अंग 4 · वाक्य विचार
पाठ 4.18
विषय शुरू · उद्देश्य और विधेय
वाक्य क्रम वाले विषय में कर्ता जगह सिर। कारक वाले विषय में कर्ता नाम। अर्थ वाले विषय में वह पढ़ता है विधि, बैठो आज्ञा जेब। वाच्य वाले विषय में रोटी खाई गई कर्म सिर। संबंधबोधक वाले विषय में के लिए (किसके काम)। आज काम: वाक्य किसके बारे में है, उसके बारे में क्या कहा गया। कार्ड के 4: वह पढ़ता है, राम रोटी खाता है, क्या वह पढ़ता है?, रोटी खाई गई। नया विकार नहीं। पदबंध आगे। आज दो टुकड़े।
1. जोड़ क्या है
परिभाषा सीधी रखो: उद्देश्य = वाक्य किसके बारे में; विधेय = उसके बारे में क्या कहा। कर्ता जगह पहले। आज पूछ: किसके बारे में? क्या कहा?
वह पढ़ता है। — उद्देश्य वह; विधेय पढ़ता है। अर्थ वाले विषय की दीवार आज कार्ड।
राम रोटी खाता है। — उद्देश्य राम; विधेय रोटी खाता है। कर्म विधेय में; कर्ता सारी बात नहीं।
प्रश्न: किसके बारे में, और क्या कहा? फिर कार्ड चुनो। बैठो जेब।
जाँच: वह? उद्देश्य। पढ़ता है? विधेय। रोटी खाता है पूरा? विधेय। रोटी अकेली उद्देश्य? इस सादे वाक्य में नहीं; रोटी खाई गई वाले कार्ड पर हाँ। के लिए किसके काम? संबंधबोधक पहले।
2. 4 कार्ड एक नज़र में
एक वह पढ़ता है रटकर रोटी खाई गई गायब मत करो। दो टुकड़े, चार झलक, एक कुर्सी।
| कार्ड | उद्देश्य — किसके बारे में | विधेय — क्या कहा |
|---|---|---|
| वह पढ़ता है | वह | पढ़ता है |
| राम रोटी खाता है | राम | रोटी खाता है |
| क्या वह पढ़ता है? | वह | पढ़ता है — पूछ |
| रोटी खाई गई | रोटी | खाई गई |
बैठो। — उद्देश्य तुम छिपा; विधेय बैठो — जेब, छोटे नहीं। अर्थ वाले विषय में आज्ञा भाव; आज टुकड़ा छिपा। पाँचवाँ कार्ड नहीं।
जाँच: किसके बारे में? उद्देश्य। क्या कहा? विधेय। कर्ता जगह? पहले। रोटी कर्मवाच्य? घर पहले, टुकड़ा आज।
3. कर्ता से नाता — जगह बनाम किसके बारे में
वाक्य क्रम वाले विषय में कर्ता सिर की जगह। कारक वाले विषय में कर्ता करने वाला। आज उद्देश्य: बात किसकी? अक्सर एक शब्द दोनों कुर्सियाँ — नाम जुदा रखो।
वह पढ़ता है। — कर्ता वह जगह पहले; उद्देश्य वह आज। दो काट, एक पद।
रोटी खाई गई। — कर्ता राम नहीं दिखता; उद्देश्य रोटी। जगह और बात एक नहीं।
के लिए बच्चों — संबंधबोधक वाले विषय में हित (किसके काम)। वहाँ उद्देश्य शब्द दूसरा मतलब रखता। आज वाक्य का टुकड़ा, हित नहीं। दो शब्द, दो कुर्सियाँ।
जाँच: करने वाला जगह? कर्ता पहले। किसके बारे में? आज। के लिए किसके काम? पहले, यह घर नहीं।
4. वह पढ़ता है — सादा जोड़ा
कार्ड का पहला। उद्देश्य वह। विधेय पढ़ता है। अर्थ वाले विषय में विधि भाव; आज टुकड़े।
वह पढ़ता है। — उद्देश्य वह; विधेय पढ़ता है।
बच्चे खेलते हैं। — परिवार; कार्ड वह पढ़ता है। सूची मत बढ़ा।
सरल-संयुक्त-मिश्र वाले विषय में एक क्रिया सरल। आज उसी पंक्ति के दो टुकड़े। ढाँचा पहले; काट आज।
जाँच: वह? उद्देश्य आज। पढ़ता है? विधेय। विधि? अर्थ पहले। सरल? ढाँचा पहले।
5. राम रोटी खाता है — कर्म विधेय में
कार्ड का दूसरा। उद्देश्य राम — बात राम की। विधेय रोटी खाता है — कर्म अकेला उद्देश्य नहीं। वाक्य क्रम वाले विषय में रोटी बीच जगह; आज वह जगह विधेय के अंदर।
राम रोटी खाता है। — उद्देश्य राम; विधेय रोटी खाता है।
लड़की पत्र लिखती है। — परिवार; कार्ड राम रोटी खाता है।
वाच्य वाले विषय में कर्तृ सिर राम। आज भी उद्देश्य राम — घर वाच्य पहले; टुकड़ा आज। विधेय क्रिया अकेली मत काटो जब कर्म साथ हो।
जाँच: राम? उद्देश्य। रोटी खाता है? विधेय। रोटी उद्देश्य? नहीं, यह कार्ड। कर्तृ? वाच्य पहले।
6. क्या वह पढ़ता है? — पूछ, टुकड़े वही
कार्ड का तीसरा। अर्थ वाले विषय में प्रश्न भाव। आज उद्देश्य फिर वह — क्या उद्देश्य नहीं। क्या पूछ का शब्द, सर्वनाम वाले विषय में; घर प्रश्न पहले।
क्या वह पढ़ता है? — उद्देश्य वह; विधेय पढ़ता है।
कौन आया? — परिवार; उद्देश्य वह/कौन पूछ में छिप सकता। कार्ड क्या वह पढ़ता है?
