अंग 3 · रूप विचार
पाठ 3.4
विषय शुरू · वचन परिवर्तन नियम
गिनती वाले विषय में दो कुर्सियाँ खुलीं — एकवचन, बहुवचन; मेल अच्छे/जाते। लड़का–लड़के कुर्सी दिखी; कैसे मुड़े, दीवार थी। आज वह काट। कार्ड के 4: लड़कियाँ, बातें, भाषाएँ, पानी। नया विकार नहीं। सौ पंक्ति नहीं। लड़कों, बातों — कारक आगे। आज अंत देखो, काट लगाओ, अटके तो जेब।
1. काट क्या है
परिभाषा सीधी रखो: एकवचन से बहुवचन में नाम का रूप जिस काट से मुड़े, वह वचन परिवर्तन है। कुर्सियाँ वही दो — गिनती वाले विषय में। आज चाबी: अंत की आ, ई, व्यंजन — या रूप कम मुड़े।
लड़की आई। लड़कियाँ आईं। — ई → इयाँ।
बात कही। बातें कहीं। — एँ।
प्रश्न: अंत क्या है? स्त्री या पुल्लिंग? फिर काट। अंत मत देखकर हर शब्द पर इयाँ ठोको।
जाँच: कुर्सी? गिनती पहले। काट? आज। ने/ओं? कारक आगे। सौ शब्द? नहीं।
2. 4 कार्ड एक नज़र में
एक लड़कियाँ रटकर बातें गायब मत करो। चार काट, एक काम।
| कार्ड | काट | से |
|---|---|---|
| लड़कियाँ | ई → इयाँ | लड़की |
| बातें | एँ | बात |
| भाषाएँ | आ → आएँ | भाषा |
| पानी | कम / नहीं | पानी वही |
नदी, गाड़ी — लड़कियाँ की कतार। किताब, रात — बातें की। कथा, माता — भाषाएँ की। दही, घर — पानी जैसी जेब अलग-अलग नीचे। कार्ड 4 हैं।
जाँच: ई स्त्री? लड़कियाँ। व्यंजन स्त्री? बातें। आ स्त्री? भाषाएँ। पानी-तेल जैसा / भाव? पानी।
3. गिनती से नाता — पुरानी कुर्सी की चाबी
गिनती वाले विषय में लड़के बहुवचन था। आज काट का नाम: पुल्लिंग आ → ए। घोड़ा → घोड़े। यह चौथा कार्ड नहीं; पहले वाली कुर्सी की चाबी।
| अंत / लिंग | काट | आज |
|---|---|---|
| आ · पुल्लिंग | ए | लड़का → लड़के — कुर्सी पहले, चाबी आज |
| ई · स्त्री | इयाँ | कार्ड 1 |
| व्यंजन · स्त्री | एँ | कार्ड 2 |
| आ · स्त्री | आएँ | कार्ड 3 |
| कम मुड़ा | — | कार्ड 4 + घर-पेड़ जेब |
लड़की लिंग वाले विषय में। ई की तीन कुर्सियाँ प्रत्यय वाले विषय में झलकीं — लड़की, गर्मी, अच्छाई; आज सिर्फ़ लड़की वाली ई की गिनती।
जाँच: लड़के? आ→ए, गिनती पहले। लड़कियाँ? आज कार्ड। लड़के ने? कारक आगे।
4. लड़कियाँ — ई से इयाँ
कार्ड का पहला। स्त्रीलिंग ई: ई गिरे, इयाँ बैठे। लड़की → लड़कियाँ। लड़कीयाँ नहीं — ई रखकर याँ मत चिपकाओ।
लड़कियाँ आईं। नदियाँ बहती हैं। रोटियाँ गरम हैं।
रेलगाड़ियाँ खड़ी हैं। — गाड़ी वाली काट; संकर दो घर, संकर वाले विषय में।
इयाँ में चंद्रबिंदु — गाँधी वाली जेब। लड़कियां टाइप की आदत अलग; लिखो लड़कियाँ।
कुर्सी, रोटी, नदी, गाड़ी — एक कतार। कार्ड एक: लड़कियाँ।
जाँच: ई गिरी? इयाँ। लड़कीयाँ? ग़लत। रेलगाड़ियाँ? गाड़ी की काट, संकर अलग।
5. बातें — एँ
कार्ड का दूसरा। स्त्रीलिंग, अंत व्यंजन: एँ जोड़ो। बात → बातें, किताब → किताबें, रात → रातें।
दो बातें कहीं। मोटी किताबें पड़ीं। रातें ठंडी थीं।
सड़कें चौड़ी हैं। — सड़क व्यंजन स्त्री; बातें की कतार।
