Noteclass 9 10

घोष-अघोष और पंचमाक्षर

Lesson 10 of 71

अंग 1 · वर्ण विचार

पाठ 1.10

विषय शुरू · घोष-अघोष और पंचमाक्षर

व्यंजन वाले विषय में वर्ग बैठे। उच्चारण वाले विषय में जगह और फूंक खुली — अल्पप्राण-महाप्राण। तीसरा प्रश्न यहीं पूरा होता है: गला काँपता है या नहीं। उसी साँचे का पाँचवाँ वर्ण पंचमाक्षर है — ङ ञ ण न म।

1. गले का प्रश्न

उच्चारण में तीन सवाल याद रखो। जगह — उच्चारण वाले विषय में। हवा कितनी — अल्पप्राण-महाप्राण, वही विषय। अब तीसरा: गला काँपता है या नहीं?

उँगलियाँ गले के सामने, हल्के से। क बोलो — गला शांत। ग बोलो — काँपता है। जगह एक (गला), हवा दोनों में कम। फर्क सिर्फ़ इस काँपने का है।

क / ग — अघोष / घोष। दोनों अल्पप्राण।

ख / घ — अघोष / घोष। दोनों महाप्राण। फूंक दोनों में, काँपना सिर्फ़ घ में।

ध्यान दें: प्राण हवा है, घोष गले का नाद है। ख में हवा अधिक है, गला शांत — महाप्राण अघोष। ग में हवा कम, गला काँपता — अल्पप्राण घोष। दोनों को “भारी” एक मत समझो।

2. घोष और अघोष

जिस व्यंजन के बोलने में गला काँपता है, वह घोष है। जिसमें गला शांत रहता है, वह अघोष है।

घोष मतलब: गले में कंपन / आवाज़। अघोष मतलब: वह कंपन नहीं। यह हवा की फूंक से अलग सवाल है।

भेद गला स्पर्श में जगह
अघोष शांत वर्ग का पहला और दूसरा
घोष काँपता वर्ग का तीसरा, चौथा, पाँचवाँ

जाँच एक ही है — हाथ गले पर। फूंक हाथ मुँह के सामने से अलग है, वह महाप्राण की जाँच थी।

3. हर वर्ग पर घोष-अघोष

व्यंजन वाले विषय का क्रम अब इस नाम से:

वर्ग अघोष घोष
कवर्ग क ख ग घ ङ
चवर्ग च छ ज झ ञ
टवर्ग ट ठ ड ढ ण
तवर्ग त थ द ध न
पवर्ग प फ ब भ म

घर — घ घोष महाप्राण। खाना — ख अघोष महाप्राण। फूंक दोनों में, काँपना सिर्फ़ घर में।

धन — ध घोष। थाली — थ अघोष। दोनों महाप्राण, तवर्ग।

बल — ब घोष अल्पप्राण। पल — प अघोष अल्पप्राण।

4. पाँचों का पूरा साँचा

अब एक वर्ग की पाँच कुर्सियाँ नाम के साथ। कवर्ग सीखो, बाकी पर वही साँचा लगाओ।

क्रम कवर्ग घोष? प्राण नाक से?
1 क अघोष अल्पप्राण नहीं
2 ख अघोष महाप्राण नहीं
3 ग घोष अल्पप्राण नहीं
4 घ घोष महाप्राण नहीं
5 ङ घोष अल्पप्राण हाँ — पंचमाक्षर

तवर्ग वही पाँच सीढ़ियाँ: त थ द ध न। पवर्ग: प फ ब भ म। याद का सूत्र:

  • पहला-दूसरा — अघोष। तीसरा-चौथा-पाँचवाँ — घोष।
  • पहला-तीसरा-पाँचवाँ — अल्पप्राण। दूसरा-चौथा — महाप्राण।
  • पाँचवाँ — नाक से भी।

जाँच: वर्ण लो। वर्ग? (व्यंजन वाला विषय) जगह? (उच्चारण) फूंक? (उच्चारण) गला काँपता? (यह विषय) नाक से? पाँचवाँ। चार उत्तर आएँ तो स्पर्श पूरा पहचाना।

5. पाँच वर्ग एक चार्ट

वर्ग अघोष अल्प अघोष महा घोष अल्प घोष महा पंचमाक्षर
कवर्ग क ख ग घ ङ
चवर्ग च छ ज झ ञ
टवर्ग ट ठ ड ढ ण
तवर्ग त थ द ध न
पवर्ग प फ ब भ म

पंचमाक्षर वाले स्तंभ के सभी घोष अल्पप्राण हैं, और नाक से बोलते हैं। अलग पाँचवाँ नियम नहीं — वही घोष + हवा कम + नाक।

6. अंतःस्थ, ऊष्म, स्वर

स्पर्श के बाहर भी घोष-अघोष चलता है।

समूह अघोष घोष
अंतःस्थ — य र ल व — चारों घोष, अल्पप्राण
ऊष्म श ष स ह
स्वर — 11 स्वर घोष माने जाते हैं

