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रूढ़, यौगिक, योगरूढ़

Lesson 13 of 71

अंग 2 · शब्द विचार

पाठ 2.2

विषय शुरू · रूढ़, यौगिक, योगरूढ़

शब्द और वाक्य वाले विषय में शब्द अर्थ देने वाला टुकड़ा था। अब वही शब्द बनावट से तीन परिवारों में बैठता है: क्या यह एक पूरा टुकड़ा है जिसे तोड़कर अर्थ नहीं मिलता, क्या टुकड़ों का जोड़ है, क्या जोड़ होते हुए भी अर्थ किसी खास नाम पर जम गया है। ये तीन नाम हैं — रूढ़, यौगिक, योगरूढ़। पानी, पाठशाला, पंकज — तीनों शब्द हैं; बनावट अलग है। संज्ञा-क्रिया आगे हैं। समास के 6 भेद और उपसर्ग-प्रत्यय की सूची अपने विषय में खुलेंगी। यहाँ बनावट की पूरी जाँच है।

1. बनावट क्या पूछती है

अर्थ पूछना शब्द और वाक्य वाले विषय में था — मतलब है या नहीं। बनावट पूछती है — मतलब कहाँ से आता है। पूरे शब्द से? टुकड़ों के जोड़ से? या टुकड़े दिखते हैं, अर्थ फिर भी किसी खास चीज़ पर अटक गया है?

यह तत्सम-तद्भव नहीं — शब्द कहाँ से आया, वह तत्सम वाले विषय में। संकर — दो भाषाओं के टुकड़े — संकर वाले विषय में। आज सिर्फ़ बनावट।

जाँच: शब्द लो। पहले अर्थ है? (शब्द और वाक्य) फिर तोड़ो। टुकड़े अर्थ देते हैं? देते हैं तो जोड़ शब्द के अर्थ के बराबर है या संकरा/खास नाम बन गया?

2. तीन शब्द, तीन भेद

कार्ड के तीन उदाहरण यहीं पूरे खुलते हैं। इन्हें रटो नहीं; जाँच बैठो।

शब्द तोड़ क्या मिलता है भेद
पानी पा + नी — अपने अलग अर्थ से पानी नहीं बनता अर्थ पूरे शब्द का है रूढ़
पाठशाला पाठ + शाला पाठ का स्थान — वही अर्थ यौगिक
पंकज पंक + ज कीचड़ में जन्म; शब्द का अर्थ कमल है योगरूढ़

पानी एक टुकड़ा — तोड़कर पानी नहीं बनता। पाठशाला जोड़, अर्थ जोड़ के बराबर। पंकज जोड़ दिखता है, अर्थ कमल पर जम गया — कीचड़ से जन्मी हर चीज़ पंकज नहीं कहलाती।

3. रूढ़ शब्द

रूढ़ वह शब्द है जिसका अर्थ टुकड़ों से नहीं निकलता। या तो टुकड़े बनते ही नहीं, या टुकड़े करके अर्थ जोड़ने से वही मतलब नहीं मिलता। शब्द एक पूरे टुकड़े की तरह याद रहता है।

घर, आग, हाथ, गाँव, राम, कमल, किताब, लाल, चल, और, मैं — ये सब रूढ़ हैं। कमल फूल का नाम है; क + मल या कम + ल से फूल नहीं बनता।

रूढ़ अर्थ पूरे से
पानी जो पीते हैं
घर रहने की जगह
आग जो जलती है, गर्मी देती है
नाक चेहरे का अंग
सुंदर गुण — टुकड़ों से यह गुण नहीं जुड़ता
दो संख्या

छोटा होना रूढ़ की शर्त नहीं। विद्यालय लंबा है फिर भी यौगिक हो सकता है। पानी छोटा है, रूढ़ है। लंबाई बनावट नहीं बताती — तोड़ बताती है।

