामिक जब किताब साथ

मेरा को गुणवाचक मत लिखो। अपना को गुणवाचक मत लिखो। दोनों संकेत हैं — किसका, कर्ता का या किसी और का।

9. तुलना भेद नहीं — 3 अवस्था

अच्छा, बेहतर, सबसे अच्छा 3 भेद नहीं। एक गुणवाचक शब्द की 3 अवस्थाएँ हैं।

अवस्था नाम कार्ड
बिना तौल मूल / मूलावस्था अच्छा
दो में तौल तुलनात्मक बेहतर / उससे अच्छा
सब में सबसे ऊपर या नीचे अतिशायनिक — चरम सबसे अच्छा

मूल: राम अच्छा है। तुलनात्मक: श्याम राम से अच्छा है। अतिशायनिक (सबसे ऊपर/नीचे): मोहन कक्षा में सबसे अच्छा है। तीनों में अच्छा परिवार गुणवाचक ही रहता है।

जाँच: तौल है? दो ओर? तुलनात्मक। पूरे समूह में चरम? अतिशायनिक। सिर्फ़ गुण? मूल। भेद अभी भी गुणवाचक।

10. हिंदी में तुलना कैसे बनती है

हर शब्द का अलग रूप नहीं बनता। हिंदी अक्सर साथ वाले शब्द से अवस्था दिखाती है।

ढंग तुलनात्मक अतिशायनिक
से + मूल राम से बड़ा, इससे अच्छा —
अधिक / कम + मूल अधिक सुंदर, कम भारी —
सबसे + मूल — सबसे बड़ा, सबसे सुंदर
अलग शब्द बेहतर (अच्छा की तुलना) श्रेष्ठ, सर्वोत्तम — संस्कृत-सा रूप, लिखने की भाषा
तर / तम उच्चतर, श्रेष्ठतर उच्चतम, श्रेष्ठतम

यह कमरा बड़ा है। — मूल।

वह कमरा इससे बड़ा है। — तुलनात्मक।

यह मकान मोहल्ले का सबसे बड़ा है। — अतिशायनिक।

यह चित्र अधिक सुंदर है। — तुलनात्मक, सुंदर का रूप नहीं घूमा।

यह चित्र सबसे सुंदर है। — अतिशायनिक।

तर/तम संस्कृत-सा रास्ता है — उच्च, श्रेष्ठ, प्रिय। अच्छा से अच्छातर बोलचाल नहीं; बेहतर या उससे अच्छा चलता है। सबसे अच्छा अतिशायनिक का साधारण रूप है। (तत्सम — संस्कृत जैसा शब्द — तत्सम वाले विषय में।)

समान तौल: राम जितना ईमानदार है, श्याम उतना ही है। जैसा गाँव, वैसा लोग। यह तुलनात्मक अधिक नहीं — बराबरी। संबंधवाचक जोड़ा, खंड 7।

11. अच्छा, बेहतर, सबसे अच्छा

कार्ड का तीन-शब्द सूत्र यहीं पूरा होता है। बेहतर अच्छा का तुलनात्मक साथी है; हमेशा अच्छा के स्थान पर नहीं बैठता।

अवस्था चलता रूप ध्यान
मूल अच्छा लड़का। यह अच्छा है। अच्छा घूम सकता है: अच्छी, अच्छे — रूप विचार में
तुलनात्मक श्याम राम से अच्छा है। यह बेहतर है। से अच्छा और बेहतर दोनों तुलनात्मक
अतिशायनिक मोहन सबसे अच्छा है। सबसे बेहतर मत लिखो — बेहतर पहले से तुलना है

यह किताब अच्छी है। वह उससे अच्छी है। यह तीनों में सबसे अच्छी है। लिंग रूप विशेष्य से — झलक सरल रूप वाले विषय में, नियम रूप विचार में। बेहतर कम घूमता है: बेहतर किताब, बेहतर लड़का।

अच्छा गाता है — ढंग, क्रिया विशेषण की तरफ़। अच्छा लड़का — गुणवाचक मूल। तुलना बेहतर गाता है भी ढंग हो सकती है; विशेष्य पूछो।

ध्यान दें: सबसे अच्छा = अतिशायनिक। सबसे बेहतर = दो अवस्थाएँ एक साथ, गलती। अधिक बेहतर भी वही जाल।