श ष स में रगड़ है, गला शांत — अघोष महाप्राण श्रेणी, उच्चारण वाले विषय में। ह में रगड़ भी, गला भी काँपता — ऊष्म घोष। विसर्ग ह जैसी फूंक है पर व्यंजन नहीं, अयोगवाह — अयोगवाह वाले विषय में। दुःख में ः अयोगवाह, ख अघोष महाप्राण; ह अलग वर्ण है।

ड़ ढ़ घोष हैं — ड़ अल्प, ढ़ महा। स्थान मूर्धन्य, उच्चारण वाले विषय में। विदेशी नुक्ता नुक्ता वाले विषय में।

7. पंचमाक्षर क्या है

हर स्पर्श वर्ग का पाँचवाँ वर्ण पंचमाक्षर कहलाता है। ये नासिक्य व्यंजन हैं — हवा नाक से जाती है, मुँह का रास्ता उस वर्ग की जगह पर बँधता है।

नाम सीधा है: पंचम = पाँचवाँ, अक्षर = वर्ण। इन्हें अनुनासिक व्यंजन भी कहते हैं। स्वर वाला अनुनासिक (माँ, हँस) अलग चीज़ है — वहाँ स्वर खुद नाक से जाता है, पंचमाक्षर नहीं जुड़ता। अनुस्वार वाले विषय में।

ङञणनम

नाक बंद करके म बोलने की कोशिश करो — अटक जाता है। प उसी जगह से निकलता है, नाक बिना भी। यही नासिक्य की जाँच है।

8. पाँचों नासिक्य

पंचमाक्षर वर्ग / स्थान शब्द याद
ङ कवर्ग · कंठ्य गंगा, अंग, रंग, अंक शब्द के आरंभ में हिंदी में लगभग नहीं
ञ चवर्ग · तालव्य यज्ञ, ज्ञान, पञ्च का पूर्ण रूप ज्ञ = ज् + ञ — हलंत वाले विषय में; आरंभ में दुर्लभ
ण टवर्ग · मूर्धन्य गण, गुण, कारण, पूर्ण, कृष्ण लिखना — वर्तनी वाले विषय में
न तवर्ग · दंत्य नदी, नाम, अंत, सोना सबसे आम; आरंभ में भी
म पवर्ग · ओष्ठ्य माता, कमल, संबंध, लंबा आरंभ और बीच दोनों में आम

ङ और ञ को भूलकर न/म से पूरा नासिक्य मत समझो। गंगा में ङ है, न नहीं — चाहे लिखा गंगा बिंदु से हो। ज्ञान में ञ छिपा है।

9. पंचमाक्षर की तीन बातें

  • ये व्यंजन हैं, अयोगवाह नहीं। अं चिह्न है; ङ वर्ण है — अयोगवाह वाले विषय में।
  • ये घोष हैं, अल्पप्राण हैं, नासिक्य हैं। महाप्राण पंचमाक्षर नहीं होता।
  • अनुस्वार ं लिखने में रह सकता है; बोल में इन्हीं पाँच जैसा लगता है, जब अगला वर्ण उसी वर्ग का हो — अनुस्वार वाले विषय में।
लिखा पूरा रूप पंचमाक्षर
गंगा गङ्गा ङ
चंचल चञ्चल ञ
कंठ कण्ठ ण
अंत अन्त न
संबंध सम्बन्ध म

नियम अनुस्वार वाले विषय का है। यहाँ पहचान यह है: बिंदु के पीछे कौन-सा व्यंजन वर्ण छिपा है। य र ल व श ष स ह से पहले अनुस्वार का अपना पंचमाक्षर नहीं — वहाँ अक्सर म जैसा। सिंह अलग याद। विस्तार अनुस्वार वाले विषय में, यहाँ पाँच वर्ण याद रखो।

10. ङ अं नहीं, न ण नहीं

तीन उलझनें रोज़ एक हो जाती हैं।

एक दूसरा फर्क
ङ पंचमाक्षर अं अयोगवाह ङ व्यंजन; अं स्वर+चिह्न। गंगा में बोल ङ, चार्ट पर अं अलग पंक्ति
न दंत्य ण मूर्धन्य दोनों पंचमाक्षर, वर्ग अलग — नदी / गण
माँ अनुनासिक स्वर म पंचमाक्षर माँ में म व्यंजन + आ नासिक्य; कमल में म नासिक्य व्यंजन

गाँव चंद्रबिंदु — आ नासिक्य, पंचमाक्षर नहीं। गंगा अनुस्वार — ङ जैसा पंचमाक्षर। अनुस्वार वाले विषय का जोड़ा यहाँ वर्ग से बैठता है।

11. शब्द तोड़कर पूरा

घर

घ — कवर्ग चौथा: घोष महाप्राण कंठ्य। र — अंतःस्थ घोष अल्पप्राण। गला दोनों में काँपता, फूंक सिर्फ़ घ में।

कमल

क — अघोष अल्पप्राण। म — पवर्ग पंचमाक्षर, घोष अल्प नासिक्य। ल — अंतःस्थ घोष। तीन वर्ण, तीन घोष-अघोष जवाब।