निशान ? विराम पहले। आज टुकड़े भाव से नहीं पलटते — पूछ हो, जोड़ा वही: किसके बारे में वह; क्या कहा पढ़ता है।
जाँच: क्या उद्देश्य? नहीं। वह? उद्देश्य आज। प्रश्न भाव? अर्थ पहले।
7. रोटी खाई गई — उद्देश्य कर्म वाला पद
कार्ड का चौथा। वाच्य वाले विषय में कर्म सिर, घर कर्मवाच्य। आज बात रोटी की — उद्देश्य रोटी; विधेय खाई गई। कर्ता राम ढूँढ-ढूँढकर उद्देश्य मत लिखो।
रोटी खाई गई। — उद्देश्य रोटी; विधेय खाई गई।
पत्र लिखा गया। — परिवार; कार्ड रोटी खाई गई।
उससे चला नहीं जाता — भाव वाच्य पहले; उद्देश्य अक्सर काम/वह छिपा। परिवार, पाँचवाँ कार्ड नहीं। आज झलक: कर्ता और उद्देश्य बिछड़ सकते हैं।
जाँच: रोटी? उद्देश्य आज। राम उद्देश्य? नहीं। कर्मवाच्य घर? पहले।
8. जेब — बैठो
उद्देश्य तुम छिपा। विधेय बैठो। अर्थ वाले विषय में आज्ञा जेब; वाक्य क्रम वाले विषय में कर्ता छिपा। आज उद्देश्य छिपा — कार्ड नहीं, नाम जेब।
बैठो। — उद्देश्य तुम; विधेय बैठो।
कृपया पानी दो परिवार। पाँचवाँ कार्ड नहीं। मत जाओ निषेध परिवार अर्थ पहले; टुकड़े: उद्देश्य तुम, विधेय मत जाओ — जेब के पास, सूची मत बढ़ा।
जाँच: तुम छिपा? जेब। वह दिखे? कार्ड पहला। आज्ञा भाव? अर्थ पहले।
9. जो आज का घर नहीं
| रूप | कुर्सी |
|---|---|
| कर्ता जगह / करने वाला | वाक्य क्रम, कारक — पहले |
| विधि निषेध प्रश्न | अर्थ — पहले; आज टुकड़े |
| कर्तृ कर्म भाव सिर | वाच्य — पहले |
| के लिए हित | संबंधबोधक — पहले |
| गेंद लाल है — उद्देश्य गेंद; विधेय लाल है | विशेषण बताने जगह — पहले; परिवार आज |
| बहुत अच्छा लड़का | पदबंध आगे |
| हर शब्द का विकार | पद परिचय आगे |
| मुख्य-आश्रित तोड़ | वाक्य विश्लेषण आगे |
दो टुकड़े आज। सौ वाक्य रटना नहीं। पूरा समूह उद्देश्य हो सकता — नाम पदबंध आगे।
जाँच: किसके बारे में? आज। पदबंध? आगे। कर्ता जगह? पहले।
10. दीवारें — पदबंध, परिचय, विश्लेषण
| बात | आज नहीं |
|---|---|
| बहुत अच्छा लड़का | पदबंध आगे |
| हर शब्द का विकार कारक | पद परिचय आगे |
| मुख्य उपवाक्य आश्रित | वाक्य विश्लेषण आगे |
| अभिधा लक्षणा व्यंजना | शब्द शक्ति आगे |
आठ विकार शब्द पर पहले से। आज वाक्य के दो टुकड़े। पहचान कर्ता पहले; लिखना किसके बारे में।
जाँच: चार कार्ड आज। पदबंध? आगे। विश्लेषण? आगे।
11. वाक्य में 4 कार्ड + जेब
अरे! वह पढ़ता है; राम रोटी खाता है; क्या वह पढ़ता है? रोटी खाई गई।
- अरे — विस्मयादिबोधक, अटल
- वह पढ़ता है — उद्देश्य वह; विधेय पढ़ता है
- राम रोटी खाता है — उद्देश्य राम; विधेय रोटी खाता है
- क्या वह पढ़ता है? — उद्देश्य वह
- रोटी खाई गई — उद्देश्य रोटी
चार कार्ड बैठे। बैठो इस कतार में नहीं — जेब, उद्देश्य तुम छिपा।
12. शब्द तोड़कर पूरा
सादा
वह पढ़ता है। बच्चे खेलते हैं परिवार।
कर्म विधेय में
राम रोटी खाता है। पत्र लिखती है परिवार।
पूछ
क्या वह पढ़ता है? क्या उद्देश्य नहीं।
कर्म वाला उद्देश्य
रोटी खाई गई। वाच्य घर पहले।
