इस विषय में क्या आता है
परीक्षा पूछती है — अग्नि तत्सम है या तद्भव, खेत किससे बना, पेट देशज है क्या, अदालत किस भाषा की, कमरा पुर्तगाली है क्या, रेलगाड़ी संकर है क्या, खटखट कौन घर, अश्व–घोड़ा सच्चा जोड़ा है क्या। पूछ स्रोत है, अर्थ नहीं। अर्थ एक हो तो भी ठप्पा अलग हो सकता है।
यहाँ पढ़ना है
तत्सम, तद्भव, अर्धतत्सम, देशज, विदेशज (अरबी, फारसी, तुर्की, पुर्तगाली, अंग्रेज़ी), संकर, अनुकरणात्मक। क्ष/त्र/य/व के बदलने के नियम। शरीर–प्रकृति–संबंध की जोड़ियाँ। अश्व–घोड़ा और उदर–पेट के जाल। नुक्ता।
यहाँ नहीं घुसाना
पावक–अनल–वह्नि एक अर्थ — पर्याय (प्रश्न «पर्याय» हो तो वहाँ)। नीर–नीड़ — श्रुतिसम। जय–पराजय — विलोम। प्र/आ/सम् — उपसर्ग। आँख का तारा — मुहावरे। वर्णमाला वर्ण पर।
एक पंक्ति: तत्सम = संस्कृत जैसा का जैसा। तद्भव = संस्कृत से घिसकर हिंदी। देशज = घर का, संस्कृत नहीं। विदेशज = बाहर की भाषा। संकर = दो भाषाओं का जोड़।
हिंदी शब्द के चार मुख्य स्रोत (+ दो अतिरिक्त)
| स्रोत | क्या है | उदाहरण |
|---|---|---|
| तत्सम | संस्कृत से ज्यों-का-त्यों (या लगभग) | अग्नि, क्षेत्र, रात्रि, हस्त, दुग्ध, माता, पुष्प, ग्राम |
| तद्भव | संस्कृत → प्राकृत → हिंदी, रूप घिसा | आग, खेत, रात, हाथ, दूध, माँ, फूल, गाँव |
| देशज | यहीं जन्मा, संस्कृत-वंश नहीं | पगड़ी, लोटा, खिड़की, ठेला, पेट, थैला, पिल्ला |
| विदेशज | अरबी, फारसी, तुर्की, पुर्तगाली, अंग्रेज़ी… | अदालत, दरवाजा, तोप, कमरा, स्कूल |
| संकर | दो स्रोत एक शब्द में | रेलगाड़ी, टिकटघर, डाकघर |
| अनुकरणात्मक | आवाज़ की नकल (प्रायः देशज गिने) | खटखट, भिनभिन, धड़ाम, फुसफुस |
अग्नि और आग अर्थ में पर्याय हैं — पर्याय-पृष्ठ। यहाँ पूछें तो अग्नि तत्सम, आग तद्भव। एक जोड़ा, दो प्रश्न, दो उत्तर।
तत्सम — संस्कृत की छाप
तत्सम = तत् + सम = उसके समान। संस्कृत का शब्द हिंदी में आकर रूप नहीं घिसता, या बहुत कम घिसता है। कविता, शास्त्र, सरकारी गद्य में तत्सम अधिक घने होते हैं।
पहचान की गंध (पक्की नहीं, लेकिन परीक्षा चलती है):
- संयुक्ताक्षर: क्ष, त्र, ज्ञ, श्र — क्षेत्र, रात्रि, ज्ञान, श्रम
- ष, ऋ, ण, विसर्ग — भाषा, ऋषि, गुण, दुःख, प्रातः
- लंबा तत्सम ढाँचा: नासिका, जिह्वा, गर्दभ, अश्रु, आम्र
सुंदर, योग्य, पवित्र जैसे तत्सम विशेषण अक्सर अविकारी रहते हैं — वह लिंग वाला मेल है, स्रोत का नाम यहाँ तत्सम।
तद्भव — घिसकर घर का रूप
तद्भव = तत् + भव = उससे पैदा। संस्कृत शब्द बोलचाल की चक्की में पिसकर प्राकृत–अपभ्रंश होते हिंदी बना। अर्थ प्रायः वही, रूप आसान।
तत्सम देखो तो «शास्त्र», तद्भव सुनो तो «घर की बोली»। रात्रि लिखोगे निबंध में, रात बोलोगे।
