हिन्दी भाषा, व्याकरण एवं संप्रेषण

गेस पेपर 3
HINDI 4.5AECT21 • BA Semester 2 • 18 प्रश्न

समय: 3 घंटेपूर्णांक: 50
खंड क: लघु उत्तर — 10 × 2 = 20 (सभी अनिवार्य)
खंड ख: दीर्घ उत्तर — 3 में से कोई 2 × 5 = 10
खंड ग: कौशल — 5 में से कोई 4 × 5 = 20
खंड क · लघु उत्तर (सभी अनिवार्य, 2 अंक प्रत्येक)
प्रश्न 1 · 2 अंक🔥
क्यों संभावित: यण संधि हर वर्ष पूछी जाती है; पितृ/मातृ वाले रूप परीक्षक के प्रिय हैं
संधि-विच्छेद कीजिए — पित्राज्ञा, अन्वय, अतिशय, मात्रादेश।
✅ उत्तर:

पित्राज्ञा = पितृ + आज्ञा (यण संधि — ऋ + आ = र्)। अन्वय = अनु + अय (यण संधि — उ + अ = व्)। अतिशय = अति + शय (यण संधि — इ + अ = य्)। मात्रादेश = मातृ + आदेश (यण संधि — ऋ + आ = र्)।

💡 टिप: पितृ/मातृ दिखे तो तुरंत यण संधि समझो — ऋ बदलकर र् हो जाता है।
प्रश्न 2 · 2 अंक🔥
क्यों संभावित: उपसर्ग-प्रत्यय से शब्द-निर्माण सीधा 2 अंक का प्रश्न है
निम्नलिखित उपसर्गों और प्रत्ययों से दो-दो शब्द बनाइए — उपसर्ग: प्र, सम्; प्रत्यय: -ता, -पन।
✅ उत्तर:

उपसर्ग प्र से — प्रचार (प्र + चार), प्रयास (प्र + यास)। उपसर्ग सम् से — संयोग (सम् + योग), सम्मान (सम् + मान)। प्रत्यय -ता से — मानवता (मानव + ता), सज्जनता (सज्जन + ता)। प्रत्यय -पन से — लड़कपन (लड़क + पन), बचपन (बच्चा + पन)।

💡 टिप: उपसर्ग आगे लगता है, प्रत्यय पीछे — दो-दो शब्द पक्के करके जाओ।
प्रश्न 3 · 2 अंक⭐
क्यों संभावित: सुनने में एक जैसे शब्दों का भेद परीक्षा में नियमित पूछा जाता है
समश्रुत भिन्नार्थक शब्दों के अर्थ लिखिए — कुल-कूल, पानी-पाणि, कृपण-कृपाण, पुरुष-परुष।
✅ उत्तर:

कुल = वंश, परिवार; कूल = नदी का किनारा। पानी = जल; पाणि = हाथ। कृपण = कंजूस व्यक्ति; कृपाण = तलवार। पुरुष = नर, मनुष्य; परुष = कठोर, रूखा।

💡 टिप: मात्रा और एक वर्ण का अंतर ही अर्थ बदल देता है — जोड़ी बनाकर याद करो।
प्रश्न 4 · 2 अंक⭐
क्यों संभावित: विलोम हर पेपर में 2 अंक पक्के करता है
विलोम शब्द लिखिए — नवीन, अमृत, उदार, संयोग।
✅ उत्तर:

नवीन – प्राचीन, अमृत – विष, उदार – अनुदार, संयोग – वियोग।

💡 टिप: विलोम अर्थ का उलटा होता है — उपसर्ग बदलकर भी विलोम बनता है (उदार-अनुदार)।
प्रश्न 5 · 2 अंक🔥
क्यों संभावित: द्विगु समास संख्या वाले शब्दों से सीधा पूछा जाता है
विग्रह करके समास का नाम लिखिए — पंचामृत, त्रिलोक, नवरत्न, सप्तपुरी।
✅ उत्तर:

पंचामृत = पाँच अमृतों का समाहार (द्विगु)। त्रिलोक = तीन लोकों का समाहार (द्विगु)। नवरत्न = नौ रत्नों का समाहार (द्विगु)। सप्तपुरी = सात पुरियों का समाहार (द्विगु)।

