हिन्दी भाषा, व्याकरण एवं संप्रेषण
प्रश्न-उत्तर — खंड ग (कौशल)
5 में से कोई 4 × 5 अंक = 20 अंक
संख्या: प. 22/प्रयोगशाला/2026 दिनांक: 12 सितंबर 2026 सेवा में, जिला शिक्षा अधिकारी, बीकानेर। विषय: विज्ञान प्रयोगशाला हेतु उपकरणों की आपूर्ति। महोदय, आपके कार्यालय के पत्र संख्या 95/शिक्षा/2026 दिनांक 30 अगस्त 2026 के अनुसरण में निवेदन है कि राजकीय महाविद्यालय, बीकानेर की विज्ञान प्रयोगशाला में भौतिकी एवं रसायन विज्ञान के आवश्यक उपकरणों की कमी है। संलग्न सूची के अनुसार बीस उपकरणों की आवश्यकता है। अनुमानित व्यय निर्धारित मद से वहन योग्य है। कृपया आपूर्ति की स्वीकृति प्रदान करने का कष्ट करें। भवदीय, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय, बीकानेर। संलग्नक: उपकरणों की सूची।
मकान संख्या 42, नोखा रोड, बीकानेर। दिनांक: 12 सितंबर 2026 सेवा में, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय, बीकानेर। विषय: कनिष्ठ सहायक पद हेतु आवेदन। महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं मोहनलाल, स्नातक, उक्त रिक्त पद के लिए आवेदन करता हूँ। आयु छब्बीस वर्ष है। हिन्दी एवं अंग्रेजी टंकण का प्रमाणपत्र संलग्न है। कार्यालय कार्य का दो वर्ष का अनुभव भी है। महाविद्यालय की सूचना दिनांक 5 सितंबर 2026 के अनुसार यह पद खुला है। कृपया साक्षात्कार हेतु बुलाने का कष्ट करें। आवेदक, मोहनलाल संलग्नक: अंकतालिका, टंकण प्रमाणपत्र, अनुभव प्रमाणपत्र।
मकान संख्या 7, रानीसर बास, बीकानेर। दिनांक: 12 सितंबर 2026 सेवा में, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर परिषद, बीकानेर। विषय: मोहल्ले में नियमित सफाई न होने बाबत। महोदय, निवेदन है कि रानीसर बास क्षेत्र में पिछले पंद्रह दिनों से सफाई कर्मचारी नहीं आ रहा है। गलियों में कचरा जमा हो गया है और नालियाँ बंद पड़ी हैं। दुर्गंध से मच्छर बढ़ गए हैं और बीमारी फैलने का भय है। 5 सितंबर को वार्ड कार्यालय में मौखिक शिकायत की गई, पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। कृपया सप्ताह में कम से कम तीन दिन सफाई कराने का आदेश दें और की गई कार्यवाही से अवगत कराएँ। प्रार्थी, देवीसिंह मकान संख्या 7, रानीसर बास, बीकानेर।
शीर्षक: समाचार-पत्र — लोकतंत्र का प्रहरी समाचार-पत्र प्रतिदिन घटनाओं की सूचना देकर नागरिक को शासन और अधिकारों के प्रति सजग करता है। वह सूचना के साथ जनमत भी बनाता है। निष्पक्ष पत्र समाज का विवेक जगाता है, बिका हुआ पत्र जनमत भटकाता है। तथ्यों की सत्यता, निष्पक्षता और भाषायी मर्यादा — ये तीन बातें पत्र को लोकतंत्र का प्रहरी बनाती हैं।
सूत्र का अर्थ यह है कि सफलता का द्वार केवल परिश्रम से खुलता है। भाग्य प्रतीक्षा करने वालों का साथ नहीं देता। जो हाथ-पैर चलाता है, वही द्वार तक पहुँचता है। परिश्रम का अर्थ अंधी मेहनत नहीं है। वह दिशा, धैर्य और निरंतरता है। बिना दिशा का श्रम थकान देता है, फल नहीं। जो नित्य थोड़ा-थोड़ा अभ्यास करता है, वह एक दिन बड़े कार्य के योग्य बनता है। रुक-रुक कर किया गया श्रम और लगातार किया गया श्रम — दोनों के फल में वही अंतर है जो छींटों और धारा में है। किसान खेत में नित्य जाता है, तभी फसल पकती है। विद्यार्थी नित्य पढ़ता है, तभी परीक्षा में उत्तर अपने होते हैं। कुम्हार चाक पर नित्य हाथ फेरता है, तभी घड़ा सुडौल बनता है। तीनों के पास एक ही कुंजी है — परिश्रम। इसलिए परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। वह ताला नहीं देखता, द्वार खोलता है। जो श्रम करता है, वह सफलता पाता है।
रूपरेखा — 1. भूमिका: अनुशासन जीवन की नींव। 2. विद्यार्थी जीवन में अनुशासन। 3. समाज और राष्ट्र में अनुशासन। 4. अनुशासनहीनता के दुष्परिणाम। 5. निष्कर्ष: अनुशासन ही स्वतंत्रता की रक्षा है। मुख्य बिंदु — अनुशासन का अर्थ है नियम के भीतर चलना। वह बंधन नहीं, व्यवस्था है। घड़ी समय पर चलती है, तभी काम की है। विद्यार्थी के लिए अनुशासन का पहला रूप समय-सारणी है। जो नित्य निश्चित घंटे पढ़ता है, वह परीक्षा में शांत रहता है। जो मनमर्जी करता है, वह अंतिम रात घबराता है। समाज में अनुशासन यातायात के नियम, पंक्ति में खड़े होना और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा है। जहाँ अनुशासन टूटता है, वहाँ अव्यवस्था आती है और अव्यवस्था में किसी का काम नहीं बनता। सेना, खेल और प्रशासन — तीनों अनुशासन पर टिके हैं। अनुशासनहीन स्वतंत्रता अराजकता बन जाती है। इसलिए अनुशासन जीवन की नींव है; वही व्यक्ति और राष्ट्र दोनों को आगे बढ़ाता है।
विज्ञप्ति बीकानेर, 14 सितंबर। राजकीय महाविद्यालय, बीकानेर में 25 सितंबर 2026 को प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। आयोजन महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई और जिला चिकित्सालय संयुक्त रूप से करेंगे। प्रवेश निःशुल्क है। शिविर में अठारह से पचास वर्ष के स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकेंगे। रक्तदान से पूर्व चिकित्सकीय जाँच निःशुल्क की जाएगी। रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आग्रह है। नाम 22 सितंबर तक कार्यक्रम अधिकारी के पास दर्ज कराए जा सकते हैं। प्रवक्ता: कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना, राजकीय महाविद्यालय, बीकानेर।
अर्धशासकीय संख्या 9/2026 दिनांक: 12 सितंबर 2026 श्री के. एल. मीणा, निदेशक, महाविद्यालय शिक्षा, जयपुर। प्रिय श्री मीणा जी, राजकीय महाविद्यालय, बीकानेर के पुस्तकालय हेतु पाँच लाख रुपये के अनुदान का प्रस्ताव चार महीने से लंबित है। पुस्तकालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है, पर नई पुस्तकें नहीं आ पा रही हैं। परीक्षा निकट है और संदर्भ ग्रंथों की माँग बढ़ रही है। मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि प्रस्ताव देखकर शीघ्र स्वीकृति हो सके। आपका, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय, बीकानेर।
