अंग 2 · शब्द विचार
पाठ 2.10
विषय शुरू · क्रिया — सकर्मक, अकर्मक, सहायक
क्रिया वाले विषय में कुर्सी खुली — होना, जाना, करना, खाना; जाता है दो शब्द। आज 3 बाँट पूरी करनी है। सकर्मक — काम का कर्म है। अकर्मक — कर्म नहीं। सहायक — मुख्य क्रिया के साथ लगकर काल बाँधे। कारक के 8 नाम रूप विचार में। दो कर्म वाली क्रिया — द्विकर्मक वाले विषय में। खा लिया वाला जोड़ — संयुक्त क्रिया वाले विषय में। काल की दीवार रूप विचार में। कैसे-कब-कहाँ — क्रिया विशेषण वाले विषय में। आज कर्म है या नहीं, और है/रहा/चुका कौन सी कुर्सी पर।
1. 3 कुर्सियाँ एक नज़र में
| भेद | प्रश्न | उदाहरण |
|---|---|---|
| सकर्मक | काम किसे / क्या पर पड़ा? | वह रोटी खाता है। |
| अकर्मक | काम पूरा, कर्म खाली | वह सोता है। |
| सहायक | दूसरी क्रिया को काल या काम-पूरा से बाँधे | वह जाता है। वह खा चुका है। |
सकर्मक और अकर्मक मुख्य क्रिया के भेद हैं। सहायक उनके ऊपर चढ़ी पट्टी है, तीसरा काम का प्रकार नहीं। जाता सकर्मक/अकर्मक की जाँच; है सहायक। दो प्रश्न अलग: कर्म है? काल कौन बाँध रहा?
जाँच: पहले क्रिया वाले विषय से क्रिया पहचानी? फिर — किसे/क्या पड़ा? सकर्मक। खाली? अकर्मक। कोई रूप दूसरी क्रिया को है/रहा/चुका से पकड़े? सहायक।
2. कर्म क्या है
कर्ता काम करता है। कर्म वह संज्ञा या सर्वनाम है जिस पर काम पड़ता है। प्रश्न: क्या? किसे? (कभी किसको?) उत्तर कर्म। 8 कारक रूप विचार में; आज एक कारक का काम, सूची नहीं।
| वाक्य | कर्ता | कर्म | क्रिया |
|---|---|---|---|
| राम रोटी खाता है। | राम | रोटी | खाता है |
| सीता किताब पढ़ती है। | सीता | किताब | पढ़ती है |
| उसने मुझे बुलाया। | उसने (वह) | मुझे | बुलाया |
रोटी संज्ञा है, कर्म की जगह पर। कर्म कोई नया शब्द-भेद नहीं — संज्ञा/सर्वनाम वाक्य में यह काम कर रहे हैं। धीरे कर्म नहीं — कैसे, क्रिया विशेषण वाले विषय में। लाल कर्म नहीं — विशेषण।
वह धीरे रोटी खाता है। — रोटी कर्म, धीरे क्रिया विशेषण, खाता सकर्मक।
3. सकर्मक क्रिया
जिस क्रिया के साथ कर्म आए — या कर्म की माँग साफ़ हो — वह सकर्मक है। स + कर्म: कर्म के साथ। सकर्मक = कर्म वाली क्रिया।
बच्चा दूध पीता है। — दूध कर्म, पीना सकर्मक।
माँ पत्र लिखती है। — पत्र कर्म।
शिकारी बाघ देखता है। — बाघ कर्म।
खाओ। — कर्म छिपा हो सकता है (रोटी/खाना); क्रिया फिर भी सकर्मक परिवार की। वाक्य पूछो।
क्रिया वाले विषय का खाना यहाँ अक्सर सकर्मक: रोटी खाता है। करना अक्सर सकर्मक: काम करता है — काम कर्म जैसा। पढ़ना, लिखना, देखना, सुनना, मारना, देना — इसी पंक्ति।
कर्म हटाओ तो पूछ बैठता है: वह खाता है — क्या? सुनने वाला जानता हो तो वाक्य चलता है; क्रिया फिर भी सकर्मक रहती है। अकर्मक सोता है में क्या सोता नहीं पूछते।
4. अकर्मक क्रिया
जिस क्रिया को कर्म की ज़रूरत न हो, वह अकर्मक है। अ + कर्म: कर्म नहीं। काम कर्ता पर ही पूरा।