पेड़, नदी, रात, खाना, अच्छा — रूढ़।

कमल रूढ़ है। पंकज अलग भेद है — नीचे। दोनों फूल के नाम हो सकते हैं, रचना अलग।

4. रूढ़ की जाँच

जबरदस्ती मत तोड़ो। वर्ण अलग करना वर्ण विचार था — क् + अ + म्… वह बनावट का तोड़ नहीं। बनावट का तोड़ अर्थ वाले खंड माँगता है।

गलत तोड़ क्यों काम नहीं
घर = घ + र घ और र अकेले शब्द नहीं जिनका जोड़ घर हो
पानी = पा + नी पा पीना हो, नी से पानी का मतलब नहीं जुड़ता
राम = रा + म नाम एक टुकड़ा; रा और म से व्यक्ति नहीं बनता

यदि खंड खुद शब्द हों और जोड़ अर्थ दे — फिर रूढ़ नहीं। घर में घर एक टुकड़ा है। राजघराना अलग शब्द है, वह यौगिक की तरफ़ जाएगा।

ध्यान दें: धातु और प्रत्यय का पूरा हिसाब धातु, कृदंत, तद्धित वाले विषयों में है। कुछ शब्द किताबों में और भी टूट सकते हैं। इस विषय की जाँच साधारण हिंदी की है: बोलने-लिखने वाला खंडों से अर्थ जोड़कर शब्द तक पहुँचे या नहीं। पानी यहाँ रूढ़ रहती है।

5. यौगिक शब्द

यौगिक वह शब्द है जो दो या अधिक अर्थ वाले खंडों के योग से बना हो, और खंडों का जोड़ ही शब्द का अर्थ हो। योग = मिलना। यौगिक = मिलकर बना।

यौगिक खंड अर्थ = जोड़
पाठशाला पाठ + शाला पाठ का स्थान
विद्यालय विद्या + आलय विद्या का घर
देवालय देव + आलय देवता का स्थान
राजपुत्र राज + पुत्र राजा का पुत्र
हिमालय हिम + आलय हिम का घर — पर्वत
नीलकमल नील + कमल नीला कमल
सज्जन सत् + जन अच्छा व्यक्ति
महापुरुष महा + पुरुष बड़ा पुरुष

शब्द और वाक्य वाले विषय में विद्यालय एक शब्द था। यहाँ पता चलता है वह यौगिक है। विग्रह — विद्यालय = विद्या का आलय — समास वाले विषय में नाम के साथ आएगा। आज इतना: दो अर्थ मिलकर एक शब्द, अर्थ जोड़ के बराबर।

छात्रावास = छात्र + आवास। भोजनशाला = भोजन + शाला। राष्ट्रपति = राष्ट्र + पति।

घुड़सवार = घोड़े पर सवार। दुर्जन = बुरा जन।

6. यौगिक दो रास्तों से बनता है

खंड कहाँ से आते हैं — यह झलक यहीं चाहिए, नहीं तो यौगिक अधूरा रह जाता है। पूरी सूची आगे की है।

रास्ता क्या होता है उदाहरण आगे का विषय
समास दो शब्द मिलकर एक पद राजपुत्र, देवालय, नीलकमल समास
उपसर्ग शब्द के पहले खंड सुपुत्र, अनुज, अत्याचार उपसर्ग
प्रत्यय शब्द के बाद खंड सुंदरता, बचपन, राष्ट्रीय प्रत्यय; कृदंत-तद्धित

सु + पुत्र = अच्छा पुत्र — यौगिक। अ + त्याचार नहीं; अति + आचार = अत्याचार — यौगिक। सुंदर + ता = सुंदरता — यौगिक। उपसर्गों की सूची मत रटो; पहचान यह है कि खंड अर्थ देते हैं और जोड़ अर्थ है।

रेलगाड़ी बनावट से यौगिक लगती है — रेल + गाड़ी। स्रोत में दो भाषाएँ मिलें तो संकर — संकर वाले विषय में। एक शब्द दो प्रश्नों का उत्तर अलग-अलग दे सकता है: बनावट यौगिक, स्रोत संकर। आज सिर्फ़ बनावट।