ध्वनि कैसे घिसती है — नियम रटो
जोड़ा याद रखने का तरीका: तत्सम में कठिन गुच्छा, तद्भव में सरल अक्षर। नीचे परीक्षा के पक्के परिवर्तन।
| नियम | तत्सम → तद्भव |
|---|---|
| क्ष → ख / छ | क्षेत्र → खेत · अक्षि → आँख · पक्षी → पंछी · लक्ष्मण → लखन · शिक्षा → सीख · दक्षिण → दक्खिन / दाहिना |
| त्र → त | रात्रि → रात · सूत्र → सूत · पत्र → पत्ता · मित्र → मीत · गोत्र → गोत |
| य → ज | यमुना → जमुना · यश → जस · योगी → जोगी · यंत्र → जंतर · यव → जौ · यज्ञ → जग्य |
| व → ब | वन → बन · विवाह → ब्याह · वानर → बंदर · वर्षा → बरखा / बरसात · व्याघ्र → बाघ · वचन → बचन · वीर → बीर |
| ण → न | चरण → चरन · बाण → बान · गुण (तत्सम रह भी सकता) · प्राण अक्सर तत्सम |
| ष / श → स | वर्षा → बरसात · पुरुष → पुरख · भाषा (तत्सम) / भाखा (बोलचाल) |
| ऋ → इ / अ / उ | गृह → घर · मृत्तिका → मिट्टी · वृद्ध → बूढ़ा · कृष्ण → किशन / कान्ह · तृण → तिनका |
| द्व → ब / द | द्वादश → बारह · द्वितीय → दूजा · विंशति → बीस |
| क्त / ग्ध / ग्न घिसना | भक्त → भगत · रक्त → रगत · दुग्ध → दूध · अग्नि → आग |
| स्त → थ | हस्त → हाथ · मस्तक → माथा |
सूत्र: क्ष/त्र/ज्ञ/ष/ऋ दिखे तो पहले तत्सम सोचो। वही अर्थ आसान रूप में हो तो तद्भव जोड़ा ढूँढो।
पक्की जोड़ियाँ — शरीर, घर, प्रकृति, संबंध
| तत्सम | तद्भव | तत्सम | तद्भव |
|---|---|---|---|
| अग्नि | आग | दुग्ध | दूध |
| हस्त | हाथ | अक्षि / चक्षु | आँख |
| कर्ण | कान | नासिका | नाक |
| दंत | दाँत | जिह्वा | जीभ |
| नख | नाखून | केश | बाल |
| मस्तक | माथा | ग्रीवा | गरदन |
| जानु | घुटना | अश्रु | आँसू |
| दधि | दही | मुख | मुँह |
| क्षेत्र | खेत | ग्राम | गाँव |
| रात्रि | रात | सूर्य | सूरज |
| चंद्र | चाँद | पुष्प | फूल |
| वृक्ष | पेड़ / रूख | आम्र | आम |
| कार्य | काम | गृह | घर |
| माता | माँ | पिता | बाप / पितु (बोलचाल) |
| भ्राता | भाई | स्वसृ / भगिनी | बहन |
| पुत्र | पूत / बेटा | मित्र | मीत |
| स्वर्ण | सोना | पानीय / जल* | पानी |
| हस्ती | हाथी | मयूर | मोर |
| उष्ट्र | ऊँट | गर्दभ | गधा |
| महिष | भैंस | मूषक | मूस / चूहा |
| सर्प | साँप | वानर | बंदर |
| व्याघ्र | बाघ | गो / गौ | गाय / गऊ |
| अश्व** | देखो जाल | घोटक | घोड़ा |
*जल तत्सम है; पानी पानीय से तद्भव। पर्याय-पृष्ठ पर जल–नीर–वारि सब तत्सम पर्याय हैं, पानी तद्भव घर।
**अश्व तत्सम है। घोड़ा घोटक से तद्भव है, अश्व से सीधा नहीं — पूरा जाल नीचे।
अर्धतत्सम — आधा घिसा
पूरा तत्सम नहीं, पूरा तद्भव नहीं — बीच का रूप। परीक्षा कभी यही नाम माँगती है।
| तत्सम | अर्धतत्सम | तद्भव (यदि चलता) |
