अंग 1 · वर्ण विचार
पाठ 1.1
विषय शुरू · देवनागरी परिचय
हिंदी व्याकरण वर्ण विचार से शुरू होता है। वर्ण विचार मतलब: बोल की छोटी-छोटी ध्वनियाँ, और उन्हें लिखने के चिह्न। जब तक लिखना साफ़ न हो, आगे स्वर, व्यंजन, मात्रा और वर्तनी समझ में नहीं आते। इसलिए पहला विषय देवनागरी है — हिंदी किन चिह्नों में लिखी जाती है, और एक शब्द कागज पर कैसे बैठता है।
1. भाषा, लिपि, व्याकरण
तीनों शब्द रोज़ मिलते हैं, पर काम अलग है।
| शब्द | क्या है | उदाहरण |
|---|---|---|
| भाषा | बोलने और समझने का माध्यम | हिंदी, संस्कृत |
| लिपि | उस भाषा को लिखने का ढंग — चिह्नों का समूह | देवनागरी |
| व्याकरण | शुद्ध बोलने और लिखने के नियम | वर्ण, शब्द, रूप, वाक्य |
एक ही भाषा दो लिपियों में लिखी जा सकती है, और एक लिपि कई भाषाओं को लिख सकती है। हिंदी की मानक लिपि देवनागरी है। हम बोलते हिंदी हैं, लिखते देवनागरी में हैं।
बच्चा कहता है: पानी दो। यह भाषा है।
वही बात कागज पर पानी दो। — यह देवनागरी लिपि है।
उस वाक्य में शब्द सही जगह बैठें — यह व्याकरण है।
2. देवनागरी नाम और स्वरूप
आज हिंदी इसी लिपि में पढ़ी-लिखी जाती है। नाम याद रखो: देवनागरी।
इस लिपि की तीन सीधी पहचान हैं:
- लिखना बाएँ से दाएँ चलता है। पंक्ति पूरी होने पर अगली पंक्ति नीचे से फिर बाएँ शुरू होती है।
- अक्षरों के सिर पर एक लकीर रहती है — इसी को शिरोरेखा कहते हैं (सिर की रेखा)।
- व्यंजन और स्वर एक ही अक्षर में मिल सकते हैं। स्वर का छोटा चिह्न तब मात्रा कहलाता है। मात्रा वाला विषय आगे पूरा खुलेगा।
ध्यान दें: दाएँ से बाएँ लिखना देवनागरी नहीं है। ऊपर से नीचे खड़ी लाइन में अक्षर रखना भी देवनागरी का ढंग नहीं। पंक्ति बाएँ से दाएँ है।
3. शिरोरेखा
शिरोरेखा अक्षर के ऊपर की सीधी लकीर है। शब्द के अक्षर इसी लकीर से जुड़े दिखते हैं।
राम — रा और म दोनों के सिर पर रेखा है।
किताब — कि, ता, ब — तीन अक्षर, एक पंक्ति की शिरोरेखा।
कमल — क, म, ल जुड़े हुए से लगते हैं, क्योंकि रेखा ऊपर से एक है।
हाथ से लिखते समय लकीर टूटे तो पढ़ना कठिन हो जाता है। किताबों में लकीर साफ़ रहती है। कुछ मात्राएँ लकीर से जुड़ती हैं — जैसे इ की मात्रा ि लकीर से पहले लटकती है — पर शब्द फिर भी उसी पंक्ति में रहता है।
4. वर्ण क्या है
वर्ण भाषा की सबसे छोटी ध्वनि है। वर्ण को और टुकड़ों में नहीं बाँटा जा सकता।
अ बोलिए — एक ध्वनि। क् बोलिए — एक ध्वनि। ये वर्ण हैं। कमल तीन अक्षरों का शब्द है, पर ध्वनियों में क् + अ, म् + अ, ल् + अ छिपे हैं।
सभी वर्णों की क्रम वाली सूची वर्णमाला कहलाती है। हिंदी की वर्णमाला देवनागरी चिह्नों से लिखी जाती है।
वर्ण के तीन वर्ग — पहली झलक
स्वर, व्यंजन और अयोगवाह अपने-अपने विषय में खुलेंगे। यहाँ सिर्फ़ इतना याद रखें कि वर्ण तीन तरह के हैं:
| प्रकार | संख्या | काम | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| स्वर | 11 | अकेले बोले जा सकते हैं | अ आ इ ई उ ऊ ऋ ए ऐ ओ औ |
| व्यंजन | 33 | स्वर की सहायता से बोले जाते हैं | क ख ग … ह |
| अयोगवाह | 2 | न पूरे स्वर, न पूरे व्यंजन | अं, अः |
कुछ पुस्तकें अं और अः को स्वरों के साथ गिनकर 13 स्वर लिख देती हैं। शुद्ध वर्गीकरण यही है: स्वर 11, व्यंजन 33, अयोगवाह 2।
5. वर्ण और अक्षर — सबसे जरूरी फर्क
लिखने में जो इकाई दिखती है, वह अक्सर अक्षर है। अक्षर एक या अधिक वर्णों का लिखा रूप हो सकता है।
| लिखा | क्या है | ध्वनि / जोड़ |
|---|---|---|
| अ | स्वर वर्ण, साथ ही अक्षर | अ |
| क् | व्यंजन वर्ण, हल चिह्न के साथ | केवल क्, अ नहीं |
| क | अक्षर | क् + अ — अ छिपा बैठा है |
| का | अक्षर | क् + आ — आ मात्रा से जुड़ा |
| कि | अक्षर | क् + इ — इ की मात्रा व्यंजन से पहले |
यह बात पूरे वर्ण विचार की कुंजी है: देवनागरी में व्यंजन के साथ अ अपने आप माना जाता है, जब तक हल चिह्न या दूसरी मात्रा न लगा हो।