💡 टिप: संख्या + समाहार दिखे तो द्विगु पक्का — विग्रह में 'का समाहार' लिखना न भूलो।
प्रश्न 6 · 2 अंक🔥
क्यों संभावित: चारों प्रमुख समास एक साथ — विग्रह-आधारित प्रश्न अति संभावित
विग्रह करके समास का नाम लिखिए — यथाशक्ति, गंगा-तट, महादेव, दशानन।
✅ उत्तर:

यथाशक्ति = शक्ति के अनुसार (अव्ययीभाव — पूर्व पद प्रधान)। गंगा-तट = गंगा का तट (तत्पुरुष — उत्तर पद प्रधान)। महादेव = महान है जो देव (कर्मधारय — विशेषण + विशेष्य)। दशानन = दस आनन हैं जिसके, अर्थात् रावण (बहुव्रीहि — अन्य पद प्रधान)।

💡 टिप: प्रधान पद देखो — पहला अव्ययीभाव, दूसरा तत्पुरुष, विशेषण वाला कर्मधारय, तीसरा अर्थ बहुव्रीहि।
प्रश्न 7 · 2 अंक⭐
क्यों संभावित: मुहावरे वाक्य-प्रयोग सहित पूछे जाते हैं
निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य-प्रयोग कीजिए — नौ दो ग्यारह होना, अँगूठा दिखाना, पानी फेरना, लकीर का फ़क़ीर होना।
✅ उत्तर:

(1) नौ दो ग्यारह होना — भाग जाना। पुलिस को देखते ही चोर नौ दो ग्यारह हो गया। (2) अँगूठा दिखाना — साफ़ इनकार करना। माँगने पर उसने अँगूठा दिखा दिया। (3) पानी फेरना — बिगाड़ देना। उसने मेरी सारी योजना पर पानी फेर दिया। (4) लकीर का फ़क़ीर होना — पुरानी रीति पर चलना। वह लकीर का फ़क़ीर है, नया तरीका अपनाता ही नहीं।

💡 टिप: मुहावरा वाक्य का अंश है — अर्थ के साथ वाक्य में प्रयोग अवश्य दिखाओ।
प्रश्न 8 · 2 अंक🔥
क्यों संभावित: लिंग-वचन की शुद्धि खंड क का स्थायी प्रश्न है
वाक्य शुद्ध कीजिए — (1) मैंने रोटी खाया। (2) सीता ने गाना गाई। (3) वे लोग अच्छा है।
✅ उत्तर:

(1) मैंने रोटी खाई। दोष — लिंग; रोटी स्त्रीलिंग है, इसलिए क्रिया भी स्त्रीलिंग होगी। (2) सीता ने गाना गाया। दोष — लिंग; गाना पुल्लिंग है, इसलिए गाया होगा। (3) वे लोग अच्छे हैं। दोष — वचन; कर्ता बहुवचन है तो क्रिया भी बहुवचन होगी।

💡 टिप: कर्ता का लिंग-वचन देखो, क्रिया उसी के अनुसार बदलेगी — यही पूरा नियम है।
प्रश्न 9 · 2 अंक⭐
क्यों संभावित: पर्यायवाची से शब्द-भंडार की जाँच होती है
पर्यायवाची शब्द लिखिए — जल, सूर्य, चन्द्रमा, कमल।
✅ उत्तर:

जल — पानी, नीर, वारि, सलिल। सूर्य — रवि, आदित्य, दिनकर, भानु। चन्द्रमा — चाँद, शशि, निशाकर, राकेश। कमल — पंकज, जलज, सरोज, राजीव।

💡 टिप: दो-दो पर्यायवाची पक्के याद रखो — परीक्षा में कोई भी पूछा जा सकता है।
प्रश्न 10 · 2 अंक⭐
क्यों संभावित: एक शब्द के अनेक अर्थ — नया पैटर्न, पूछे जाने की प्रबल संभावना
अनेकार्थक शब्दों के दो-दो अर्थ लिखिए — कल, हार, अर्थ।
✅ उत्तर:

कल — (1) बीता हुआ दिन, (2) आने वाला दिन। हार — (1) पराजय, (2) फूलों की माला। अर्थ — (1) धन, संपत्ति, (2) मतलब, अभिप्राय।