गंगा

ग — घोष अल्पप्राण। ं = ङ पंचमाक्षर। दूसरा ग घोष अल्प। आ स्वर घोष। लिखा गंगा, बोला गङ्गा।

ज्ञान

ज्ञ = ज् + ञ। ज घोष अल्प, ञ चवर्ग पंचमाक्षर। आ। न तवर्ग पंचमाक्षर। दो पंचमाक्षर एक शब्द में — ञ और न, वर्ग अलग।

धन

ध — तवर्ग चौथा: घोष महाप्राण। न — तवर्ग पंचमाक्षर। एक वर्ग, दो घोष, फूंक सिर्फ़ ध में।

फल

फ — अघोष महाप्राण ओष्ठ्य। ल घोष। फ को ब मत बनाओ — ब घोष अल्प है, फल तब बल हो जाएगा।

गुण — ग घोष अल्प, ण टवर्ग पंचमाक्षर। न मत लिखो — वर्तनी वाले विषय में।

छात्र — छ अघोष महाप्राण तालव्य। त्र में त अघोष अल्प।

हंस — ह घोष ऊष्म, अनुस्वार न जैसा (तवर्ग नहीं, स ऊष्म)। पक्षी; हँस चाँद — अनुस्वार वाले विषय में।

12. आम गलतियाँ

  • घोष को महाप्राण समझना। ग घोष है, अल्पप्राण है। ख महाप्राण है, अघोष है।
  • केवल क ख याद रखकर ग घ ङ को “दूसरे वर्ण” मान लेना। पाँचों एक साँचा हैं।
  • ङ ञ भूलकर पंचमाक्षर सिर्फ़ न म गिनना।
  • ङ और अं एक कर देना। एक व्यंजन, एक अयोगवाह।
  • न और ण एक पंचमाक्षर समझना। स्थान अलग, दोनों पाँचवें हैं।
  • माँ को म पंचमाक्षर वाला शब्द कहना। वहाँ स्वर अनुनासिक है।
  • श ष स को घोष कहना। ये अघोष ऊष्म हैं; ह घोष है।
  • य र ल व को अघोष कहना। अंतःस्थ घोष हैं।
  • पंचमाक्षर को महाप्राण कहना। नाक से हवा जाती है, फूंक ख जैसी नहीं।

जाँच: (1) गला काँपता? घोष। शांत? अघोष। (2) वर्ग का कौन-सा क्रम — 1/2 अघोष, 3/4/5 घोष। (3) पाँचवाँ? ङ ञ ण न म, घोष अल्प नासिक्य। (4) बिंदु है? पीछे कौन-सा पंचमाक्षर छिपा — अनुस्वार वाले विषय से मिलाओ।

13. इस विषय का सार

  • घोष — गला काँपता। अघोष — गला शांत। प्राण से अलग प्रश्न है।
  • स्पर्श: 1–2 अघोष, 3–4–5 घोष। 1–3–5 अल्पप्राण, 2–4 महाप्राण।
  • पंचमाक्षर: ङ ञ ण न म — प्रत्येक वर्ग का पाँचवाँ, घोष अल्प नासिक्य व्यंजन।
  • य र ल व घोष। श ष स अघोष, ह घोष। स्वर घोष।
  • ङ ≠ अं। न ≠ ण। माँ ≠ म वाला पंचमाक्षर जोड़।

अभ्यास

नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।

1. घोष और अघोष में फर्क क्या है? क और ग पर लागू करो।

उत्तर

घोष में गला काँपता है, अघोष में शांत। क अघोष अल्पप्राण, ग घोष अल्पप्राण। जगह एक, फर्क नाद का है।

2. कवर्ग के पाँच वर्ण लिखो। कौन अघोष, कौन घोष? कौन महाप्राण?

उत्तर

क ख ग घ ङ। अघोष: क ख। घोष: ग घ ङ। महाप्राण: ख घ। ङ पंचमाक्षर — घोष अल्प नासिक्य।

3. पंचमाक्षर कितने हैं? नाम और वर्ग बताओ।

उत्तर

पाँच — ङ (कवर्ग), ञ (चवर्ग), ण (टवर्ग), न (तवर्ग), म (पवर्ग)। सभी घोष अल्पप्राण नासिक्य व्यंजन।

4. ङ और अं एक हैं? माँ में पंचमाक्षर है?

उत्तर

नहीं। ङ व्यंजन पंचमाक्षर है, अं अयोगवाह। माँ में आ नासिक्य स्वर है; पंचमाक्षर नहीं जुड़ता।

5. श ष स घोष हैं? ह? नदी और गण में कौन-सा पंचमाक्षर?

उत्तर

श ष स अघोष ऊष्म। ह घोष ऊष्म। नदी में न (दंत्य)। गण में ण (मूर्धन्य)। दोनों पाँचवें, वर्ग अलग।

विषय समाप्त · घोष-अघोष और पंचमाक्षर