अंग 2 · शब्द विचार
पाठ 2.4
विषय शुरू · संज्ञा के भेद
संज्ञा वाले विषय में संज्ञा नाम थी — व्यक्ति, वस्तु, स्थान, भाव, समूह, द्रव्य। अब वही नाम 5 परिवारों में बैठते हैं: व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक, समूहवाचक, द्रव्यवाचक। पहचान पहले आ चुकी; यहाँ बाँट और जाँच पूरी करनी है। लिंग-वचन रूप विचार में। सर्वनाम आगे। भाव-नाम बनाने वाले प्रत्यय — प्रत्यय, कृदंत, तद्धित वाले विषयों में। आज 5 भेद, और शब्द जब एक परिवार से दूसरे में सरकें।
1. 5 भेद एक नज़र में
संज्ञा वाले विषय की खिड़की बाईं तरफ़, परिवार दाईं तरफ़। एक खिड़की दो परिवार खोल सकती है — राम और लड़का दोनों व्यक्ति हैं, भेद अलग।
| भेद | क्या नाम है | उदाहरण |
|---|---|---|
| व्यक्तिवाचक | एक खास का अपना नाम | राम, दिल्ली, गंगा, गीता |
| जातिवाचक | पूरी जाति / वर्ग का नाम | लड़का, नदी, शहर, किताब |
| भाववाचक | गुण, अवस्था, भावना का नाम | सुंदरता, बचपन, क्रोध |
| समूहवाचक | कई लोगों / चीज़ों का एक समूह-नाम | सेना, भीड़, कक्षा, माला |
| द्रव्यवाचक | नाप-तौल वाला पदार्थ | सोना, पानी, तेल, दूध |
जाँच: संज्ञा पहचानी? (संज्ञा वाला विषय) फिर पूछो — खास एक? पूरी जाति? छूआ न जाए? कई का एक झुंड? पिघल-बह-तौल? 5 में से एक उत्तर।
2. व्यक्तिवाचक संज्ञा
व्यक्तिवाचक उस संज्ञा को कहते हैं जो किसी एक खास व्यक्ति, स्थान, नदी, पर्वत, किताब, त्योहार या दिन का अपना नाम हो। वही नाम दूसरी वैसी चीज़ पर अक्सर नहीं चढ़ता।
| खास क्या | नाम |
|---|---|
| व्यक्ति | राम, सीता, गाँधी, कालिदास |
| स्थान | दिल्ली, भारत, काशी, प्रयागराज |
| नदी / पर्वत | गंगा, यमुना, हिमालय, विंध्य |
| किताब / रचना | रामायण, गीता, रामचरितमानस |
| पर्व / दिन | दीपावली, होली, सोमवार |
गंगा नदी जाति नहीं — वह एक नदी का खास नाम है। नदी शब्द जातिवाचक है। हिमालय रूढ़-यौगिक वाले विषय में यौगिक था; यहाँ व्यक्तिवाचक — उस शृंखला का अपना नाम।
शेरू कुत्ते का खास नाम हो तो व्यक्तिवाचक। कुत्ता जातिवाचक।
कक्षा का नाम कमल हो तो कमल व्यक्तिवाचक; फूल कमल जातिवाचक — वाक्य बताएगा।
3. जातिवाचक संज्ञा
जातिवाचक उस संज्ञा को कहते हैं जो किसी पूरी जाति या वर्ग का नाम हो। एक व्यक्ति या एक चीज़ पर भी बैठती है, सब पर भी। लड़का किसी एक का खास नाम नहीं; हर उस जाति के जीव का नाम है।
| जाति | नाम |
|---|---|
| जीव | लड़का, स्त्री, घोड़ा, चिड़िया, पेड़ |
| वस्तु | किताब, मेज़, घर, गेंद, कपड़ा |
| स्थान का वर्ग | गाँव, शहर, नदी, पहाड़, स्कूल |
दिल्ली व्यक्तिवाचक है, शहर जातिवाचक। गंगा व्यक्तिवाचक है, नदी जातिवाचक। किताब जातिवाचक है — हर किताब पर चढ़ता है; गीता खास पुस्तक का नाम है, व्यक्तिवाचक।
संज्ञा वाले विषय में वस्तु और स्थान की खिड़की अक्सर यहीं खुलती है: साधारण चीज़ और साधारण जगह जातिवाचक। खास नाम व्यक्तिवाचक।
4. व्यक्तिवाचक और जातिवाचक — फर्क और सरकना
दोनों जीव या जगह हो सकते हैं। फर्क खास बनाम जाति का है, जीता बनाम जड़ का नहीं।