12. बड़ा, छोटा, ऊँचा, भारी

इन पर अलग तुलना-शब्द कम हैं। से और सबसे का रास्ता साफ़ है।

गंगा लंबी नदी है। यमुना उससे छोटी है। भारत में सबसे लंबी नदी गंगा है — बात की दिशा; नाम भौगोलिक विवाद यहाँ नहीं।

यह बोझ भारी है। वह इससे भारी है। सबसे भारी संदूक वही है।

पहाड़ ऊँचा है। वह इससे ऊँचा है। सबसे ऊँची चोटी — अतिशायनिक।

छोटा तुलनात्मक में उससे छोटा। अतिशायनिक सबसे छोटा — चरम नीचे की ओर भी अतिशायनिक है, सिर्फ़ सबसे अच्छा नहीं। कम, बहुत बुरा, सबसे बुरा — वही अवस्था, उलटी दिशा।

बुरा → उससे बुरा → सबसे बुरा। बेहतर का उलटा बदतर कभी बोलचाल में; उससे बुरा काफी है।

13. जिन पर 3 अवस्थाएँ नहीं चढ़तीं

हर विशेषण तौला नहीं जाता।

  • संख्यावाचक: दो, पहला, दोनों — क्रम और गिनती तुलना की अवस्था नहीं।
  • निश्चय सार्वनामिक: यह, वह — निकट-दूर संकेत है, अच्छा-बेहतर नहीं।
  • मृत, अधमरा, सोने का, भारतीय — गुण/स्रोत; उससे भारतीय नहीं।
  • पूर्ण, अधूरा कुछ वाक्यों में तौल सकते हैं — अधिक पूर्ण अटपटा; वाक्य देखो।

पहला पहले से पहला नहीं। अंतिम सबसे अंतिम कभी बल के लिए बोलते हैं — व्याकरण की 3 अवस्था नहीं, दोहराव।

यह सबसे यह नहीं। सार्वनामिक पर सबसे मत चढ़ाओ।

14. भेद और तुलना एक वाक्य में

यह लाल किताब उस नीली से अच्छी है; कक्षा की सबसे अच्छी यही है।

  • यह — सार्वनामिक (निश्चय)
  • लाल, नीली — गुणवाचक मूल
  • किताब — विशेष्य
  • उस — सार्वनामिक
  • अच्छी — गुणवाचक, तुलनात्मक (से अच्छी)
  • सबसे अच्छी — गुणवाचक, अतिशायनिक

कौन सा लड़का सबसे लंबा है?

  • कौन सा — सार्वनामिक प्रश्न
  • लड़का — विशेष्य
  • सबसे लंबा — गुणवाचक अतिशायनिक

जितना पानी तुम चाहते हो, उससे अधिक मत लो।

  • जितना — सार्वनामिक संबंध / परिमाण का स्वाद
  • अधिक — परिमाण, तुलनात्मक दिशा

15. शब्द तोड़कर पूरा

लाल / सुंदर / ईमानदार

गुणवाचक। तुलना: अधिक सुंदर, सबसे सुंदर। सुंदरता संज्ञा।

दो / पहला / कई / दोनों

संख्यावाचक। उपभेद अलग। तुलना की अवस्था नहीं।

थोड़ा / दो किलो

परिमाणवाचक। इससे अधिक पानी — तुलना परिमाण पर।

यह किताब / कौन लड़का

सार्वनामिक विशेषण। अकेला यह/कौन सर्वनाम।

मेरा / अपनी

सार्वनामिक (सर्वनाम-परिवार)। गुणवाचक नहीं।

अच्छा

गुणवाचक मूल। तुलनात्मक: उससे अच्छा / बेहतर। अतिशायनिक: सबसे अच्छा।

बेहतर

तुलनात्मक। सबसे बेहतर गलती।

सबसे

अतिशायनिक बनाने वाला साथी। अकेला विशेषण नहीं; सबसे अच्छा दोनों मिलकर अवस्था।

उच्चतर / उच्चतम

तर तुलनात्मक, तम अतिशायनिक। संस्कृत-सा रास्ता; पूरा विषय तत्सम वाले विषय में।

जैसा / जितना

सार्वनामिक संबंध। बराबरी का जोड़ा, अधिक नहीं।

गाँधी ईमानदार नेता थे। — गुणवाचक मूल। उनसे अधिक ईमानदार — तुलनात्मक। चंद्रबिंदु गाँधी में।