बातें ≠ बाते — अनुनासिक एँ रहनी चाहिए। बात पुल्लिंग मत ठोको; मेल कही/पड़ीं, लिंग वाले विषय में स्त्री।
जाँच: बात/किताब/रात? एँ। बाते? अधूरा। बात पुल्लिंग? नहीं।
6. भाषाएँ — आ स्त्री पर आएँ
कार्ड का तीसरा। स्त्रीलिंग आ: आ रखो, एँ जोड़ो — आएँ। भाषा → भाषाएँ। भाषें नहीं — आ गिराकर एँ मत लगाओ; वह बातें वाली काट है, व्यंजन पर।
भाषाएँ मीठी हैं। कथाएँ सुनी। माताएँ आईं।
आत्मा बड़ी है। आत्माएँ — आ-स्त्री काट; कुर्सी कठिन शब्द वाले विषय में स्त्रीलिंग।
लड़का आ पुल्लिंग → ए, ऊपर चाबी। भाषा आ स्त्री → आएँ। एक आ, दो लिंग, दो काट।
जाँच: भाषा/कथा/माता? आएँ। भाषें? ग़लत। लड़के? आ पुल्लिंग, ए।
7. पानी — रूप कम
कार्ड का चौथा। पानी-तेल जैसा पदार्थ, भाव, कुछ नाम — लिखा अक्सर एक-सा। पानी गिरा, दो घूँट पानी; पानीएँ नहीं।
पानी साफ है। दही खट्टा है। घी पिघला। — एक-सा रूप; लिंग पुल्लिंग, कठिन शब्द वाले विषय में।
घर बने। पेड़ हरे हैं। फल पके। — व्यंजन पुल्लिंग; लिखा अक्सर एक। घरें मत ठोको।
मकान भी अक्सर मकान; मकाने कम मिलता है। मकानों कारक आगे। प्रेम, सत्य — भाव, रूप कम। जनता, भीड़ — समूह; मेल अक्सर एकवचन — आज झलक, सूची नहीं।
जाँच: पानीएँ/घरें? ग़लत। घर अनेक? शब्द एक-सा रह सकता है। मकानों? कारक आगे।
8. और जेबें — छोटी सूची
कार्ड 4। परिवार इतना कि काट दिखे; रटना नहीं।
| जेब | काट | उदाहरण |
|---|---|---|
| नदी, गाड़ी, रोटी, कुर्सी | इयाँ | लड़कियाँ की कतार |
| किताब, रात, सड़क | एँ | बातें की कतार |
| कथा, माता, आशा, आत्मा | आएँ | भाषाएँ की कतार |
| घर, पेड़, फल, मकान | लिखा एक-सा | पानी के पड़ोसी, बहने वाला नहीं |
लोग अलग शब्द — तीन लोग आए; लड़कालोग काट नहीं। दो, तीन संख्या विशेषण, विशेषण वाले विषय में; काट नाम पर आज।
जाँच: रोटी? इयाँ। किताब? एँ। माता? आएँ। पेड़? एक-सा। लोग? शब्द अलग।
9. मेल दोबारा
विशेषण-क्रिया गिनती वाले विषय में। आज मुड़े नाम पर वही मेल।
| नाम | मेल |
|---|---|
| लड़कियाँ | अच्छी, आईं, जाती हैं |
| बातें | कहीं, पड़ीं, छोटी |
| भाषाएँ | मीठी, हैं |
| पानी | ठंडा, गिरा — रूप नाम का एक-सा |
अच्छा लड़कियाँ, बातें कहा, भाषाएँ मीठा, पानी गिरी — मेल टूटा। आदर हैं गिनती नहीं — आप-तुम वाले विषय में।
जाँच: आईं/पड़ीं? स्त्री अनेक। पानी गिरी? लिंग ग़लत, कठिन शब्द वाले विषय में पुल्लिंग।
10. दीवारें — कारक, द्विवचन, काल
| बात | आज नहीं |
|---|---|
| लड़कियों, बातों, भाषाओं, मकानों | कारक आगे — ओं/यों |
| लड़के ने | कारक आगे; गिनती एक रह सकती है |
| द्विवचन | गिनती वाले विषय में दो कुर्सियाँ |
| जा रही हैं / गईं | काल आगे |
लड़कियाँ आईं — सीधा बहुवचन आज। लड़कियों ने कहा — विभक्ति, आगे। एक काट से दोनों मत घोलो।
जाँच: इयाँ/एँ/आएँ? आज। ओं/यों/ने? कारक आगे। दो के लिए तीसरी कुर्सी? नहीं।