| वाक्य | कर्म? |
|---|---|
| बच्चा सोता है। | नहीं |
| वह हँसा। | नहीं |
| फूल खिला। | नहीं |
| बारिश हुई। | नहीं — होना यहाँ घटना |
| राम है। | नहीं — स्थिति |
सोना, जागना, हँसना, रोना, चमकना, खिलना — अकर्मक की पंक्ति। क्या सोया? भोजन वाला क्या नहीं; अगर उत्तर बने भी तो कर्म नहीं ठोकना।
गेंद लाल है — लाल विशेषण, है होना। कर्म खाली, अकर्मक/स्थिति। लाल को कर्म मत लिखो।
5. एक क्रिया, दो कुर्सियाँ
बहुत सी क्रियाएँ वाक्य से सरकती हैं। भेद शब्दकोश में पक्का नहीं, प्रयोग में है — संज्ञा के भेद वाली गाँठ।
| अकर्मक | सकर्मक |
|---|---|
| वह पढ़ता है। | वह किताब पढ़ता है। |
| बच्चे खेलते हैं। | बच्चे फुटबॉल खेलते हैं। |
| वह लिखता है। | वह पत्र लिखता है। |
| गाय चरती है। | गाय घास चरती है। |
बाएँ क्या? खुला रह सकता है। दाएँ उत्तर साफ़: किताब, फुटबॉल, पत्र, घास। एक धातु, दो प्रयोग। सूची रटकर पढ़ना हमेशा सकर्मक मत लिखो।
जाँच: इस वाक्य में किसे/क्या का उत्तर संज्ञा-सर्वनाम है? सकर्मक प्रयोग। खाली और काम पूरा? अकर्मक प्रयोग।
6. जाना, आना, होना — कहाँ कर्म नहीं
वह दिल्ली गया। दिल्ली कहाँ? जगह। कर्म का प्रश्न क्या/किसे यहाँ नहीं चलता। स्कूल अक्सर जाना अकर्मक रखती है; जगह का पूरा नाम कारक रूप विचार में। दिल्ली को कर्म ठोकना जल्दीबाज़ी है।
वह स्कूल जाता है। — स्कूल कहाँ; जाना अकर्मक दिशा।
वह घर आया। — घर कहाँ।
पानी है। — होना स्थिति, अकर्मक।
उसने रास्ता जाना — अलग अर्थ (जानना) या ग़लत जोड़; जाना गति कर्म नहीं माँगती। जानना सकर्मक: उसने बात जानी। वर्तनी/अर्थ पूछो।
7. दो कर्म — नाम भर
उसने मुझे किताब दी। — मुझे और किताब दोनों पर काम। द्विकर्मक रूप विचार में। आज इतना: एक साफ़ कर्म = सकर्मक; दो कर्म का पूरा हिसाब वहाँ। देना, सिखाना, बताना इस परिवार के पास बैठते हैं।
मुझे पानी दो। — मुझे, पानी। आज सकर्मक पहचान काफी; गिनती दो की तह आगे।
8. ने की झलक — नियम रूप विचार में
भूतकाल के पूरे रूप में सकर्मक अक्सर ने लेती है, अकर्मक नहीं। यह जाँच है, कारक का पूरा विषय नहीं।
| सकर्मक | अकर्मक |
|---|---|
| उसने रोटी खाई। | वह सोया। |
| राम ने पत्र लिखा। | राम हँसा। |
ने कर्ता पर लगता है, कर्म पर नहीं। पूरा ने-नियम लिंग-वचन-काल से बँधा है — रूप विचार में। आज: ने दिखे तो सकर्मक की तरफ़ सोचो; न दिखे तो अकर्मक हो सकता है, हमेशा नहीं (वर्तमान: वह रोटी खाता है — ने नहीं, फिर भी सकर्मक)।
9. सहायक क्रिया क्या है
जो क्रिया मुख्य क्रिया के साथ लगकर काल, काम चलना/पूरा होना या शक्ति बताए, वह सहायक है — मदद करने वाली क्रिया। कार्ड: काल बनाने वाली क्रिया। अकेली मुख्य बन सकती है — राम है। साथ हो तो पट्टी — राम जाता है।
| मुख्य | सहायक | वाक्य |
|---|---|---|
| जाता | है | वह जाता है। |
| पढ़ | रहा है | वह पढ़ रहा है। |
| खा | चुका है | वह खा चुका है। |
| जा | सकता है | वह जा सकता है। |