16. आम गलतियाँ

  • अच्छा, बेहतर, सबसे अच्छा को 3 भेद लिखना। एक भेद, 3 अवस्था।
  • सबसे बेहतर / अधिक बेहतर — दो तुलना एक साथ।
  • यह किताब में यह को गुणवाचक लिखना। यह सार्वनामिक है।
  • मेरा को गुणवाचक लिखना।
  • दो को तुलनात्मक मानना क्योंकि संख्या बढ़ी।
  • पहला को गुणवाचक लिखना। क्रमवाचक संख्या है।
  • कौन लड़का में कौन को सर्वनाम लिखकर विशेष्य न देखना — यहाँ सार्वनामिक विशेषण।
  • कैसा और कैसे एक करना। कैसा विशेषण, कैसे क्रिया विशेषण वाले विषय में।
  • सुंदर से सुंदरतर ज़बरदस्ती गढ़ना जब अधिक सुंदर चलता है।
  • गुणवाचक बिना तौल के अतिशायनिक ठोकना — राम सबसे अच्छा है तभी जब समूह हो।
  • क्रिया को इसी विषय में खोल लेना। विशेषण यहीं बंद।

जाँच: (1) विशेषण सरल रूप वाले विषय से पक्का? (2) गुण / संख्या / परिमाण / सार्वनामिक? (3) तौल है तो मूल, तुलनात्मक, अतिशायनिक। (4) सबसे + बेहतर तो काटो। (5) अकेला संकेत सर्वनाम, साथ सार्वनामिक।

17. इस विषय का सार

  • 4 भेद: गुणवाचक, संख्यावाचक, परिमाणवाचक, सार्वनामिक।
  • संख्या के उपभेद: निश्चित, अनिश्चित, क्रम, दोनों-तीनों। परिमाण: थोड़ा बनाम किलो।
  • सार्वनामिक = सर्वनाम जब संज्ञा से चिपके: यह, कौन, कोई, जैसा, अपना।
  • तुलना भेद नहीं। अच्छा मूल, बेहतर / उससे अच्छा तुलनात्मक, सबसे अच्छा अतिशायनिक।
  • हिंदी से, अधिक, सबसे से अवस्था बनाती है; तर/तम संस्कृत-सा रूप। सबसे बेहतर गलती।
  • गिनती और यह/वह पर 3 अवस्थाएँ नहीं चढ़तीं।

अभ्यास

नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।

1. विशेषण के 4 भेद नाम सहित लिखो। अच्छा, बेहतर, सबसे अच्छा 3 भेद हैं?

उत्तर

गुणवाचक, संख्यावाचक, परिमाणवाचक, सार्वनामिक। नहीं — एक गुणवाचक शब्द की 3 अवस्थाएँ हैं, 3 भेद नहीं।

2. “यह किताब” में यह गुणवाचक है? “कौन लड़का आया?” में कौन अकेला सर्वनाम है?

उत्तर

नहीं — यह सार्वनामिक विशेषण (निश्चय का संकेत)। नहीं — कौन संज्ञा लड़का के साथ है, सार्वनामिक प्रश्न। अकेला कौन आया? तब सर्वनाम।

3. दो पर तुलना की 3 अवस्थाएँ चढ़ती हैं? पहला गुणवाचक है?

उत्तर

नहीं — संख्यावाचक पर अवस्था नहीं चढ़ती। पहला क्रमवाचक संख्या है, गुण नहीं।

4. “सबसे बेहतर” सही है? बेहतर कौन-सी अवस्था है?

उत्तर

नहीं — बेहतर पहले से तुलनात्मक है; सबसे बेहतर दो अवस्था एक साथ। बेहतर तुलनात्मक है; अतिशायनिक सबसे अच्छा।

5. “कहाँ वाला कमरा” सार्वनामिक विशेषण है? कैसा और कैसे एक हैं?

उत्तर

नहीं — कहाँ स्थान बताता है, क्रिया विशेषण वाले विषय में; कौन-सा कमरा सार्वनामिक प्रश्न है। कैसा विशेषण का प्रश्न, कैसे क्रिया विशेषण का।

विषय समाप्त · विशेषण के भेद और तुलना