7. योगरूढ़ शब्द

योगरूढ़ वह शब्द है जो यौगिक की तरह टूटता है — खंड अर्थ देते हैं — पर शब्द का अर्थ खंडों के साधारण जोड़ जितना चौड़ा नहीं रहता। अर्थ किसी खास व्यक्ति, वस्तु या नाम पर जम जाता है। योग है, रूढ़ भी है।

पंक + ज = कीचड़ में जन्म लेने वाला। कीचड़ से बहुत कुछ जन्म ले सकता है। हिंदी में पंकज कमल है। जोड़ सामान्य, शब्द विशेष — यही योगरूढ़।

योगरूढ़ खंड साधारण जोड़ रूढ़ अर्थ
पंकज पंक + ज कीचड़-जन्म कमल
जलज जल + ज जल में जन्मा कमल
सरोज सरस + ज सरोवर-जन्म कमल
लंबोदर लंब + उदर लंबा पेट गणेश
गजानन गज + आनन हाथी का मुख गणेश
पीतांबर पीत + अंबर पीला वस्त्र कृष्ण
चतुर्भुज चतुर् + भुज चार भुजाएँ विष्णु
त्रिनेत्र त्रि + नेत्र तीन नेत्र शिव
नीलकंठ नील + कंठ नीला गला शिव; एक पक्षी भी
दशानन दश + आनन दस मुख रावण

गिरिधर = गिरि धारण करने वाला — कृष्ण। मुरलीधर = मुरली धारण — कृष्ण। चक्रपाणि = चक्र हाथ में — विष्णु। वारिद = जल देने वाला — मेघ। ये भी योगरूढ़ की पंक्ति में बैठते हैं: जोड़ संभव है, शब्द खास अर्थ पर अटका है।

8. योगरूढ़ में योग और रूढ़ दोनों सच

नाम तीन टुकड़ों में है। योग — खंड जुड़ते हैं, यौगिक जैसा तोड़ संभव है। रूढ़ — पूरा अर्थ अब खास नाम की तरह बँध गया, साधारण जोड़ जितना खुला नहीं। इसलिए यह तीसरा भेद है — रूढ़ और यौगिक के बीच की खाली जगह नहीं; दोनों गुण एक साथ।

पंकज को रूढ़ मत कहो: पंक और ज अर्थ देते हैं, पानी के पा-नी की तरह नहीं। पंकज को यौगिक मत कहो: यौगिक में कीचड़-जन्म मात्र काफ़ी होता; शब्द कमल माँगता है।

लंबा पेट वाला कोई आदमी लंबोदर नहीं कहलाता — गणेश कहलाते हैं।

पीला कपड़ा पहने कोई भी पीतांबर नहीं — कृष्ण का नाम है।

चार बाँहें दिखाने वाला चित्र चतुर्भुज = विष्णु; सामान्य चार भुजा जोड़ मात्र नहीं।

कुछ शब्द दो अर्थ रख सकते हैं। नीलकंठ शिव भी, पक्षी भी — दोनों खास नाम, सामान्य नीला गला हर गले पर नहीं चढ़ता। पक्षी हो या शिव, बनावट योगरूढ़ ही रहती है।

9. एक सूत्र, तीन उत्तर

शब्द सामने हो तो तीन प्रश्न क्रम से। एक छोड़कर मत कूदो।

प्रश्न हाँ / नहीं भेद
अर्थ वाले खंडों में टूटता है? नहीं रूढ़
टूटता है, और खंडों का जोड़ = शब्द का अर्थ? हाँ यौगिक
टूटता है, जोड़ संभव है, अर्थ खास नाम/वस्तु पर रूढ़? हाँ योगरूढ़

जाँच: (1) तोड़ो — अर्थ वाले खंड मिले? नहीं → रूढ़। (2) मिले, जोड़ और शब्द एक? → यौगिक। (3) मिले, जोड़ चौड़ा, शब्द संकरा/नाम? → योगरूढ़।