| व्यक्तिवाचक | जातिवाचक |
|---|---|
| राम | लड़का, मनुष्य |
| दिल्ली | शहर, राजधानी |
| गंगा | नदी |
| गीता | किताब, पुस्तक |
कभी खास नाम जाति की तरह चल पड़ता है: यह नगर का गाँधी है — गाँधी यहाँ एक प्रकार का नेता, जातिवाचक प्रयोग। कभी जाति का शब्द खास हो जाता है: बच्चे का नाम राजा रख दो — राजा व्यक्तिवाचक। वाक्य के बिना भेद मत बाँधो।
जाँच: क्या यह नाम दूसरी वैसी चीज़ों पर बिना खास किए चढ़ता है? हाँ → जातिवाचक। नहीं, सिर्फ़ एक का अपना → व्यक्तिवाचक।
5. भाववाचक संज्ञा
भाववाचक गुण, अवस्था, भावना, धर्म या काम का नाम है। हाथ में नहीं आता। संज्ञा वाले विषय की भाव-खिड़की का परिवार यही है।
| किसका नाम | भाववाचक |
|---|---|
| गुण | सुंदरता, वीरता, मिठास, ईमानदारी |
| अवस्था | बचपन, बुढ़ापा, मृत्यु, थकान |
| भावना | क्रोध, दया, प्रेम, भय, शांति |
| धर्म / विचार | सत्य, ज्ञान, स्वतंत्रता, न्याय |
सुंदर विशेषण है, सुंदरता भाववाचक संज्ञा। बच्चा जातिवाचक है, बचपन भाववाचक। दौड़ता क्रिया है, दौड़ भाव/कार्य का नाम हो तो भाववाचक। मित्र जातिवाचक, मित्रता भाववाचक।
भाववाचक अक्सर गिनती नहीं माँगती: दो सुंदरताएँ अटपटा है। एक वचन ही साधारण रूप है।
6. भाववाचक कैसे पहचाने — बनना
बहुत से भाव-नाम जातिवाचक, विशेषण या क्रिया से बनते हैं। प्रत्यय और तद्धित वाले विषयों में पूरी सूची है। यहाँ इतने रूप कि भेद पहचाना जा सके।
| मूल | मूल का काम | भाववाचक |
|---|---|---|
| बच्चा | जातिवाचक | बचपन |
| मनुष्य | जातिवाचक | मनुष्यता |
| सुंदर | विशेषण | सुंदरता |
| मीठा | विशेषण | मिठास |
| अच्छा | विशेषण | अच्छाई |
| पढ़ | क्रिया / धातु | पढ़ाई |
| थका | क्रिया-रूप | थकान |
| मित्र | जातिवाचक | मित्रता |
पन, ता, आई, आस, आवट, आहट जैसे खंड बार-बार भाव बनाते हैं। सूची रटना इस विषय का काम नहीं। जाँच: बना हुआ शब्द गुण या अवस्था का नाम है? तो भाववाचक। सुंदर अभी वर्णन है — विशेषण रह गया।
वीर → वीरता। मानव → मानवता। सजा → सजावट। घबरा → घबराहट। गर्म → गर्मी।
7. समूहवाचक संज्ञा
समूहवाचक उस संज्ञा को कहते हैं जो कई व्यक्तियों या वस्तुओं के एक समूह का नाम हो। अंदर कई सदस्य हैं; शब्द एक चीज़ की तरह चलता है।
| समूह | अंदर क्या |
|---|---|
| सेना, दल, टोली | सिपाही / सदस्य |
| भीड़, सभा, कक्षा | लोग / छात्र |
| परिवार, कुटुंब | संबंधी |
| झुंड | पशु-पक्षी |
| माला, गुच्छा | फूल / फल / चाभी |
सेना एक नाम है, सिपाही दूसरा। भीड़ संज्ञा है, भीड़ में खड़ा लड़का जातिवाचक। कक्षा समूहवाचक; छात्र जातिवाचक।
8. समूहवाचक और जातिवाचक
लोग जाति/समूह की सीमा पर उलझते हैं। जातिवाचक एक-एक पर चढ़ता है। समूहवाचक पूरे झुंड को एक नाम देता है।
| जातिवाचक | समूहवाचक |
|---|---|
| सिपाही, छात्र, फूल, गाय | सेना, कक्षा, माला, झुंड |
| दो सिपाही — दो सदस्य | एक सेना — एक समूह |
| पेड़ | कई पेड़ों का झुंड; वन जगह/जाति की तरफ़ |