कमल पढ़ते समय हम तीन अक्षर देखते हैं: क · म · ल।
तीनों में अ छिपा है। अगर अ न होता तो शब्द क् म् ल् रह जाता, जो हिंदी का शब्द नहीं।
ध्यान दें: क और का दो अलग अक्षर हैं। क में अ है, का में आ है। बच्चे अक्सर दोनों को एक ही समझ लेते हैं।
6. मात्रा — लिपि का जोड़
स्वर जब व्यंजन से अलग चिह्न बनकर जुड़ता है, तब वह चिह्न मात्रा कहलाता है। अ की मात्रा नहीं होती। बाकी स्वरों की मात्राएँ हैं। पूरी मात्रा-सूची अपने विषय में आएगी। यहाँ लिपि समझने जितना काफी है:
| स्वर | मात्रा | क के साथ | शब्द |
|---|---|---|---|
| अ | कोई चिह्न नहीं | क | कमल |
| आ | ा | का | काला |
| इ | ि | कि | किताब |
| ई | ी | की | कीमत |
इ की मात्रा ि व्यंजन के बाएँ लगती है। बाकी अधिकतर मात्राएँ व्यंजन के दाएँ, ऊपर या नीचे लगती हैं। पढ़ते समय मात्रा को व्यंजन के बाद वाले स्वर की तरह बोलते हैं: कि = क् + इ, की = क् + ई।
7. शब्द लिपि में कैसे बैठता है
नीचे तीन शब्द तोड़कर देखिए। यही ढंग आगे हर विषय में काम आएगा।
नदी
न + दी। न = न् + अ। दी = द् + ई। शिरोरेखा दोनों अक्षरों पर है। ई की मात्रा द के बाद खड़ी पाई है।
आम
आ स्वर अक्षर है, म व्यंजन अक्षर है। आ में मात्रा नहीं, पूरा स्वर लिखा है। म में अ छिपा है।
विद्यालय
वि + द्या + ल + य। वि में इ की मात्रा व से पहले है। द्या में द् और य जुड़े हैं, फिर आ की मात्रा। यह संयुक्त अक्षर है — पूरा जोड़ हलंत वाले विषय में खुलेगा। अभी इतना देख लें: देवनागरी एक ध्वनि को कई चिह्नों के मेल से भी लिख सकती है।
माता = म् + आ + त् + आ → मा + ता।
बालक = ब् + आ + ल् + अ + क् + अ → बा + ल + क।
एक = ए + क् + अ → ए + क।
8. देवनागरी की विशेषताएँ
- ध्वनि और चिह्न पास-पास हैं। जैसा बोलते हैं, वैसा लिखने की कोशिश है। एक चिह्न अक्सर एक ध्वनि देता है, नियम साफ़ रहते हैं।
- शिरोरेखा शब्द को एक पंक्ति में बाँधती है।
- मात्रा से स्वर व्यंजन के साथ बैठता है, अलग टुकड़े में नहीं छूटता।
- हल चिह्न से व्यंजन का अ हटाया जा सकता है — क्, त्, म्।
- दो व्यंजन मिलकर संयुक्त अक्षर बना सकते हैं — क्ष, त्र, ज्ञ, द्य।
ये विशेषताएँ इसलिए गिनवाई गई हैं कि आगे स्वर, व्यंजन, मात्रा अलग विषयों में बँटें, पर लिपि एक ही रहे।
9. आम गलतियाँ
- क को केवल क् समझना, छिपे अ को भूलना।
- कि और की को एक ही लिखना। इ और ई अलग स्वर हैं, मात्राएँ अलग हैं।
- शिरोरेखा छोड़कर अक्षर तैरते लिखना।
- अं और अः को 11 स्वरों में गिन लेना। ये अयोगवाह हैं।
- बाएँ-दाएँ उलटा लिखना, या मात्रा को गलत तरफ़ लगाना — ि हमेशा व्यंजन के पहले।
जाँच: कोई शब्द देखकर पूछो — कितने अक्षर दिखते हैं? हर अक्षर में कौन-सा स्वर बैठा है — अ, या कोई मात्रा?
10. इस विषय का सार
- हिंदी भाषा है, देवनागरी उसकी लिपि है, व्याकरण उसके नियम हैं।
- लिखते हैं बाएँ से दाएँ, अक्षरों पर शिरोरेखा रहती है।
- वर्ण सबसे छोटी ध्वनि है। अक्षर लिखने की इकाई है।
- क में अ छिपा है। का में आ मात्रा से जुड़ा है।
- स्वर 11, व्यंजन 33, अयोगवाह 2 — गिनती यहीं से याद रखें।
अभ्यास
नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।
1. खाली जगह भरो।
हिंदी ________ है। देवनागरी ________ है। व्याकरण ________ हैं।
उत्तर
हिंदी भाषा है। देवनागरी लिपि है। व्याकरण नियम हैं।
2. कमल में कितने अक्षर दिखते हैं? हर अक्षर में कौन-सा स्वर छिपा है?
उत्तर
तीन अक्षर — क, म, ल। तीनों में अ छिपा है।
3. क और का में क्या अंतर है?
उत्तर
क = क् + अ। का = क् + आ। दो अलग अक्षर हैं।
4. सही या ग़लत: इ की मात्रा ि व्यंजन के बाएँ लगती है।
उत्तर
सही। कि = क् + इ।
5. अं और अः स्वर हैं या अयोगवाह?
उत्तर
अयोगवाह। स्वर 11 हैं; अं और अः उनमें नहीं गिनते।
विषय समाप्त · देवनागरी परिचय