💡 टिप: वाक्य बनाकर अर्थ स्पष्ट करो — 'कल मैं बाज़ार गया' और 'कल मैं जाऊँगा'।
खंड ख · दीर्घ उत्तर (तीन में से कोई दो कीजिए, 5 अंक प्रत्येक)
प्रश्न 1 · 5 अंक🔥
क्यों संभावित: शब्द-निर्माण इकाई 2 का केंद्रीय विषय है; उदाहरण सहित पूछा जाता है
उपसर्ग और प्रत्यय से शब्द-निर्माण की प्रक्रिया सोदाहरण समझाइए।
✅ उत्तर:

शब्द-निर्माण में उपसर्ग और प्रत्यय दो प्रमुख साधन हैं। उपसर्ग वह शब्दांश है जो सार्थक शब्द के आगे जुड़कर नया अर्थ देता है। प्रमुख उपसर्ग हैं — प्र (प्रचार, प्रगति), सम् (संयोग, संस्कार), वि (विशेष, विवाद), सु (सुगम, सज्जन), अति (अत्याचार, अतिरिक्त)। उपसर्ग प्रायः अर्थ बदलता है, शब्द का वर्ग प्रायः वही रहता है। प्रत्यय शब्द के पीछे जुड़ता है और प्रायः नया शब्द-वर्ग बनाता है। प्रत्यय दो प्रकार के हैं — कृत् प्रत्यय धातु से बनते हैं, जैसे पढ़ + आई = पढ़ाई, लिख + आवट = लिखावट; तद्धित प्रत्यय संज्ञा आदि से बनते हैं, जैसे मानव + ता = मानवता, लड़का + पन = लड़कपन। इस प्रकार उपसर्ग अर्थ-विस्तार करता है और प्रत्यय नए शब्द गढ़ता है — दोनों मिलकर हिन्दी का शब्द-भंडार समृद्ध करते हैं।

💡 टिप: परिभाषा + 4-5 उपसर्ग उदाहरण + कृत्/तद्धित भेद + निष्कर्ष — यही 5 अंक का ढाँचा है।
प्रश्न 2 · 5 अंक🔥
क्यों संभावित: स्वर संधि पिछले पेपरों में आ चुकी; व्यंजन-विसर्ग की बारी प्रबल है
व्यंजन संधि और विसर्ग संधि के नियम सोदाहरण समझाइए।
✅ उत्तर:

व्यंजन संधि में व्यंजन के बाद स्वर या व्यंजन आने पर पूर्व व्यंजन बदलता है। नियम हैं — त् + च/छ = च्च/च्छ, जैसे उच्चारण (उत् + चारण); त् + ज = ज्ज, जैसे सज्जन (सत् + जन); त् + ल = ल्ल, जैसे उल्लास (उत् + लास); त् + न = न्न, जैसे जगन्नाथ (जगत् + नाथ)। विसर्ग संधि में विसर्ग (:) के बाद स्वर या व्यंजन आता है। नियम हैं — ः + च/छ = श्, जैसे निश्चल (निः + चल); ः + त/थ = स्, जैसे निस्तेज (निः + तेज); ः + क/ख/ट/ठ/प/फ = ष्, जैसे दुष्कर (दुः + कर); अः + घोष व्यंजन = ओ, जैसे मनोरथ (मनः + रथ), तपोवन (तपः + वन)। इस प्रकार व्यंजन संधि में स्पर्श व्यंजन मिलते हैं और विसर्ग संधि में विसर्ग का रूप बदलता है।

💡 टिप: हर नियम के साथ एक पक्का उदाहरण लिखो — नियम + उदाहरण + विच्छेद तीनों चाहिए।
प्रश्न 3 · 5 अंक⭐
क्यों संभावित: अंतर-आधारित प्रश्न दीर्घ उत्तर में पूछे जाने की परंपरा है
मुहावरे और लोकोक्तियों में अंतर सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।
✅ उत्तर:

मुहावरा और लोकोक्ति दोनों रूढ़ प्रयोग हैं, पर इनमें स्पष्ट अंतर है। मुहावरा वाक्यांश होता है, अपने आप में पूर्ण वाक्य नहीं — जैसे 'आँख दिखाना' (क्रोध से डाँटना), 'पानी फेरना' (बिगाड़ देना)। इसका प्रयोग वाक्य के भीतर होता है — 'शिक्षक ने आँख दिखाई।' लोकोक्ति पूर्ण स्वतंत्र वाक्य होती है, अपने आप में पूर्ण अर्थ देती है — जैसे 'अधजल गगरी छलकत जाय' (थोड़े ज्ञान से अहंकार), 'एक अनार सौ बीमार' (वस्तु थोड़ी, चाहने वाले बहुत)। दूसरा अंतर यह है कि मुहावरे में प्रायः क्रिया रहती है और लिंग-वचन के अनुसार रूप बदलता है, जबकि लोकोक्ति स्थिर रहती है। तीसरा, लोकोक्ति में प्रायः कोई नीति या जीवन-सत्य छिपा होता है, मुहावरे में केवल रूढ़ अर्थ। अतः मुहावरा वाक्य का अंग है, लोकोक्ति स्वतंत्र कथन।

💡 टिप: तीन अंतर + तीन-तीन उदाहरण — तुलना-सारणी बनाकर लिखो तो पूर्ण अंक मिलते हैं।
खंड ग · कौशल (पाँच में से कोई चार कीजिए, 5 अंक प्रत्येक)
प्रश्न 1 · 5 अंक🔥
क्यों संभावित: शिकायती पत्र खंड ग का सबसे संभावित प्रश्न है; विषय हर बार बदलता है
मोहल्ले में अनियमित विद्युत आपूर्ति की शिकायत करते हुए विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को शिकायती पत्र लिखिए।
✅ उत्तर:

मकान संख्या 15, गंगाशहर, बीकानेर। दिनांक: 14 सितंबर 2026। सेवा में, अधिशासी अभियंता, विद्युत विभाग, बीकानेर। विषय: मोहल्ले में अनियमित विद्युत आपूर्ति बाबत। महोदय, निवेदन है कि हमारे मोहल्ले गंगाशहर में पिछले एक माह से विद्युत आपूर्ति अत्यंत अनियमित है। दिन में आठ-दस बार बिजली जाती है और रात को भी घंटों अंधेरा रहता है। विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है, परीक्षा निकट है। व्यापारियों का काम ठप है, फ्रिज का सामान खराब हो रहा है। कई बार शिकायत दर्ज कराई, पर कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। अतः आपसे अनुरोध है कि ट्रांसफार्मर की जाँच कराकर आपूर्ति नियमित कराने की कृपा करें। भवदीय, (हस्ताक्षर) रमेश अग्रवाल।

💡 टिप: समस्या + प्रभाव + पहले की शिकायत + स्पष्ट माँग — शिकायती पत्र का यही क्रम है।
प्रश्न 2 · 5 अंक⭐
क्यों संभावित: परिपत्र प्रारूप-लेखन का नया विषय है; पहले कम पूछा गया
महाविद्यालय पुस्तकालय के समय में परिवर्तन की सूचना हेतु परिपत्र लिखिए।
✅ उत्तर:

राजकीय महाविद्यालय, बीकानेर। परिपत्र। संख्या: प. 08/पुस्तकालय/2026। दिनांक: 14 सितंबर 2026। समस्त विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को सूचित किया जाता है कि परीक्षा-काल को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय पुस्तकालय का समय 15 सितंबर 2026 से परिवर्तित किया जाता है। नवीन समय प्रातः 8 बजे से सायं 8 बजे तक रहेगा। रविवार को पुस्तकालय प्रातः 10 बजे से सायं 4 बजे तक खुला रहेगा। पुस्तक निर्गमन का समय पूर्ववत रहेगा। सभी संबंधित इसका पालन करें। (हस्ताक्षर) प्राचार्य।

💡 टिप: परिपत्र में संख्या, दिनांक, 'सूचित किया जाता है' और हस्ताक्षर — चारों अनिवार्य हैं।
प्रश्न 3 · 5 अंक🔥
क्यों संभावित: पर्यावरण निबंध समसामयिक विषय है; रूपरेखा सहित पूछा जाता है
“पर्यावरण संरक्षण” विषय पर निबंध लिखने हेतु रूपरेखा तैयार कीजिए और प्रत्येक बिंदु को संक्षेप में स्पष्ट कीजिए।
✅ उत्तर:

रूपरेखा: (1) प्रस्तावना — पर्यावरण का अर्थ और महत्व। (2) पर्यावरण प्रदूषण के कारण — वायु, जल, ध्वनि प्रदूषण। (3) दुष्प्रभाव — स्वास्थ्य, जलवायु, जीव-जंतु। (4) संरक्षण के उपाय — वृक्षारोपण, स्वच्छता, जन-जागरूकता। (5) उपसंहार। विस्तार: पर्यावरण वह परिवेश है जिसमें हम जीते हैं — वायु, जल, भूमि, वनस्पति। औद्योगीकरण और जनसंख्या वृद्धि से यह दूषित हो रहा है। कारखानों का धुआँ वायु बिगाड़ता है, रसायन नदियाँ विषैली करते हैं। परिणामस्वरूप रोग बढ़ रहे हैं, ऋतुएँ बदल रही हैं। समाधान है — अधिक वृक्ष लगाना, प्लास्टिक कम करना, जल बचाना और जन-जागरूकता फैलाना। पर्यावरण बचेगा तभी मानव बचेगा — यही निबंध का संदेश है।

💡 टिप: रूपरेखा पहले बिंदुवार लिखो, फिर हर बिंदु 2-3 पंक्तियों में खोलो।
प्रश्न 4 · 5 अंक🔥
क्यों संभावित: संक्षेपण गद्यांश सहित हर पेपर में आता है; समय-विषय नया है
निम्नलिखित गद्यांश का उचित शीर्षक देकर संक्षेपण कीजिए। समय सबसे बड़ा धन है। जो व्यक्ति समय का आदर करता है, समय उसका आदर करता है। विद्यार्थी जीवन में समय का महत्व और भी बढ़ जाता है। जो छात्र नियमित पढ़ता है, वह परीक्षा में सफल होता है। जो आज का काम कल पर टालता है, वह अंत में पछताता है। समय किसी की प्रतीक्षा नहीं करता। बीता हुआ समय लौटकर नहीं आता। इसलिए प्रत्येक क्षण का सदुपयोग करना चाहिए। आलस्य समय का सबसे बड़ा शत्रु है। परिश्रमी व्यक्ति समय को सोने में बदल देता है।
✅ उत्तर:

शीर्षक: समय का सदुपयोग। संक्षेपण: समय सबसे बड़ा धन है; इसका आदर करने वाले का समय आदर करता है। विद्यार्थी के लिए समय का महत्व अधिक है — नियमित पढ़ने वाला सफल होता है, टालने वाला पछताता है। समय प्रतीक्षा नहीं करता और बीता समय लौटता नहीं। अतः आलस्य छोड़कर प्रत्येक क्षण का सदुपयोग करना चाहिए; परिश्रमी समय को सोने में बदल देता है।

💡 टिप: मूल भाव रखो, उदाहरण-विस्तार हटाओ, लंबाई एक-तिहाई — शीर्षक देना न भूलो।
प्रश्न 5 · 5 अंक⭐
क्यों संभावित: अर्धशासकीय पत्र का प्रारूप अलग है; निमंत्रण-विषय नया कोण है
महाविद्यालय में विज्ञान मेले के उद्घाटन हेतु जिला कलेक्टर को निमंत्रण देने के लिए अर्धशासकीय पत्र लिखिए।
✅ उत्तर:

राजकीय महाविद्यालय, बीकानेर। दिनांक: 14 सितंबर 2026। प्रिय श्रीमान् जिला कलेक्टर महोदय, सादर नमस्कार। आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि हमारे महाविद्यालय में 25 सितंबर 2026 को जिला स्तरीय विज्ञान मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें जिले के 40 विद्यालयों के विद्यार्थी भाग लेंगे। मेले का उद्घाटन प्रातः 10 बजे होगा। आपकी उपस्थिति से विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन होगा और आयोजन की शोभा बढ़ेगी। कृपया उद्घाटन हेतु पधारकर हमें अनुगृहीत करें। सादर, आपका स्नेहाकांक्षी, (हस्ताक्षर) प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय, बीकानेर।

💡 टिप: अर्धशासकीय में 'प्रिय/सादर' संबोधन और व्यक्तिगत स्वर होता है — यही शासकीय से अंतर है।
परीक्षा के लिए शुभकामनाएँ।