माला दो काम कर सकती है। फूलों की माला पहनी — समूह एक वस्तु बन गया, फिर भी समूह से बनी। एक माला दो फूल गिनती समूह की है, फूलों की अलग। वाक्य देखो।
दो सेनाएँ हो सकती हैं — समूहवाचक की भी कभी गिनती होती है। वह गिनती समूहों की है, सिपाहियों की नहीं।
जाँच: शब्द एक-एक सदस्य पर बिना समूह के चढ़ता है? जातिवाचक। पूरे झुंड का एक नाम, सदस्यों का नहीं? समूहवाचक।
9. द्रव्यवाचक संज्ञा
द्रव्यवाचक उस संज्ञा को कहते हैं जो किसी पदार्थ का नाम हो — धातु, पानी जैसा बहने वाला, अनाज, हवा — जिसे साधारण बात में गिनते नहीं, नापते-तौलते हैं। संज्ञा वाले विषय की द्रव्य-खिड़की का परिवार यही है।
| पदार्थ | द्रव्यवाचक |
|---|---|
| धातु | सोना, चाँदी, लोहा, ताँबा |
| पानी जैसा / खाने वाला | पानी, तेल, दूध, घी, चीनी, नमक, अन्न |
| और | मिट्टी, हवा, आटा, मक्खन |
थोड़ा पानी, दो किलो सोना, एक लीटर दूध — नाप। दो पानी साधारण हिंदी नहीं। पानी रूढ़-यौगिक वाले विषय में रूढ़ था; यहाँ द्रव्यवाचक।
10. द्रव्यवाचक और जातिवाचक — गिनती
किताब जातिवाचक है: एक किताब, दो किताबें। सोना द्रव्यवाचक है: दो सोने अटपटा; दो गहने जातिवाचक, सोने से बने।
| द्रव्यवाचक | उसी से बनी जातिवाचक |
|---|---|
| सोना | हार, मुहर, गहना |
| लोहा | हथौड़ा, कील, तवा |
| कागज | किताब, पत्र (जब पन्ना गिनें — जाति की तरफ़) |
| दूध | कटोरी दूध नाप है; गिलास जातिवाचक पात्र |
कभी द्रव्यवाचक बहुवचन प्रकार बताता है: देश के तेल — कई तरह के तेल। वह गिनती एक-एक की नहीं, भेदों की है। साधारण नियम: द्रव्य नापो, जाति गिनो।
नदी द्रव्य नहीं — नदी स्थान/जाति या गंगा व्यक्तिवाचक। पानी द्रव्य है, नदी के अंदर बहता है।
11. एक शब्द, वाक्य से भेद
5 लेबल शब्दकोश में हमेशा एक नहीं रहती। प्रयोग पूछो।
| वाक्य | शब्द | भेद |
|---|---|---|
| राम आता है। | राम | व्यक्तिवाचक |
| यह नगर का गाँधी है। | गाँधी | जातिवाचक प्रयोग — प्रकार |
| बच्चे खेलते हैं। | बच्चे | जातिवाचक |
| बचपन लौटता नहीं। | बचपन | भाववाचक |
| कक्षा शांत है। | कक्षा | समूहवाचक |
| सोना महँगा है। | सोना | द्रव्यवाचक |
| माला टूट गई। | माला | समूह से बनी वस्तु; समूहवाचक |
काँच खिड़की में लगा हो तो अक्सर जातिवाचक वस्तु। पिघला पदार्थ काँच द्रव्यवाचक। एक वाक्य चुनो, दो लेबल एक साथ मत चिपकाओ।
12. वाक्य में 5 भेद
दिल्ली की सेना नदी के पानी से थकान मिटाती है।
- दिल्ली — व्यक्तिवाचक (खास स्थान)
- सेना — समूहवाचक
- नदी — जातिवाचक
- पानी — द्रव्यवाचक
- थकान — भाववाचक
की, से कारक/संबंध। मिटाती है क्रिया। 5 संज्ञा, 5 भेद।
गंगा में बच्चों की भीड़ है।
- गंगा — व्यक्तिवाचक
- बच्चों — जातिवाचक (रूप बदला)
- भीड़ — समूहवाचक
है क्रिया। तीन संज्ञा।
13. शब्द तोड़कर पूरा
राम
खास व्यक्ति। व्यक्तिवाचक। लड़का उसी जीव-खिड़की पर जातिवाचक।
दिल्ली
खास शहर। व्यक्तिवाचक। शहर जातिवाचक।
किताब
वस्तु की जाति। जातिवाचक। गीता खास पुस्तक — व्यक्तिवाचक।
सुंदरता