|---|---|---|
| कर्म | करम | काम (कार्य से अलग जड़ भी) |
| धर्म | धरम | — |
| राज्य | राज | — |
| भक्त | भगत | भगत तद्भव भी गिना जाता |
| चंद्र | चंद | चाँद |
| यज्ञ | जग्य | जग (लोक) |
| दुःख | दुख (विसर्ग गिरा) | — |
| आशीर्वाद | असीस / असीर्वाद | — |
विकल्प में «अर्धतत्सम» हो तो चंद, भगत, धरम, करम। केवल तत्सम/तद्भव हों तो चंद्र तत्सम, चाँद तद्भव।
देशज — यहीं का बेटा
संस्कृत से नहीं आया, विदेश से भी नहीं — इस भूमि की बोली से जन्मा। शरीर का पेट, सिर का ढक्कन पगड़ी, बर्तन लोटा।
पक्की सूची: पगड़ी, लोटा, खिड़की, ठेला, थैला, झोला, कटोरा, चूल्हा, टोकरी, पिल्ला, डिबिया, कंगन, चूड़ी, ठेस, पग, लुग्दी, खुरपा, हुक्का (कुछ कुंजी हुक्का फारसी भी लिखें — नीचे जाल), पेट, टट्टू।
अनुकरणात्मक (ध्वनि की नकल)
खटखट, भिनभिन, फड़फड़, गड़गड़, चूँ-चूँ, टिक-टिक, धड़ाम, पटपट, फुसफुस, चहचहाना। ये देशज परिवार में गिने जाते हैं। संस्कृत तत्सम नहीं, अंग्रेज़ी नहीं।
विदेशज — भाषा-भाषा की गंध
बाहर से आए। परीक्षा भाषा का नाम भी माँगती है, सिर्फ़ «विदेशज» नहीं।
| भाषा | पहचान | शब्द |
|---|---|---|
| अरबी | क़; अदालत–क़ानून–किताब घर | अदालत, क़ानून, क़लम, किताब, औरत, दुनिया, अखबार, हुक्म, मालिक, दुकान, इज्जत, दावत, क़िस्सा |
| फारसी | ख़, ग़, ज़, फ़; घर–शहर–दोस्त | आदमी, ज़मीन, दरवाज़ा, शहर, दोस्त, बर्फ़, उम्मीद, आवाज़, सब्ज़ी, दीवार, आराम, ख़ुश, जल्दी, हमेशा, लेकिन, सिर्फ़, बादशाह, रोशनी, बारिश |
| तुर्की | सेना/घर के कुछ औज़ार | तोप, काबू, चाकू, लाश, चम्मच, चिक, कुली, क़ैची (कुछ कुंजी) |
| पुर्तगाली | घर, नहाना, मेज़ — गोआ-युग | कमरा, बाल्टी, साबुन, तौलिया, मेज़, पादरी, इस्त्री, गोभी, पपीता, अनानास, तम्बाकू, बटन, फीता, गमला, अलमारी, प्याला |
| अंग्रेज़ी | स्ट, क्र, ऑ, स्कूल-स्टेशन | स्कूल, स्टेशन, टिकट, डॉक्टर, मास्टर, साइकिल, बस, रेडियो, इंजन, ऑफिस, पेन, पेंसिल, टेबल, ट्रेन, कोट, प्लेटफ़ॉर्म, लैम्प, बोट |
इस्त्री ≠ स्त्री। इस्त्री = पुर्तगाली (कपड़े सेंकने का यंत्र)। स्त्री = तत्सम «नारी»। अशुद्धि-पृष्ठ का जोड़ा; स्रोत यहाँ अलग-अलग घर।
नुक्ता: ख़ ग़ ज़ फ़ क़ दिखे तो पहले अरबी/फारसी सोचो, तत्सम मत। ज़मीन फारसी, ज्ञान तत्सम — ज़ बनाम ज्ञ।
अरबी–फारसी की सीमा कुछ शब्दों पर पुस्तकों में सरकती है (किताब अरबी, दरवाज़ा फारसी पक्का)। विकल्प में एक भाषा हो तो वही; दोनों हों तो पक्का वाला चुनो।
संकर — दो खून एक बदन
एक टुकड़ा एक भाषा, दूसरा दूसरी। पूरा तत्सम नहीं, पूरा अंग्रेज़ी नहीं।
| शब्द | जोड़ |
|---|---|
| रेलगाड़ी | रेल (अंग्रेज़ी) + गाड़ी (हिंदी/तद्भव) |