क्रिया वाले विषय में: जाता है दो शब्द। आज बाँट: जाता मुख्य (जाना), है सहायक (होना का रूप)। दोनों क्रिया-परिवार। एक शब्द मत गिनो।
सहायक का अपना कर्म नहीं पूछते। सकर्मक/अकर्मक मुख्य पर लगते हैं: रोटी खाता है — खाना सकर्मक, है सहायक।
10. है, था, होगा
होना की ये पट्टियाँ सबसे आम सहायक हैं। काल का नाम रूप विचार में; आज कुर्सी।
| रूप | मुख्य + सहायक | अकेला होना (मुख्य) |
|---|---|---|
| है / हैं / हूँ | जाता है, खाते हैं | पानी है। वे शिक्षक हैं। |
| था / थे / थी | जाता था, पढ़ती थी | कुआँ था। |
| होगा / होगी / होंगे | जाएगा — यहाँ रूप एक शब्द में भी समा सकता है | कल मेला होगा। |
जाएगा में सहायक अलग शब्द नहीं दिखता — रूप में काल घुल गया। जाता है में है अलग दिखता है। दोनों काल बाँधते हैं; दिखता सहायक आज है/था वाली पट्टी पर साफ़ है। धातु और धातु रूप वाले विषयों में।
गेंद लाल है — है मुख्य होना, लाल विशेषण। जाता है — है सहायक। एक है, दो कुर्सियाँ, वाक्य पूछो।
11. रहा, चुका, सकता
ये 3 पट्टियाँ काल की तहें हैं। पूरे भेद — पूरा, अधूरा, शक — काल वाले विषयों में। आज पहचान।
| सहायक | झलक | उदाहरण |
|---|---|---|
| रहा / रही / रहे + है/था | काम चल रहा | वह लिख रहा है। |
| चुका / चुकी / चुके + है | काम पूरा | वह खा चुकी है। |
| सकता / सकती / सकते | शक्ति / संभावना | वह आ सकता है। |
लिख रहा है — लिख मुख्य, रहा + है सहायक। 3 टुकड़े, एक क्रियापद। रहा को संज्ञा मत लिखो।
पाना, करना कभी सहायक जैसे लगते हैं: याद कर सकता है। तहें बढ़ें तो मुख्य कौन — वाक्य से पूछो; सूची आगे।
12. सहायक और संयुक्त — सीमा
खा लिया, दे दिया, चला गया — दो क्रियाएँ मिलकर एक काम। स्कूल इसे संयुक्त क्रिया कहती है — पूरा परिवार रूप विचार में। लिया/दिया/गया यहाँ दूसरा खंड है, मात्र है-रहा पट्टी नहीं।
| आज सहायक | आगे संयुक्त |
|---|---|
| खाता है | खा लिया |
| खा चुका है | खा गया (बोलचाल; गया संयुक्त/सहायक सीमा पर) |
| जा रहा है | चला गया |
चुका है सहायक के पास रखो — काम पूरा वाली पट्टी। लिया संयुक्त वाले विषय में। दोनों को एक विषय में गड्डमड्ड मत करो। गया कभी सहायक (खाया गया — वाच्य, वाक्य विचार में), कभी संयुक्त (चला गया)। आज: है/रहा/चुका/सकता साफ़ सहायक; लिया-दिया संयुक्त की तरफ़।
13. वाक्य में तीनों
राम रोटी खा रहा है; श्याम सोता है।
- राम, श्याम — कर्ता, संज्ञा
- रोटी — कर्म; खाना सकर्मक
- खा — मुख्य
- रहा है — सहायक
- सोता — अकर्मक मुख्य
- है (सोता है) — सहायक
उसने पत्र लिख लिया है।
- ने — सकर्मक झलक, रूप विचार में
- पत्र — कर्म
- लिख — मुख्य सकर्मक
- लिया — संयुक्त आगे
- है — सहायक
आज लिया का पूरा नाम न रटो; है सहायक पक्का, लिख सकर्मक पक्का।
14. शब्द तोड़कर पूरा
खाना / खाता
अक्सर सकर्मक। रोटी कर्म। खाना मेज़ पर — संज्ञा, क्रिया वाले विषय में।
सोना / हँसना
अकर्मक।
पढ़ना