गुण का नाम। भाववाचक। सुंदर विशेषण। सुंदर + ता; प्रत्यय का विस्तार आगे।
बचपन
बच्चा जातिवाचक → बचपन भाववाचक। अवस्था का नाम।
सेना
सिपाहियों का समूह एक नाम। समूहवाचक। सिपाही जातिवाचक।
पानी
रूढ़, रूढ़-यौगिक वाले विषय में। नापने वाला पदार्थ। द्रव्यवाचक। नदी जातिवाचक; गंगा व्यक्तिवाचक।
सोना
धातु। द्रव्यवाचक। हार जातिवाचक वस्तु, सोने की बनी।
दीपावली — पर्व का खास नाम, व्यक्तिवाचक। त्योहार जातिवाचक।
कक्षा — छात्र-समूह, समूहवाचक। कमरा जगह हो तो जातिवाचक — वाक्य पूछो।
14. आम गलतियाँ
- गंगा को जातिवाचक कहना — गंगा खास नदी है; नदी जातिवाचक।
- दिल्ली को जातिवाचक कहना क्योंकि जगह है। जगह खास हो तो व्यक्तिवाचक।
- सुंदर को भाववाचक लिखना — सुंदर विशेषण, सुंदरता भाववाचक।
- बच्चा और बचपन एक भेद मानना। एक जाति, एक भाव।
- सेना और सिपाही एक भेद — समूह बनाम जाति।
- पानी और नदी एक भेद — द्रव्य बनाम जाति/स्थान।
- सोना और हार एक भेद — द्रव्य बनाम गिनी जाने वाली वस्तु।
- दो किताबें देखकर द्रव्य समझना — गिनती जाति की पहचान है।
- 5 भेद रटकर वाक्य न तोड़ना। गाँधी कभी खास, कभी प्रकार।
जाँच: (1) खास अपना नाम? व्यक्तिवाचक। (2) पूरी जाति? जातिवाचक। (3) गुण/अवस्था का नाम? भाववाचक। (4) झुंड का एक नाम? समूहवाचक। (5) नाप-तौल का पदार्थ? द्रव्यवाचक। संज्ञा पहले संज्ञा वाले विषय से पक्की हो।
15. इस विषय का सार
- व्यक्तिवाचक — एक खास का नाम: राम, दिल्ली, गंगा, गीता, होली।
- जातिवाचक — वर्ग का नाम: लड़का, नदी, किताब, शहर।
- भाववाचक — गुण-अवस्था का नाम: सुंदरता, बचपन, क्रोध; अक्सर दूसरे शब्द से बनती है।
- समूहवाचक — कई का एक नाम: सेना, भीड़, कक्षा, माला।
- द्रव्यवाचक — पदार्थ, अक्सर नाप: सोना, पानी, तेल, दूध।
- वाक्य से भेद बदल सकता है; 5 लेबल एक शब्द पर हमेशा नहीं चिपकते।
अभ्यास
नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।
1. संज्ञा के 5 भेद नाम सहित लिखो। राम और लड़का एक भेद हैं?
उत्तर
व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक, समूहवाचक, द्रव्यवाचक। नहीं — राम व्यक्तिवाचक, लड़का जातिवाचक। दोनों व्यक्ति-खिड़की, भेद अलग।
2. गंगा और नदी? दिल्ली और शहर? गीता और किताब?
उत्तर
गंगा व्यक्तिवाचक, नदी जातिवाचक। दिल्ली व्यक्तिवाचक, शहर जातिवाचक। गीता व्यक्तिवाचक (खास पुस्तक), किताब जातिवाचक।
3. सुंदर भाववाचक है? बच्चा और बचपन एक भेद हैं?
उत्तर
सुंदर विशेषण है; सुंदरता भाववाचक। बच्चा जातिवाचक, बचपन भाववाचक — एक जाति, एक अवस्था का नाम।
4. सेना और सिपाही? पानी और नदी? सोना और हार?
उत्तर
सेना समूहवाचक, सिपाही जातिवाचक। पानी द्रव्यवाचक, नदी जातिवाचक। सोना द्रव्यवाचक, हार जातिवाचक वस्तु।
5. “दिल्ली की सेना नदी के पानी से थकान मिटाती है।” — 5 संज्ञा, 5 भेद। “यह नगर का गाँधी है” में गाँधी?
उत्तर
दिल्ली व्यक्तिवाचक, सेना समूहवाचक, नदी जातिवाचक, पानी द्रव्यवाचक, थकान भाववाचक। गाँधी यहाँ प्रकार — जातिवाचक प्रयोग।
विषय समाप्त · संज्ञा के भेद