| टिकटघर | टिकट (अंग्रेज़ी) + घर (तद्भव) |
| डाकघर | डाक + घर |
| जेलखाना | जेल (अंग्रेज़ी) + खाना (फारसी = जगह) |
| बसगाड़ी | बस + गाड़ी |
| घड़ीसाज़ | घड़ी + साज़ (फारसी = बनाने वाला) |
प्रश्न «रेलगाड़ी तत्सम है?» — नहीं, संकर। «विदेशज?» — पूरा नहीं, आधा अंग्रेज़ी। सही ठप्पा संकर।
जाल — यहीं कटते हैं
1. पर्याय का ठप्पा मत चिपकाओ
अग्नि, आग, पावक — तीनों पर्याय (पर्याय)। स्रोत: अग्नि तत्सम, आग तद्भव, पावक तत्सम (दूसरा संस्कृत नाम, तद्भव नहीं)। «आग का तत्सम» = अग्नि, पावक नहीं जब जोड़ा तद्भव-स्रोत पूछे। पावक तद्भव जोड़ा नहीं रखता।
2. अश्व–घोड़ा
कुंजी अक्सर अश्व–घोड़ा तत्सम–तद्भव लिखती है। भाषा-सच: घोड़ा घोटक से तद्भव है; अश्व अलग तत्सम शब्द है।
दो परत: वस्तुनिष्ठ में केवल अश्व–घोड़ा हो तो कुंजी का जोड़ा मानो। विकल्प में घोटक–घोड़ा हो तो वही सच्चा तद्भव। दोनों हों तो घोटक–घोड़ा स्रोत, अश्व–घोड़ा पर्याय-निकट।
3. गज–हाथी, उदर–पेट
हाथी = हस्ती / हस्तिन् का तद्भव। गज दूसरा तत्सम पर्याय है, हाथी का पिता नहीं। उदर तत्सम; पेट देशज — तद्भव जोड़ा नहीं। पेट को दूध–दुग्ध की तरह मत जोड़ना।
4. खिड़की–दरवाज़ा
खिड़की देशज (कई कुंजी)। दरवाज़ा फारसी विदेशज। दोनों «घर का मुँह» पर्याय-निकट, स्रोत अलग।
अग्नि, आग, पावक — तीन ठप्पे?
हल
- अर्थ
तीनों पर्याय — आग वाली चीज़।
- स्रोत
अग्नि तत्सम, आग तद्भव, पावक तत्सम (घिसा रूप नहीं)।
परीक्षा में पाँच कदम
- पूछा स्रोत है या अर्थ? पर्याय/विलोम अलग पृष्ठ।
- क्ष त्र ज्ञ ष ऋ संयुक्ताक्षर? तत्सम की गंध।
- आसान घिसा जोड़ा मिलता है? तद्भव। नियम लगाओ: क्ष→ख, य→ज, व→ब।
- नुक्ता / स्टेशन-स्कूल / कमरा-साबुन? विदेशज — भाषा का नाम।
- दो टुकड़े दो भाषा? संकर। आवाज़ की नकल? अनुकरणात्मक देशज। संस्कृत-वंश नहीं, विदेश नहीं? देशज (पेट, पगड़ी)।
प्रश्न 1–10
तत्सम शब्द किसे कहते हैं?
- संस्कृत से घिसकर बने
- संस्कृत से ज्यों-के-त्यों आए
- अंग्रेज़ी से आए
- आवाज़ की नकल
हल
- तत्+सम
घिसा = तद्भव। अंग्रेज़ी = विदेशज। नकल = अनुकरणात्मक।
«आग» का तत्सम रूप?
- पावक — पर्याय है, तद्भव-पिता नहीं
- अग्नि
- अनल — दूसरा तत्सम पर्याय
- वह्नि
हल
- जोड़ा
अग्नि → आग। पावक/अनल/वह्नि पर्याय हैं, आग उन्हीं से नहीं घिसी। प्रश्न स्रोत का है।
क्षेत्र → खेत में कौन-सा परिवर्तन?
- त्र → त
- क्ष → ख
- य → ज
- व → ब
हल
- क्षत्र→खेत
क्ष ख बना, त्र त के पास घिसकर खेत। मुख्य ठप्पा क्ष→ख। रात्रि→रात त्र→त वाला जोड़ा अलग।
«पेट» किस स्रोत का है?
- उदर का तद्भव
- देशज
- तत्सम
- अंग्रेज़ी विदेशज
हल
- उदर अलग
उदर तत्सम है, पेट उससे नहीं बना। देशज। दूध–दुग्ध वाला साँचा यहाँ मत लगाना।
«अदालत»?