तीनों एक साथ एक शब्द पर नहीं चढ़ते। कमल रूढ़ है तो उसी रूप में यौगिक नहीं। पंकज योगरूढ़ है तो उसी रूप में साधारण यौगिक नहीं।

10. कमल, पंकज, नीलकमल

एक फूल, तीन बनावट। यहाँ उलझन सबसे अधिक होती है।

शब्द भेद क्यों
कमल रूढ़ खंडों से फूल नहीं निकलता
पंकज योगरूढ़ पंक + ज; अर्थ कमल पर रूढ़
जलज योगरूढ़ जल + ज; फिर कमल
नीलकमल यौगिक नील + कमल = नीला कमल; जोड़ ही अर्थ

नीलकमल में कमल रूढ़ खंड है, पूरा शब्द यौगिक है। अंदर रूढ़ टुकड़ा होने से पूरा शब्द रूढ़ नहीं हो जाता। राजपुत्र में पुत्र रूढ़ है, राजपुत्र यौगिक है।

हिमालय हिम का आलय — अर्थ जोड़ के पास बैठता है, इसलिए यहाँ यौगिक। पंकज वाला फर्क यह है कि जोड़ से कमल अपने आप नहीं आता, भाषा ने बाँध दिया। हिम का घर पर्वत-शृंखला पर घटता है, जोड़ झूठा नहीं पड़ता।

11. और शब्द — जाँच बैठाओ

नीचे हर पंक्ति में तोड़ पहले सोचो, भेद बाद में पढ़ो।

शब्द भेद संकेत
आग रूढ़ एक टुकड़ा
देवालय यौगिक देव + आलय
सुपुत्र यौगिक सु + पुत्र
बचपन यौगिक बच्च + पन; प्रत्यय आगे
गिरिजा योगरूढ़ गिरि से जन्मी — पार्वती
मुरारी योगरूढ़ मुर + अरि — कृष्ण; शत्रु-नाम रूढ़
पुस्तकालय यौगिक पुस्तक + आलय
राम रूढ़ नाम एक टुकड़ा

व्यक्तिवाचक नाम अक्सर रूढ़ होते हैं — राम, सीता, दिल्ली। दशानन नाम है फिर भी योगरूढ़, क्योंकि दश + आनन तोड़ बैठता है और अर्थ रावण पर रूढ़ है। नाम भर देखकर मत बाँटो; तोड़ करो।

12. शब्द तोड़कर पूरा

पानी

अर्थ: जल। पा + नी से यह अर्थ नहीं बनता। रूढ़। एक शब्द, शब्द और वाक्य वाली गिनती।

पाठशाला

पाठ + शाला। शाला स्थान। पाठ का स्थान = विद्यालय जैसा अर्थ। यौगिक। समास का नाम समास वाले विषय में; आज जोड़ = अर्थ।

पंकज

पंक = कीचड़। ज = जन्म लेने वाला। जोड़ चौड़ा; शब्द कमल। योगरूढ़। कमल खुद रूढ़ — अलग शब्द, अलग भेद।

विद्यालय

विद्या + आलय। विद्या का घर। यौगिक। शब्द और वाक्य वाले विषय में एक शब्द; यहाँ एक यौगिक शब्द।

नीलकमल

नील + कमल। नीला कमल। यौगिक। कमल रूढ़ खंड; पूरा शब्द जोड़।

लंबोदर

लंब + उदर। लंबा पेट साधारण जोड़; शब्द गणेश। योगरूढ़।

सुंदरता

सुंदर रूढ़ गुण। ता प्रत्यय से भाव। सुंदरता यौगिक। प्रत्यय सूची प्रत्यय वाले विषय में; बनावट आज यौगिक।