11. वाक्य में 4 कार्ड
अरे! लड़कियाँ आईं; बातें कहीं; भाषाएँ मीठी हैं; पानी पियो — गाँधी की किताबें पड़ीं।
- अरे — विस्मयादिबोधक, अटल
- लड़कियाँ — ई → इयाँ
- बातें — एँ
- भाषाएँ — आएँ
- पानी — रूप कम
- गाँधी — चंद्रबिंदु; एक नाम
- किताबें — बातें की कतार, एँ
चार काट एक वाक्य के आसपास। किताबें कार्ड नहीं, कतार।
12. शब्द तोड़कर पूरा
लड़कियाँ / नदियाँ / रोटियाँ
ई → इयाँ। लड़कीयाँ ग़लत। चंद्रबिंदु।
बातें / किताबें / रातें
एँ। बाते अधूरा। बात स्त्री।
भाषाएँ / कथाएँ / माताएँ
आ → आएँ। भाषें ग़लत।
पानी / दही / घर / पेड़
रूप कम। पानीएँ, घरें नहीं।
लड़के
आ पुल्लिंग → ए। गिनती वाले विषय की कुर्सी; चाबी आज।
लड़कियों / बातों
कारक आगे।
लड़कियाँ, बातें, भाषाएँ, पानी — चार काट; कुर्सियाँ वही दो।
13. आम गलतियाँ
- लड़कीयाँ। ई गिराओ, इयाँ बैठो।
- भाषें। आ स्त्री पर आएँ; एँ व्यंजन स्त्री पर।
- बाते। एँ रहनी चाहिए।
- पानीएँ, घरें, मकाने। कार्ड 4 + जेब।
- लड़के पर इयाँ। आ पुल्लिंग → ए।
- बात पुल्लिंग इसलिए एँ नहीं। बात स्त्री; एँ स्त्री व्यंजन की काट।
- लड़कियों को आज का बहुवचन। ओं/यों कारक आगे।
- सौ शब्द यहीं रट लेना। चार कार्ड + जेब।
- लोग को प्रत्यय। लोग शब्द अलग।
- अच्छा लड़कियाँ। मेल अच्छी/आईं।
- द्विवचन आज खोल देना। दो कुर्सियाँ पहले।
जाँच: (1) ई→इयाँ, व्यंजन→एँ, आ-स्त्री→आएँ, पानी कम। (2) आ-पुल्लिंग→ए, कुर्सी पहले। (3) लड़कीयाँ/भाषें/घरें ग़लत। (4) ओं कारक आगे। (5) सूची नहीं।
14. इस विषय का सार
- कुर्सियाँ वही दो। आज नाम कैसे मुड़ता है।
- कार्ड: लड़कियाँ इयाँ, बातें एँ, भाषाएँ आएँ, पानी कम।
- लड़के आ→ए — गिनती वाले विषय की कुर्सी, चाबी आज। लड़कीयाँ और भाषें ग़लत।
- घर-पेड़ लिखा एक-सा रह सकते हैं। लोग प्रत्यय नहीं।
- लड़कियों, बातों कारक आगे। नया विकार नहीं।
आगे कारक और विभक्ति है।
अभ्यास
नीचे लिखकर या मन में उत्तर दो। फिर उत्तर खोलकर मिलाओ।
1. वचन परिवर्तन क्या है? कार्ड के 4 और उनकी काट लिखो।
उत्तर
एकवचन से बहुवचन में नाम का रूप कैसे मुड़े। लड़कियाँ — ई→इयाँ; बातें — एँ; भाषाएँ — आ→आएँ; पानी — कम/नहीं।
2. “लड़कीयाँ” ठीक है? बातें इसलिए कि बात पुल्लिंग है?
उत्तर
नहीं — लड़कियाँ; ई गिरे, इयाँ बैठे। नहीं — बात स्त्रीलिंग; व्यंजन पर एँ, मेल कही/पड़ीं।
3. भाषा का बहुवचन भाषें है? पानी का पानीएँ?
उत्तर
नहीं — भाषाएँ; आ स्त्री पर आएँ, भाषें बातें वाली काट ग़लत जगह। नहीं — पानी रूप कम; पानीएँ नहीं।
4. “लड़कियों ने कहा” आज का सीधा बहुवचन है? घरें ठीक है?
उत्तर
नहीं — यों/ने कारक आगे; आज लड़कियाँ आईं। नहीं — घर लिखा अक्सर एक-सा; घरें मत ठोको।
5. सौ स्त्री शब्द आज रटने हैं? लोग वचन का प्रत्यय है?
उत्तर
नहीं — चार कार्ड + जेब। नहीं — लोग अलग शब्द; लड़कालोग काट नहीं।
विषय समाप्त · वचन परिवर्तन नियम