- तत्सम
- अरबी विदेशज
- देशज
- तद्भव — दल से
हल
- शासन-क़ानून घर
अरबी। तत्सम में क्ष/त्र वाली गंध नहीं।
«कमरा» किस भाषा से?
- अंग्रेज़ी
- पुर्तगाली
- संस्कृत तत्सम
- देशज
हल
- पुर्तगाली घर
कमरा, साबुन, बाल्टी, मेज़, तौलिया, गोभी, पपीता पक्के। स्कूल अंग्रेज़ी।
«रेलगाड़ी»?
- अंग्रेज़ी विदेशज पूरा
- संकर
- तद्भव
- देशज
हल
- रेल + गाड़ी
दो स्रोत। टिकटघर, बसगाड़ी वही घर।
«खटखटाना»?
- तत्सम
- अनुकरणात्मक देशज
- फारसी
- तद्भव — कष्ट से
हल
- आवाज़ की नकल
भिनभिन, धड़ाम, फुसफुस एक घर। संस्कृत कष्ट से नहीं।
घोड़े का सच्चा तद्भव-पिता?
- अश्व — कुंजी का पर्याय-जोड़ा मात्र
- घोटक
- गज
- हस्ती
हल
- घोटक → घोड़ा
अश्व तत्सम अलग शब्द; परीक्षा अश्व–घोड़ा लिखे तो पर्याय-निकट जोड़ा, स्रोत-सच घोटक। गज/हस्ती हाथी घर।
«ज़मीन, ख़ुश, क़ानून» की गंध?
- तत्सम — ष जैसी
- अरबी–फारसी विदेशज (नुक्ता)
- देशज
- तद्भव य→ज
हल
- ज़ ख़ क़
नुक्ता = अरबी/फारसी। य→ज तो जमुना बिना नुक्ता। ज्ञान तत्सम ज्ञ है, ज़ नहीं।
अभ्यास
ये दस अलग कोण हैं — ऊपर वाले दस की नकल नहीं।
रात्रि का तद्भव?
- निशा — पर्याय तत्सम
- रात
- रजनी — पर्याय
- दिवस
हल
- त्र → त
रात। निशा/रजनी दूसरे तत्सम पर्याय — पर्याय।
दुग्ध का तद्भव?
- पय — पर्याय तत्सम
- दूध
- क्षीर
- दही — दधि का तद्भव, यह नहीं
हल
- ग्ध घिसा
दूध। दधि→दही अलग जोड़ा। पय/क्षीर तत्सम पर्याय।
«स्कूल»?
- पुर्तगाली
- अंग्रेज़ी विदेशज
- तत्सम विद्यालय का तद्भव
- देशज
हल
- अंग्रेज़ी
विद्यालय तत्सम अलग शब्द, स्कूल उससे नहीं घिसा। कमरा पुर्तगाली।
«पगड़ी»?
- तत्सम
- देशज
- अरबी
- तद्भव — मुकुट से
हल
- घर की बोली
लोटा, थैला, खिड़की एक पांत। मुकुट तत्सम, पगड़ी उससे नहीं।
भ्राता का तद्भव?
- मित्र
- भाई
- भ्रता नहीं चलता
- सुत
हल
- भ्राता → भाई
मित्र→मीत अलग। सुत पुत्र घर।
यमुना → जमुना नियम?
- व → ब
- य → ज
- क्ष → ख
- त्र → त
हल
- यजोगी, जस, जौ
य→ज। वन→बन व→ब है।
«टिकटघर»?
- तद्भव
- संकर
- केवल अंग्रेज़ी
- देशज
हल
- टिकट + घर
रेलगाड़ी, डाकघर जैसा संकर।
«साबुन»?
- अंग्रेज़ी से घिसकर तद्भव बना
- पुर्तगाली विदेशज
- तत्सम
- देशज
हल
- पुर्तगाली
घर-नहाना वाला पांत: साबुन, कमरा, बाल्टी, तौलिया, इस्त्री। तद्भव संस्कृत से घिसता है, अंग्रेज़ी/पुर्तगाली से नहीं।
तत्सम चुनो
- हाथ
- हस्त
- आग
- गाँव
हल
- स्त बचा
हस्त तत्सम, हाथ तद्भव। आग/गाँव तद्भव।
द्वादश → बारह में मुख्य घिसाव?
- क्ष → ख
- द्व → ब (और दश → रह घिसकर बारह)
- य → ज
- यह देशज है, तत्सम नहीं
हल
- द्वादश तत्सम संख्या
द्व ब बनता है (बारह, बीस, दूजा)। देशज नहीं।