जेब
बैठो। उद्देश्य तुम छिपा।
दीवार
पदबंध, पद परिचय, विश्लेषण, के लिए हित।
वह पढ़ता है, राम रोटी खाता है, क्या वह पढ़ता है?, रोटी खाई गई — चार कार्ड; किसके बारे में, क्या कहा।
13. आम गलतियाँ
- कर्ता और उद्देश्य एक कुर्सी। जगह पहले; किसके बारे में आज। रोटी खाई गई तोड़ दिखाती है।
- के लिए उद्देश्य आज। हित संबंधबोधक पहले; आज टुकड़ा।
- राम रोटी खाता है में रोटी उद्देश्य। बात राम की; रोटी विधेय में।
- विधेय सिर्फ़ क्रिया खाता। कर्म साथ हो तो रोटी खाता है पूरा।
- क्या वह पढ़ता है? में क्या उद्देश्य। क्या पूछ; उद्देश्य वह।
- रोटी खाई गई का उद्देश्य राम। कर्ता ढूँढना वाच्य नहीं; बात रोटी की।
- बैठो पाँचवाँ कार्ड। जेब; उद्देश्य छिपा।
- वह पढ़ता है सिर्फ़ विधि आज। भाव अर्थ पहले; टुकड़े आज।
- बहुत अच्छा लड़का आज काट। पदबंध आगे।
- गेंद लाल है नया घर। विशेषण बताने जगह पहले; उद्देश्य गेंद परिवार।
- हर शब्द का कारक लिखना। पद परिचय आगे।
- नया विकार गिनना। आज दो टुकड़े।
जाँच: (1) किसके बारे में / क्या कहा। (2) कार्ड: वह पढ़ता है, राम रोटी खाता है, क्या वह पढ़ता है?, रोटी खाई गई। (3) बैठो जेब। (4) पदबंध आगे। (5) कर्ता जगह पहले।
14. इस विषय का सार
- उद्देश्य = वाक्य किसके बारे में। विधेय = उसके बारे में क्या कहा। नया विकार नहीं। कर्ता जगह पहले।
- कार्ड: वह पढ़ता है, राम रोटी खाता है, क्या वह पढ़ता है?, रोटी खाई गई।
- कर्म विधेय में रह सकता। कर्मवाच्य में उद्देश्य कर्म वाला पद हो सकता।
- बैठो जेब। क्या उद्देश्य नहीं। के लिए हित पहले।
- पदबंध आगे। पद परिचय आगे।
आगे पदबंध है।
अभ्यास
नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।
1. उद्देश्य और विधेय क्या हैं? कार्ड के 4 लिखो। नया विकार है?
उत्तर
किसके बारे में, और क्या कहा गया। उद्देश्य = वाक्य किसके बारे में; विधेय = उसके बारे में क्या कहा। वह पढ़ता है, राम रोटी खाता है, क्या वह पढ़ता है?, रोटी खाई गई। नहीं — आज वाक्य के दो टुकड़े; विकार शब्द पर पहले से। कर्ता जगह वाक्य क्रम वाले विषय में।
2. कर्ता और उद्देश्य हमेशा एक कुर्सी हैं? के लिए आज का उद्देश्य है?
उत्तर
नहीं — जगह/करने वाला पहले; किसके बारे में आज; रोटी खाई गई में बिछड़ते हैं। नहीं — हित संबंधबोधक वाले विषय में; आज वाक्य का टुकड़ा।
3. राम रोटी खाता है में रोटी उद्देश्य है? क्या वह पढ़ता है? में क्या उद्देश्य है?
उत्तर
नहीं — उद्देश्य राम; विधेय रोटी खाता है। नहीं — क्या पूछ; उद्देश्य वह; भाव प्रश्न अर्थ वाले विषय में।
4. बैठो पाँचवाँ कार्ड है? बहुत अच्छा लड़का आज का घर है?
उत्तर
नहीं — जेब; उद्देश्य तुम छिपा, विधेय बैठो; आज्ञा अर्थ पहले। नहीं — पदबंध आगे।
5. रोटी खाई गई का उद्देश्य राम है? हर शब्द का कारक आज लिखना है?
उत्तर
नहीं — उद्देश्य रोटी; विधेय खाई गई; कर्मवाच्य घर पहले। नहीं — पद परिचय आगे।
विषय समाप्त · उद्देश्य और विधेय