दशानन

दश + आनन। दस मुख वाला कोई भी नहीं — रावण। योगरूढ़।

घर — रूढ़। राजघराना — राज + घराना, यौगिक।

जल — रूढ़। जलज — योगरूढ़ (कमल)। जलयान — जल + यान, यौगिक (पानी का वाहन)।

13. आम गलतियाँ

  • वर्ण तोड़कर रूढ़ घोषित करना या यौगिक बना देना — घर ≠ घ + र।
  • कमल और पंकज एक भेद मानना। एक रूढ़, एक योगरूढ़।
  • पंकज को यौगिक कहना — जोड़ कमल नहीं देता, भाषा ने बाँधा है।
  • नीलकमल को योगरूढ़ कहना — नीला कमल जोड़ ही है।
  • लंबे शब्द को अपने आप यौगिक मानना — लंबाई नहीं, अर्थ वाले खंड।
  • हर नाम को रूढ़ कहना — दशानन, पीतांबर तोड़ बैठते हैं।
  • यौगिक देखकर समास के 6 भेद यहीं खोल देना — नाम समास वाले विषय में।
  • सुपुत्र देखकर सारी उपसर्ग-सूची यहीं रट लेना — उपसर्ग वाले विषय में।
  • रेलगाड़ी की बनावट और स्रोत एक प्रश्न समझना। बनावट यौगिक, संकर अलग।

जाँच: पानी / पाठशाला / पंकज तीनों पर सूत्र लगाओ। फिर एक नया शब्द लो — आग, देवालय, जलज। तीन उत्तर अलग आने चाहिए।

14. इस विषय का सार

  • रूढ़ — अर्थ एक टुकड़े का; टुकड़ों से मतलब नहीं — पानी, घर, कमल।
  • यौगिक — अर्थ वाले खंड, जोड़ = अर्थ — पाठशाला, विद्यालय, नीलकमल, सुपुत्र।
  • योगरूढ़ — खंड हैं, अर्थ खास नाम पर रूढ़ — पंकज, लंबोदर, पीतांबर, दशानन।
  • यौगिक समास या उपसर्ग-प्रत्यय से बन सकता है; सूची आगे।
  • सूत्र: नहीं टूटता → रूढ़; टूटकर जोड़ = अर्थ → यौगिक; टूटकर अर्थ संकरा → योगरूढ़।

अभ्यास

नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।

1. रूढ़, यौगिक, योगरूढ़ क्या हैं? पानी, पाठशाला, पंकज पर लागू करो।

उत्तर

रूढ़ — अर्थ एक टुकड़े का; पानी। यौगिक — खंडों का जोड़ = अर्थ; पाठशाला = पाठ + शाला। योगरूढ़ — खंड हैं, अर्थ खास नाम पर; पंकज = पंक + ज, अर्थ कमल।

2. कमल, पंकज, नीलकमल — तीनों का भेद बताओ।

उत्तर

कमल रूढ़। पंकज योगरूढ़। नीलकमल यौगिक (नील + कमल)। अंदर रूढ़ खंड होने से पूरा शब्द रूढ़ नहीं हो जाता।

3. घर = घ + र सही तोड़ है? विद्यालय कितने शब्द, कौन-सा भेद?

उत्तर

घ + र गलत — वर्ण तोड़, अर्थ वाले खंड नहीं। विद्यालय एक शब्द, यौगिक — विद्या + आलय, विद्या का घर।

4. लंबोदर को यौगिक क्यों नहीं कहते? सुंदरता कौन-सा भेद है?

उत्तर

लंब + उदर तोड़ बैठता है, पर शब्द गणेश पर रूढ़ है — योगरूढ़। सुंदरता यौगिक — सुंदर + ता।

5. सूत्र तीन प्रश्नों में लिखो। रेलगाड़ी की बनावट और स्रोत एक प्रश्न हैं?

उत्तर

नहीं टूटता → रूढ़। टूटकर जोड़ = अर्थ → यौगिक। टूटकर अर्थ संकरा/नाम → योगरूढ़। रेलगाड़ी बनावट से यौगिक; स्रोत संकर अलग प्रश्न है।

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