वाक्य से: अकेला पढ़ता है अकर्मक-सा; किताब पढ़ता है सकर्मक।
जाना
स्कूल जाता है — कहाँ, अकर्मक दिशा। कर्म मत ठोको।
है / था
अकेला — होना मुख्य। जाता है — सहायक।
रहा / चुका / सकता
सहायक। संज्ञा नहीं।
लिया / दिया
खा लिया — संयुक्त आगे। आज सहायक सूची का मूल नहीं।
रोटी / किताब
संज्ञा; कर्म की जगह पर सकर्मक वाक्य में।
धीरे
क्रिया विशेषण, कर्म नहीं।
गाँधी किताब पढ़ रहे थे। — पढ़ सकर्मक, रहे थे सहायक। चंद्रबिंदु गाँधी में।
15. आम गलतियाँ
- सहायक को तीसरा काम-भेद मानकर सकर्मक के सामने रख देना। सहायक पट्टी है।
- जाता है को एक शब्द गिनना।
- है को हमेशा सहायक लिखना। पानी है — मुख्य होना।
- लाल है में लाल को कर्म या क्रिया लिखना।
- धीरे को कर्म लिखना।
- दिल्ली गया में दिल्ली को कर्म ठोकना। कहाँ पूछो।
- पढ़ना को शब्दकोश से हमेशा सकर्मक या हमेशा अकर्मक कहना।
- ने न होने से वर्तमान सकर्मक काट देना। वह रोटी खाता है — सकर्मक।
- खा लिया को यहीं संयुक्त पूरा कर लेना। संयुक्त क्रिया वाले विषय में।
- दो कर्म वाली देना को भूलकर अधूरी छोड़ना — नाम द्विकर्मक वाले विषय में, आज एक कर्म काफी।
- काल की पूरी तालिका रट लेना। रूप विचार में।
जाँच: (1) किसे/क्या? कर्म → सकर्मक। (2) खाली? अकर्मक। (3) वाक्य से सरक सकती है। (4) दूसरी क्रिया को है/रहा/चुका/सकता बाँधे? सहायक। (5) लिया-दिया → संयुक्त सोचो।
16. इस विषय का सार
- सकर्मक — कर्म है: रोटी खाता है। अकर्मक — कर्म नहीं: सोता है।
- कर्म संज्ञा/सर्वनाम; धीरे और लाल कर्म नहीं।
- एक क्रिया दोनों प्रयोग: पढ़ता है / किताब पढ़ता है। जाना + जगह अक्सर अकर्मक।
- सहायक काल बाँधे: है, था, रहा, चुका, सकता। जाता मुख्य, है सहायक।
- है अकेला मुख्य भी। खा लिया संयुक्त आगे। द्विकर्मक आगे, रूप विचार में।
अभ्यास
नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।
1. “वह रोटी खाता है” और “वह सोता है” — कौन सकर्मक, कौन अकर्मक? सहायक तीसरा काम-भेद है?
उत्तर
रोटी खाता है — सकर्मक (रोटी कर्म)। सोता है — अकर्मक। नहीं — सहायक पट्टी है, काम का तीसरा प्रकार नहीं।
2. “जाता है” एक शब्द है? “पानी है” में है सहायक है?
उत्तर
नहीं — जाता मुख्य, है सहायक। नहीं — पानी है में है मुख्य होना।
3. “वह दिल्ली गया” में दिल्ली कर्म है? धीरे कर्म है?
उत्तर
नहीं — दिल्ली कहाँ (जगह), जाना अकर्मक दिशा। नहीं — धीरे क्रिया विशेषण है, कर्म संज्ञा/सर्वनाम होता है।
4. पढ़ना हमेशा सकर्मक है? ने न हो तो सकर्मक नहीं?
उत्तर
नहीं — वह पढ़ता है अकर्मक-सा; किताब पढ़ता है सकर्मक। नहीं — वह रोटी खाता है में ने नहीं, फिर भी सकर्मक।
5. “खा लिया” यहीं संयुक्त पूरा करना है? दो कर्म वाली देना आज पूरी खोलनी है?
उत्तर
नहीं — लिया संयुक्त क्रिया वाले विषय में; आज है/रहा/चुका सहायक। नहीं — द्विकर्मक रूप विचार में; आज एक साफ़ कर्म काफी।
विषय समाप्त · क्रिया — सकर्मक, अकर्मक, सहायक
